1 महीने का बच्चा

Question: मेरा बेबी बहुत रोता है और रात को सोता भी कम है मै क्या करू

2 Answers
सवाल
Answer: हेलो डियर बच्चे की रोने के बहुत से कारण हो सकते hai .बच्चा यदि भूख से रो रहा है तो सबसे पहले उसे दूध पिलायें या कोई खाद्य सामग्री खिलाएं जिससे उसकी भूख शांत हो सके।आपका बच्चा यदि दूध पीने के बाद भी नहीं शांत हो रहा है तो उसका पेट छूकर देखें कि कहीं उसका गैस तो नहीं बना है, यदि ऐसा है तो उसे कंधे पर चिपकाकर पीठ पर थपकी दें।यदि उसे ठण्ड लग रही है तो उसे गरम कपड़े में लपेटे और अपनी गोद में चिपकाएं। माँ कि गोद में चिपकने से उसमें सुरक्षा का भाव आएगा और उसे माँ के स्पर्श से गरमाहट भी आएगी।बच्चा माता पिता के गोद में आते ही चुप हो जाता हैं। क्यों कि वह आपके दिल की धड़कन को सुन के सुखदायक महसूस करता हैं। गर्भ में भी आपका बच्चा आपके दिल की धड़कन लगातार सुनता रहता है। इस लिए आप अपनी मीठी आवाज़ में लोरी गाकर बच्चे को थपकी दें। इस मधुर आवाज़ को सुनकर आपके बच्चे को राहत मिलेगी।अपनी गोद में बच्चे को घुमाएं क्योंकि घूम कर बच्चा खुश हो जाता है। और कभी - कभी सो भी जाता है।बच्चे मालिश करवाना पसंद करते हैं क्योंकि इससे बच्चे की थकान उतर जाती है और उसे नींद आ जाती है। बच्चे को आपने मालिश का समय पता होता है, देर होने पर रोना शुरू कर देते हैं।मालिश के थोड़ी देर बाद बच्चे को एक गुनगुना स्नान दें। गुनगुने पानी से नहलाने से आपका बच्चा ताजगी महसूस करेगा और रोना बंद कर देगा।  जब बच्चे अपनी निंद दीन मे पुरी कर लेते हैं तब भी ये ऐसा करते हैं या हो सकता है उसका पेट ठीक से भरा न होशिशु के साथ लेट जाएं और उसे प्यार से सीने से लगाएं। खुद भी कुछ देर आंखें बंद करके लेट जाएं, ताकि शिशु को लगे कि आप भी सो गई हैं। अचल रहें, ताकि शिशु जान सके कि अब सोने का समय है।रात को शिशु के सोने का समय तय करने और उसे सुलाने में ज्यादा मुश्किल नहीं होगी। वह आराम से सो जाएगा। अगर शिशु हर दिन समान समय पर सोए, खाए-पीए, खेले और रात में भी उसे समान समय पर सुलाया जाए, तो पूरी संभावना रहती है कि शिशु बिना किसी परेशानी के आसानी से सो जाएगा।लोरी और मालीश करके भी आप सुलानें कि कोशिश कर सकती हैं।
Answer: छोटे बच्चों के रोने की कई कारण हो सकते हैं जैसे उनके पेट में कृमि , सर्दी, या गैस।कई बार छोटे बच्चे भूख लगने पर भी रोते हैंकहीं बच्चे के पेट में दर्द तो नहीं।कभी-कभी बच्चे भूखे रहते हैं तब भी रोते हैं।उन्हें ज्यादा ठंडी या गर्मी लगे तब भी वह रोते हैं क्योंकि वह बता तो नहीं पाते कभी-कभी बच्चे थकावट की वजह से रोते हैं तो उन्हें मालिश कर देनी चाहिए जिससे उन्हें अच्छी निंद आय आपको परेशान होने के बजाए धैर्य के साथ यह पता करने की कोशिश करनी चाहीये कि आखीर बच्चे के रोने कि वजह क्या है।क ई बार समझ ही नही आता तब आप को डाक्टर को दीखाना चाहीये।
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मेरा बेबी रात को बहुत रोता है में क्या करू
उत्तर: Dear आपका बच्चा रात में रोता है इसके कई कारण हो सकते हैं हो सकता है उसे कोई तकलीफ हो पेट में ऐसा भी होता है कि बच्चे को सुसु आती है उस टाइम भी वह बच्चा रोता है आपके बच्चे के पेट में गैस बनती हो जिस वजह से बच्चा रोता है मैं आपको कुछ घरेलू उपचार बताना चाहती हूं जिसमें बच्चा रोता है उस समय आप उसके नाभि में हल्का गुनगुना पानी में हींग मिलाकर लगा सकते हैं उसके पेट को तुरंत आराम मिलेगा बच्चा जिस समय रोता है उसको सुसु करा सकते हैं इस समय बच्चा थोड़ी देर से करता है पर उसमें भी उसे आराम मिलता है रात में सोने से पहले बच्चे की मालिश जरूर किया करें जिस से बच्चे को आराम मिलेगा फिर भी आप एक बार डॉक्टर से मिलकर जरूर एडवाइज लें
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सवाल: मेरा बेबी दिन में भी कम सोता है और रात को भी में क्या करु
उत्तर: डिअर कुछ बच्चे सेट होने में काम टाइम लेते हैं तोह कुछ बच्चे ज़्यादः टाइम लेते हैं आप बेबी को जब भी सुलाओ डब्से पहले बेबी की मालिश कर दे फिर बेबी को अच्छे से फीड करवाये और जहाँ सुलाए शांति रखें जिससे बेबी को समझ मई आने लगता है की दिन और रात में क्या फर्क होता है बिलकुल शोर न करे और बेबी के पास आप रहरिन जिससे बेबी को सिक्योर फील होता है अगर आप अवेलेबल नहीं हो तोह कोई बात नहीं आप बेबी के ास पास पिलो लगा दे जिससे बेबी डरे नही और रूम में डिम लाइट हु रखें इससे बेबी की स्लीपिंग पैटर्न चेंज होने लगेगा
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सवाल: मेरा बेबी 8 महीने का है वह रात को बहुत कम सोता है कया करू
उत्तर: हेलो डियर छोटे बच्चों को थोड़ा समय लगता है अब बस एक या महिने में बेबी सोने लगेगी कुछ बच्चों को सेट होने मि बहुत टाइम लगता है कुछ बच्चों का स्लीपिंग पैटर्न 3 महीने बाद सही जता है कुछ का 6 महीने तक और कुछ बच्चे 1 साल से अपर भि लग जता है आप ट्राइ करे की बेबी की मालिश कड़कें फ़िर उसे दूध पिलाये और लाइट ऑफ कर दे रूम मि शांति बनाये रखें ताकि बेबी को फर्क पता चलने लगे कि दिन मि शोर होता है अयमन रात में सब शान्त रहता है ये सब करें
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