3 महीने का बच्चा

Question: मेरा बेटा महिने दिन क ह क्या में उसे उपर के दुध दि सकती हूँ

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सवाल
Answer: आप बच्चे को 1 साल के पहले गाय का दूध बिल्कुल भी नहीं दीजिए। बच्चे की पाचन क्षमता बहुत ही ज्यादा नाजुक होती है, इसलिए वो गाय का दूध पचा नहीं पाते हैं, और गाय के दूध के कारण बच्चों की बॉडी में आयरन का ऑब्जरवेशन भी थोड़ा कम हो जाता है। इसलिए गाय का दूध देना बिल्कुल अवार्ड कीजिए। आप सिर्फ और सिर्फ अपना दूध पिलाई है ।माता का दूध बच्चों की पोषण के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी और लाभदायक होता है। इसलिए सिर्फ सिर्फ अपना दूध पिलाया। बच्चे को ऊपर से कुछ भी नहीं दीजिए अगर आपको कुछ प्रॉब्लम है तो आप डॉक्टर की सलाह लेकर फार्मूला मिल्क दे सकती हैं लेकिन प्लीज गाय का दूध बिल्कुल भी नहीं पिलाई है।
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सवाल: मेरा बेटा 6 महिने 15 दिन का है में उसे क्या खिला सकती हूँ
उत्तर: आप के बच्चे ने गर्दन को स्थिर रखना सीख लिए है और तरह-तरह के भोजन की तरफ भी आकर्षित होता है इसका मतलब यह नहीं की वो table पे बैठ के आपके साथ भोजन करने के लिए शारीरिक तौर पे तैयार हो गया है। 6 माह के बच्चे का ठोस आहार किसी भी तरह से ठोस नहीं होता। इस दौरान बच्चे को भोजन पीस के दिया जाता है। भोजन ग्रहण करना एक कौशल है और आप के बच्चे को अभी थोड़ा समय लगेगा इस कौशल को सिखने में।  सावधानियां: बच्चों में ठोस आहार शुरू करने सम्बन्धी  6 महीने के बच्चे में ठोस आहार शुरू करते वक्त हमेशा एक भोजन से शुरू करें। या तो किसी एक फल से शुरू करें या फिर किसी एक सब्जी या आनाज से शुरू करें। दो तीन प्रकार के भोजन को मिला कर आहार तैयार ना करें। अगर किसी भोजन से बच्चे को food allergy होता है तो mixed आहार में पाता नहीं चलेगा।  बच्चे में ठोस आहार की शुरुआत आप चाहें तो फल से कर सकते हैं। फलों में digestive enzymes होता है जो आहार को पचाने में बच्चे के पाचन तंत्र मदद करेगा।  फल देने के एक सप्ताह बाद आप बच्चे को अगले सप्ताह से चावल का पानी (चावल का माड़) दे सकते हैं। उसके बाद वाले सप्ताह से आप बच्चे को दाल का पानी या सब्जयोँ का soup (boiled vegetable water) दे सकते हैं।  शुरुआती दिनों में फलों को पीस कर बच्चे को खिलाये। पीसा हुआ फल आसानी से पच जायेगा।  एक 6 महीने का बच्चा केवल एक चम्मच ही पीसा हुआ भोजन ग्रहण कर सकता है। जैसे-जैसे समय बीतेगा, आप आहार की मात्रा को भी बढ़ा सकते हैं।   ठोस आहार की शुरुआत ऐसे भोजन से करें जो आसानी से पच जाये।  आहार मैं कैलोरी की मात्रा बढ़ाने के लिए आप उसमे शुद्ध देशी घी या butter मिला सकते हैं।  बच्चों का आहार त्यार करने और उन्हें परोसने के लिए Stainless steel या शीशे के बर्तनों का इस्तिमाल ज्यादा उपयुक्त रहेगा। बच्चों का भोजन त्यार करने या उन्हें परोसने के लिए प्लास्टिक के सामानो का इस्तिमाल ना करें। अच्छे गुडवत्ता (quality) के प्लास्टिक के बर्तन जैसा की BPA free grade के products का भी इस्तेमाल ना करें।  बच्चे को हमेशा शांत वातावरण में खिलाएं। भोजन कराते वक्त बच्चे से भोजन के रंग और उसके आकर के बारे मैं बात करें। भोजन कराते वक्त बच्चे को आप कोई अच्छी सी कहानी भी सुना सकते हैं।  बच्चे को भोजन कराते वक्त हमेशा तीन दिवसीय नियम का पालन करें। इस नियम के अनुसार जब भी आप कोई नया भोजन बच्चे को पहली बार दें तो दूसरा भोजन देने से पहले तीन दिन का अंतराल रखें और चौथे दिन ही नया भोजन दें।  