7 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: नॉर्मल डिलिवरी के लिए कुछ बताये

3 Answers
सवाल
Answer: हेलो डियर आप नॉर्मल डिलीवरी आसानी से करवा सकते हैं मगर सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि बेबी नॉरमल हो या ऑपरेशन से मायने यह रखता है कि बेबी सुरक्षित होना चाहिए और स्वस्थ होना चाहिए फिर भी आप नॉर्मल डिलीवरी के लिए कुछ उपाय कर सकती हैं जैसे कि आप सुबह शाम वॉक करें क्योंकि प्रेगनेंसी में walk करना सबसे अच्छा माना जाता है अपने खाने में पूरी तरह से संतुलित भोजन को शामिल करें तेल मसाले वाली पैकेट वाली चीजों का उपयोग ना करेंव्यायाम करें जैसे कि आप बटरफ्लाई व्यायाम कर सकते हैं या नॉर्मल डिलीवरी के लिए बहुत सहायक होते हैंमैं नींद का खास ध्यान रखें भरपूर नींद लें किसी प्रकार का मानसिक या शारीरिक टेंशन ना लें खुश रहने की कोशिश करें और सबसे जरूरी कि आप खुद को मैंचोर बनाएं कि आप नॉर्मल डिलीवरी करवा सकते हैं
Answer: नॉर्मल डिलीवरी के लिए किसी अच्छे डॉक्टर से मिले जो कि ऑपरेशन से ज्यादा नार्मल डिलीवरी को महत्व देते हो, अपने खानपान का भी विशेष ध्यान रखें ,एक्टिव रहे walk करें ब्रिदिंग एक्सरसाइज़ करें हाइड्रेट रहें स्ट्रेस ना लें वॉक करे ,आपकी पेल्विक मसल्स और थाइज़ स्ट्रॉंग बनेंगी, जिससे आपको लेबर पेन में दर्द कम होगा Walk Kare पर उतना ,जितने में थकान ना हो एक्टिव रहने की कोशिश करें . Deliveryके बारे में जानकारी लें ,मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार रहें लगातार डॉक्टर के संपर्क में रहे डॉक्टर द्वारा बताई गई सारी दवाईयां सारे टेस्ट टाइम पर करें
Answer: नॉर्मल डिलीवरी के लिए किसी अच्छे डॉक्टर से मिले जो कि ऑपरेशन से ज्यादा नार्मल डिलीवरी को महत्व देते हो, अपने खानपान का भी विशेष ध्यान रखें ,एक्टिव रहे walk करें ब्रिदिंग एक्सरसाइज़ करें हाइड्रेट रहें स्ट्रेस ना लें वॉक करे ,आपकी पेल्विक मसल्स और थाइज़ स्ट्रॉंग बनेंगी, जिससे आपको लेबर पेन में दर्द कम होगा Walk Kare पर उतना ,जितने में थकान ना हो एक्टिव रहने की कोशिश करें . Deliveryके बारे में जानकारी लें ,मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार रहें लगातार डॉक्टर के संपर्क में रहे डॉक्टर द्वारा बताई गई सारी दवाईयां सारे टेस्ट टाइम पर करें
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: नॉर्मल डिलिवरी के लिए कुछ योगा बताये
उत्तर: योगावैसे तो गर्भवती महीलाओ को शुरु से नही करना चाहीये पहले तीन महीने बहुत आराम से रहना चाहीयेक योगा आसन का अभ्यास  प्रेगनेंसी के चौथे महीने से ले कर नवे महीने तक करने की सलाह दी जाती है। योगा के जरिये ना केवल तनाव दूर होता है, बल्कि प्रसव के दौरान होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है| (1)तितली आसन--- तितली आसन को गर्भावस्था के तीसरे महीने से कर सकते है| शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने के लिए यह आसन किया जाता है| इसे करने से शरीर के निचले हिस्से का तनाव खुलता है| इससे प्रजनन के दौरान गर्भवती महिला को दिक्कत कम होती है। तितली आसन करने के लिए दोनों पैरों को सामने की ओर मोड़कर, तलवे मिला लें, यानी पैरों से नमस्ते की मुद्रा बननी चाहिए। इसके पश्चात दोनों हाथों की उंगलियों को क्रॉस करते हुए पैर के पंजे को पकड़ें और पैरों को ऊपर-नीचे करें। आपकी पीठ और बाजू बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। इस क्रिया को 15 से अधिक बार ना करे| (यदि इस क्रिया को करते वक्त आपको कमर के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता हो तो इसे बिल्कुल भी न करे (2)अनुलोम विलोम--- गर्भावस्था में अनुलोम विलोम आसन करने से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है। इसे करने से रक्तचाप नियंत्रित होता है| प्रेगनेंसी में तनावरहित रहने के लिए इस आसन को जरूर करना चाहिए| इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आराम से बैठे इसके बाद दाएं हाथ के अंगूठे से नाक का दाया छिद्र बंद करें और अपनी सांस अंदर की ओर खींचे। फिर उसी हाथ की दो उंगलियों से बाईं ओर का छिद्र बंद कर दें और अंघूटे को हटाकर दाईं ओर से सांस छोड़ें। इस प्रक्रिया को फिर नाक के दूसरे छिद्र से दोहराएँ। (3)---पर्वतासन गर्भावस्था में पर्वतासन करने से कमर के दर्द से निजाद मिलती है| इसे करने से आगे चलकर शरीर बेडौल नहीं होता है| इस आसन को करने के लिए सर्व प्रथम आरामआराम से बैठे। इस वक्त आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए| अब सांस को भीतर लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और हथेलियों को नमस्ते की मुद्रा में जोड़ लें। कोहनी सीधी रखें। कुछ समय के लिए इसी मुद्रा में रहें और तत्पश्चात सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस आसन को दो या तीन से ज्यादा ना करे| योग आसन करने से पहले अपने डॉक्‍टर की सलाह जरूर लें।
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सवाल: नॉर्मल डिलिवरी के कुछ टिप्स बताये ...
