8 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: गले में जालान क्यु होती है

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सवाल
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सवाल: मुजे गले में जल्न होती है सीने मे भी क्यु
उत्तर: हेलों आप 30 वीक प्रेगनेट है आपको गलें और सीने में जलन होती है .गर्भावस्था में एसिडिटी और उसकी वजह से सीने में जलन होना भी गर्भवती महिलाओं की आम शिकायत है। इसमें सीने के बीच में जलन होती है।इस बढ़ती दिक्कत को आप तब महसूस करेंगी, जब आपका बढ़ा हुआ गर्भाशय आपके पेट में होने वाली इस समस्या को आपके गले तक पहुंचा देता है। आप पूरे दिन में तीनों समय थोड़ी थोड़ी मात्रा में भोजन करें।हो सके तो सोने या झपकी लेने से कुछ घंटे पहले कुछ भी न खाएं ।खाना खाने के बाद कुछ समय तक सीधे बैठें, जब आप सोएं, कुछ तकियों से सिर को सहारा दें ऐसा करने से पाचन क्रिया में मदद मिलती है।पूरे दिन में, पानी और तरल पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करें।खाने के बाद चूइंगम चबाने की कोशिश करें। सीने में जलन की शिकायत होने पर ढाले कपड़े पहनें। टाइट कपड़े बिलकुल न पहनें। खाने के बीच में तरल पदार्थ न पिएं।धनिया और चीनी का शरबत मिलाकर पिएं इससे पेट में ठंडक पहुंचेगी जिससे गले का जलन दूर होगा |ice ko हल्का-हल्का चूसने से भी गले में जो जलन है वह कम होने लगती है क्योंकि शरीर में डिहाइड्रेशन व एसिडिटी इसके प्रभाव से कम होने लगता है |एक गिलास ठंडा दूध या एक कटोरी दही का सेवन एसिडिटी और हार्टबर्न me aapko rahat milegi. एसिडिटी और सीने में जलन होने पर चॉकलेट,चीनी,चाय, कॉफी, सोडा आदि, कैफीन ,प्याज,टमाटर,खट्टे फल ka सेवन नहीं करना चाहिएlआयरन सप्प्लिमेंट्स से भी सीने में जलन होती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लें।
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सवाल: माम जलन क्यु होती ह पेट गले सीने में
उत्तर: पेट और गले में जलन का कारन एसिडिटी हो सकता है. इसके लिए आप खाना एक बार में बहोत सारा न खाये. थोड़ा थोड़ा करके ज्यादा बार खाइये. अगर आपको कोई कॉम्प्लीकेशन्स नहीं है तो आपसे हो सके उतना वाकिंग करे. ज्यादा पानी पिए. ये सब से आपको रहत मिलेगी. आप खाने के बाद आधा चम्मच अजवाइन पानी के साथ ले इससे भी आपको रहत होगी.
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सवाल: गले में जलन होती है
उत्तर: हेलो डियर प्रेग्नन्सी के थर्ड ट्रिमस्टर मे गले में जलन होना नार्मल है।मैं आपके साथ कुछ टिप्स हैं आप फॉलो कीजिये:- आप तीन टाइम अच्छे से खाना खाने की बजाये थोड़ी थोड़ी देर मैं खाना खाए दही का सेवन करे। खाना खाते समय पानी नहीं पीजिये। खाना खाने के बाद तुरंत लेटे नहीं वॉक करें जब लेटे तोह पिलो का सहारा लें इससे आपका दिगेंस्टीवे सिस्टम ठीक रहेग। जब ज़्यादा जलान हो तोह ठंडा मिल्क लीजिये। इन सबसे अगर कुछ फ़र्क़ न पड़े तो डॉक्टर से कंसल्ट करे।
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