19 महीने का बच्चा

Question: मेरा बेटा 19 महीने का है ये रात मे सोत नही है और दिन मै भी कम सोत है कोई उपाय बताये

1 Answers
सवाल
Answer: हेलो डिअर, कु छ बेबी इतने एक्टिव होते है कि उन्हें रात में भी कुछ न कुछ खेलने को चाहिए वो ऐसे होते है करवट लेते ही उन्हें याद आ जाता है कि उन्हें खेलना है और वह उठ कर बैठ जाते है आप अपने बेबी को सुलाने के लिए रोज का आदत बनाये और उस आदत के पालन को रोज करे आप अपने बेबी को रात में सुलाने के लिए दिनभर खूब खेले बाते करे और एक्टिव रहे ताकि आपके बेबी दिनभर थक कर रात में अच्छे से सोये दिन में बेबी के साथ खूब चहल पहल करे और रात होने पर शांत माहौल रखे ताकि आपके बेबी को दिन औए रात को फर्क पता चल जाएगा आप अपने बेबी को जहा तक हो अपने आप ही सोने दे गोदी लेकर सुलाने से या हिलाने से आपके बेबी को इसी चीज की आदत पड़ सकती है !
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सवाल: मेरा बेटा 19 दिनों का है , उसका नाक बन्द है और खाँसी भी आ रही है ,कोई उपाय बताये
उत्तर: हेलो डियर मौसम परिवर्तन के कारण chote baby ko sardijukham ho skta hai आप बेबी को गर्म कपड़े पहना कर रखें छोटे बेबी मे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है इस कारण उनको सर्दी जुखाम कफ़ बुखार बहुत जल्द हो जाता है इस लिये बेबी को सुबह शाम टोपी मोज़े पहना कर रखें | आप कुछ घरेलू उपचार भी कर सकती है ~1) घी मे सेन्धा नमक मिक्स कर के बेबी की छाती और पसलियों पर लगायें |2) सरसों के तेल मे 1 चम्मच अजवाइन 6 लहसुन की कलियां डाल कर गरम करें ठण्डा होने पर छान कर रख लें और इस ऑयल से बेबी की मसाज करें |3) घी को गर्म करें और उसमे 1 चुटकी सोंठ डाल कर बेबी के छाती पीठ और पसलियों पर लगायें | 4) बेबी को भाफ दें भाफ के पानी मे 3लौंग,4 लहसुन की कलियां , 1 छोटा टुकड़ा दालचीनी डाल कर भाफ दें |
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सवाल: मेरा बेटा तीन साल का है,और वो खाना नही खाता है,वजन भी कम है,आप कोई उपाय बताइये।
उत्तर: आप की तरह मैं भी अपनी बच्ची के लिए परेशां थी। वह भी कुछ कहती नहीं थी।। उसके वजन को लेकर और उसकी हाइट को लेकेर। मैंने कुछ घरेलु उपाए किये जिससे मुझे बहुत अच्छा रिजल्ट मिळा। आप भी करके देखे । परेशां मात होइये। आपके भी बच्ची का वजन और हाइट अच्छी होजाएगी। 1)Dhyaan रखे वह खाना खाने के समय से २० मिनट पहले कुछ और स्नैक्स नहीं खाये ।. 2)बच्चे के पसंद का खाना बांये जो की पौष्टिक हो। 3)बच्चे को खाना डेली स्वाद बदल केर दe. 4) जभी आप खाना खाये उसको साथ में खिलाये । अलग प्लेट में खाना द। बच्चे बडो को देख केर खाना सिख जाते है । 5)सूजी को भुञ्ज ले और उसमे थोड़ा घी मिलाकर गाजर टमाटर aur hari sabjiya दाल कर अच्छे से पकाले। 6)अगर बच्चा मीठा पसंद करे तो नरम रोटी छोटे छोटे टुकड़े करके द।रोटी को दुध में साने और घी लगा केर द। 7) आते का हल्वा बनाये घी मे। तोडे पइसे हुए ड्राई फ्रूट्स डाले। 8) मलाई वाला दुध द। 9) सभी मौसम के फ्रूट्स दे । ## ध्यान रखे बचा छोटा है इसलिए कोई भी खाना एक बार में बहुत सारा और उसमे बड़े टुकड़े नहीं हो। ## अच्छे से पका हो।ताजा हो । आपका बच्चा 1year se jayda hai to वह अभी फल सब्जियां दूध यह सब कुछ खा सकता है लेकिन आप सबसे पहले ध्यान रखे कि खाना बहुत ज्यादा मात्रा में ना हो और बहुत बड़े टुकड़े ना हो. वह अच्छी तरह पका हो ध्यान रखें .खाना बच्चों को ताजा ही खिलाएं. मार्केट का कोशिश करें की अच्छी जगह ka हो साफ ho. आप बच्चे को दूध दे सकते हैं .