Planning for pregnancy

Question: मे पेट से हु मेरा 1 पहला महीना है तो मे कि बातो का खयाल꫰ रखु

1 Answers
सवाल
Answer: हेलो डियर प्रेगनेंसी में शुरुआती 3 महीनों तक बहुत ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होती है क्योंकि प्रेगनेंसी के यह 3 महीने बहुत ही नाजुक होते हैं इसी टाइम में बेबी का ग्रोथ बनना शुरू होता है इसलिए आप कोई भी ऐसा काम ना करें जिससे आपके पेट में किसी भी तरह का दबाव पड़े कोई भी भारी समान ना उठाएं सफर ना करें इंटर कोर्स करने से बचें और गर्म तासीर वाली चीजें ना खाएं पपीता और अनानास का सेवन बिल्कुल ना करें ऊंचे हील वाली सैंडल ना पहने फ्लैट स्लिपर्स पहने और अपना खास ध्यान रखें संतुलित आहार करें
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सवाल: मज़े शुगर है मे अपना खयाल कसें रखु
उत्तर: हेलो डियर शुगर में आपको मीठे के सेवन से बचना चाहिए और साथ ही साथ आलू और चावल बिल्कुल भी ना खाएं चावल और आलू में स्टार्ट होता है जिससे शुगर लेवल बढ़ जाता है और साथ ही साथ बहुत ज्यादा मीठे फलों को भी अवॉइड करें रोज सुबह शाम वॉक जरूर करें वॉक करने से भी शुगर काफी नियंत्रित होती है दूसरा हम इस बात का ध्यान देना है कि अपनी शुगर के बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं और वह जो भी दवाई आपको दे उस दवा का सेवन समय से करें दवा का सही से सेवन करने से ही बच्चे को शुगर होने से बचाया जा सकता है
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सवाल: मेरा पहला महीना है प्रेगनेट हु मे क्या खाऊँ की मेरा हेल्थ अचा रहें
उत्तर: महिला को गर्भावस्‍था के शुरुआती हफ्तों में अतिरिक्‍त फॉलिक एसिड की जरूरत होती है। जो न्‍यूरल ट्यूब बनाने के काम आती है। जो बाद में चलकर दिमाग और रीढ़ की हड्डी बनती है प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर कच्चाी दूध सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन गर्भवती महिलाएं, गर्भावस्थाक के शुरूआती दिनों में भूल से भी कच्चे दूध का सेवन न करें। ऐसे समय में उबला हुआ दूध का ही सेवन करना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सब्जी और फल खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन ऐसे मौके पर गर्भवती महिलाएं पपीता और अनानास खाने से बचें। गर्भवती महिला को इन सभी विटामिन और खनिजों का सेवन करना बहुत आवश्यक है| विटामिन C कैल्शियम फाइबर विटामिन D जिंक आयोडीन फोलेट विटामिन आयरन प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट फोलिक एसिड etc… दूध, अंडा, गाजर, पालक, हरी सब्जियां, ब्रोकोली, आलू, कद्दू, पीले फल, खरबूजा संतरे, संतरे का रस, स्ट्रॉबेरी, हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, बीट्स, ब्रोकोली, फूलगोभी, अनाज, मटर,सेम, नट्स दही, दूध, पनीर, सोया दूध, रोटी, अनाज, गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां. सब आप खायें , आपके और बेबी के लीई बहुत अच्छा है .
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सवाल: मेरी प्रेगनेंसी को अभी 1 महीना ऑर 8 दिन हुए है. तो मुझे खाने मे क्या खयाल रखना चाहिए ??
