33 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: मेरी एल.एम.पी. डेट 13 जुलाइ ह तो एम अपन मंथ 13 से ही स्टार्ट करु या फ़िर सोनोग्राफी में dd 20 एप्रिल दी ह usse

1 Answers
सवाल
Answer: आपको सोनोग्राफी कि डेट आपकी एल एम पी डेट के हिसाब से हि दी गयी है
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मेरी एल.एम.पी. 13 july h तो म अपना डिलिवरी मंथ 13 से मानूँ या सोनोग्राफी में dd 20अप्रिल दी h उसके अनुसार
उत्तर: 33 वीक प्रेगनेंसी mein सोनोग्राफी के हिसाब से maaniye
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सवाल: मेरी पिरियड डेट 13 जुलाइ है तो मेरा 8 मंथ किस डेट से चालू होगा
उत्तर: आप अपनी प्रेगनेंसी के वीक अपने लास्ट पीरियड के पहले दिन से हिसाब कर सकती हो यह बहुत ही ज्यादा आसान होता है। आप अपना month भी पीरियड के पहले दिन के डेट के हिसाब से काउंट कर सकती है...सेम डेट में नेक्स्ट month अपको दूसरा month लगेगा...13 july है तो 13feb से आपको 8wa मंथ लगेगा....
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सवाल: मेरी पीरियड डेट 20 जुलाइ ह तो मेरी डिलेवरी डेट क्या होगी मेम प्लीज़ बताओ
उत्तर: 26th अप्रैल 2019 आप की डिलीवरी डेट होगी यदि आप का पीरियड नियमित रहता है और हर बार 28 दिन में शुरू हो जाता है तो ड्यू डेट सही निकल जाती है और अगर पीरियड नियमित नहीं है रेगुलर नहीं है तो बच्चे का बर्थ का टाइम आज आगे पीछे हो सकता है
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सवाल: हेलो डॉक्टर! मुझे बहुत स्ट्रेस हो रहा है और ऐसा लग रहा है जैसे मैं डिप्रेशन की शिकार हूँ। मेरे पास मेरी २ महीने की बेटी है और मेरी या मेरी बच्ची की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। मेरी बेटी जब सोती है तो बस मेरी ही गोद में होती है और जब मैं उसे बिस्तर पर लिटाने की कोशिश करती हूँ तो वह फिर से जग जाती है और रोने लगती है। प्लीज़ मुझे बताएं मैं क्या करूँ? मुझे अपने लिए समय निकालना तो दूर की बात है, मैं बाथरूम तक नहीं जा पाती हूँ। प्लीज़ मुझे कुछ उपाय बताएं।
उत्तर: Hello dear! पोस्टपार्टम डिप्रेशन बहुत ही आम है, और डिलीवरी के बाद अधिकांशतः महिलाएं इससे ग्रषित होती है। आपको हिम्मत से काम लेना होगा। याद रखिये की आप बहुत स्ट्रांग है, और यह बस एक फेज(phase) है जो जल्द ही चला जाएगा। आप अपने बच्चे की अच्छी तरह से मालिश कीजिये, उसे भी बहुत अच्छा लगेगा, उसके बाद आप उसे पानी से अच्छे से नहला कर, दूध पिलाते पिलाते सुलाने की कोशिश करिये, कुछ ही दिनों में वह इस रूटीन को समझ लेगी और सोने लगेगी। आप अपने पति से इस बारे में बात करिये, चुपचाप रहने से कुछ भी ठीक नहीं होगा। बच्चे की जिम्मेदारी पूरे परिवार की होती है, न ही सिर्फ माँ की। आप अपने खान-पान का ध्यान रखिये। थोड़ा बहुत ध्यान लगाने की कोशिश भी करें। कुछ चीज़ो के लिए आप कोई हेल्प भी रख सकती है घर में जो आपका काम में हाथ बटा सके। बच्चे के साथ खेलिए उसका ध्यान कुछ चीज़ो की तरफ आकर्षित करें। कुछ खिलौनो को देख कर बच्चे बहुत ही उत्साहित हो जाते है, वह भी आप खरीद कर ला सकती है। अपने आस-पड़ोस की महिलाओं से बाते करके उन्हें भी आप शाम को अपने घर बुला सकती है। उदास और हताश रहने से कुछ नहीं होगा , उससे बस सिर्फ और सिर्फ निराशा ही हाथ लगेगी। याद रखिए आप अपनी मदद खुद करेगी तो ही लोग भी आपको सपोर्ट करेंगे। यह समय बहुत ही सुहाना है आपके बच्चे और आपके लिए, फिर कभी लौट कर नहीं आएगा। इसका आनंद उठाइये और अपना ध्यान रखिये।
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