2 साल का बच्चा

Question: मेरा बेटा 2 साल का है . खाने में बहुत तंग करता है कुछ भी बना कर दूँ वो नही खाता खेल खेल में भी कोशिश करती हूँ थोड़ा ज़िद्दी है हर बात पर जिद्द करता है क्या करू मैं ऐसा

1 Answers
सवाल
Answer: आप बच्चे को दलिया खिलाए बहुत ही digestive होता है aur daliye में कई तरीके की सब्जियां भी डाल सकती हैं बच्चे को बहुत टेस्टी भी लगेगा और फायदा भी करेगा आप बच्चे की पसंद का खाना बनाएं बच्चे से पूछा कि बच्चे आप क्या खाएंगे इससे भी बच्चे के अंदर khane में इंटरेस्ट बढ़ेगा फिर भी आप अपने बच्चे को दूध में केला मिक्स करके दे सकती हैं ,उबला हुआ आलू भी खिला सकती हैं ,दाल का पानी दे सकती हैं आप उसे चावल का पानी भी दे सकती हैं आप बच्चे को दूध दही छाछ भी खिलाएं आप बच्चे को डिफरेंट तरीके के फ्रूट्स खिलाइए एप्पल, बनाना, ऑरेंज, ग्रेप्स आप उसको स्वीट्स भी खिला सकते हैं जैसे कि खीर, आटे का हलवा, मूंग दाल का हलवा यह सब बहुत पौष्टिक चीजें हैं जो आपके बच्चे को भी बहुत पसंद आएंगी बच्चे को थोड़ी थोड़ी देर में कुछ ना कुछ खिलाते रहे इससे उसकी खाने की आदत में सुधार होगा हां आपको अपने बच्चे को खाना खिलाने में थोड़ी मेहनत तो करनी पड़ेगी यह बच्चे का स्वाभाविक स्वभाव है बच्चे कभी-कभी अपनी बातों को एक्सप्रेस करने के लिए जिद करते हैं उनकी बातों को गौर से सुने उनकी बातों में सहभागी बने उन्हें अपने सही गलत जो भी विचारों को एक्सप्रेस करने दें उन्हें प्यार से समझाएं और सही और गलत का मतलब बताएं बच्चे के आसपास के माहौल पर भी ध्यान दें कभी-कभी बच्चा किसी चीज से इरिटेट हो कर जिद करता है ऐसे में बच्चे को उस चीज या व्यक्ति से दूर रखें प्रॉपर कम्युनिकेशन होने पर बच्चा जिद करने की जगह अपनी बातों को एक्सप्रेस करेगा
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मेरा बेटा 4 साल का है . बहोत ज़िद्दी हो गया है और हर बात पे चिड़चिड़ा करता hai
उत्तर: हेलो डिअर, बच्चे अगर जिद्दी होते है तो कई बार बच्चा अपनी जिद्द मनवाने के लिए रोते है  जिस तरह से आप उसे आकार देगी वो वैसा ही होगा , अगर बच्चे को आप ने किसी चीज के लिए न कहा है तो आप उस का कारण जानने की कोशिश करे बच्चा कितना भी रोएचिल्लाए, आप अपने बात पर ही कायम रहे , आप अपने बेबी को कोई भी चीज के लिए प्यार से भी बहला फुसला सकती है इससे बच्चे जल्दी समझ लेते है बच्चा किसी भी चीज को लेकर जिद करे तो बच्चे का मन बहुत ही बारीकी से डाइवर्ट करे इससे बच्चा किसी भी चीज को लेकर जिद भी कम करेगा और प्यार और दुलार से बेबी समझ भी लेगा , आप अपनी बात पर कायम रहें, इसलिए बच्चे की हर डिमांड पूरी करने से बेबी जिद्दी भी हो सकते हैं ।
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: मेरी बेटी जिद्द बौहत करती है हर बात पर ... वो अबी 2साल 5 मोन्तह
उत्तर: अकसर बचे ज़िद करते ह आप उन्हें प्यार से समझायें ऑर दिये मत वो बची ह समझ jayegi
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: मैं मेरे बेटे को जितना समझाती हूँ वो उतना जिद्द करता है क्या करू ...