उत्तर: शुरू के कुछ मंथ बेबी जस्ट गर्भाशय में रुका रहता है उसे गर्भाशय के दिवार में अच्छे से जुङने के लिए कुछ जरुरी हॉर्मोन्स हमारी बॉडी में बनते है।। एक बार हमारी बॉडी अच्छे से प्रेगनेंसी के हॉर्मोन निकलना शुरू करदे तब आप हलके फुल्के काम कर सकती है। कभी कभी पेट में हल्का दर्द हो सकता है. हल्की spoting भी हो सकती हैं। जयादा एक्सेरशन ना करे। भारी सामान ना उठे। जयादा सीधी न चढ़े उतरे । आप चाय कॉफी का सेवन कम कीजिए और सॉफ्ट ड्रिंक अल्कोहल से दूर रहिए बॉडी को हिट करने वाले खाद्य पदार्थ थोड़ा अवॉइड कीजिए नहीं लीजिए जैसे पपीता अनानास तिल तिल के लड्डू गुड़ आप आम बैगन भी कम लीजिए. हप्पी रहे और पौष्टिक अहार ले। आप अपने खाने-पीने में खास ध्यान रखिए और संतुलित आहार लीजिए खाने में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट ज्यादा लीजिए आप हल्का फैट वाला खाना भी खा सकती हैं जो आसानी से पचने वाला हो। आप अपने खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां दाल चावल रोटी ग्रीन वेजिटेबल्स दूध अंडा यह सब ऐड कीजिए दिन में कम से कम दो से तीन फल खाने की कोशिश कीजिए फलों का जूस और तरल पदार्थ लेते रहिए यह सब पौष्टिक आहार आपके बेबी को ग्रोथ करने में बहुत मदद करेगा ज्यादा तकलीफ होने पर डॉ की सलाह ले.
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सवाल: मेरा चौथा महीना चल रहा है और मैं आज अल्ट्रासाउंड करवाने गयी थी तो डॉ ने हमें बताया कि पेट मे आपके जुड़वा बच्चा है तो तब से मैं बहुत टेन्सन में हु , अब हमें किस किस बातो पर ध्यान देना चाहिए किर्पया हमे बताये ।।
उत्तर: hello dear aap apni diet me santulit aur paustik. bhojan lijiye jyada matraa me paani pijiye. tension mat lijiye. गर्भवती महिला को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिए। पोषक तत्वों की मात्रा निश्चित करते हुए यह ध्यान रखना चाहिए कि महिला में पेट में दो-दो जिंदगियां पल रही हैं, और मां के ही भोजन से उन्हें आवश्यक न्यूट्रिशन्स की आपूर्ति होती है। इसके अलावा गर्भवती महिला को लगातार डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए तथा हर आवश्यक टेस्ट्स को करवाते रहना चाहिए। महिला को अपने डाइट पर खास ध्यान देना है। ऐसे में उनके भोजन में फोलिक एसिड, आयरन, कैल्सियम और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल करना चाहिए। जुड़वा बच्चों से गर्भवती महिलाओं में एनीमिया का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में उनकी डाइट में गर्भवती महिलाओं के लिए आवश्यक विटामिंस के साथ अतिरिक्त मात्रा में आयरन को भी शामिल करना चाहिए। अच्छी डाइट के साथ-साथ उन्हें काफी मात्रा में आराम की भी जरूरत है। कभी कभी गर्भाधान की दूसरी तिमाही में उन्हें हार्ड बेड रेस्ट की भी जरूरत पड़ जाती है। सामान्य प्रेगनेंसी में 39 हफ्तों में डिलीवरी होती है लेकिन जुड़वा बच्चों के लिए प्रेग्नेंसी में 37 हफ्तों में ही डिलीवरी हो जाती है। अगर इससे पहले डिलीवरी की संभावना बनती है तो डॉक्टर्स गर्भवती महिला में स्टेरॉइड्स इंजेक्ट कर देते हैं जिससे कि बच्चे के फेफड़े विकसित हो सकें। समयपूर्व डिलीवरी में अक्सर बच्चों के फेफड़ों में अपरिपक्वता देखी गई है। इसके अलावा ट्विंन प्रेग्नेंसी में गर्भवती महिला को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का भी काफी खतरा रहता है जिसकी वजह से प्रीक्लेम्प्सिया होने की काफी संभावना रहती है। ऐसे में गर्भवती महिला को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता रहती है।
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