32 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: मेरा 8th मंथ चल रहा है ऑर मुझे डॉक्टर ने लो लेइंग प्लैसेन्टा बताया है ऑर अभी तक कोई ब्लडिंग नही हुई है ऑर डॉक्टर ने साब ठीक btaya है kya लो लेइंग प्लैसेन्टा मै नॉर्मल डेलिवरी हो skati है की नही ....

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सवाल
Answer: हेलो डियर आप बिल्कुल भि परेसन ना हो हो सकता है की बेबी के वज़न बढ़ने से बड़ा हुआ गर्भाशय प्लेसेन्टा को उपर की ऑर खीच लेगा यदि प्रेग्नेन्सी के लास्ट में प्लेसेन्टा आपकी ग्रीव को dhnk लता है तो नॉर्मल डिलेवरी हो सकती है ऑर यदि ग्रेव प्लेसेन्टा को दहन्क ले तो सेसेरिएन डिलेवरी होगी आपका प्लेसेन्टा निचे है तो आपको पूरे प्रेग्नेसी में सेक्स नही करना चाहिए ऑर ना ही भारी सामान उठा सकती है बेड रेस्ट करें अकेले ना रहें कोई ना कोई अपने पास रखें ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरन्त डॉक्टर के पास जा सकें थोड़ा भि खुन जाए जाए या दर्द हो तो डॉक्टर के पास जाए डॉक्टर के कहने से 35 से 36 हफ़्ते में ही आपरेशन करवा लें ताकि आपका बेबी स्वस्थ आ जाए
Answer: हेलो डिअर , प्लेसता का नीचे होना कॉमन होता है ये दूसरी तिमाही के लास्ट या तीसरी तिमाही तक प्लेसता ऊपर आ जाता है , ऐसे में टेशन न ले, ऐसी कंडीशन में नॉमल डिलीवरी हो सकती है, लेकिन प्लेसता अगर ऊपर नही आता है और ब्लीडिंग भी हो जाए तो ऐसी कंडीशन में डॉक्टर completely बेड रेस्ट करने को सलाह देते हैं , ऐसे भारी सामान नही उठाना चाहिए , भारी काम न करे और सीढ़ियों पर न चढ़े , ऐसे में डिलीवरी ऑपरेशन से ही होती हैं।
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मेरा 5 मंथ चल रहा है ऑर अभी तक बेबी मुवमेंट फील नही हो रहा है
उत्तर: हेलों आप 5 महीने प्रेगनेट है आपको बेबी मुवमेंट समझ नही आती है बहुत सारी लेडिज को बेबी की मुवमेंट समझने में प्रॉब्लम जाती है .आपका कन्सर्न मैं समझ सकती हूँ आप स्ट्रेस ना ले lयदि यह आपकी पहली गर्भावस्था है, तो आपको शिशु की हलचल पहली बार शायद 18 से 24 हफ्तों के बीच महसूस होगी। kai बार हमे पता ही नही चलता है कि बेबी मूव कर रहा है ये शुरुआति हलचल आपको पेट में गैस जैसी महसूस हो सकती है। या हलकी फ़दफ़दहट जैसे फील हो सकती है बच्चे के बहुत छोटे के कारण मुवमेंट्स बहुत हलकी होती है इसलिए हो सकता है आप ये न जान पाएं कि ये शिशु की पहली हलचल है।
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सवाल: डॉक्टर ने मेरा प्लैसेन्टा नीचे बताया है कोई समस्या तो नही है
