21 weeks pregnant mother

लो लाइंग प्लेसंट है 20 सी.एम. क्या करे

सवाल
हेलो डियर प्लेसेंटा नीचे की तरफ होने से प्रेगनेंसी में बेबी के लिए बहुत रिस्क है रहता है कि इससे ब्लडिंग की प्रॉब्लम हो जाती है इसलिए जब गर्भनाल नीचे की ओर हो तो कुछ सावधानियां रख से बच सकते हैं जैसे कि प्लेसेंटा नीचे होने पर बेड रेस्ट करना चाहिए किसी भी तरह का कोई काम नहीं करना चाहिए इंटरकोर्स बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए प्रेगनेंसी के शुरुआत में यदि प्लेसेंटा नीचे है तो इसकी स्थिति बदलने का चांस रहता है और बच्चे के वजन के साथ साथ यह ऊपर की ओर चले जाते हैं 9 महीनों तक भी यदि प्लेसेंटा नीचे है तो ऑपरेशन से डिलीवरी करवानी चाहिए और ड्यू डेट से पहले ही डिलीवरी करवा लेनी चाहिए
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: क्या लो लाइंग प्लेसंट ठीक हो सकता है
उत्तर: कई बार जब गर्भ में बच्चा मूव करना शुरू करता है, तो प्लेसेंटा के ऊपर की और खिसक जाने की भी संभावना होती है. ऐसे मामलों में प्राकृतिक प्रसव की उम्मीद भी बढ़ जाती है. 
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सवाल: मेरा प्लेसंट लो लाइंग है प्लेसंट ऊपर करने के लाइए क्या करण chahiye
उत्तर: Ise ऊपर करने का कोई भी घरेलू उपाय नहीं हैआप बिल्कुल भी घबराए नहीं और डॉक्टर के निर्देशों का ध्यान से पालन कीजिए.. Placenta एक ऐसा ऑर्गन है जो बच्चे को माता से ब्लड सप्लाई करता है और न्यूट्रीशन पहुंचाता है। इसकी पोजीशन यूट्रस में कहीं भी हो सकती है यह तो ऊपर छतरी के सामान रहेगा या आगे या पीछे या फिर कभी कभी किसी किसी केस में yeh नीचे की ओर भी अटैच हो जाता है। लो प्लेसेंटा होने की स्थिति में ज्यादातर माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बच्चा जैसे-जैसे ग्रोथ करता है, उसका दबाव प्लेसेंटा पर पड़ता है और आपको कभी भी ब्लीडिंग स्पोटिंग होने की संभावना रहती है। इसलिए हमेशा माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है । इस केस में माताओं को ज्यादा झुक कर और ज्यादा देर खड़े रहकर काम नहीं करना चाहिए ज्यादा exertion वाले एक्सरसाइज और योगा और वाकिंग भी नहीं करनी चाहिए। लो प्लेसेंटा ज्यादातर स्कैन के द्वारा शुरुआती महीनों में ही पता चल जाता है यह प्रेगनेंसी के अंत अंत तक ठीक भी हो जाता है। क्योंकि हमारी यूटरस का साइज़ बढ़ता है और प्लेसेंटा नीचे से साइड की तरफ शिफ्ट हो जाता है। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है इसमें आपको हमेशा नॉर्मल डिलीवरी अवॉइड करने की सलाह देते हैं क्यूकी प्लेसेंटा सर्विक्स को कवर करके रखता है और नॉर्मल डिलीवरी के केस में बच्चा पहले निकलना चाहिए उसके बाद प्लेसेंटा लेकिन लो प्लेसेंटा के केस में प्लेसेंटा पहले होता है और बच्चा बाद में इसलिए हमेशा सी सेक्शन करने की सलाह दी जाती है। डॉ इस समय पर इंटर कोर्स करने से भी हमेशा मना करते हैं पूरी प्रेगनेंसी में आपको अपना खास ध्यान रखना पड़ता है अब ज्यादा हैवी सामान भी नहीं उठाई है आराम कीजिए और पौष्टिक आहार लेते रहिए हल्की वॉक कर सकते हैं।
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सवाल: मेरा प्लेसंट लाइंग लो हैब्लीडिंग
उत्तर: लौ लाइंग प्लेसेंटा घबराएं नहीं सब्र से काम ले सरल शब्दों में कहें तो इस तरह के मामलों में गर्भनाल या प्लेसेंटा जो बच्चे के विकास में अहम रोल निभाता है की गर्भाशय के मुंह पर स्थित हो जाता है जो कई तरह से खतरनाक साबित हो सकता है इस तरह के मामले कई बार भारी रक्तस्राव का कारण बन जाते हैं ब्लीडिंग का कारण बन जाते हैं और खतरा पैदा कर सकते हैं अगर गर्भावस्था के अंतिम दौर में भी लौ लाइन प्लेसेंटा की समस्या होती है तो यह काफी रिस्की हो सकता है ऐसी स्थिति में गर्भवती को बेड रेस्ट की सलाह दी जाती है ज्यादातर मामलों में बच्चे के सुरक्षित जन्म के लिए सर्जरी की भी आवश्यकता पड़ सकती है क्योंकि ऐसे मामलों में गर्भाशय का मुंह प्लेसेंटा द्वारा ढका हुआ होता है
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