38 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: वाटर ब्रेक हो रहा है कैसे पता चलेगा

1 Answers
सवाल
Answer: हाय डिअर आखरी दिनों में जब हमारी डिलीवरी का टाइम आता है तब नीचे एब्डोमिनल पार्ट पेन करने लगता है जैसे आप को पीरियड में दर्द हो ता है वैसे दर्द होने लगेगा हल्का हल्का होगा फिर बढ़ने लगे गा और और फिर उसी टाइम पर आपका व्हाट्सएप ब्रेक होने लगेगा ! पर हर महिलाओं के साथ ऐसा नहीं होता किसी का व्हाट्सएप ब्रेक बाद में होता है और किसी का जल्दी हो जाता है !
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: mera 9 month chal raha he kisi kisi ka water break ho jata he aisa hoga to hume kese pata chalega ki water break ho raha he
उत्तर: हेलों गर्भावस्था के दौरान आपका शिशु एक तरल पदार्थ से भरी थैली से घिरा रहता है जिसे amniotic sac कहते हैं। आपके प्रसव के शुरुवात में संकुचन के साथ-साथ आपके amniotic sac की झिल्ली टूट जाएगी। इसके द्वारा आपके शरीर से एक रंगहीन स्त्राव निकलेगा जिसे वाटर ब्रेक कहते हैं वाटर ब्रेक होने में एक हल्क सी आवाज़ आती है और vagina से पानी गिरने लगता है जिसको आप होल्ड नही कर सकते ये वाटर ब्रेक कभी भी कही भी हों सकता है और आपको हल्क हल्क पिरियड जैस दर्द होना शुरू हों जाता है जो रूक रूक के होता है वाटर ब्रेक होने पर लेडी को बॉडी से कुछ गिरने जैसा फील होता है जहाँ किसी तरल पदार्थ की धारा के गिरने जैसा महसूस होता है।गर्भवती महिला को कहा जाता है की अगर उनका वाटर ब्रेक हो गया है तो उन्हें शिशु का जन्म 24 घंटे के अंदर ही कर देना चाहिए।
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सवाल: mam water break kese hota h kesa pta chalega
उत्तर: हेलो डियर इससे पहले प्रेग्नेंट लेडीज को पेट में संकुचन याने कि कंट्रक्शन बनाते हैं. यह कंट्रक्शन aaनाने से jhilli टूटती है और वाटर ब्रेक हो जाता है .वाटर ब्रेक last स्टेप होता है डिलीवरी का. वाटर ब्रेक होने के 24 घंटे के अंदर में डिलीवरी की जा सकती है. पेट में बच्चा जिस पानी में रहता है उसे एमनीओटिक वाटर कहते हैं. जो एक पतली थैली से घिरा रहता है. इसके अंदर बच्चा सुरक्षित रहता है. जब यह पतली झिल्ली टूटती है तो उसे हम वाटर ब्रेक या पानी गिरना कहते हैं .
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सवाल: water break hua kaise pata chalega
उत्तर: हेलो डियर पेट में बच्चा जिस पानी में रहता है उसे एमनीओटिक वाटर कहते हैं. जो एक पतली थैली से घिरा रहता है. इसके अंदर बच्चा सुरक्षित रहता है. जब यह पतली झिल्ली टूटती है तो उसे हम वाटर ब्रेक या पानी गिरना कहते हैं .इससे पहले प्रेग्नेंट लेडीज को पेट में संकुचन याने कि कंट्रक्शन बनाते हैं. यह कंट्रक्शन पहनाने से जल्दी टूटती है और वाटर ब्रेक हो जाता है .वाटर ब्रेक last स्टेप होता है डिलीवरी का. वाटर ब्रेक होने के 24 घंटे के अंदर में डिलीवरी की जा सकती है.
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