उत्तर: हेलो डियर मैं आपके साथ कुछ टिप्स शेयर करती हूं जो आपकी जरूर मदद करेंगे :- अक्सर पेरेंट्स आपस में किसी बात को लेकर झगड़ने लगते है जिससे बच्चे के नाजुक मन पर बुरा असर पड़ता है और बच्चा चीखने चिल्लाने जैसी चीजो का आदि बन जाता है इसीलिए बच्चे की सामने लड़ाई-झगडा भूल कर भी ना करें। बच्चे की कोई ऐसी डिमांड जो उसके भविष्य के लिए ठीक ना हो नहीं पूरा करें, अगर बच्चा जिद पे अडा है तो उसे उससे अच्छी दूसरी चीज दिला दीजिये। जब पेरेंट्स अपने बच्चो का आंकलन अपनी उम्मीदों से कम या ज्यादा करते है जैसे बच्चा आपकी अपेक्षा से कम नंबर लाता है और आप बात बात में उसकी असफलता प्रचारित करते है जिससे बच्चा जिद्दी हो सकता है तो उससे सकारात्मक व्यहार करें। ध्यान रखें की कभी कभी एक्स्ट्रा केयर और ज्यादा रोक-टोक बच्चे को जिद्दी बना देता है बच्चे की अच्छाइयो को प्रचारित करें, ना की उसकी बुराइयो को। जैसे आप किसी से कहते है, की मेरा बेटा ये नहीं खाता, वो नहीं खाता, ऐसा कहने से अगर आपको भविष्य में बच्चे को वो चीजे खिलानी भी हो तो वो नहीं खायेगा। इसके विपरीत अगर आप बच्चे के बारे में वो चीजे बताती, जो वो खाता है। तो शायद बच्चा वो चीजे भी खा लेता जो वो अपनी जिद में खाने के लिए मना करता है। किसी बच्चे की जिद छुड़ाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है की हम ये समझे की वो जिद्दी कैसे बना। यदि वो अपने आस-पास के नकारात्मक माहौल की वजह से जिद्दी बना है तो, अगर आप उस माहौल को धीरे-धीरे बदलने की कोशिश करें, तो बच्चे में बहुत तेजी से सुधार होगा। बच्चे की भावनाओ और उसकी पसंद नापसंद को समझने की कोशिश करें। आप बच्चे से ऐसी बातें करें जो उसे पसंद हो, ऐसी बातें ना करें जो उसे ना पसंद हो उसके दिमाग में ये बात नहीं आनी चाहिए की उसकी बात नहीं मानी जा रही अपनी बात मनवाईये लेकीन तरीके में उसकी ख़ुशी शामिल ह बच्चों के साथ समय बिताएं और उनसे ढेर सारी बातें करें। आगे चल के आप के बच्चे अपनी बात खुल के आप से कर पाएंगे। बच्चों से बातें करने से उन्हें अकेला नहीं लगेगा, उन्हें ये भी नहीं लगेगा की आप उन्हें इगनोर कर रहे हैं। इस तरह से आप आप अपने बच्चों को जिद्दी बनने से भी बचा सकती हैं। बच्चे को समझने की कोशिश करें जैसे कभी-कभी बच्चा स्कुल नहीं जाने की जिद करता है तो उसके कई कारण हो सकते है। जैसे उसका स्वस्थ ठीक ना हो या होम्वोर्क पूरा ना किया हो या स्कूल में किसी बच्चे या टीचर द्वारा अप्रिय व्यहार, कारण जो भी हो समझकर प्यार से उसका समाधान करें। जिससे आपपर बच्चे का विशवास बढेगा। ज्यादा मोबाइल देखने की वजह से भी बच्चे के दिमाग पर असर पड़ता है। और बच्चा जिद्दी बनता है।
»सभी उत्तरों को पढ़ें