13 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: मुझे ऍसिडिटी जयाद हो रही hai

3 Answers
सवाल
Answer: hello dear प्रेग्नन्सी के दौरान यह काफी आम है एसिडिटी की वजह से हार्टबर्न भी हो सकता है। acidity को दूर करने के लिए आप निम्न उपाय अपना सकती है तैलीय या मसालेदार भोजन, चॉकलेट, खट्टे फल, शराब और कॉफी, ये सभी खाद्य पदार्थ एसिडिटी को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। अगर, आपको असहजता महसूस हो, तो कुछ समय के लिए इन पदार्थों से परहेज रखें सोडायुक्त पेयों की बजाय पानी पीएं, एक गिलास ठंडा दूध या एक कटोरी दही का सेवन एसिडिटी और हार्टबर्न का सदियों पुराना इलाज माना जाता है। एक कप अदरक की चाय भी आपको राहत पहुंचा सकती है। केला खाने से भी इसमें फायदा होता है। थोड़ी मात्रा में, लेकिन बार-बार भोजन खाती रहें। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं। एक भोजन से दूसरे भोजन के बीच लंबा अंतराल होने से भी एसिडिटी बनने लगती है। भोजन के दौरान बहुत ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ न पीएं। गर्भावस्था के दौरान रोजाना आठ से 12 गिलास पानी पीना जरुरी है, मगर ये एक भोजन से दूसरे भोजन के बीच की अवधि में ही पीएं। कोशिश करें कि रात को आप सोने से करीब तीन घंटे पहले अपना भोजन कर लें। तकिये लगाकर सोएं, ताकि आपके कंधे आपके पेट से ऊंचे रहें. Healofy App पर अपने सभी प्रश्नों के उत्तर पाइये http://healofy.com/app
Answer: एसिडिटी की वजह से हार्टबर्न हो सकता है एक गिलास ठंडा दूध या एक कटोरी दही का सेवन एसिडिटी और हार्टबर्न का सदियों पुराना इलाज माना जाता है,एक कप अदरक की चाय भी आपको राहत पहुंचा सकती है, केला खाने से भी इसमें फायदा होता है. थोड़ी मात्रा में, लेकिन बार-बार भोजन खाती रहें। खाना को अच्छी तरह चबाकर खाएं। एक खाना से दूसरे खाना के बीच लंबा अंतराल होने से भी एसिडिटी बनने लगती . गर्भावस्था के दौरान रोजाना आठ से 12 गिलास पानी पीना जरुरी है, कोशिश करें कि रात को आप सोने से करीब तीन घंटे पहले अपना खाना खा लें,कई बार लेटने से भी छाती में जलन होने लगती है. खुब पानी पिय .
Answer: एसिडिटी की वजह से हार्टबर्न हो सकता है एक गिलास ठंडा दूध या एक कटोरी दही का सेवन एसिडिटी और हार्टबर्न का सदियों पुराना इलाज माना जाता है,एक कप अदरक की चाय भी आपको राहत पहुंचा सकती है, केला खाने से भी इसमें फायदा होता है. थोड़ी मात्रा में, लेकिन बार-बार भोजन खाती रहें। खाना को अच्छी तरह चबाकर खाएं। एक खाना से दूसरे खाना के बीच लंबा अंतराल होने से भी एसिडिटी बनने लगती . गर्भावस्था के दौरान रोजाना आठ से 12 गिलास पानी पीना जरुरी है, कोशिश करें कि रात को आप सोने से करीब तीन घंटे पहले अपना खाना खा लें,कई बार लेटने से भी छाती में जलन होने लगती है. खुब पानी पिय .
