15 साल का बच्चा

Question: मेरी बेटी सिक्स मंथ की है उसे मज़े की खिलाना cahiye chahiye

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सवाल
Answer: 6 मंथ कंपलीट होने के बाद आप बच्चे को खाना दे सकते हैं आप baby को पहली बार खाना खिला तो आप ध्यान रखें कि बच्चे को पूरी तरह से puree खाना दे ताकि बच्चे के गले में ना फंसे साथ ही बच्चे को खाना हमेशा कांच, स्टील या चांदी के bowl में खिलाए कोशिश करें कि प्लास्टिक इस्तेमाल ना करें आप बच्चे को दाल का पानी सब्जियों का purre रजैसे कि गाजर चुकंदर, फ्रूट फ्यूरी ,फ्रूट जूस घर का बना हुआ, दाल चावल की पतली खिचड़ी आप बच्चे को यह सब दे सकते हैं बस आप इस बात का ध्यान रखें कि जो भी खाना दे आप 3 दिन तक दे ताकि आपको समझ में आ जाए के बच्चे को उस खाने से किसी प्रकार का रिएक्शन नहीं हो रहा है शुरुआत में बच्चा बहुत ही कम खाएगा दो-तीन चम्मच खाएगा आप उसका ध्यान रखें कि आप बच्चे को फोर्स ना करें धीरे धीरे बच्चा अपने आप खाने लगेगा बच्चों को पानी भी जरूर पिलाएं ताकि बच्चे को कब्ज की समस्या ना हो
Answer: छे महीने के बच्चे को दिन में एक बार सॉलिड खाना दे. छे महीने के बेबी को आप सभी फ्रूट्स दे सकते हो. जो फ्रूट्स सॉफ्ट है जैसे केला चीकू ऑरेंज पपीता वो आप उसे हाथ से मसलकर दो. और जो फ्रूट हार्ड है जैसे सफरजन और पैर उसे आप स्टीम करके दे सकते हो. उसे आप सभी शाकभाजी कुकर में स्टीम करके दे सकते हो. स्टीम करके हाथ से मसल दे. उसे आप रोटी दाल में डुबो कर हाथ से मसलकर दे सकते हो. दाल चावल भी दे सकते हो. बेबी के १२ महीने पुरे होने से पहले उसे नमक मिर्ची शक्कर गुड़ शहद न दे ये बच्चे के लिए अच्छा नहीं है. इसके साथ उसे ब्रेस्टफीडिंग करवाते रहे. बच्चे के १२ महीने पुरे होने तक उसे गाय भैस बकरी का दूध न दे.
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मेरी बेटी सिक्स मंथ्स की है बट वो अभी बैठती नही है तो उसे लेट कर ही खिलाना होगा क्या ??
