12 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: मेरी प्रेग्नन्सी को 11 हफ्ते हो गये हैं, मुझे छिंके आ रही हैं, कृपया सुझाव दे

2 Answers
सवाल
Answer: अगर आपको बहुत जल्दी जल्दी जुकाम हो जाता है तो आप संक्रमित व्यक्ति से थोड़ा दूरी बना कर रही है। वैसे भी प्रेग्नेंसी में हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और नाजुक रहती है जिसके लिए हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। आप अपना ध्यान रखें साफ एंटीबैक्टीरियल सोप में धुले हुए कपड़े धूप में सूखे हुए कपड़े यूज कीजिए और ठंड से दूर रहिए आप ठंडे पदार्थ भी भोजन में कम लीजिए फिर भी अगर आपको जुकाम हो जाता है तो आप कुछ घरेलू उपाय कर सकती हैं.. आप घबराय नहीं, १)आप जुकाम के लिए तुलसी अदरक का रस, अदरक का रस एवं शहद मिलकर उसका सेवन कर सकती है। २)आप भाप लीजिए उससे आपके सीने में कफ नहीं जामग। ३)आप सरसो के तेल में कुछ कलिया लहसुन की डालकर उसे गर्म करके फिर ठंडा करके गले एवं सीने में मालिश कर सकती है। इस तेल को आप अपने पैरो के तलवो में भी लगा सकती है। ४)आप नारयल तेल में एक टुकड़ा कपूर का डाल के उसे सीने में massage के लिए use कर सकती है। Agar ज्यादा परेशानी हो to डॉक्टर ko jarur दिखाए..
Answer: हेलो आप 11 वीक्स प्रेगनेट है आपको छिके आ रही है ऐसे में हो सकता है आपको सर्दी होने वाली है आपको छिके आने पर आप गुनगुना पानी पीये आपको छिको से राहत मिलेगी अगर आपको सर्दी जैसे नही लॅग रहा है और ज़्यादा छिके आ रही है तो हो सकता है आपको डस्ट humidity ठण्ड से ऍलर्जी हो आप इसके लिए खुली धुप में जायें बरसात के मौसम में कपड़ों और घर में huimudity हो जाती है ऐसे में humidity से बचे कपड़ों को धुप दिखायें साफ़ कपड़े पहनें घर को साफ़ रखने का प्रयास करे हो सकें तो vaccume cleaner से साफ़ करे घर में फाइन डस्ट होता है कोशिश करे घर में धुप आए अपने आप को गर्म रखें कपड़े ऐस पहनें की गर्माहट बनी रहें हल्क गरम पानी पीये वेजिटेबल सूप चिकन सूप पीये आपको राहत मिलेगी रात में हल्दी वाला ढूध पीये आपको छिको से राहत मिलेगी
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मेरी बेटी को झाग और हरे रंग जैसी पोटी हो रही है।कृपया सुझाव दे
उत्तर: aapne bache ko सरसों ke tail me aajwayan mila ke malish kre or नाभि ko गर्म aajwayan ki potli bana ke seke
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सवाल: मुझे प्रेग्नन्सी के दौराण थायरॉईड का पता चला. कृपया सुझाव दे
उत्तर: आप अपनी दवाई समय मे ले और खान पान का धयान दे . थायराइड में छिलके सहित साबुत अनाज खाने चाहिए क्योंकि साबुत अनाज में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन्स आदि भरपूर मात्रा में होते हैं , दूध, मक्खन, पनीर, मछली, अंडे मशरूम ,सी फूड, , हरी मटर, हरी सब्जियां, टमाटर, केला, अंगूर , संतरा, नींबू, आम, पपीता, अंगूर,  चुकंदर, गाजर, अनानास, सेब, और अजवायन मेवे जैसे बादाम, अखरोट, इनको थायराइड में जरुर खाना चाहिए थायराइड में क्या नहीं खाना सब्जियों में पालक, मूली, सरसों, ब्रोकोली, फूलगोभी, शलजम, फलों में स्ट्रॉबेरी घी, डालडा , तेल सॉफ्ट ड्रिंक,कुकीज़, केक, पेस्ट्रीज,जंक फूड, और फास्ट फूड इन सभी को थायराइड में नहीं खाना चाहिए
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सवाल: मेरी डिलीवरी को 5 महीने हो गए हैं बटर अभी तक मुझे पीरियड नहीं आए कृपया सुझाव दें
