6 months old baby

Question: मेरा बेबी 6&1/2 मंथ का है और उसका वेट 6.7 kg है क्या तिक है और वेट बदने के लाइए क्या खिलाऊँ

सवाल
Answer: सभी माएँ यह बात जानतीं हैं की जब उनका बच्चा छह महीने का हो जाता है तो वह पूरी तरह से ठोस आहार खाने के लिए तैयार हो जाता है। आपके लिए उचित होगा की ठोस आहार शुरू करने के समय तीन दिन वाले नियम का पालन अवश्य करें  छठे महीने से बच्चे को ठोस आहार केवल पूरक आहार की भांति दें, और उसके स्तनपान को जारी रखें । भोजन करने वाले बर्तन को इस्तेमाल करने से पूर्व हमेशा विषाणु मुक्त करें, यदि चाहें तो बर्तनों को विषाणु मुक्त करने से संबन्धित वीडियो भी देख सकतीं हैं। प्रत्येक आहार में 90 मीली का दिन में दो बार ठोस आहार दिया जा सकता है। जब आपका बच्चा छह महीने का हो जाता है तो उसको दिये जाने वाली भारतीय ठोस आहार के लिए यह चार्ट बनाया गया है : पहला दिन – सबसे पहले एक बड़े चम्मच से शुरुआत करें (सबसे पहले भोजन के रूप में सेब की प्यूरि दी जा सकती है (यह मीठी भी होती है ), इसे पतला करने के लिए माँ का दूध या डिब्बे का दूध मिलाया जा सकता है ) दूसरा दिन – सेब की प्यूरि के दो बड़े चम्मच दिन में दो बार दिये जा सकते हैं। तीसरा दिन— अब सेब की प्यूरि की मात्रा को बढ़ाकर तीन बड़े चम्मच दिन में दो बार की जा सकती है । चौथा दिन – आज से इसके साथ कुछ ठोस सब्जी जैसे गाजर के साथ भी शुरू की जा सकती है। इसके साथ में या तो गाजर का जूस या गाजर प्यूरी भी एक बड़े चम्मच के रूप में दिन में एक बार दी जा सकती है। पाँचवाँ दिन- गाजर के जूस /प्यूरी की मात्रा को बढ़ा कर दो बड़े चम्मच, दिन में दो बार की जा सकती है। छठा दिन- आज से दिन में दो बार गाजर के जूस या प्यूरी को तीन बड़े चम्मच दिये जा सकते हैं। सातवाँ दिन- अब सुबह सेब की प्यूरी और शाम को गाजर की प्यूरी दी जा सकती है। दूसरा सप्ताह अब तक आपका बच्चा दूध के अतिरिक्त कुछ अन्य स्वादों का भी जानकार हो गया है इसलिए आप अब दिन में दो बार ठोस आहार देना शुरू कर सकतीं हैं। छह माह के बच्चे को दिन में सुबह 11 बजे और शाम को 3 बजे खाने के लिए कुछ दिये जाने का सुझाव दिया जाता है, लेकिन आप अपने बच्चे की पसंद के अनुसार इसमें परिवर्तन कर सकतीं हैं।  दिनप्रातः 11 बजेशाम 3 बजे सोमवार- गाजर प्यूरिचावल सूप मंगलवार - सूजी खीरसेब प्यूरि बुधवार - आलू प्यूरिजौ का पानी वीरवार -दाल का पानीनाशपाती प्यूरि शुक्रवार -चीकू प्यूरिगाजर चुकंदर सूप शनिवार-गाजर जूससेब नाशपाती प्यूरि रविवार-कद्दू प्यूरिअंगूर का जूस तीसरा सप्ताह आप पहले जैसे समय के अनुसार बच्चे के खाने के समय को निर्धारित कर सकतीं हैं जिसके अनुसार आप दिन में दो बार ठोस आहार दे सकतीं हैं। अब आप कुछ नए स्वाद के लिए नया अनाज, फल और सब्जियाँ भी इस सप्ताह शुरू कर सकतीं हैं।  दिनप्रातः 11 बजेशाम 3 बजे सोमवार-घर का बना चावल दालसेब की सौस मंगलवार-जौ का पानीपेठे की प्यूरिबुध वारगाजर का जूसचुकंदर प्यूरि वीरवार-आलू का सूपदलिया शुक्रवार-शकरकंद प्यूरिओट्स दलिया शनिवार-संतरे का जूसलौकी की प्यूरि रविवार-केले की प्यूरिचावल दलिया चौथा सप्ताह इस सप्ताह आप बच्चे की मनपसंद चीजों के साथ कुछ नए भोजन की चीजें भी शामिल कर सकतीं हैं। यदि आपके परिवार में किसी सदस्य को ऐसी तकलीफ है जिसके कारण वह ग्लूटन हजम नहीं कर सकते या भोजन संबंधी और कोई एलर्जी है तो आप बच्चे को अनाज देने से पहले डॉक्टर से बात कर लें।  दिनप्रातः 11 बजेशाम 3 बजे सोमवार-दाल लहसुन सूपआलू चुकंदर प्यूरि मंगलवार-मसले हुए चावललौकी प्यूरि बुध वार-ओट्स की खीरनाशपाती प्यूरि वीरवार-आलू गाजर प्यूरिगेंहुन दलिया शुक्रवार-मिश्रित सब्जियों की प्यूरिअंगूर का जूस शनिवार-जौ का पानीचिचिंडा प्यूरि रविवार-गाजर जूससूजी खीर
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सवाल: मेरा बेबी 1 साल 2 मंथ की है उसका वेट क एच क्या खिलाऊँ जिसे वेट बेड़े बहुत आना कनि करती है खान के लाइए क्या करु
