31 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: जुकाम ke कुछ घरेलू उपाय बटाये bhut presan hu

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सवाल
Answer: हेलो , जुकाम यह वातावरण चेंज होने की वजह से होता है . आप ऐसे कपड़े पहने जिनसे आपके शरीर को गर्मी मिले . गरम वेजिटेबल और चिकन सूप लो . अदरक का रस शहद में मिलाकर लेने से खांसी में आराम मिलता है . तुलसी के पत्तों का रस शहद के साथ लेने से भी खांसी में आराम मिलता है . अभी आप फ्रूट्स और ठंडी चीजें मत खाइए . चॉकलेट भी नहीं खाना चाहिए . क्योंकि इससे खासी और ज्यादा बढ़ती है . सरसों के तेल से मालिश करें और रात में हल्दी वाला दूध पीने से आराम मिलेगा .सर्दी की वजह से आप के सर में दर्द हो रहा है तो आप बाम लगा सकते हैं . ज्यादा थकने वाले काम मत कीजिए आराम कीजिए . ज्यादा टेंशन मत लीजिए .
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सवाल: उल्तीयन रोकने का कुछ घरेलू उपाय बटाये . dhudh pine ke baad turnt ulti krri
उत्तर: अक्सर नवजात शिशु को जन्म से लेकर 6 महीने तक केवल माँ जा दूध पिलाया जाता है। ऐसे में यह भी देखा जाता है की ज्यादातर नवजात शिशु दूध पीने के बाद उसे मुँह से निकालते रहते हैं। यह कोई बीमारी नहीं है बल्कि ऐसा होना बहुत से कारणों पर निर्भर करता है। पर ऐसा क्यों होता है और इसे सही करने के लिए क्या किया जा सकता है। यह समझना बहुत ज़रूरी है।   नवजात का दूध की उल्टी करना - जानें कारण और उपाय अधिक दूध पी लेना - अक्सर जब बच्चे छोटे होते हैं तो माता-पिता के लिए ये समझ पाना मुश्किल होता है की बच्चे को कितनी भूख है और कितने दूध में उसका पेट भर जाएगा। इसका नतीजा ये होता है की अक्सर बच्चे को उसकी ज़रूरत से ज़्यादा दूध पीला दिया जाता है। जिसके कारण वह दूध निकालने लगता है। इसलिए ज़रूरी है की बच्चे को थोड़े-थोड़े समय अंतराल पर दूध पिलाया जाए। पेट पर दवाब पड़ना - अक्सर छोटे बच्चे को गोद में रखा जाता है। ऐसे में यदि उसके पेट या पीठ पर दवाब पड़ता है तो वह दूध निकाल देता है। ऐसा बच्चे को सुलाते समय भी होता है। अक्सर ऐसा देखा जाता है की छोटे बच्चे को अगर उल्टा करके कमर रगड़ते हुए सुलाया जाए तो वे जल्दी सो जाते है पर ऐसे में पेट पर दवाब पड़ता है और वे दूध निकालते है। इसलिए ज़रूरी है कि बच्चे को ध्यान से पकड़ा जाए, उसे पेट के बल न लिटाया जाए। गैस की समस्या होना - छोटे बच्चे का खान-पान उनकी माँ के खान-पान से जुड़ा होता है। ऐसे में अगर माँ कुछ ऐसा खा लें जो गैस की समस्या पैदा कर सकता है तो बच्चे को भी वह समस्या हो जाती है। ऐसे में पेट में दर्द होता है और बच्चा दूध भी निकालने लगता है। इसलिए ज़रूरी है की जब तक बच्चा माँ के दूध का सेवन करे तब तक माँ ऐसा ही खाना खाये जो गैस की समस्या को दूर रखें। तेज खाँसी या जुकाम होने पर - नवजात में सर्दी जुकाम या तेज़ खांसी होने के कारण वह दूध की उल्टियां करना शुरू कर देते हैं। ऐसे में, अपने बच्चे को इस समस्या से बचा कर रखना ही एक बेहतर विकल्प है।
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सवाल: लुज मोशन का घरेलू उपाय बटाये plz
उत्तर: हेलो डियर प्रेगनेंसी के दौरान कुछ भी खाएं तो यह सुनिश्चित कर लें कि वह चीज पूरी तरह से पकी हुई हो।दस्त के दौरान बाहर का जूस, खुली हुई मिठाइयों का सेवन न करें।पतले दस्त की वजह से शरीर में पानी की कमी हो सकती है इसलिए पर्याप्त मात्रा में लिक्विड लेते रहे जैसे कि पानी कोकोनट वॉटर जूस सूप आदि जीरा चबाकर पानी पी लेने से दस्त बहुत जल्दी रुक जाते हैं. जब कभी आयरन की गोली सूट नहीं करती है तब भी गैस की समस्या होने लगती है आप अगर dast नहीं रुकते हैं तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें
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सवाल: जुकाम के लिए कोई घरेलू उपाय ...
उत्तर: hello मौसम बदलने के साथ साथ बच्चों में सर्दी खांसी की समस्या आती ही है आप बच्चे को नहलाते समय कमरे के अंदर नहलाये। बच्चे को मालिश करने वाले तेल में सरसों तेल का उपयोग करें। सुलाते समय बच्चे के छाती गले और पेट पर विक्स की मालिश करें। और बच्चे को सीने तक चादर से ढक दें नाक बंद होने पर सांस लेने में तकलीफ होती है और बच्चे रोते हैं इसके लिए बेबी के सिर के नीचे पतला तकिया या कुछ कपड़े को मोड़ कर रखें जिससे बेबी का सिर थोड़ा ऊपर होगा और उसे सांस लेने में दिक्कत नहीं होगी एक रुमाल में नीलगिरी तेल के 3 या ४ ड्रॉप डालें और उसको बच्चे के सिर के आस पास रख दें। इससे बच्चे की नाक खुली रहेगी उसे सांस लेने में दिक्कत नहीं होगी। अजवाइन को तवे पर हल्का गर्म करें और जब उसमें से खुशबू उड़ने लगे तो उसे एक पोटली में बांधकर बच्चे के सिरहाने पर रखें।2 चम्मच सरसों तेल को गर्म करें और उस पर 4, 5 लहसून की कलियों को डालकर पका ले रात में सोने से पहले इस तेल से बच्चे की मालिश करें आराम मिलेगा।
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