11 महीने का बच्चा

Question: बच्चे के सारे वॅक्सीनेशन के बेअर एम बँटाए मैंने कुछ मिस कर दिए हि शायद

1 Answers
सवाल
Answer: हेलो डियर बच्चे को उसके जन्म से लेकर 1 साल तक लगने वाले टीके इस प्रकार है Birth-BCG,OPV 0,Hep-B 1 6 weeks-DTwP 1,IPV ,Hep-B 2,Hib 1,Rotavirus 1,PCV 1 10 weeks-DTwP 2,IPV 2,Hib 2,Rotavirus 2 ,PCV 2 14 weeks-DTwP 3,IPV 3,Hib 3,Rotavirus 3 ,PCV 3 6 months- OPV 1, Hep-B 3 9 months- OPV 2, MMR 1 9-12 months- Typhoid Conjugate vaccine 12 months- Hep-A 1
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सवाल: मऐम मैंने airon की दावा बहुत हि कम खाए है . इस से बच्चे पर कुछ प्रॉब्लम होगा क्या
उत्तर: Hello dear.. एक महिला का हीमोग्लोबिन 12 से 16 के बीच होना चाहिए| प्रेगनेंसी के दौरान 11.5 से 15 तक हीमोग्लोबिन .प्रेग्नेंसी के समय शिशु की देखभाल करने के लिए शरीर ka अपने आप आकार बढ़ता है और रेड ब्लड सेल्स की वृद्धि नहीं होती जिससे कि हीमोग्लोबिन लेवल कम हो जाता है| आयरन लेने से हमारे शरीर में हेमोग्लोबिन अच्छा बनता है. हिमोगलोबिन की मात्रा ब्लड में अच्छी होने से सभी कोशिकाओं में ओक्ससीगन अच्छी तरह पहुचती है. आप आपने खाने में कुछ आहार और ले जिससे आपका हीमोग्लोबिन अच्छा होजाएग। पालक- पालक की सब्जी एनीमिया में दवा की तरह काम करती है। इसमें कैल्शियम, विटामिन ए, बी9, विटामिन ई और विटामिन सी, फाइबर और बीटा केरोटीन पाया जाता है।हरी सब्जियों में पालक डालें। साथ ही, सलाद के रूप में भी इसका सेवन किया जा सकता है। पालक को उबालकर उसका सूप भी बनाया जा सकता है। इसका सूप पीने से बहुत जल्दी खून बढ़ता है। चुकंदर- चुकंदर को एनीमिया में एक रामबाण दवा माना जाता है। यह लौह तत्व से भरपूर होता है। चुकंदर ब्लड सेल्स को एक्टिव कर देता है। चुकंदर को शिमला मिर्च, गाजर, टमाटर में मिलाकर सब्जी बनाई जा सकती है।इसके अलावा चुकंदर को सलाद के रूप में या जूस बनाकर लिया जा सकता है। मूंगफली एक अच्छा सोर्स है। इसीलिए पीनट बटर को अपनी डेली डाइट में शामिल करने की कोशिश करें। रोज पचास ग्राम मूंगफली खाने से भी एनीमिया दूर होता है।  टमाटर- टमाटर में भरपूर मात्रा में विटामिन सी और लाइकोपिन पाया जाता है। इसमें मौजूद विटामिन सी आयरन को अब्जॉर्ब करने में मदद करता है। साथ ही, इसमें बीटा केरोटीन और विटामिन ई पाया जाता है।  सोयाबीन आयरन और विटामिन से भरपूर होता है। इसे खाने से शरीर को लो फैट के साथ ही भरपूर मात्रा में आयरन मिलता है। इसीलिए यह एनीमिया के पेशेन्ट्स के लिए बहुत लाभदायक होता है। गुड़- एक चम्मच गुड़ में 3.2 मि.ग्रा. आयरन होता है। इसीलिए एनीमिया से ग्रस्त लोगों को रोज 100 ग्राम गुड़ जरूर खाना चाहिए।खाने के बाद थोड़ा-सा गुड़ खाने से भी एनीमिया दूर होता है। पिस्ता जिससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में आयरन मिलता है। अखरोट- रोज थोड़ा अखरोट खाना भी एनीमिया के रोगियों के लिए बहुत लाभदायक होता है। सेब और खजूर- सेब और खजूर, दोनों में ही पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है।