उत्तर: first of all बहुत सारी हिम्मत बहुत सारा दहृये डिलिवरी के वक़्त दरद को निचे की तरफ़ लेना ऑर chikhna chilana मत इस्से डिलिवरी मै or टाइम लगता है इसलिए बस दरद को bardas करना
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सवाल: नॉर्मल डिलिवरी के लिये कुछ टिप्स बताये
उत्तर: हेलो डियर आपको अपने खान-पान आहार दिनचर्या में भी पूर्ण रुप से ध्यान देना होगा 1)कि जहां तक संभव हो सके आप को नार्मल डिलीवरी हो प्रेग्नेंसी की शुरुआत से ही डॉक्टर के पास दिखाएं डॉ द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों वाह दवाइयों का प्रयोग नियमित रुप से करें 2)अपने आहार में सभी प्रकार के भोजन शामिल करें आप प्रयास करें कि आज से 10 गिलास पानी के साथ आप पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन कैल्शियम आयरन युक्त आहार लें 3)नियमित रूप से व्यायाम इसमें हल्की-फुल्की वॉक प्रणाम अनुलोम विलोम करते रहे जो आपकी बॉडी को सूट करें इससे भी आपका शरीर लचीला होगा और नॉर्मल डिलीवरी के लिए हार्मोन स्रावित होते हैं जो कि नॉर्मल डिलीवरी को बढ़ावा देते हैं 4) मेथी के दानों का सेवन भी प्रेगनेंसी में नार्मल डिलीवरी में सहायक होता है 5)अधिक से अधिक श्रम वाले कामना करना एवं मानसिक शांति बनाए रखना भी एक नॉर्मल डिलीवरी को सहायता प्रदान करता है 6)शारीरिक एवं मानसिक शांति से ब्लड प्रेशर या रक्तचाप में किसी नहीं होता जिसे नार्मल डिलीवरी को बढ़ावा मिलता है 7)चाय कॉफी के प्रयोग ना करें फास्ट फूड से दूरी बनाए रखें संतुलित व नियमित रूप से आहार ले इससे आपकी मेल नॉर्मल डिलवरी hone ki Sambhavna ho sakti hai ..
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सवाल: नॉर्मल डिलिवरी के लिए कुछ tips
उत्तर: 1. स्वस्थ रहें डिलीवरी से पहले आपको ये सुनिश्चित कर लेना होगा कि आप पूरी तरह से स्वस्थ रहें और किसी भी प्रकार की कोई कमजोरी आपको न हो. आपके शरीर में खून की कमी नहीं होनी चाहिए. गर्भवती महिला को खुद को मानसिक रूप से इस बात के लिए तैयार रखना चाहिए कि डिलीवरी के समय उसे बहुत तकलीफ होने वाली है. ऐसे में खुद को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है. 2. सही आहार लेना है बहुत जरूरी आपने कई बार सुना होगा कि गर्भवती महिला को अपने खाने-पीने का पूरा ध्यान रखना चाहिए. ऐसे समय में केवल भूख को शांत करना जरूरी नहीं है. गर्भवती महिला काे ऐसा खाना खाना चाहिए जिससे उसे संपूर्ण आहार मिले. प्रेग्नेंसी में आयरन और कैल्शियम लेना बहुत जरूरी है. सामान्य डिलीवरी में काफी ब्लड लॉस होता है लेकिन सिजेरियन में और भी ज्यादा. ऐसे में शरीर में खून की कमी नहीं होनी चाहिए. 3. पानी पीते रहें गर्भ में बच्चा एक थैली में रहता है. इस थैली को एमनियोटिक फ्लूड कहते हैं. इसी से बच्चे को ऊर्जा मिलती है. ऐसे में मां के लिए ये जरूरी है कि वो हर रोज आठ से दस गिलास पानी पिए. 4. टहलना एक वक्त था जब गर्भावस्था में महिलाओं को चलने-फिरने से भी मना कर दिया जाता था. पर प्रेग्नेंट होने का मतलब बीमार होना बिल्कुल नहीं है. भारी काम करना आपको नुकसान पहुंचा सकता है लेकिन हिलना-डुलना बंद कर देना सही नहीं है. 5. व्यायाम करें और तनावमुक्त रहें गर्भावस्था में ये बहुत जरूरी है कि गर्भवती महिला खुश रहे. उसे किसी प्राकार का कोई तनाव न हो. मां की मानसिक स्थिति का सीधा असर बच्चे के जन्म और डिलीवरी पर पड़ता है.
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