39 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: क्या बीना दरद के भि वाटर ब्रेक हो सकता हa

2 Answers
सवाल
Answer: हेलों हाँ ज़रूरी नही है कि वाटर ब्रेक हो और आपको दर्द आएं . लेकिन आपको वाटर ब्रेक होता है तो डॉक्टर के पास जायें क्योकी आपका वाटर लेवल, वाटर ब्रेक के कारण कम होने लगता है ऐसे में बच्चे को साँस लेने में प्रॉब्लम हो सकती है .
Answer: hello dear ..ha .. मेरे पहले बच्चे के time ऐसा हि हुआ था
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सवाल: क्या bina दरद के वाटर ब्रेक हो सकता h मुझे abi काफी pani आया h
उत्तर: जी हां. जब वोटर ब्रेक हो तब जरुरी नहीं की आपको साथ में दर्द होगा ही. किसीको होता है तो किसीको नहीं. आपको लगता है की आपका वोटर ब्रेक हुआ है तो तुरंत अस्पताल जाये.
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सवाल: जब वाटर ब्रेक होगा .. उसके बाद पेट मै दरद भि स्टार्ट हो जेएगा क्या ? वारना हमें कैसे पता छलेगा की डिलिवरी का टाइम आ गया है ??
उत्तर: में आपको लबोर पैन क लक्षण बताती हु. लेबर पेन की शुरुआत पिरियड में होने दर्द जैसे हो सकती है ।ये दर्द के साथ आपको पेट में दर्द कमर दर्द सर दर्द , उलटी पोटी जाने की इच्छा हो सकती है ।जब दर्द समय के साथ लगातार बढ़े और असनीय होने लगे जब लगातार और थोड़ी-थोड़ी देर पर गर्भ की पेशियों में खिंचाव महसूस हो इसके अलावा जब यह अधिक समय तक और तीव्रता से हो आपके कमर के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत होतो यह प्रसव का ही एक लक्षण है।अगर रक्त स्त्राव की समस्या हो रही हो बुखार सिरदर्द या पेट में दर्द हो। तो आप तुरन्त डॉक्टर से सलाह ले. गर्भावस्था के दौरान आपका शिशु एक तरल पदार्थ से भरी थैली से घिरा रहता है जिसे एमनीओटिक सैक कहते हैं। आपके प्रसव के शुरुवात में संकुचन के साथ-साथ आपके एमनीओटिक सैक की झिल्ली टूट जाएगी। इसके द्वारा आपके शरीर से एक रंगहीन स्त्राव निकलेगा जिसे वाटर ब्रेक कहते हैं. वाटर ब्रेक होने पर लेडी को बॉडी से कुछ गिरने जैसा फील होता है जहाँ किसी तरल पदार्थ की धारा के गिरने जैसा महसूस होता है।गर्भवती महिला को कहा जाता है की अगर उनका वाटर ब्रेक हो गया है तो उन्हें शिशु का जन्म २४ घंटे के अंदर ही कर देना चाहिए। वाटर ब्रेक के साथ आप को दर्द हो भी सकता है या कई बार नहीं भी होता. पर वाटर ब्रेक हो जाये तो डॉ क पास तुरंत जाये.
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सवाल: वाटर ब्रेक क्या है
उत्तर: हेलो डियर पेट में बच्चा जिस पानी में रहता है उसे एमनीओटिक वाटर कहते हैं. जो एक पतली थैली से घिरा रहता है. इसके अंदर बच्चा सुरक्षित रहता है. जब यह पतली झिल्ली टूटती है तो उसे हम वाटर ब्रेक या पानी गिरना कहते हैं .इससे पहले प्रेग्नेंट लेडीज को पेट में संकुचन याने कि कंट्रक्शन बनाते हैं. यह कंट्रक्शन पहनाने से जल्दी टूटती है और वाटर ब्रेक हो जाता है .वाटर ब्रेक last स्टेप होता है डिलीवरी का. वाटर ब्रेक होने के 24 घंटे के अंदर में डिलीवरी की जा सकती है.
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