सेब के अंदर मौजूद विटामिन सी आयरन को अब्जॉर्ब करने में मदद करता है।रोज एक सेब और दस खजूर खाने से एनीमिया दूर हो जाता है।  शरीर में आयरन की कमी को पूरा काबुली चना, राजमा, सोयाबीन, मेथी और सरसों का साग, बादाम, सूखे मेवे, मसूर की दाल, पालक, अंगूर, अमरूद, संतरे आदि खाद्य पदार्थ कर देते हैं। लेकिन इसके बावजूद शरीर में आयरन की कमी पूरी न हो तो डॉक्टर की सलाह से आयरन की गोलियां ले सकते हैं।
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सवाल: डिलिवरी के बेअर एम कुछ उपय
उत्तर: नॉर्मल डिलीवरी के लिए बहुत जरूरी है कि प्रेग्नेंसी में आप क्या खा रहे हैं और क्या नहीं खा रहे हैं यह भी आपके नोर्मल डिलिवरी योगदान देते हैं। ऐसी अवस्था में आप सही समय पर सही आहार खाएं। प्रेगनेंसी में आयरन और कैल्शियम की कमी नहीं होनी देनी चाहिए इसके लिए हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए.अपने आहार में  जूस, अंडा और फल आदि को शामिल करें। इससे आपको और आपके पेट में पल रहे बच्चे को प्रोटीन और विटामिन मिलते रहेंगे। गर्भावस्था के दौरान यह ध्यान रखिए कि शरीर में पानी की कमी न हो। पानी केवल आपको हाइड्रेटेड ही नहीं रखता बल्कि नोर्मल डिलिवरी पाने में आपकी सहायता भी करता है। गर्भवती महिला को हर दिन रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पीना सेहतमंद होता है और पानी की कमी दूर होती है प्रेग्नेंसी में नॉर्मल डिलीवरी हो इसके लिए आप सांस लेने वाले प्राणायाम कर सकती हैं। इसका फायदा यह होता है कि उचित और पर्याप्त ऑक्सीजन बेबी को मिलती रहती है, जिससे बच्चे का सही तरह से विकास भी होता है। इसलिए नियमित रूप से ध्यान और सांस लेने वाले प्राणायाम कीजिए। अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए और 10 से 12 गिलास पानी प्रतिदिन पीना चाहिए तथा नारियल पानी का सेवन प्रतिदिन करना चाहिए इससे आपका शरीर हाइड्रेटेड रहेगा और आपको जल्दी कोई संक्रमण नहीं होगा यह भी नॉर्मल डिलीवरी के लिए सहायक है।
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सवाल: मेरी बेटी को बहुत रैश हो गाएँ है शायद वो बार बार पोटी कर राही है प्लीज़ रैश के लाइए कुछ बँटाए जिसे जल्द आराम lage
उत्तर: हेलो डियर , आपकी बेबी अगर बार बार पोट्टि कर रही है तो इससे बेबी की स्किन को बार बार साफ़ करने से बेबी की स्किन पर रैशेस हो जाते है आपको ऐसे में बहुत ही रगड़ कर स्किन को नही साफ़ करना चाहिये , क्युकी इससे भी रैशेस हो सकते है , आप बेबी को नारियल का तेल ज़रूर लगाये , आप बेबी के रैशेस वाली जगह पर वैसलीन लगा दे इससे भी बेबी का रैशेस ठीक जो जाता है इससे आपके बेबी को रैशेस नही पडे़गा और जब तक बेबी का रैशेस ठीक नही हो जाता है तब तक आप बेबी को कोई भी कसें कपड़े ना पहनाया करे dhile कपड़े ही पहनाया करे और तब तक डायपर पर भी ना पहनाये बेबी की स्किन नाजुक होती है इसलिए बेबी को कभी भी नहलाने के बाद रगड़ कर पोछे नही आपके बेबी का रैशेस ठीक हो जाएगा परेशान ना हो !
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