26 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: मेरा 7 वाँ month शुरू हो jayega 2 दिन बाद मुझे बच्चे की हरकते कम महशुश होती है मैं क्या करु

4 Answers
सवाल
Answer: बच्चा इतना छोटा होता है कि वह मूवमेंट करता तो आपको पता नहीं चलता है बच्चे का मूवमेंट गैस के बुलबुले की तरह होता है इसलिए बहुत से महिलाओं को यह समझ में नहीं आता कि बेबी का मूवमेंट है खासकर के पहले प्रेगनेंसी में आप कोशिश करें कि आप अपने बच्चे की हलचल को महसूस करते रहें जब भी आपको लगे कि आपका बच्चा हलचल नहीं कर रहा है थोड़ा ठंडा जूस पी ले और left ले जाए आपको बच्चे की हलचल महसूस होगी वेट करो 20-30 मिनिट , आपका बेबी मूव करेगा , अगर बेबी नही हिलता तो एक बार डॉक्टर से मिल लो ताकि तस्सली हो जायें की सब ठीक है
Answer: हेलो डियर , आपके अगर प्रेग्नेन्सी में बेबी की अगर मुवमेंट कम पता चलता है , तो आप कुछ मीठा खा ले इससे आपके बसबी का मूवमेंट होने लगेगा कुछ बेबी के ऍक्टिव ज़्यादा या कम होने से भी मुवमेंट पर फर्क पड़ता है इसलिए बिल्कुल भी परेशान न हो ऐसा होना नार्मल है अपना ध्यान रखे अगर आपका बेबी 1 दिन में 10 मूवमेंट नहीं करता है तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखा दे बेबी को 10 मोमेंट करना जरूरी होता है!
Answer: यदि आप का बच्चा है 2 से 3 घंटे में 10 से 15 बार मोमेंट कर रहा है तो यह नॉर्मल है यदि इससे कम हो ना हो रही है तो आप डॉक्टर को जरूर दिखाएं हो सकता है बस के अंदर किसी प्रकार की तकलीफ हो इस वजह से वह ठीक प्रकार से नहीं कर पा रहा । या ऐसा भी हो सकता है आप बच्चे के मोमेंट को ठीक प्रकार से महसूस ना कर पा रही ho।
Answer: बताये मैं क्या करु ?
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मैं वजन कैसे कम करु मेरा वजन 70 के.जी. हो गये है बच्चे होने के बाद....
उत्तर: hello dear jyadatar डिलीवरी के बाद महिलाएं अपनी ओर ध्यान नहीं दे पाती क्योंकि उनका पूरा ध्यान अपने बच्चे के ऊपर होता है और इस कारण अनियमित दिनचर्या और खानपान सोने उठने के कारण उनका वजन बढ़ जाता है और पेट भी निकल जाता है जिसे कम करने के लिए आप हो कम से कम डिलीवरी की बाद 9 say 10 महीने बाद padhai karna chahiye अतः जितना हो सके दूध जुस ले लिक्विड ले और अधिक से अधिक मात्रा में पानी पिए जितना हो सके बाहर के खाने और जंक फुड न लें।ज्यादा से ज्यादा फल फूल ले ग्रीन टी पीयें दो बार सुबह और शाम मीठा कम खाएं डायट में एग लें डायट में प्रोटीन और आयरन जैसी चीजें ले वॉक पर जाएं और रस्सी कूदें पर तब जब आपको किसी प्रकार कि दरद और परेशानी न हो । एक्सरसाइज करें सुबह उठकर गुनगुने पानी में नींबू और शहद डालकर पिए इन सब उपायों से आपको कुछ दीनों में ही बदलाव महसुस होगा।
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सवाल: मेरी बेबी 2 दिन की है मेरा दूध बहुत कम हो रहा है क्या करु
उत्तर: हेलो डियर मैं आपको दूध बढ़ाने के कुछ घरेलू उपाय बताती हूं चावल ऑर थोड़ा शा सफ़ेद ज़ीरा दूध में डालकर खीर बनाए ऑर इसे रोज खाए ऐसा करने से दूध बढ़ेगा एक ग्लास दूध में सतवर का एक चमच चुरन मिला कर पीएं शाम के टाइम पेट भर दूध ऑर डलिया खाए इस्से दूध में कमी नही होती पपीता रोज खाए इसको रेग्युलर खाने से दूध अच्छा आता है
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सवाल: मेरा 5 वाँ महीना शुरू हो गया है मुझे क्या क्या खाना चाहिए
उत्तर: आपको गर्भावस्था के दौरान कुछ और अधिक कैलोरी की भी ज़रूरत होगी। गर्भावस्था में सही आहार का मतलब है-आप क्या खा रही हैं, न की कितना खा रही हैं। जंक फूड का सेवन सीमित मात्रा में करें, क्योंकि इसमें केवल कैलोरी ज्यादा होती है और पोषक तत्व कम या न के बराबर होते हैं।  प्रत्येक दिन विविध भोजन खाएं: दूध और डेयरी उत्पाद: मलाईरहित (स्किम्ड) दूध, दही, छाछ, पनीर। इन खाद्य पदार्थों में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन बी -12 की उच्च मात्रा होती है। अगर आपको लैक्टोज असहिष्णुता है, या फिर दूध और दूध से बने उत्पाद नहीं पचते, तो अपने खाने के बारे में डॉक्टर से बात करें।  अनाज, साबुत व पूर्ण अनाज, दाल और मेवे:अगर आप मांस नहीं खाती हैं, तो ये सब प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। शाकाहारीयों को प्रोटीन के लिए प्रतिदिन 45 ग्राम मेवे और 2/3 कप फलियों की आवश्यकता होती है। एक अंडा, 14 ग्राम मेवे या ¼ कप फलियां लगभग 28 ग्राम मांस, मुर्गी या मछली के बराबर मानी जाती हैं।  सब्जियां और फल: ये विटामिन, खनिज और फाइबर प्रदान करते हैं। मांस, मछली और मुर्गी: ये सब केंद्रित प्रोटीन प्रदान करते हैं। पेय पदार्थ: खूब सारे पेय पदार्थों का सेवन करें, खासकर पानी और ताजा फलों के रस का। सुनिश्चित करें कि आप साफ उबला हुआ या फ़िल्टर किया पानी ही पीएं। घर से बाहर जाते समय अपना पानी साथ लेकर जाएं या फिर प्रतिष्ठित ब्रांड का बोतल बंद पानी ही पीएं। अधिकांश रोग जलजनित विषाणुओं की वजह से ही होते हैं। डिब्बाबंद जूस का सेवन कम ही करें, क्योंकि इनमें बहुत अधिक चीनी होती है ।  वसा और तेल : घी, मक्खन. नारियल के दूध और तेल में संतृप्त वसा (सैचुरेटेड फैट) की उच्च मात्रा होती है, जो की अधिक गुणकारी नहीं होती। वनस्पति घी में ट्रांस फैट (वसा) अधिक होती है, अत: वे संतृप्त वसा की तरह ही शरीर के लिए अच्छी नहीं हैं। वनस्पति तेल (वेजिटेबल तेल) वसा का एक बेहतर स्त्रोत है, क्योंकि इसमें असंतृप्त वसा अधिक होती है।  समुद्री मछली और समुद्री नमक या आयोडीन युक्त नमक के साथ-साथ डेयरी उत्पाद आयोडीन के अच्छे स्त्रोत हैं। अपने गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए आपको अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में आयोडीन शामिल करने की आवश्यकता है।
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