दिन में तीन बार आप गाय का दूध जरूर दें .इसे कि उसे कैल्शियम अच्छी तरह मिलेगा. आप हरी सब्जियां और फल जिनमें हाई कैलोरी होती हैं वह जरूर दें जिससे कि उसे एनर्जी मिलेगी ज्यादा फैक्ट्री खाना ना दे नहीं तो उससे उनकी आदत बिगड़ सकती है जिससे कि वह आगे जाकर बहुत मोटे तो रहेंगे लेकिन उनमें ताकत नहीं रहेगी. Banana (kela )जरूर दें इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन B6 ,फाइबर, पोटेशियम ,विटामिन सी होता है और फलों में आप नाशपाती दे सकते हैं आलू देख सकते हैं मटर दे सकते हैं शकरकंद दे सकते हैं. अगर आप नॉन वेजिटेरियन है मांसाहारी है तो आप रोज एक अंडा दे. चिकन भी दे .चिकन ya egg देने से पहले आप यह ध्यान दें कि सब ताजा हो अच्छी तरह पका हो .बाहर का बिल्कुल भी बना हुआ ना दें. Ghee जरूर den. उसकी रोटी में घी लगाकर ya उसे दाल चावल में ghee डाल कर दें .जो भी उसके लिए अलग से बना रहे हैं उसमें तेल की जगह घी का प्रयोग करें. सूखे मेवे दे सकती हैं .चीज दे सकते हैं. आप सभी प्रकार के अनाज भी दे सकती हैं अगर बच्चा रोटी खाए तो आप मल्टीग्रेन आटे की रोटियां बनाएं जिसे आप दूध से सामने ज्ञानाराम तो बनेगी बनेगी साथ में कैल्शियम भी जाएगा छोटे-छोटे टुकड़े करके उन्हें खिलाएं. बच्चों को भी आप oats दे सकते हैं . इससे उनको फाइबर भी मिलेगा . avocado दे सकते हैं . Raagi दे सकते हैं घर में ही सभी प्रकार की दालों को पीसकर मल्टीग्रेन पाउडर बना सकते हैं . जिसे आप दूध में उबालकर भी दे सकती है . उसकी रोटी भी बना कर खिला सकती हैं . उससे डोसा बना सकती हैं इडली बना सकती हैं. बच्चे को अगर आप मोटा करना चाहते हैं उसे तंदुरुस्त बनाना चाहते हैं तो आप उसके खाने में हरी पत्तेदार सब्जियों कुछ ज्यादा ही प्रयोग करें. इसमें प्रोटीन मिनरल्स होते हैं जो कि बच्चों के शरीर के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है बच्चों को ऊर्जा मिलती है और उसके अलावा hari सब्जियों को खाने में dhyaan भी बढ़ता है. जिंक वाला आहार दें जिससे कि बच्चों को भूख ज्यादा लगेगी और शरीर की ग्रोथ अच्छी होगी .जो बच्चे देखने में कमजोर होते हैं उन्हें भूख भी कम लगती हैं. उन्हें आप zink वाला और देने से उनकी बुक खुल जाती है और वह अच्छी तरह खाना खाने लगते हैं. Zink वाले आहार के लिए तरबूज के बीज, मूंगफली ,बींस ,पालक ,मशरूम और dudh den. इन सब चीजों से बच्चों का वजन भी पढ़ने में मदद मिलती है. डेयरी उत्पाद में मछली का सेवन भी आप बच्चों को करा सकते हैं. बच्चों को भरपूर मात्रा में दूध दही पनीर इन सब का सेवन करना चाहिए. जिससे बच्चा अपनी ग्रोथ कर सकें .यदि आप नॉनवेज है तो आप अपने बच्चे को मछली और एक अंडा daily दे सकते हैं. बच्चों को ताजे फल भी दे उनसे उनका पेट भरेगा और पोषक तत्व मिलेंगे .उससे उन्हें energy मिलेगी. अंगूर, सेब, केला ,संतरा ,तरबूज, खिलाने से बच्चे तंदुरुस्त होते हैं. बच्चों को ड्राई फ्रूट्स भी हमें रोज देना चाहिए. पिस्ता ,मूंगफली ,काजू खाने से कोलेस्ट्रॉल और खूब सारी कैलोरी मिलती है .जिसको खाने से बच्चे बढ़ेंगे और मोटे भी होंगे .आपको इन्हें रोजाना की डाइट में शामिल करना चाहिए. bachho ke खाने में आप बहुत ज्यादा नमक या बहुत ज्यादा मीठा बिल्कुल भी ना दें .दोनों ही चीजें लिमिट में होनी चाहिए. मात्रा उनकी आप सही रखें. बच्चों को कोल्ड्रिंग fastfood ya बाहर का खाना. होटल का खाना .बहुत ज्यादा पसंद होता है. लेकिन आप कुछ ऐसा करें जिससे कि आप उन्हें इन सब से बचा सके. पानी पीना बहुत जरूरी होता है और यह सही मात्रा में पिया जाए बहुत जरूरी है आप बचपन से ही बच्चों में यह आदत डालें कि वह पानी अच्छी मात्रा में लें ताकि वही आदत पड़ी तक रहे. bachho me थोड़ी एक्सरसाइज करने की ya योगा करने की भी आप आदत डालें इन सभी का प्रभाव आप उनके अच्छे स्वास्थ्य में देखेंगे. take care
