8 महीने का बच्चा

Question: मेरी बेटी को जोर से खाँसी हो गयी है जब खाँसी होती है तो उसे उलटी भी हो जाती है क्या करुं कुछ बटाइए बहुत परेशान हूँ रोती रहती है

1 Answers
सवाल
Answer: Hello, आपके बच्चे को खासी है और khasne पर बच्चे को वॉमिट हो जाता है आपके बच्चे को कफ बहुत है कफ के कारण बच्चे को उलटी हो जाती है आपकी बच्चे को सर्दी है nebulize करवायें बच्चे को राहत मिलेगी बच्चों का इम्यून सिस्टम बहुत कमज़ोर होता है जीस्से उन्हें कफ और कोल्ड हो jata hai. मौसम में बदलाव के कारण sardi ,khasiआने par आप bacche को गरम रखें l ऐसे कपड़े pahnaye की हलकी गर्माहट bani रहें l रूम को भी गरम रखने का प्रयास करे lसोते टाइम सर हल्का उंचा कर के sulaye,bacche ko आराम मिलेगाl बच्चे को आराम करवायें बच्चा जीतन आराम करेगा उतनी जल्दी ठीक होगा l khane में गरम चीज़ों का यूज़ करे l सरसों के तेल में लहसुन और हींग गरम कर लेऔर हलके हाथों से बच्ची के चेस्ट back और पैरो के तलवो में मालिश करे अगर आप ब्रेस्ट फीड माँ है तो khane में सन्तुलित और healthy चीज़ें खायें जिसके कारण बच्चे को न्यूट्रिशन मिल सकें और बच्चे को पानी की कमी ना हो बच्‍चों के लिए सुरक्षित वेपर रब का इस्‍तेमाल करें। वेपर रब से बच्‍चे की नाक, छाती, गला और कमर पर मालिश करें। इससे बच्‍चों को सुकून भी ठंडक का अहसास होता है और उन्‍हें सांस लेने में आसानी होती है। बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिये अपना और बच्चे का हाथ साफ रखे। बच्चे को कुछ खिलाने से पहले हैण्ड वाश करे बच्चों के सर्दी-खांसी में अजवाइन का काढ़ा पिलायें। सर्दी-खांसी के दौरान सूप बहुत आरामदायक भोजन होता है। आप सब्जियों का गर्म सूप ,चिकन सूप दे सकती हैं। ये सूप बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। आधी कटोरी देसी घी में एक गांठ अदरक पीस कर उसमें २५ ग्राम गुड़ डालकर पकालें। ठंडा होने पर थोड़ा - थोड़ा बच्चे को खिलाये। यह खाँसी की अचूक दवा है। जीरे और मिश्री दोनों को महीन पाउडर में पीस लें। जब भी आपके बच्चे को खांसी आती है तो उसे यह मिश्रण दें। problem jyada ho to doctor se salah le
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मैं मेरी बेटी ढाई साल की है वह जब भी वह मीटिंग करती है तो उसे जब भी रोती है तो उसे वोमिटिंग हो जाती है क्या यह कुछ करने वाली बात है कि यह सब बच्चों में नॉर्मल है
उत्तर: हेलो डियर,जब बच्चा कभी कभी बहुत ज्यादा रोने लगता है किसी चीज की जिद कर लेता है तो उस केस में बच्चे अपनी सास को एक दो सेकंड के लिए रोक लेते हैं जिसकी वजह से उन्हें उल्टी हो जाती है कई बच्चों में यह प्रॉब्लम होती है इसलिए जब भी आपका बच्चा रोए उसे कंटीन्यूअसली मत रोने दीजिए यदि आपका बच्चा है उसे प्यार से समझाएं जिससे वह अपनी जीत कम करें और रोना धीमे-धीमे कम करें बहुत ज्यादा देर तक अपने बच्चे को मत रोने दे उसका माइंड होते टाइम इधर-उधर डाइवर्ट करें और अन्य चीजों में लगाएं जब रोना कम करेगा और 1 मिनट 2 मिनट के लिए रोएगा तो उसे उल्टी जैसी समस्या नहीं होगी l
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सवाल: मैडम मेरी बेटी 15 दिन की हुई पर वह आंखों से आंखें मिलाकर बात नहीं करती हो जब भी जब भी रोती रहती रोती रहती है तो क्या
उत्तर: अभी bhut छोटी ही eye कॉन्टैक्ट ni करेगी uske टाइम लगेगा 2मंथ bad krne लगेगी
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सवाल: मेरी बेटी को रात में बहुत खासी आती है और उसको उलटी हो जाती है कुछ उपाय बटाइए