उत्तर: हेलो . Placenta एक ऐसा ऑर्गन है जो बच्चे को माता से ब्लड सप्लाई करता है और न्यूट्रीशन पहुंचाता है। इसकी पोजीशन यूट्रस में कहीं भी हो सकती है यह तो ऊपर छतरी के सामान रहेगा या आगे या पीछे या फिर कभी कभी किसी किसी केस में yeh नीचे की ओर भी अटैच हो जाता है। लो प्लेसेंटा होने की स्थिति में ज्यादातर माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बच्चा जैसे-जैसे ग्रोथ करता है, उसका दबाव प्लेसेंटा पर पड़ता है और आपको कभी भी ब्लीडिंग स्पोटिंग होने की संभावना रहती है। इसलिए हमेशा माताओं को आराम करने की सलाह दी जाती है । इस केस में माताओं को ज्यादा झुक कर और ज्यादा देर खड़े रहकर काम नहीं करना चाहिए ज्यादा exertion वाले एक्सरसाइज और योगा और वाकिंग भी नहीं करनी चाहिए। लो प्लेसेंटा ज्यादातर स्कैन के द्वारा शुरुआती महीनों में ही पता चल जाता है यह प्रेगनेंसी के अंत अंत तक ठीक भी हो जाता है। क्योंकि हमारी यूटरस का साइज़ बढ़ता है और प्लेसेंटा नीचे से साइड की तरफ शिफ्ट हो जाता है। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है इसमें आपको हमेशा नॉर्मल डिलीवरी अवॉइड करने की सलाह देते हैं क्यूकी प्लेसेंटा सर्विक्स को कवर करके रखता है और नॉर्मल डिलीवरी के केस में बच्चा पहले निकलना चाहिए उसके बाद प्लेसेंटा लेकिन लो प्लेसेंटा के केस में प्लेसेंटा पहले होता है और बच्चा बाद में इसलिए हमेशा सी सेक्शन करने की सलाह दी जाती है। डॉ इस समय पर इंटर कोर्स करने से भी हमेशा मना करते हैं पूरी प्रेगनेंसी में आपको अपना खास ध्यान रखना पड़ता है अब ज्यादा हैवी सामान भी नहीं उठाई है आराम कीजिए और पौष्टिक आहार लेते रहिए
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सवाल: डॉक्टर ने स्कैन कर में बच्चा अभी ठीक बताया है आगे तो कोई परेशानी नही होगी ???
उत्तर: हेलों आप 11 वीक प्रेगनेट है और अल्ट्रासाउन्ड कर डॉक्टर ने बच्चे की ग्रोथ सही बताई है आगे बच्चे को तभी कोई प्रॉब्लम नही होगी जब आप का खानपान सही रहेगा बच्चे को पूरा पोषण मिलता रहेगा आप स्वस्थ गर्भावस्था के लिए, आहार को संतुलित और पौष्टिक होने की आवश्यकता होती है - इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा का सही संतुलन होता है . आपको इस समय आयरन, फ़ोलिक ऍसिड , वाइटमिन्स आदि की सही मात्रा की जरुरत होती है . कुछ फ़ूड आइटम जैसे - डेरी प्रॉडक्ट दूध , दही , पनीर , सभी दालें , आलु , एग , मीट,फल जैसे - केला ,अनार ,लिचि ,अमरूद ,जामुन ,मऔसमबि सन्तरा, आम, एवाकाडो ,अंगूर नींबू ,सेब ,चीकू सभी ड्राइ फ्रूट्स लें .इसके साथ ही हरी सब्ज़ी पालक , मुनगा , चुकन्दर , कद्दू , टमाटर आदि सभी को डायट में शामिल करें . आप करेला ,बैगन ,पपीता, पाइनएप्पल सुरन, चाय ,कोफ़ी मैगी, ज़्यादा स्वीट्स , अल्कोहल , कोल्ड ड्रिन्क्स ,का सेवन प्रेग्नेसी में ना करे डॉक्टर सुग्गेस्टेस फॉलिक ऍसिड आयरन कैल्सीअम की टैबलेट्स समय से लें साथ ही पानी एक दिन में 10 से 12 गलास पीये तरल पेय जैसे नारियल पानी लेमन वाटर छाछ फ्रूट्स ज्यूस भी लें स्ट्रेस बिल्कुल भी ना ले खुश रहें .
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