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सवाल: मेरा बेटा 1 साल 9 महीने का है और बो कुछ भी खाता नही है और ऊपर का दूध भी नही पीता है कोई उपाय बताइए
उत्तर: आप परेशान ना हो , बच्चे इज उमर मे ऐसा करते है , आप कोशिश करते रहें बच्चे को खिलाने की , बच्चा खाने लगेगा .. खाना खिलाते समय बच्चे का आप धयान खाने से हटा दे , जब भि खाना खिलऐ बच्चे को एक जगह बिठा दे , बेबी के साथ कोई गेम खेले या कोई गाना गाये , बीच बीच मे बच्चे को खिलऐ , बच्चा पुरा नही खाता है तो फोर्स ना करे , कुछ देर बाद फिर खिलायें .. आप कोशिश करें कि बच्चे को हर दिन कुछ ना कुछ नया खिलाए ताकि बच्चे को हर खाने का टेस्ट मिल सके कभी-कभी बच्चे एक ही तरह का खाना खा खाकर बोर हो जाते हैं और नया नया खाने से उनको खाने क्यों दिलचस्पी बढ़ती है धीरे धीरे आप को पता चलता जाएगा कि आपके बच्चे को किस तरह का खाना पसंद है आप उसकी पसंद के अनुसार उसके लिए खाना बना है बनाएं साथ ही कोशिश करेंगे जो भी खाना बना है उसमें बेबी को भरपूर न्यूट्रिशन मिले ,मै आपको कुछ आइडिया देती हूं खाने के बारे में जिसे आप अपने हिसाब से चेंज कर सकते हैं सूजी हलवा मूंग दाल की खिचड़ी रागी हलवा पांच दालों की खिचड़ी दलीय सब्जियों की खिचड़ी सेवइयां सूजी उपमा  गाजर का हलवा इडली और उपमा, जिनमें अलग-अलग सब्जियां मिलाई गई हों उत्तपम, जिसमें विभिन्न सब्जियां डाली गई हों सब्जियों के साथ डोसा दाल या बेसन का चीला दलिया साबुदाना खिचड़ी भरवां परांठे जैसे गोभी, आलू, हरी मेथी पत्ते, मूली, पनीर, दाल की रोटी, जो आप आटे में पकी दाल मिलाकर बना सकती हैं दाल-चावल सब्जी पुलाव और दही सूप
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सवाल: मेरा बेटा 26 दिन का है उसने तीन दिन से पोट्टि नही की है .. हमें कोई उपाय बताये.
उत्तर: पहली बात आप ने यह नहीं बताया कि आप उसे फार्मूला मिल्क दे रहे हैं कि ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं बच्चा का फार्मूला मिल्क पी रहा है तो उसे डिली फ्रेश होना जरूरी है तभी उसे पेट में आराम मिल सकता है और उसे भूख लगेगी पर बच्चा अगर ब्रेस्ट फीडिंग कर रहा है बार बार सुसु और लैट्रिन दिन में कई बार आएंगे तभी बच्चा ब्रेस्ट फीडिंग करेगा ब्रेस्ट फीडिंग करने वाले बच्चे को दो-तीन दिन लैट्रिन नहीं होती है इसके लिए विशेष चिंता की बात नहीं है पर फिर भी आप अपने डॉक्टर से एडवाइस लें आप इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे को बहुत टाइट लैट्रिन ना हो ,सूखे हुए लैट्रिन ना हो उसमें ब्लड ना आता हो बच्चों के लैट्रिन बहुत ही मुलायम होनी चाहिए आपका बच्चा लैट्रिन करते वक्त अगर रो रहा है तो इसका मतलब है उसे कुछ तकलीफ है देखिए आप इस बात का पूरा ध्यान रखे कि आप उसे बाहर की चीज बिल्कुल ना दें कम से कम 6 महीने सिर्फ और सिर्फ उसको अपना ब्रेस्टफीडिंग कराएं मां के दूध में एंटी बॉडीस होते हैं जो बच्चे की प्रतिभा प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं बच्चे की रेजिस्टेंस पावर बढ़ाते हैं बच्चे को नारियल का तेल लगा सकते हैं उस जगह पर रैशेज ना हो जाए इस बारे में आप अपने डॉक्टर से भी एडवाइज ले सकती हैं
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