2 महीने का बच्चा

Question: मेरी बेटी मलने मॉर्निंग से बहुत ही कम पी किया ः अस उसुअल. क्या उसे डिहाइड्रेशन हुआ ः.मैं क्या करूँ.

1 Answers
सवाल
Answer: डियर , अगर बच्चे का सुसु काउंट 6 से कम है तो उसे डिहाइड्रेशन है . ऐसी में बच्चे का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है . बच्चे को बार बार अपना दूध पिलाएं . 2 घंटे से ज्यादा का गैप ना रखें . बच्चे को ठंडी हवादार जगह पर रखें . अभी आपकी बेटी से 2 महीने की है तो वह पूरी तरीके से आपके दूध पर निर्भर है . खुद भी पानी ज्यादा पिएं लिक्विड इंटेक बढ़ाए नींबू पानी ले कोकोनट वाटर पिए लस्सी दही छाछ दूध इत्यादि ले जूस पिए सूप ले . अपने भोजन में पतला खाना जैसे खिचड़ी दलिया दाल इत्यादि शामिल करें सलाद खाएं फल खाएं . जिससे उसको पर्याप्त मात्रा में पानी मिले .
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    Rinku Punia163 days ago

    थँक्स

समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मेरी बेटी 2.5 मंथ की हो गई ही मेरी बेटी ऑपरेशन से हुई थी मेरा पीट बहुत ही निकल रहा ही काम ही नहीं हुआ में क्या करूँ
उत्तर: हेलो डियर, आप सुबह उठते ही के साथ गर्म पानी दो ग्लास पीले सबसे पहले अगर आपको नींबू सूट करता है तो आप उसमें आधा नींबू और थोड़ा शहद और थोड़ी दालचीनी का पाउडर भी मिला सकती है . नाश्ता जरूर करिए और हेल्दी नाश्ता कीजिए तला भुना नाश्ता बिलकुल मत कीजिए कुछ भी खाने के आधा घंटा पहले और खाने के आधा घंटा बाद पानी बिल्कुल मत piजिए क्योंकि पानी अगर हम खाना खाने के पहले या बाद में पीते हैं तुरंत तो वह भी हमारा पेट बढ़ाता है और हमारी पाचन क्रिया को भी कम करता है . दिन में कम से कम पांच से छह बार खाइए छोटी-छोटी क्वांटिटी में क्योंकि हम अक्सर तीन बड़े मिल्स ले लेते हैं जो कि बिल्कुल ठीक नहीं होते हैं और हमारा मेटाबॉलिक रेट कम हो ,मोटापा कम करने में परेशानी होती है खाना खाने के आधे घंटे बाद गुनगुना पानी पीजिए दिनभर में आप हो सके तो छह से सात बार गुनगुना पानी पीजिए गुनगुना पानी बहुत मददगार होता है पेट अंदर करने में और पेट की गंदगी भी निकालता है 45 मीन्त्स वॉक कीजिए और रात मेन सोने के कम से कम 2 घंटे पहले खाना खाइए अपने खाने पीने का बहुत ज्यादा ध्यान रखिएगा क्योंकि आप अपने बच्चे को दूध पिलाती हुई होगी
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सवाल: मेरी बेटी बहुत जिद्दी ः क्या करूँ
उत्तर: हेलो कुछ बच्चे अपनी बात मनवाने के लिए गुस्से या जिद का सहारा बचपन से लेने लगते हैं बच्चों को जब यह पता हो जाता है कि उनके जिद्द का या रोने से उनकी मांग पूरी होगी तो वह अक्सर ऐसी हरकत करते हैं बच्चे के जिद करने और रोने-चिल्लाने पर अपना फैसला न बदलें। ऐसा करने पर वह इसे आपकी कमजोरी समझेगा और हर बार अपनी बात मनवाने के लिए यही तरीका अपनाएगा।  बच्चे के किसी बात पर जिद करने पर उसे इसके फायदे या नुकसान के बारे में बताएं जिससे वह खुद जिद छोड़ने के लिए प्रेरित हो सके। बच्चों को छोटी उम्र से अनुशासन में रहना और सब्र करना सिखाए जाने पर उनकी जिद करने की आदत को कम किया जा सकता है।जिद्दी बच्चे ज्यादा मेहनती और उनमें संघर्ष करने की क्षमता दूसरे बच्चों से ज्यादा होती है। ऐसे बच्चे अगर कुछ करने की ठान लें तो उसे पूरा किए बिना चैन से नहीं बैठते। सही मार्गदर्शन किए जाने पर ऐसे बच्चे अपने जीवन में बड़ी कामयाबी हासिल करते हैं  
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उत्तर: hello दो-तीन महीने तक छोटे बच्चों को दिन और रात का फर्क नहीं मालूम रहता अंधेरा होने को रात और उजाला को दिन समझते हैं उनकी बॉडी क्लॉक अभी बाहर से एड जस्ट नहीं हुआ रहता। रात में सोते समय बच्चे के कमरे में कम रोशनी रखें और आवाज बिल्कुल ना करें धीरे-धीरे बच्चों को सोने की आदत होने लगेगी। अगर बच्चा रात में सोता नहीं है तो भी कमरे की रोशनी ज्यादा तेज ना करें धीरे-धीरे गोदी में लेकर घूमे या बच्चे को अपना दूध पिलाये। पेट भरने पर और अंधेरा रहने पर बच्चा थोड़ी देर में सो जाएगा। जब तक बच्चा चार-पांच महीने का नहीं हो जाता ऐसी परेशानी झेलनी पड़ती है।
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