उत्तर: शिशु के जन्म के बाद आपका माहवारी चक्र फिर से कब शुरु होगा, यह मुख्यत: इस बात पर निर्भर करता है कि आप शिशु को स्तनपान करा रही हैं या नहीं, और अगर करवा रही हैं, तो कितनी मात्रा में। माहवारी दोबारा शुरु होने का समय हर महिला का अलग होता है। इसकी सामान्य समयावधि क्या होती है, इसमें भी आपके शरीर और परिस्थितियों को देखते हुए काफी अंतर हो सकता है।  परिणामस्वरूप नीचे दी गई समय सीमा केवल अनुमानित निर्देश हैं। अगर आप चिंतित हैं, तो डॉक्टर आपकी स्थिति को देखकर बता सकती हैं कि सब कुछ सामान्य है या नहीं। हमेशा ध्यान रखें कि आपका शरीर प्रसव के बाद अपना पहला डिंब माहवारी से पहले ही जारी कर देगा।इसलिए यदि आप संभोग शुरु करने के साथ गर्भनिरोध का इस्तेमाल शुरु नहीं करती हैं, तो अपनी पहली माहवारी आने से पहले ही आप गर्भवती हो सकती हैं। अगर आप शिशु को स्तनपान करा रही हैं, तो इस भ्रम में न रहें कि आप अभी गर्भधारण नहीं कर सकतीं। स्तनपान कराने वाली बहुत सी माँएं अनियोजित गर्भधारण कर लेने से आश्चर्यचकित हो जाती हैं। स्तनपान कराने वाली माँएं स्तनपान का एक फायदा यह भी है कि इसकी वजह से आपकी माहवारी दोबारा देर से शुरु होती है। अगर आप दिन-रात शिशु को स्तनपान करा रही हैं, तो हो सकता है कि आपकी माहवारी शुरु होने में एक साल भी लग जाए। संभव है कि एक साल तक आप आपको कोई प्रीमैंसट्रुअल सिंड्रोम या माहवारी का दर्द महसूस न हो। मगर, यदि आप इतनी भाग्यशाली रहीं कि आपका शिशु शुरुआत से ही रात भर सोता है, तो हो सकता है कि आपकी माहवारी जल्दी शुरु हो जाए - आमतौर पर तीन से आठ माह के बीच। अगर आप शिशु को स्तन दूध के अलावा डिब्बाबंद (फॉर्मूला) दूध भी दे रही हैं या फिर किसी कारणवश शुरुआती महीनों में ही स्तनपान करवाना बंद कर दिया, तो ऐसी परिस्थितियों में भी आपका मासिक चक्र जल्दी शुरु हो सकता है। दूसरे शब्दों में, आपका शिशु जितना अधिक स्तनपान करेगा, आपकी माहवारी दोबारा शुरु होने में उतनी ही देर होगी। डिब्बाबंद दूध पिलाने वाली माँएं अगर आप शिशु को डिब्बाबंद दूध पिलाती हैं, तो शिशु के जन्म के एक माह में भी आपका मासिक चक्र दोबारा शुरु हो सकता है। या फिर इसमें दो से तीन महीनों का समय भी लग सकता है।
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सवाल: मेरी प्रेगनेंसी को 28 दीन हो गये हे मगर मुझे कुछ महसूस नही हो रहा कृपया जवाब दे जल्दी ....
उत्तर: बहुत बढ़िया यह बहुत अच्छी बात है कि आपको प्रेग्नेंसी में कोई परेशानी नहीं हो रही है .और यह बहुत नॉर्मल है. ऐसा कोई लेडीस के साथ होता है कि वह प्रेग्नेंट हैpar उन्हें कोई भी मॉर्निंग सिकनेस और किसी भी प्रकार की कोई vomit प्रॉब्लम नहीं होती है. वह अपनी प्रेग्नेंसी बहुत अच्छी तरह से enjoy करती हैं आप भी अपनी प्रेग्नेंसी अच्छी तरह enjoy कीजिए . इसी तरह आप अपना ध्यान रखते रहिए. संतुलित पौष्टिक आहार खाएं .पानी खूब पिएं .अपनी नींद का पूरा ध्यान रखें. डॉक्टर के दिए हुए सप्लीमेंट्स आप समय पर ले .जब भी खाना खाएं एक बार में बहुत सारा नहीं खाए .थोड़ा-थोड़ा खाना अच्छी तरह चबाकर खाएं .डॉक्टर के सलाह के बाद ही आप एक्सरसाइज करें जो प्रेगनेंसी टाइम पर की जाती हैं .डॉक्टर की सलाह के बाद आप थोड़ी walk जरूर करें .