उत्तर: अगर आपके बच्चे को नीचे बताई गयी परेशानी में से कुछ भी तकलीफ है तो आप इन बच्चों की सर्दी खांसी ठीक करने के लिए घरेलू नुसख़ों का प्रयोग कर सकतीं हैं: हल्की सी नाक बह रही हो (पानी आ रहा हो ) हल्की लेकिन लगातार खांसी हो रही हो ; हल्का गला खराब हो; नाक बंद हो ;     1. कपूर  थोड़े से नारियल के तेल में बहुत थोड़ा सा कपूर का पाउडर लेकर गरम कर लें। इस तेल को ठंडा करके इसके चार से पाँच बूंदें अपनी हथेली पर लें और इस इससे अपने छोटे बच्चे की छाती पर मालिश जैसा कर दें। यहाँ यह बात ध्यान रखें की कपूर की मात्रा बहुत ज्यादा न हो क्यूंकी कुछ बच्चों को इससे स्किन एलर्जी हो सकती है। 2. यूकीलिप्टस तेल: यूकीलिप्टस तेल की कुछ बूंदें बच्चे को सूँघा दें । इसकी कुछ बूंदें बच्चे के बिस्तर पर छिड़कने से भी आराम आ सकता है । इससे भी बच्चों की सर्दी खांसी की तकलीफ में आराम आ जाएगा। 3. हल्दी : नवजात शिशुओं के लिए इस उपाय के रूप में सूखी हल्दी का एक छोटा टुकड़ा ले लें और इसे मोमबत्ती या फिर छोटे दिये की लौ में हल्का सा जला दें। इसके बाद बच्चे को इस जली हुई हल्दी के धुएँ को एक मिनट तक सुंघाएँ । घबराएँ नहीं, यह धुआँ एक पतले धागे की तरह होता है इसलिए बच्चे को इससे कोई खतरा नहीं होगा। याद रखें की दो वर्ष से ऊपर के बच्चों को थोड़ी सी हल्दी दूध में मिलाकर भी दी जा सकती है। बच्चों की सर्दी खांसी ठीक करने का यह एक अच्छा उपाय है। 4. सिरहाना टेढ़ा : अगर आपके नन्हें के शरीर में बलगम बन रहा है तो उसे सोने में निश्चय ही दिक्कत आ रही होगी। इसलिए इस अवस्था में उसे आराम देने के लिए उसके तकियों को थोड़ा सा टेढ़ा कर दें और बच्चे को उस टेढ़े सिरहाने पर सुलाएँ। इससे उसकी नाक में बना बलगम सरलता से नीचे आ जाएगा और बच्चा चैन की नींद ले सकेगा। 5.लहसुन: लहसुन की दो कलियाँ छील कर उन्हें 50 मीली पानी में10 मिनट के लिए छोड़ दें। इस पानी को ठंडा करके 2 घूंट अपने जिगर के टुकड़े को दें। यह पानी हर 2-3 घंटे में उसे पीने को दें तो बच्चे को सर्दी खांसी से आराम आ जाएगा। लेकिन ध्यान रखें की यह पानी 4 वर्ष से ऊपर के बच्चों को ही पीने को दें। 6.अदरक: अदरक का इस्तेमाल बंद नाक और बलगम बनने की परेशानी में बहुत काम आता है। इस उपाय के लिए अदरक के एक छोटे टुकड़े को घिस लें और इसे गरम पानी में मिलकर ठंडा होने के लिए 10 मिनट के लिए रख दें । 2वर्ष से ऊपर के बच्चों को यह पानी पीने के लिए दिया जा सकता है । इस उपाय से तुरंत ही बच्चों की सर्दी–खांसी की परेशानी ठीक हो सकती है। 7. चिकन सूप: अगर आप चाहें तो आठ माह से ऊपर के बच्चों को चिकन सूप देकर भी उनकी सर्दी–खांसी में आराम दिया जा सकता है। 8. तुलसी पत्ते: तुलसी के पत्तों में बहुत औषधीय गुण होते हैं। छोटे बच्चों को सर्दी–खांसी ठीक करने के उपाय के रूप में इन्हें पानी या दूध किसी भी प्रकार से मिलकर पिया जा सकता है। तुलसी के कुछ पत्तों को पानी में भिगो कर एक घंटे के लिए रख दें और 2 वर्ष से ऊपर के बच्चों को यह पीने के लिए दिया जा सकता है । 9. शहद: शहद भी सर्दी–खांसी ठीक करने के उपाय के रूप में अपनाया जा सकता है। एक वर्ष से ऊपर के बच्चों को आधा चम्मच शहद दूध में मिलाकर दिन में दो बार दिया जा सकता है। 10. अजवाइन: नवजात शिशु को सर्दी खांसी से बचाने के उपायकभी–कभी बहुत मुश्किल होते हैं। ऐसे में अजवाइन का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए अजवाइन को थोड़ा सा लेकर हल्की आंच पर भून लें और इसकी एक छोटी सी पोटली बना लें। इस पोटली को अपने नवजात शिशु की नाक के पास लाएँ जिससे उसकी साँसों के साथ इसकी महक उनके नाक में जाए। 11. सलाइन की बूंदें: सलाइन का पानी बंद नाक में जादू जैसा काम करता है। इस पानी की 2-3 बूंदें नाक के दोनों ओर डाल कर बच्चे का सिर हल्के हाथ से ऐसे हिलाएँ जिससे वो पानी आसानी से नाक में अंदर चला जाए । इससे भी बच्चों को सर्दी में तुरंत आराम आ जाएगा । 