उत्तर: हेलो डियर बेबी सामान्यतः 5 से 6 महीनों के बीच बैठने लग जाते हैं मगर किसी किसी बच्चे को बैठने में समय लगता है अगर बच्चा जल्दी नहीं बैठता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका बेबी कमजोर है सभी बच्चों की स्ट्रेंथ अलग-अलग होती है इसलिए अगर आपका बेबी 5 से 6 महीने में ना बैठे तो आप बिल्कुल घबराएं नहीं आप बेबी को तकिए की मदद से बैलेंस करके बताएं ओके टेक केयर डियर
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सवाल: मेरी बेटी 1 मंथ की है उसे कोन से मंथ से मुगलि घुटी देनी cahiye
उत्तर: छह माह तक ऊपरी दूध, ग्रिप वाटर, शहद, घुट्टी, पानी या खाना नहीं देना चाहिए जब तक आपका बच्चा 6 माह का ना हो जाए उसे स्तनपान के अलावा कुछ भी ना दे मां का दूध बच्चे के लिए अमृत समान है और अगर आप को दूध नहीं आ पा रहा है तो आप बच्चे को फार्मूला मिल्क भी दे सकती हैं बच्चे के लिए स्तनपान एक संपूर्ण आहार है, बढ़ते बच्चे के लिए जन्म से लेकर छह माह तक सभी जरूरी पोषण मां के दूध में उपलब्ध होते हंै, इसमें 85-90 प्रतिशत तक पानी ही होता है.इसलिए उसे अलग से पानी देने की आवश्यकता नहीं
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सवाल: मेरी बेटी कम खाती है उसे मुझे क्या खिलाना chahiye
उत्तर: आप अपने बच्चे को निम्न प्रकार से भोजन करा सकती है .. बच्चे को प्रतिदिन बदल बदल के ताजे फल और सब्जियां दें सोमवार सुबह का नाश्ता - Sandwich और एक गिलास दूध दोपहर का खाना - मुंग की दाल की खिचड़ी   शाम का नाश्ता - एक केला रात का खाना - एक कटोरा दाल और रोटी मंगलवार सुबह का नाश्ता - दलीय और एक गिलास दूध  दोपहर का खाना - मटर-गाजर की सब्जी और रोटी   शाम का नाश्ता - एक आम  रात का खाना - पनीर की सब्जी और रोटी बुधवार सुबह का नाश्ता -  सूजी का हलुवा और दूध  दोपहर का खाना - पांच दालों से बनी खिचड़ी    शाम का नाश्ता -  एक संतरा  रात का खाना - दाल और रोटी  गुरुवार सुबह का नाश्ता -  आलू पराठा और दही   दोपहर का खाना -  veg-पुलाव और रायता    शाम का नाश्ता -   एक सेब  रात का खाना -  पनीर की रोटी और सब्जी  शुक्रवार सुबह का नाश्ता - सूजी का उपमा और ग्लास दूध     दोपहर का खाना - राजमा और चावल      शाम का नाश्ता - एक अमरुद     रात का खाना -  भिंडी की सब्जी और रोटी  शनिवार सुबह का नाश्ता - मुंग दाल का चीला और दही दोपहर का खाना - पुलाव और पनीर की सब्जी  शाम का नाश्ता - नाशपाती      रात का खाना -  आलू मटर की सब्जी और रोटी  रविवार सुबह का नाश्ता -  पोहा और एक गिलास दूध   दोपहर का खाना - पौष्टिक दाल और सब्जी की खिचड़ी       शाम का नाश्ता - अंगूर     रात का खाना - रोटी और मुंग की दाल  
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सवाल: हेलो डॉक्टर! मेरी बेटी की उम्र अभी तीन साल 6 महीने की है। उसे एडेनोइड्स(adenoids) है। क्या मैं उसे होमियोपैथी का उपचार करा सकती हूँ?
उत्तर: आमतौर पर, होमियोपैथी के इलाज से कितनी राहत मिलेगी यह डॉक्टर और उसके इलाज करने के तरीके पर निर्भर करता है। इसमें हर्बल चीज़ो का इस्तमाल किया जाता है और यह हर बच्चे को सूट नहीं करता। अगर आप किसी ऐसे डॉक्टर को जानती है जिसने इसका इलाज किया हो, तो आप उसके पास जा सकती हैं। इन्फेक्शन के समय एडेनोइड्स(adenoids) और भी बढ़ जाता है, चाहे वो वायरल हो या बैक्टीरियल। बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने पर एंटीबायोटिक्स लेने पर यह कम हो जाता है। अगर आपके बच्चे को हमेशा ही इन्फेक्शन होने से उसके adenoids बढ़ जाते है, तो डॉक्टर सर्जरी के लिए बोलते हैं। यह बहुत ही छोटा ऑपरेशन होता है, अगर आपके बच्चे को होमियोपैथी से राहत नहीं मिलती है तो आप एलोपैथिक डॉक्टर से दिखाएं। साथ ही, आप उनके खान-पान का ध्यान रखें।
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