उत्तर: छोटे बच्चो को खाना खिलने के लिए हमें पहले उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए. आप उसे सिर्फ घर का बना अलग अलग खाना उसे बनाकर दो. उसे अपने आप खाने के लिए प्रोत्साहित करे. इससे उसका खाने के प्रति रूचि बढ़ेगी. घर के सरे सदस्य एक साथ खाने क लिए बैठे. बच्चे हमें देख कर ही खाना सीखते है. उसे खाने के लिए किसी प्रकार की जोर जबरदस्ती न करे. हो सकता है वो शुरू शुरू में खाने से खेले पर जल्द ही खाना सिख जायेंगे. उसे नए नए फ्रूट्स खाने में दे. घर का बना सब पौष्टिक खाना दे. अपने बच्चे को प्रोटीन, कैल्शियम और ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त भोजन दें। जैसे पनीर, टोफू, सोयाबीन, दाल, राजमा, चिकन, अंडे, मछली, एवोकैडो, बादाम, अखरोट, केला आदि। यह सब आपके बच्चे के आहार में शामिल करने से उसकी लम्बाई, वजन और मस्तिष्क का अच्छी तरह से विकास होगा। रोज़ाना उसे कम से कम दो गिलास दूध पिलायें , आप उसे केले या एवोकाडो वाले मिल्कशेक भी दे सकती हैं।
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सवाल: मेरा बेबी बहुत कमज़ोर है उसका वेट बेधने के लाइए क्या करु ऑर क्या खिलाऊँ
उत्तर: hello dear अगर आपके बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा है तो पहले आप यह जानने की कोशिश करें कि आपके बच्चे का वजन क्यों नहीं बढ़ रहा है एक बार आपको सही कारण का पता चल जाए जिसकी वजह से आपके बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा है तो आप बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए सही दिशा में कदम उठा सकती हैं। वजन ना बढ़ने के निम्न कारण हो सकते हैं: 1) बच्चे को पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा है। 2) शिशु के साफ सफाई पर ध्यान दें। 3) बच्चे के लिए नींद बहुत जरुरी है। 4) अगर बेबी के पेट मे कीडे होंगे तो भी बेबी का वजन नही। बधेगा । 5) बच्चे को ज्यादा रोने ना दे। बेबी का वजन बढाने के लिए आप निम्न उपाय अपना सकती है - @बेबी को मलाई वाला दूध पिलाये। @बेबी के फूड़ मे घी और मक्खन का प्रयोग ज्यादा करे । @बेबी को सब्जियों का पतला सूप या टमाटर का सूप बनाकर पिलाए। @इसके साथ सूजी का हलवा बनाकर आप बेबी को खिला सकती है इससे भी बेबी का वेट बढ़ता है। @बच्चे को आलू और अंडा उबालकर खिलाये इससे भी वजन बढ़ता है।
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सवाल: मीयर बेबी का वेट बहुत कम ह उस के वेट बदने के लाइए क्या kre
उत्तर: बेबी को हर 2-3घंटे मे कुछ ना कुछ खिलाना चाहिए .अगर बेबी सुबह 7-8बजे के आसपास उठता है तो सबसे पहले उसे स्तनपानं या बाहर का दूध पिलाये .फिर 10-11 बजे के आसपास कुछ सॉलिड अनाज जैसे oats,ragi,,dalia ,cerelac आदि milk के साथ बना कर दे सकते hai,बेबी को 6महिने milk ki आदत होती है इसलिए वो मीठा और दूध मिला हुआ खाना ज्यादा पसंद करते है . फिर बेबी अगर जगा हुआ है तो दिन मे 12बजे कोई भी फ्रूट juice जैसे एप्पल जूस ,ऑरेंज जूस ,अनार का जूस ,या banana ,chikoo आदि भी दे सकते है .कोशिश करें के उसे हर दिन अलग अलग फ्रूट का स्वाद मिले ,इससे बेबी खाने से बोर भी नहीं होगा और उसका taste bhi develop होगा . फिर दिन मे 2बजे तक उसे मिक्स वेज खिचड़ी ,या दाल चावल मैश कर के खिलाये .और खिचड़ी मे एक spoon घी या बटर भी डाल दे ,इससे खाने का स्वाद भी बढ़ जायेगा और बेबी सवस्थ भी रहेगा .कोशिश करें ki खाने के बाद बेबी 1-2घंटे की नींद ले ,इससे उसका खाना भी aache से digest होगा aur,शरीर का विकास भी होगा . फिर शाम मे बेबी के उठने के बाद दूध जरूर पिलाये और साथ मे एक बिस्कुट भी dip करके खिला सकते है . और फिर रात मे सोने से पहले कुछ सॉलिड खिला दे ,और बेबी अगर देर रात तक सोता है तो उसे एक बार और दूध पिला सकते है . कुल मिला कर दिन भर मे बेबी को 6-7बार खाना khilana चाहिए ,इससे बेबी का शारीरिक और मानसिक विकास दोनों होता है .
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