अगर किसी नए भोजन से बच्चे में कोई allergy के लक्षण दिखे तो तुरंत उस भोजन को देना बंद कर दें।  बच्चे को भोजन कराते वक्त हमेशा ध्यान रखें की आप का बच्चा या तो कुर्सी पे बैठा हो या फिर आप की गोद में। अगर बच्चा पीठ के बल लेटा हो तो उसे भोजन ना कराएं।  बच्चे का भोजन नरम और मुलायम होना चाहिए। जरुरत पड़े तो भोजन को पतला करने के लिए उसमे आप दूध मिला सकते हैं। भोजन पकाते वक्त कभी भी breastmilk या formula milk ना मिलाएं। बल्कि भोजन जब तैयार हो जाये तब आप उसमें दूध मिलाएं। फल के puree को पतला करने के लिए पानी का इस्तेमाल करें, इसे पतला करने के लिए दूध ना मिलाएं।  बच्चे को हमेशा ताज़ा बना भोजन कराएं।  बच्चे को जबरदस्ती ना खिलाएं। समय के साथ धीरे-धीरे उसके आहार की मात्रा बढ़ जाएगी।  बच्चे को पानी स्टील के कप से या शीशे के गिलास से पिलायें। जहाँ तक हो सके feeding bottle या sipper का इस्तेमाल ना करें। 
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सवाल: मेरा बेटा महिने का ह उसे ज़ुकाम ह क्या में उसकी नाक में सरसो का तेल डाल सकती हूँ
उत्तर: हेलो आपका बेबी 2 महीने का उसे जुखाम है आप बच्चे के नाक में कोई भी ऑयल ना डालें ऐसा करना रिस्की हो सकता है . आप के बच्चे को सर्दी है बच्चों का इम्यून सिस्टम कमज़ोर होता है ऐसे में बच्चे को कपड़े ऐसे पहनाये कि गर्माहट बनी रहें कमरे को भी गरम रखने की कोशिश करे .आप उसे घी और कपूर का मिश्रण लगा सकते है। पहले घी ले और उसे हल्का गर्म करें, फिर उसमे कपूर के कुछ टुकड़े डाल दें और पिघलने दें। ठंडा हो जाने के बाद इसे आप उसकी छाती, पीठ और तलवे पर लगाएं। उसे आराम मिलेगा। आप उसे सरसों के तेल को गर्म कर उसमे अजवाइन और लहसुन डालें ,फिर जब वह ठंडा हो जाए तो उसे उसकी छाती और पीठ पर अच्छी तरह से लगाएं बच्चे को आराम करवाये बच्चे जितना आराम करेगा उतनी जल्दी रिकवर करेगा अगर आप ब्रेस्ट फीड माँ है तो खाने में सन्तुलित और हेल्थी चीज़ें खायें जिसके कारण बच्चे को न्यूट्रिशन मिल सकें और बच्चे को पानी की कमी ना हो lबच्चे को संक्रमण से बचाने के लिये अपना और बच्चे का हाथ साफ रखें बच्चे को फीड कराते समय पहले हैण्ड वाश करेl बच्चे को फीड कराते समय और सुलाते समय बच्चे का सर कुछ ऊपर रखें इसके लिए आप पतली तकिया का यूज़ कर सकती है ऐसे में बच्चे को साँस लेने में आसानी होगी आप अजवाइन भून ले उसे एक कपड़े में बाँध कर पोटली बना ले फिर उसे बच्चे के बच्चे के बैक चेस्ट तलवो पर सीकाई करे धयान रहें अजवाइन ज़्यादा गर्म नही होना चाहिए .बच्चे को कुछ देर सँवरे 8 से 10 बजे की धूप में ज़रूर ले जायें ताकि बच्चे को सूर्य के प्रकाश से विटामिन डी मिलें विटामिन डी बच्चे के सर्दी को कम करने और ग्रोथ में हेल्प फूल हैlधुप दिखाने के लिए बच्चे को सीधे धुप में न रखें।डायपर समय पर बदले प्रोबेल्म ज़्यादा हो तो डोक्टर से सलाह ले
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सवाल: मेरा बेटा चार महै ीने दो हफ्ते का ह क्या में उसे दूध के अलावा कुछ और दें सकती हूँ
उत्तर: हेलो डियर अभी आप का बेबी 4 मही ने का ही है तो आप अपने बेबी को कुछ भी चीजें ला दें के वल मां का दूध ही पिलाएं क्योंकि बच्चे के लिए मां का दूध बहुत जरूरी होता है मां के दूध से बेबी को सभी चीजें मिल जाती हैं इसलिए 6 महीने तक बेबी के लिए मां का दूध ही आवश्यक है आप अपने बेबी को 6 महीने के बाद सॉलि़ड फूड देना स्टार्ट कर सकते हैं
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