12. भिंडी : भिंडी का लेस बच्चे के शरीर पर प्रोबायोटिक प्रभाव डालता है और इससे आपके बच्चे को होने वाले सर्दी–खांसी के कारण बलगम और गले की सूजन में आराम आता है। इसके लिए एक भिंडी को छोटे–छोटे टुकड़ों में काट लें और इसे गरम पानी में मिलाकर ठंडा होने के लिए10 मिनट के लिए रख दें। एक वर्ष से ऊपर के बच्चे को इसे थोड़ा –थोड़ा कर पिला दें। सर्दी–खांसी दूर करने के उपाय के रूप में यह बहुत सरल उपाय है। 13. कैमोमाइल: यह एक प्रकार की चाय है जिसे दो वर्ष से ऊपर के बच्चों को दी जा सकती है। इस चाय को बहुत सारे पानी में बिलकुल पतला करके बच्चों को दें तो इससे उनके दुखते गले को बहुत आराम मिलेगा। 14. नींबू: विटामिन सी से भरपूर होने के कारण नींबू शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में भी सहायक होता है। नींबू के रस में थोड़ा सा शहद और बहुत सारा पानी मिलकर अगर एक वर्ष से ऊपर के बच्चों को पिलाया जाये तो उससे छोटे बच्चों को सर्दी–खांसी में बहुत आराम आएगा। 15. दालचीनी: दालचीनी एक प्रभावशाली एंटी बैक्टीरिया, एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी बैक्टीरिया के गुणों से भरपूर होने के कारण बहुत फायदे की चीज है। एक वर्ष से ऊपर के बच्चों को यह बहुत आराम से दी जा सकती है। एक चम्मच शहद में ¼ चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाकर बच्चे को हर चार घंटे के अंतराल पर दें। जैसे ही सर्दी खांसी की शुरुआत हो तो यह मिक्स्चर देने से तुरंत आराम आ जाता है।  16. सरसों का तेल : 5-10 चम्मच सरसों के तेल में पिसे हुए लहसुन और अजवाइन के बीज का तड़का दें । इसके ठंडा होने पर इसे छान कर एक बोतल में भर लें। जब भी आपको लगे कीबच्चों को सर्दी–खांसी की शुरुआत हो तो इसकी हल्के हाथ से बच्चे के माथे, गले और छाती पर मालिश करें। तकलीफ से तुरंत आराम आना शुरू हो जाएगा। 17. विक्स वेपोरब: छोटे बच्चों की खांसी ठीक करने के लिए विक्स एक बहुत अच्छा उपाय है । बच्चे के पाँव में इसकी मालिश करके उसे मोज़े पहना दें। अगर चाहें तो इसकी मालिश छाती और गले पर भी कर दें। 18. नमी: जब छोटे और नवजात बच्चों को सर्दी खांसी का असर होता है तो बच्चे हवा की शुष्कि से परेशान हो जाते हैं । ऐसे में कमरे में नमी देने का पूरा इंतजाम करके उन्हें आराम देने का प्रयास करें। 19. भाप दें : बहुत बच्चों को कभी भी भाप उस तरह नहीं दी जाती है जैसे हम वयस्क व्यक्ति को देते हैं। इसके लिए आप कमरे में के बाल्टी या बाथरूम में बाथटब गरम पानी से भर लें। ऐसे में छोटे बच्चे को अपनी बाँहों में लेकर भाप के वातावरण में खड़े हो जाएँ । इससे छाती में जमा बलगम आसानी से ढीला पड़ सकता है । नन्हें बच्चों की सर्दी–खांसी में इससे बहुत जल्दी आराम आने की संभावना होती है। 20. घी : छोटे बच्चों को सूखी खांसी होने की स्थिति में 2 बड़े चम्मच घी को गरम करके उसमें 2-3 काली मिर्च के दाने पीस कर मिला दें और बच्चे को सारा दिन थोड़ा–थोड़ा देते रहें । यह एक वर्ष से ऊपर के बच्चों को आराम से दिया जा सकता है। यदि आपके बच्चे को इनमें से कोई भी तकलीफ है तो आप फौरन डॉक्टर को दिखाएँ : नाक से हल्का हरा या पीला और गाढ़ा पानी आ रहा है तेज खांसी के साथ पिला या हरा बलगम है बहुत तेज बुखार है टॉन्सिल्स की सूजन के कारण निगलने में परेशानी सांस लेने में कठिनाई तेज सांस चल रही है आप हमें जरूर बताएं की आपके बच्चे के लिए सर्दी और खांसी दूर करने के लिए किस विधि ने काम किया ।
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