24 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: त्रिपल मार्कर टेस्ट में माँ के ब्लड से बेबी के बारे में कैसे पता चलता हे और बेबी के किस चीज़ के बारे में पता चलता हे

1 Answers
सवाल
Answer: हेल्लो डीयर ट्रिपल मार्कर टेस्ट को ट्रिपल टेस्ट ,मल्टीपल मार्कर टेस्ट, एकधिक मार्कर स्क्रीनींग और एफपी प्लस के रूप में भी जाना जाता है यह पता लगाता है कि आपके अजन्मे बच्चे में कोई अनुवांशिक विकार तो नहीं है ।ट्रिपल मार्कर स्क्रीनिंग के द्वारा खून की जांच की जाती है यह टेस्ट उन महिलाओं के लिए किया जाता है जो 15 से 20 सप्ताह से प्रेग्नेंट है ।ट्रिपल मार्केर टेस्ट में खून का नमूना लिया जाता है इसमें AFP, एचसीजी और एचसीएल के स्तर का पता लगाया जाता है।
  • avatar
    Dilshad Aad1099 days ago

    क्या ट्रिपल मार्कर टेस्ट 24 वीक me kra sktehai

  • avatar
    Anu Varma1097 days ago

    isake liye aap apne doctor se sampark kijiye

समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: मेम क्या छ स्प्ताह में अल्ट्रासाउन्ड कराने पर कुछ बेबी के बारे में पता चलता हे.....?
उत्तर: हेलों बच्चे की हार्ट बीट 6 से 7 सप्ताह के भी जाती है 6 सप्ताह के अल्ट्रासाउंड में यह क्लियर हो सकता है कि आपके बच्चे की हार्ट बीट आई है या नहीं और आपके बच्चे के विकास सही हो रहा है या नहीं .
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: अल्ट्रा साउंड में लेवल 2 कराने से बेबी के बारे में क्या पता चलता है .और लेवल 2 किस मंथ करना चाहिये
उत्तर: हैलो डियर-अनामली स्कैन या लेवल 2 अल्ट्रासाउंड गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में होने वाला सबसे आम स्कैन है अनोमली स्कैन अल्ट्रासाऊंड स्कैन का ही एक प्रकार है अनोमली स्कैन आमतौर पर गर्भावस्था के 18 से 21 हफ्तों के बीच कराया जाता है कभी-कभी डॉक्टर 21 वे हफ्ते में भी या स्कैन करवा सकता है इस स्कैन से गर्भ में बच्चे की स्थिति और बच्चे का विकास देखा जाता है इसके अलावा बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी भी इस स्कैन द्वारा लगाई जाती है 20 हफ्ते में होने वाले अनोमली स्कैन से बच्चे के चेहरे हाथ हाथ की उंगलियां पैर और पैर की उंगलियां मस्तिष्क सिर किडनी ब्लैडर और चेहरे के विकास को देखा जाता है एमनीओटिक द्रव्य की मात्रा का अनुमान लगाना गर्भनाल की जांच और अपरा की स्थिति देखना।
»सभी उत्तरों को पढ़ें
सवाल: त्रिपल मार्कर टेस्ट किस ऐज से किस ऐज के बीच किया जाता हे
उत्तर: ट्रिपल मार्कर टेस्ट को MMT एंड AFP plus भी कहते हैं इसमें यह टेस्ट किया जाता है कि होने वाले बच्चे को कोई जेनेटिक बीमारी तो नहीं है इसमें प्रेग्नेंट वुमन का ब्लड सैंपल दिया जाता है और उससे टेस्ट किया जाता है ज्यादातर वूमेन का ही एमएमटी होता है जिन्हें 35 इयर्स या उससे ज्यादा उम्र की है फैमिली में पहले से किसी को बर्थ डिफेक्ट की हिस्ट्री रही हो जो प्रेग्नेंट वुमन को शुगर है और इंसुलिन का यूज करती हैं गर्भावस्था के दौरान वायरल इंफेक्शन था अपना ध्यान रखें खुश रहें इस बारे में और ज्यादा जाने के लिए अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें
»सभी उत्तरों को पढ़ें