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मुझे ऍसिडिटी जयाद हो रही है कोई सलुशन hai
उत्तर: हेलो डियर मैं आपको यह बताना चाहती हूं आपके पेट में नाभि के ऊपरी हिस्से में दर्द है इसका सबसे बड़ा कारण एसिडिटी हो सकती है प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाओं को एसीडीटी का सामना करना पड़ता है जिसे हम कुछ घरेलू उपाय से ठीक कर सकते हैं एसिडिटी के लिए सबसे अच्छा उपाय है ठंडा दूध एक गिलास ठंडा दूध में मिश्री डालकर पीने से आपको एसिडिटी से आराम मिलेगा दूसरा है सौंफ और मिश्री यदि कोई महिला पूरी प्रेगनेंसी मे खाने के बाद थोड़ी सी सोउफ उसमें मिश्री मिलाकर खाती है तू भी उसे एसिडिटी की समस्या नहीं होती लेकिन अगर उसके बाद भी आपको परेशानी बनी रहती है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए
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सवाल: Hello Dr . मेरे पेट में मुझे गर्मी सी फील हो रही है। में खाने में ऐसा किया लू जिसे ये परेशानी न हो।
उत्तर: Hi! Yeh normal hain specially summer k time mein possible hain, aap jyada se jyada fluid intake kijiye, tender coconut water watermelon all helps you to keep hydrated and cool so intake of all this will help . Hope this helps!
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सवाल: मुझे ऍसिडिटी की प्रोप्लम हो रही ..
उत्तर: पानी (Water) कहा जाता है कि पानी कई बीमारियों का इलाज़ है| सुबह उठकर कम से कम 1लीटर हल्का गुनगुना या ठंडा पानी पीने से एसिडिटी जैसी समस्या होगी ही नहीं| 2. सत्तू (Roastd Bengal gram Powder) सत्तू जो बिहार का एक प्रमुख भोजन सामग्री है जिससे लिट्टी बनाई जाती है जो बिहार का प्रमुख भोजन माना जाता है| यदि किसी को एसिडिटी बहुत अधिक होता है तो उसे रोज सुबह दो या तीन चम्मच सत्तू को एक गिलास पानी में डालकर नमक मिलाकर घोल बनाकर लेना चाहिए, इससे अम्लता कम हो जाती है | 3. अंकुरित अन्न और सलाद (sprouts and salad) अंकुरित अन्न और सलाद को अपने भोजन में नियमित रूप से शामिल करें | यह अम्लतपित्त से छुटकारा दिलाता है | 4. घृतकुमारी (Aloevera) एलोविरा एसिडिटी के लिए सबसे उत्तम औषधि है | खाने से पहले या सुबह खाली पेट एलोविरा का जूस पीने से पेट की कोई भी बीमारी ठीक हो जाती है | 5. योग (Yoga) प्राणायाम नियमित रूप से करने से एसीडिटी से छुटकारा मिल जाता है| जो व्यक्ति इस रोग से बहुत बुरी तरह परेशान है उसे ध्यान रखना पड़ता है कि वह प्रणायाम धीरे-धीरे करे | 6. जीरा (Cumin Seed) पेट संबंधी किसी भी बीमारी के लिए जीरा रामबाण इलाज है| यदि आप अम्लपित्त से बहुत अधिक परेशान हैं तो एक छोटा चम्मच जीरा को एक कप पानी में डालकर अच्छी तरह खौला लें, इसे ठंडा करके पी जाएँ और जीरे के दानों को भी चबाकर खा लें| नियमित रूप से सुबह-सुबह इसके सेवन से पेट संबंधी परेशानी गायब हो जाती है| 7. आजवाइन और काला-नमक (Carom seed and black salt) कभी-कभी उल्टे-सीधे भोजन की वजह से यह रोग हो जाए तो एक छोटे चम्मच आजवाइन में चुटकी भर काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ निगल लें तुरंत आराम मिलता है | 8. आँवला (Gooseberry) आँवला को आयुर्वेद में अमृत माना जाता है| यह फल आपको मौसम के अनुसार ही मिलता है और इस फल को खाने से पेट की कोई भी बीमारी हो, वह गायब हो जाती है| प्रतिदिन एक आँवला यदि कच्चा खा सके तो बहुत ही लाभदायक होता है और यदि कच्चा न खा सके तो चटनी के रूप में अपने भोजन में अवश्य शामिल करें | 9. गुड़ (Jaggery) गुड़ एसीडिटी के लिए प्राकृतिक उपचार है| रात्रि के भोजन के बाद थोड़ा-सा गुड़ खाने से भोजन को पचाने में सहायक होता है | 10.पुदीना की पत्ती (Mint leaves) पुदीना की आठ-दस पत्तियों को अच्छी तरह धोकर चबाने से एसिडिटी से जल्द राहत मिलती है | पुदीना पेट को ठंडक भी पहुँचाता है इसलिए पेट में यदि जलन है तो फौरन आराम मिल जाता है |
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