21 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: क्या ट्रिपल मार्कर करण jauri h

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सवाल
Answer: हेलो डियर ट्रिपल मार्कर टेस्ट के परिणाम एक शिशु की संभावना को देखते हैं जैसे डाउन सिंड्रोम आदि या फिर अगर आपको शुगर की कोई प्रॉब्लम रही है तो भी यह अल्ट्रासाउंड किया जाता है कि आप अपने डॉक्टर के कहे पर चलें आपके डॉक्टर ने यदि आपको अल्ट्रासाउंड के लिए कहा है तो आप जरूर करवाएं
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सवाल: डबल मार्कर, ट्रिपल मार्कर टेस्ट क्या है?
उत्तर: डबल मार्कर टेस्ट फर्स्ट ट्राइमेस्टर 9week se13 week में किया जाता है यह आपके fetal me होने वाले क्रोमोसोम की कमी की संभावनाओं को चेक करता है .यह इस बात का भी पता लगाता है कि आपके बच्चे को डाउन सिंड्रोम Aur Trisomy 18 जैसी कोई बीमारी तो नहीं होने वाली जो कि क्रोमोसोमl डिसऑर्डर के कारण होती है. यह प्रॉब्लम बच्चे में brain प्रॉब्लम्स को भी ला सकती है. डिलिवरी पहले होने की स्थिति का भि पाता चल जता है.ट्रिपल मार्कर टेस्ट को ट्रिपल टेस्ट bhi kahte hai.. एकाधिक मार्कर टेस्ट(multiple marker test) एकाधिक मार्कर स्क्रीनिंग एएफपी प्लस (AFP Plus) . In 3 naamo se भी जाना जाता है। Jo ye batata hai ki hone wale baby ko koi आनुवांशिक विकार ( hereditary) pareshani to nahi..Ye test प्लेसेंटा में तीन jaroori पदार्थों के स्तर को मापती है: 1)अल्फा-फेप्रोप्रोटीन (एएफपी)मानव 2)कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन 3)(एचसीजी)estriol ट्रिपल मार्कर स्क्रीनिंग को blood test के jese kiya jata hai. ye test उन ladies के लिए किया जाता है जो 15 से 20 weeks pregnent ho.
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सवाल: ट्रिपल मार्कर क्या hai
उत्तर: ट्रिपल मार्कर टेस्ट लगभग third trimester के अंत में कराया जाता है जिसमें यह पता लगाया जाता है कि जो fetus है वह डाउन सिंड्रोम से grasit है या नहींl इसमें ब्लड टेस्ट होता है जिसमें तीन चीजों को मैसेज किया जाता हैalpha fetoprotien,human chorionic gonadotropin aur unconjugated estriol टेस्ट के द्वारा पता लगाया जाता है कि बच्चे को बर्थडे defect ka risk है या नहींl आप चाहो तो अभी करा कर देख सकते हैं और ज्यादा अच्छा होगा कि आप डॉक्टर की सलाह ले ले
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सवाल: क्या ट्रिपल मार्कर
उत्तर: hello ट्रिपल मार्कर टेस्ट उन महिलाओं के लिए कराया जाता है जिनकी उम्र 30 प्लस होती है या जिनके फैमिली में जेनेटिक डिसऑर्डर की प्रॉब्लम होती है। प्रेगनेंट वुमन का डायबिटिक होना भी इस टेस्ट का एक कारण हो सकता है यह एक प्रकार का ब्लड टेस्ट है जिसमें एएफसी एचसीजी और एस्ट्रीआॅल का टेस्ट किया जाता है
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