26 weeks pregnant mother

ग्लूकोस टेस्ट कैसे होता है

सवाल
hello प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले गैजेस टनल डायबिटीज के खतरे को देखने के लिए यूरिन में ग्लूकोस टेस्ट किया जाता है यह प्रकार का डायबिटीज है जो किसी किसी महिलाओं को सिर्फ प्रेगनेंसी के टाइम होता है। और इसका पता नहीं चल पाने पर बेबी के लिए नुकसानदेह होता है और इसी डायबिटीज का पता लगाने के लिए ग्लूकोस टेस्ट किया जाता है
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: तीफ्फा टेस्ट होता कैसे है ?
उत्तर: हेलो डियर teefa टेस्ट 18 से 23 सप्ताह के बीच में किया जाता है इस टेस्ट के माध्यम से बेबी के सभी अंग नॉर्मल तरीके से बने हैं या नहीं यह पता किया जाता है इस टेस्ट के द्वारा बेबी के विकास और उसके हलचल को बारीकी से chek किया जाता है इस test के माध्यम से आपको पता ही है चल पाता है कि बेबी को यदि कोई जन्म दोष है तो वह इस टेस्ट के माध्यम से साबित हो जाता है फीफा टेस्ट के माध्यम से बेबी के गर्भनाल के स्थिति क भी पता चलता है इसलिए आप पांचवे महीने में डॉक्टर के सलाह से tifaa टेस्ट करवा सकती हैं
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सवाल: ग्लूकोस टॉलरेंस टेस्ट क्यों ज़रूरी है कौन से month मे करवाना होता है ?
उत्तर: हेलों आप 27 वीक प्रेगनेट है ग्लूकोस टेस्ट ब्लड में शुगर लेवल की जाच के लिए किया जाता है ये हर 3 महीने में कराना ज़रूरी होता है क्योकी ब्लड में शुगर लेवल कम या ज़्यादा होने से बच्चे को समस्या हो सकती है यह 2 बार बिना खाएं और खाना खाने के 2 घण्टे बाद किया जाता है नॉर्मल शुगर लेवल 90/140 होती है जहा 90 फास्टिंग शुगर है और 140 खाना खाने के 2 घण्टे बाद का शुगर लेवल है
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सवाल: ग्लूकोस का टेस्ट क्यों करते है डॉक्टर
उत्तर: हेलो आप 31 वीक प्रेगनेट है ग्लूकोज़ टेस्ट प्रेगनेट लेडी के ब्लड में शुगर लेवल चेक करने के लिए किया जाता है प्रेग्न्सी में शुगर लेवल ज़्यादा होने से बच्चे को प्रॉब्लम हो सकती है इसलिए समय रहते इसका उपचार ज़रूरी है इसलिए ग्लूकोस टेस्ट किया जाता है . इस टेस्ट में 2 बार ब्लड टेस्ट लिया जाता है एक बार बिना खाएं और एक बार खाना खाने के 2 घण्टे बाद शुगर टेस्ट किया जाता है .नॉर्मल शुगर लेवल 90/140 होती है जहा 90 फास्टिंग शुगर है और 140 खाना खाने के 2 घण्टे बाद का शुगर लेवल है.
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