33 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: लेबर पेन के लकछन क्या है plz बताए आई ऍम 8 मंथ pregnent

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सवाल
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सवाल: लेबर पेन के क्या संकेत है ?
उत्तर: गर्भवती महिलाओं को अक्सर लास्ट महीना में कुछ बदलाव होने से हमेशा डर लगता है कि यार डिलीवरी दर्द तो नहीं होगा वैसे तो डॉक्टर ड्यू डेट बताते हैं पर जरूरी नहीं कि उसी डेट पर हमारे डिलीवरी हो कभी-कभी आगे पीछे हो जाती है इसलिए सबको लेबर पर नहीं स्टार्ट होने से पहले हमें कुछ बातों की जानकारी होनी चाहिए इसे की लेबर पेन चालू हो गया है पेट में ऐठन याद दर्द डिलीवरी का पहला संकेत होता है उसी प्रकार के दर्द होता है जैसे मासिक धर्म के दौरान होता है जो कि थोड़ा देर रुक रुक कर होता है अगर आपको बार-बार पेशाब जाना पड़ रहा है तू अभी लक्षण हो सकता है क्योंकि बच्चे के नीचे आने के वजह से दबाव के कारण हमें बार-बार पेशाब जाना पड़ता है अगर योनि से भूरे रंग का लेकर आए तो समझ जाना चाहिए कि अब डिलीवरी का टाइम आ गया हूं तब हमें हॉस्पिटल जाने की तैयारी करनी चाहिए एमनीओटिक फ्लूइड का बाहर निकलना जब यहां पानी बाहर आए तो हमें समझ जाना चाहिए कि बच्चा जन्म के लिए तैयार हो गया है थोड़ी थोड़ी देर में गर्भ के मांसपेशियों में संकुचन होता है जिसके वजह से हमें बहुत ज्यादा दर्द का अनुभव होता है या बहुत कम समय के लिए या फिर बहुत अचानक से बहुत दूर से होता है तो इसे भी समझ आता है कि या लेबर पेन है ज्यादातर सात-आठ महीने आते तब बच्चे की हलचल बहुत ज्यादा पता चलती है लेकिन लास्ट महीने में हमें बच्चे की हाल-चाल बहुत कम महसूस होती है सेमी हमें तुरंत डॉक्टर के परामर्श लेनी चाहिए क्योंकि इसके वजह से कभी-कभी सिजेरियन डिलीवरी होने के चांस होते हैं कमर में दर्द बहुत जोरों से होता है जैसे पीरियड्स के दौरान कमर में दर्द होता है वैसा ही होता है यह समय के अनुसार अगर बढ़ते जाए तो आपको समझ जाना चाहिए कि या लेबर दर्द है कभी-कभी कुछ महिलाओं को पेट में दर्द के साथ बुखार भी आता है और कुछ महिलाओं को डायरिया भी होने लगती है आप इन सारे लक्षणों को जानकर और समझकर पता लगा सकते हैं कि आप की डिलीवरी होने वाली है
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सवाल: आई ऍम इन 9 मंथ प्रेग्नेन्ट plz सजेस्ट हाउ आई know अबाउट लेबर पेन
उत्तर: प्रेग्नेंसी में लेबर पेन का एक्सपीरियंस हर महिला के लिये अलग-अलग होता है। इसका कोई निश्चित ढंग नहीं होता है जिससे यह समझ सकें कि यह लेबर का दर्द है।प्रेग्नेंसी के आखिरी हफ्ते में ूट्रस में ऐंठन जैसी लगती हैं जिसे फॉल्स लेबर कहते हैं। फॉल्स लेबर डिलीवरी के कुछ देर पहले ही होता है इसलिए प्रग्नेंट लेडी के लिए यह जानना मुश्किल हो जाता है कि ये फॉल्स लेबर हैं या रीयल लेबर पेन है। पेट में बच्चा जिस पानी में रहता है उसे एमनीओटिक वाटर कहते हैं. जो एक पतली थैली से घिरा रहता है. इसके अंदर बच्चा सुरक्षित रहता है. जब यह पतली झिल्ली टूटती है तो उसे हम वाटर ब्रेक या पानी गिरना कहते हैं .इससे पहले प्रेग्नेंट लेडीज को पेट में संकुचन याने कि कंट्रक्शन बनाते हैं. यह कंट्रक्शन पहनाने से जल्दी टूटती है और वाटर ब्रेक हो जाता है .वाटर ब्रेक last स्टेप होता है डिलीवरी का. वाटर ब्रेक होने के 24 घंटे के अंदर में डिलीवरी की जा सकती है.लेबर पेन नहीं आने पर भी यदि शिशु अंदर achhe से है तो जबरदस्ती लेबर पेन लाने की बिल्कुल भी कोशिश ना करें .लेबर pain aane ka आप इंतजार करें और अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो 42 weeks होने के बाद आप डॉक्टर के पास जरूर जाएं.
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सवाल: लेबर पेन होने के उपाय क्या है
उत्तर: लेबर पेन होना एक प्राकृतिक क्रिया है जब हार्मोन पूरी तरह से डिलीवरी के लिए तैयार हो जाते हैं तभी लेबर पेन की स्थिति निर्मित होती है कभी-कभी डॉक्टर द्वारा कॉम्प्लिकेशन की स्थिति में लेबर पेन के लिए इंजेक्शन दिया जाता है | आप घर पर किसी भी प्रकार के तेल या दवाइयों का उपयोग लेबर पेन बढ़ाने यह जल्दी लेबर पेन लाने के लिए ना करें तो बेहतर होगा इससे आपकी बेबी यह आप की प्रेगनेंसी को खतरा हो सकता है|
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