13 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: प्रेग्नेन्सी मि आपने चहरे का खयाल कैसे rakhe

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सवाल
Answer: प्राचीन मान्यताओं का पालन करते हुए महिलाएं इस अवस्था में अधिक भोजन करने का प्रयास करती हैं। यह धारणा निश्चित रूप से गलत है। डॉक्टरी सलाह से या सामान्य रूप से संतुलित भोजन, जिसमें दूध, दही, हरी सब्जियां, फल आदि हों, करें और मिर्च मसाले, चाय-कॉफी, चिकनाई तथा मादक पदार्थों का परहेज रखें। फलों का रस लाभकारी रहता है। पानी भी खूब पीना चाहिए। रक्तचाप बढ़ने पर नमक का सेवन कम कर दें | अच्छा रहे यदि खान-पान की तालिका बना लें और उस पर सख्ती से अमल करें। डॉक्टर यदि लोहे, कैल्शियम आदि की कमी बतायें.तो उनकी पूर्ति हेतु चिकित्सकीय निर्देशों का पालन करें। इस प्रकार आपका सौंदर्य दमकता रहेगा और स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: अभी सरु के दिनों मि क्या ऑर कैसे अपना और बचे का खयाल कैसे रखे
उत्तर: आपकी प्रोफाइल के अनुसार आप 5 वीक से प्रेग्नेंट है अतः आप को अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। प्रेग्नेन्सी के दौरान आपको अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए कोई भी भारी सामान ना उठाएं और ना ही कोई भारी काम करें सीढ़ियां ज्यादा चढ़े उतरे नहीं कोई भी काम झुककर ना करें अचानक से जमीन पर भी ना बैठे हैं जितना हो सके रेस्ट करें। आपको दिनभर में चार या पांच बार तरल चीजें, जैसे छाछ, नींबू-पानी, नारियल पानी, फलों का जूस या शेक पीएं। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। हरी पत्तेदार सब्जियां, मटर, फूलगोभी, शिमला मिर्च, बादाम, काजू, तरबूज, केला व संतरा खाएं। इनके अलावा पालक, चुकंदर,शलगम कद्दू , दाले , दही, दूध-मट्ठा, पनीर, सोयाबीन, बीन्स, और साबुत अनाज लें। गर्भावस्था के दौरान चाय और कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान आप को थोड़ा-थोड़ा खाना खाना चाहिए थोड़ी थोड़ी देर में बहुत अधिक खाना नहीं खाना चाहिए । स्मोक नहीं करना चाहिए। अल्कोहल नहीं लेनी चाहिए Coca-Cola Pepsi आदि का सेवन नहीं करना चाहिए । मैदे से बनी चीजों को खाने से परहेज करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा मसालेदार खाना नहीं खाना चाहिए। इससे आपको कब्ज की शिकायत हो सकती है। समुद्री मछली खाने से परहेज करना चाहिए । कच्चा मांस या कच्चे अंडे या कोई भी गर्म करने वाली चीज नहीं खानी चाहिए । डब्बा बंद और रेडीमेड खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
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सवाल: ब्लड काम हि टु क्या खयाल rakhe
उत्तर: हेल्लो डिअर ब्लड के उपाय है आप इन्हें यूज़ करके ब्लड बना सकते हो 1 एक नींबू एक गिलास पानी में निचोड़ कर इसमें एक चम्मच शहद मिलाये और पिए। हर रोज इस उपाय को करने से खून जल्दी बढ़ता है। 2. एनीमिया की बीमारी में पालक दवा की तरह काम करती है। पालक में विटामिन ए, सी, बी9, आयरन, फाइबर और कैल्शियम अधिक होते है। पालक एक ही बार में बीस प्रतिशत तक आयरन बढ़ा सकती है। पालक का सेवन आप सब्जी और सूप के रूप में कर सकते है। 3. खून बढ़ाने के घरेलू उपाय में टमाटर काफी उपयोगी है। तेजी से खून पूरा करने के लिए एक गिलास टमाटर का जूस हर रोज पिए। इसके इलावा टमाटर सूप पी सकते है, चाहे तो सेब और टमाटर का जूस को मिलाकर भी पी सकते है। 4. बॉडी में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने में मक्‍के के दाने का सेवन भी फायदेमंद है। ये पौष्टिक होते है और उबाल कर या फिर भून कर खा सकते है। 5. थोड़ा सा शहद 1 गिलास चकुंदर के रस में मिलाकर पिने से शरीर को आयरन अधिक मात्रा में मिलता है जिससे शरीर में खून बनता है। 6. सोयाबीन में विटामिन और आयरन की मात्रा अधिक होती है। एनीमिया के रोगी के लिए इसका सेवन करना फायदेमंद है। सोयाबीन को उबाल कर खा सकते है। 7. थोड़ा सेंधा नमक और थोड़ी सी काली मिर्च आनर के जूस में मिलाकर हर रोज पीने से शरीर में आयरन की कमी पूरी होने लगती है। 8. गुड के साथ मूँगफली खाने से भी बॉडी में आयरन बढ़ता है। 9. हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए थोड़ा सा नमक लहसुन में मिला कर पीस ले और चटनी बना ले। इस चटनी के सेवन से हीमोग्लोबिन का इलाज करने में मदद मिलती है। 10. शरीर में खून की कमी को पूरा करने के लिए दूध और खजूर का सेवन भी उत्तम उपाय है। इस उपाय को करने के लिए रात को सोने से कुछ देर पहले दूध में खजूर डालें और दूध पिए। दूध पीने के बाद खजूर भी खा ले।
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सवाल: बेबी का खयाल कैसे रखा जायें
उत्तर: hello अभी ठंड का सीजन है इसलिए बच्चे को और संभाल कर रखना पड़ेगा आप बच्चे को हमेशा अच्छे से ढक कर रखें उसे रोज ना नहलाये लेकिन रोज अच्छे से सफाई जरूर करें बेबी को ज्यादा किसी दूसरे के गोद पर ना दे इससे बच्चे को इंफेक्शन होने का डर रहता है आप बच्चे को अपना दूध अच्छे से पिलाएं एक ब्रेस्ट का दूध पहले पिलाई और जब वह ब्रेस्ट का दूध खत्म हो जाए तभी दूसरे ब्रेस्ट का दूध पिलाएं इस बात का विशेष ध्यान रखें क्योंकि दोनों brest के ऊपर ऊपर का दूध पिला देने से बच्चों को poty की प्रॉब्लम आती है और बच्चे बार-बार पॉटी करते हैं चिचड़ा ग्रीन पतली पॉटी करते हैं उनके पेट में गैस बनता है जहां तक संभव हो बच्चे को ब्रेस्ट मिल्क ही पिलाएं बच्चे को किसी भी तरीके का घुट्टी और ग्राइप वाटर ना दें यह बच्चे के लिए नुकसानदायक होता है बच्चे की दो से तीन बार मसाज जरूर करें और बच्चे के लिए किसी भी तरीके का होम रेमेडी ट्राई ना करें ब्रेस्ट मिल्क के अलावा बच्चे को कुछ भी ना दें किसी भी तरीके का ड्रॉप या मेडिसिन बिना डॉक्टर के सलाह के बेबी के लिए उपयोग ना करें बच्चे के साथ साथ आप अपने आहार का भी ध्यान रखें हेल्थी डाइट लेने से दूध ज्यादा बनता है जिससे बच्चे की हेल्थ जल्दी आती है
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