खाना खाने के बाद थोड़ी वॉक करने से काफी अच्छा रहता है और खाली पेट सुबह नींबू पानी पीने गुनगुना करके इससे भी आपको बहुत सारी health प्रॉब्लम्स नहीं होंगी. आपके हार्मोन और इम्युनिटी सिस्टम भी अच्छे बनेंगे. बेबी मूवमेंट प्रेगनेंसी के 18 से 20 weeks के बीच में पता चलता है आपकी या पहले प्रेगनेंसी है तो आपको यह समझने में थोड़ा सा वक्त लगेगा | जो हल्की सी फड़फड़ाहट होती है वह वास्तव में बेबी मूवमेंट्स है. यदि यह मूमेंट आपको 24 वीक्स के बाद तक भी अगर महसूस नहीं होता to आप अपने डॉक्टर से कंसल्ट कर सकते हैं| जब आप प्रेगनेंट होती हैं तब यह बहुत जरूरी है कि आप अपना आहार पौष्टिक है. इससे आपको और आपके होने वाले बच्चे को पौष्टिक तत्व मिलेंगे. प्रेग्नेंसी में कुछ अधिक कैलोरी की जरूरत होती है. प्रेगनेंसी में सही आहार का मतलब है -आप क्या खा रही हैं ?ना कि कितना खा रही हैं? जंक फूड का सेवन ज्यादा ना करें. isme कैलोरी ज्यादा है पोष्टिक तत्व कम या ना के बराबर होते हैं. फोलिक एसिड आपको 1 ट्रिमस्टर में ही चालू करदेना चहिये। फ़ोलिक एसिड का होने वाले बच्चे की ग्रोथ में बहुत बड़ा योगदान रहता है। फ़ोलिक एसिड विटामिन है ।विटमिन B 9। ये आपको खाने पिने में फॉलेट नाम से मिलेगा । बाबी के इस्पीनलकार्ड के चारो और पॉलिब पेरत को सही तरीके से बंद करता है।वाहा गप नहीं आने देता। मा के लिए भी बहुत जरुरी है ।विटमिन B 12 के साथ मिलकर हेअल्थी रेड सेल्स बाँटा है। folic acit ke liye ye khaye. ब्रोकली ऐस्पैरागस खट्टे फल हरी पत्तों वाली सब्जियां ओकरा फूलगोभी भुट्टा गाजर 1) दूध और डेयरी के ले सकती हैं. मलाई वाला दूध दही छाछ घर का पनीर इन सब में कैल्शियम प्रोटीन और विटामिन बी12 बहुत होता है. 2) सभी अनाज ,दालें . इन सब में प्रोटीन बहुत अच्छा होता है. 3) पेय पदार्थों में आप पानी bahut piyen.खास करके आप साफ पानी joki फ़िल्टर किया हुआ. ताजे फलों का रस ले. डिब्बाबंद juis nahi le. इसमें शक्कर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. 4) वसा और तेल . वेजिटेबल ऑयल का वसा एक अच्छा स्रोत है क्योंकि इसमें संतृप्त वसा अधिक होता है. इन सभी चीजों के साथ आप डॉक्टर की सलाह मानें .जो भी टेस्ट किए हैं दिए गए हैं उन्हें करवाएं समय पर. दवाइयां समय पर ले और नींद पूरी. खाना जो भी खाएं अच्छे से चबाकर खाएं. प्रेगनेंसी के समय मिल्क प्रोडक्ट calcium और प्रोटीन बहुत जरुरी होता है। डेयरी प्रोडक्ट प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए सबसे बेहतर होता है। जैसे अंडा, चीज, दूध, दही और पनीर मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में होती है जो फीटस के बोन टिशू के विकास के लिए आवश्यक होता है। प्रोटीन की मात्रा काम होने से बच्चे की ग्रोथ में बहुत अंतर आता है। प्रोटीन जरूरी पौशाक तत्वों में से है। बच्चे का विकास और एम्निओटिक टिशू का कार्य प्रोटीन पर निर्भर करता है। गर्भावस्था के दौरान प्रोटीन की kaam मात्रा बच्चे के sahi विकास में बाधा पहुंचा सकती है और इससे शिशु का वजन भी कम हो सकता है। यह बच्चे के बढ़ते मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है।  बस एक मुट्ठी नट्स प्रोटीन की अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है। नट्स जैसे बादाम, मूंगफली, काजू, पिस्ता, अखरोट और नारियल में उच्च मात्रा में प्रोटीन की मात्रा होती है जो बच्चे के विकास के लिए जरूरी होता है। बीज जैसे कद्दू, तिल और सूरजमुखी में भी प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में होती है।  इनमें से कई ऐसे हैं जिनमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है जैसे- मूंग, काले और फवा बिन्स, मसूर, मटर और चना. ओट्स में प्रोटीन बहुत उच्च मात्रा में पाई जाती है . Good Luck.
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