21 weeks pregnant mother

Question: मैडम जी मुझें अनॉमली स्कैन के बारे में पूछना हे . और ये स्कैन कोन्से महीने में करवाना चाहिये . ऑर ये स्कैन कितने रुपये का होता हें

2 Answers
सवाल
Answer: 18 se 21 weeks me krwana achchha hota h isse bachche k hr body part ka or uske weight ka pta lgaya jata h . rate hr jgh alg alg h . mera 2200 me hua
Answer: Anomaly scan 18-22 हफ्ते मे कीया जाता हे . ये हर सरकारी अस्पताल मे मुफ्त मे होता हे . प्राइवेट मे आपने हीसाब से दाम बताते हे .
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: बेबी का दीमग कोन्से महीने में विकसित होता हे
उत्तर: 6 month se baby k dimag ka vikas Hona shuru ho jata hai ISI liye aap healthy chije Khaye jisse aap ke Shishu ka dimaag hai woh accha ho tandrust ho
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सवाल: मुजे केसर कोन्से महीने में लेना चाहिये और कितने दिनों तक
उत्तर: हेलो डियर,प्रेगनेंसी में केसर लेने के काफी सारे फायदे हैंl प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट वूमेन को हीमोग्लोबिन की कमी होना,नींद ना आना, थकान होना,आयरन और कैल्शियम की कमी होना, चिड़चिड़ापन होना,यह सारे लक्षण हो जाते हैं l केसर लेने से हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है,अच्छी नींद भी आती है, मॉर्निंग सिकनेस जैसी प्रॉब्लम भी दूर होती है और साथ ही यह हमें आयरन और कैल्शियम भी देता हैl केसर को स्टार्टिंग कि 3 मंथ तक नहीं लेना चाहिए क्योंकि कहते हैं कि केसर गर्म होता है और 3मंथ तक बेबी बहुत छोटा होता है इसलिए केसर को चौथे month से स्टार्ट करना चाहिएl केसर को दूध में या किसी और चीज में मिलाकर le सकते हैं पर सबसे सही तरीका है केसर को रात में सोते टाइम गर्म दूध में 5 से 6 पत्ती डालकर के पीजिएl जरूरी नहीं हर चीज हर किसी को सूट कर जाए इसलिए पहले तो आप एक या 2 दिन लेकर देखिए अगर सब कुछ नॉर्मल रहता है तभी आप केसर लेना कंटिन्यू करें पर अगर केसर लेने के बाद आपको vomit जैसा फील हो रहा है या पेट दर्द हो रहा है तो केसर मत लीजिएl
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सवाल: मेम मेरा सातों महिने चल रहा हे मुझें सुगर के प्रॉब्लम्स देखी हे और शरीर में भि दर्द होता हें
उत्तर: प्रेग्नेंसीय में आपको अगर शुगर है तो आप is तरह से अपना ख्याल रख सकती है सुबह 6 बजे - एक ग्लास पानी में आधा चम्मच मेथी पावडर डालकर पीजिए। सुबह 7 बजे - एक कप शुगर फ्री चाय, साथ में 1-2  हलके शक्कर वाली बिस्कुट ले सकते हैं। नाश्ता / ब्रेकफास्ट - साथ आधी कटोरी अंकुरित अनाज और एक गिलास बिना क्रीम वाला दूध। सुबह 10 बजे के बाद - एक छोटा फल या फिर नींबू पानी। दोपहर 1 बजे यानी लंच - मिक्स आटे की 2 रोटी, एक कटोरी चावल, एक कटोरी दाल, एक कटोरी दही, आधी कटोरी सोया या पनीर की सब्जी, आधी कटोरी हरी सब्जी और साथ में एक प्लेट सलाद। शाम 4 बजे - बिना शक्कर या शुगर फ्री के साथ एक कप चाय और बिना चीनी वाला बिस्किट या टोस्ट या 1 सेब। शाम 6 बजे - एक कप सूप पिएँ डिनर - दो रोटियां, एक कटोरी चावल (ब्राउन राइस हफ्ते में 2 बार) और एक कटोरी दाल, आधी कटोरी हरी सब्जी और एक प्लेट सलाद। बिना क्रीम और चीनी के एक गिलास दूध पिएँ। ऐसा करने से अचानक रात में शुगर कम होने का खतरा नहीं होता।  एक खास हिदायत मधुमेह के मरीजों को उपवास करने से बचना चाहिए। इसके अलावा भोजन के बीच लंबा गैप भी नही करना चाहिए और रात के डिनर में हल्का भोजन करना चाहिए। इसके अलावा नियमित रूप से योगा और व्यायाम करने से भी ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।  रोजाना इस डाइट चार्ट को फॉलो करने के साथ ही बताई गई कुछ एक चीजें और इस्तेमाल करें। दरारा पिसा हुआ मैथीदाना एक या आधा चम्मच खाना खाने के 15-20 मिनट पहले लेने से शुगर कंट्रोल में रहती है और इससे और भी कई अंगों को फायदा होता है।  रोटी के आटे को बिना चोकर निकाले यूज़ में लाएं हर चाहें तो इसकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इसमें सोयाबीन मिला लें। घी और तेल का दिनभर में कम से कम इस्तेमाल करें।  सभी सब्जियों को कम से कम तेल का प्रयोग करके नॉनस्टिक कुकवेयर में पकाएं। हरी पत्तेदार सब्जियां ज्यादा से ज्यादा खाएं। शुगर रोगी को खाने से लगभग 1 घंटा पहले अच्छी स्पीड पैदल चलना चाहिए और साथ ही व्यायाम और योगा भी करें। सही समय पर इंसुलिन व दवाइयां लेते रहें। नियमित रूप से चिकित्सक के पास जांच कराएं। इसके साथ शुगर के मरीज को प्रोटीन अच्छी मात्रा में व उच्च गुणवत्ता वाला लेना चाहिए। इसके लिए दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली, सोयाबीन आदि का सेवन ज्यादा करना चाहिए। इंसुलिन ले रहे डायबिटिक व्यक्ति एवं गोलियां ले रहे डायबिटिक व्यक्ति को खाना सही समय पर लेना चाहिए। ऐसा न करने पर हायपोग्लाइसीमिया हो सकता है। इसके कारण कमजोरी, अत्यधिक भूख लगना, पसीना आना, नजर से धुंधला या डबल दिखना, हृदयगति तेज होना, झटके आना एवं गंभीर स्थिति होने पर कोमा में जाने जैसी विपत्ति का भी सामना करना पड़ सकता है।  डायबिटिक व्यक्ति को हमेशा अपने साथ कोई मीठी चीज जैसे ग्लूकोज, शक्कर, चॉकलेट, मीठे बिस्किट रखना चाहिए। यदि हायपोग्लाइसीमिया के लक्षण दिखें तो तुरंत इनका सेवन करना चाहिए। एक सामान्य डायबिटिक व्यक्ति को ध्यान रखना चाहिए कि वे थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाते रहें। दो या ढाई घंटे में कुछ खाएं। एक समय पर बहुत सारा खाना न खाएं।
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