1 महीने का बच्चा

Question: मेरा बेटा 22 दीन का है हो जब टॉइलेट करता है थो जोर लगाता है उस की वाज से पेट मे दर्द होता है ऑर रोने लगता है

1 Answers
सवाल
Answer: हलों आप टेंशन ना लें ये कबज़ के करण हो सकता है नए जन्मों में कब्ज सामान्य है .... बस अपने बच्चे को स्तनपान करवाते रहें यह कब्ज के लिए सबसे अच्छा उपाय है क्योंकि अभी बच्चे कुछ और करने के लिए बहुत छोटा है ... और मैं आपको बहुत सारा पानी पीने की और पपीता खाने का सुझाव दुंगी ताकि पोषक तत्व बीएम के माध्यम से बच्चे के पास जाएंगे और उसे आपके बच्चे को आराम मिलेगा आशा है कि मेरा सुझाव आपकी मदद करेगा .. देखभाल करें
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मेरे बेटा को गैस का प्रॉब्लम है उस की वाज से पेट मे दर्द होने लगता है मे क्या करू प्लस बतायी hai
उत्तर: मां का स्तनपान करने के बाद बच्चे को सही से डकार दिलाये . अगर बच्चे के पेट में दर्द है तो हींग का लेप भी बच्चे के पेट पर लगा सकती है
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सवाल: मुझे लगता है की मेरे बच्चे का पेट नही भर पाता वो बार बार जोर से रोने लगता है मुझे दूध भी आच्छे से नही हो रहा है
उत्तर: हेलो डियर आपको अगर ब्रेस्ट मिल्क नही हो रहा है तो आप डॉक्टर की सलाह से फ़ोमुला मिल्क पिला सकती है इससे आपका बेबी रोएगा भी नही और बेबी का पेट भी अच्छे से भर जायेगा
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सवाल: मेरा बेटा 15 महीने का है पर वो जब भी पेसाब करता है तो रोने लगता है
उत्तर: हो सकता है बच्चे को यूरिन में इंफेक्शन हुआ हो इसलिए बच्चा यूरिन पास करते समय रोने लगता है अगर उन्हें किसी प्रकार की तकलीफ है या उन्हें बुखार आते हैं या यूरिन में जलन होती है या दर्द होता है तो आप डॉक्टर के पास चाहिए और उनका चेकअप जरूर कर आइए आप बच्चे को ज्यादा मात्रा में पानी पीने के लिए दीजिए आप नारियल का पानी भी पीने के लिए दे सकती है जिससे थोड़ा बहुत इनफेक्शन urine के द्वारा बाहर निकल जाएगा हर बार बाथरूम जाने के बाद उनके गुप्त ango को अच्छे से साफ कीजिए जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लीजिए।
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सवाल: मेरा बेटा 4 साल और 7 महीने का है वह छोटी छोटी बातों पर ज़िद करता है और जब वह बात नही मानी जाती तो जोर जोर से रोने लगता है plz मुझे बताये मैं उसे कैसे samajhau
उत्तर: hello अगर आपका बच्चा जिद करता है तो बच्चे के जिद करने और रोने-चिल्लाने पर अपना फैसला न बदलें। ऐसा करने पर वह इसे आपकी कमजोरी समझेगा और हर बार अपनी बात मनवाने के लिए यही तरीका अपनाएगा।  बच्चे के किसी बात पर जिद करने पर उसे इसके फायदे या नुकसान के बारे में बताएं जिससे वह खुद जिद छोड़ने के लिए प्रेरित हो सके। बच्चों को छोटी उम्र से अनुशासन में रहना और सब्र करना सिखाए जाने पर उनकी जिद करने की आदत को कम किया जा सकता है।जिद्दी बच्चे ज्यादा मेहनती और उनमें संघर्ष करने की क्षमता दूसरे बच्चों से ज्यादा होती है। ऐसे बच्चे अगर कुछ करने की ठान लें तो उसे पूरा किए बिना चैन से नहीं बैठते। सही मार्गदर्शन किए जाने पर ऐसे बच्चे अपने जीवन में बड़ी कामयाबी हासिल करते हैंअगर बच्चा रोता है तो आप उसे मार कर या डांट कर ना समझाएं बल्कि उन्हें सही तर्क देकर कोई भी जिद की गलत इफेक्ट बता कर ही शांत करें
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