21 महीने का बच्चा

Question: वॅक्सीनेशन के बारे में बताये

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सवाल
Answer: आपकी प्रोफाइल के अनुसार आपका बच्चा 21 महीने का है इस अवस्था में हेपेटाइटिस A का वैक्सीनेशन दिया जा सकता है क्योंकि is वैक्सीनेशन का टाइम 12 से 24 महीने के बीच होता है यदि आपके बच्चे को अभी यह वैक्सीनेशन नहीं दिया गया है तो आप उसे लगवा सकती हैं।
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: डायट के बारे में बताये
उत्तर: गर्भावस्था में चाय-कॉफी के बजाय दूध, फल और सब्जियां खूब लें। तला भुना खाने से बचें। Protein युक्त भोजन लें। और इस दौरान वजन कम करने की सोचें भी नहीं।गर्भ धारण के बाद भोजन 200-300 केलोरीज ही ज्यादा लेना अच्छा रहता है बहुत ठूंस – ठूंस कर नहीं खाना चाहिए।अगर आपका आहार संतुलित होगा , तो ही आपकी व बच्चे की सेहत सुरक्षित रहेगी इसीलिए आपके भोजन में Folic Acid, Calcium, Iron, Zinc, Protein, Phosphorus, Vitamin D और ओमेगा 3 Omega Fatty Acids का होना जरुरी होता है | इन तत्वों को लेने से खून में Hemoglobin बढ़ता है। और मिस कैरिज का डर नहीं रहता है।इन सब विटामिन के कुदरती स्रोत के रूप में हरी पत्तेदार सब्जियां, मटर, फूलगोभी, शिमला मिर्च, बादाम, काजू, मूंगफली, तरबूज, केला व संतरा खाएं। इनके अलावा पालक, चुकंदर, broccoli ,शलगम कद्दू राजमा दाले , दही, फैट फ्री मीट , अंडे का सफ़ेद भाग , दूध-मट्ठा, पनीर, सोयाबीन, बीन्स, और साबुत अनाज लें।अगर आप नॉन वेज भोजन खाती है तो आपको अपने Pregnancy Diet Chart में मांस, अंडा, मछली शामिल करना चाहिए क्योंकि ये सब प्रोटीन, आयरन और जिंक का अच्छा स्रोत है | प्रोटीन शरीर के अंगो के बनावट के लिए बहुत जरुरी होता है | सही प्रोटीन की मात्र एक ग्राम प्रोटीन प्रति किलो वजन के फॉर्मूले के हिसाब से होती है | मान लीजिये अगर किसी का वजन 50 किलो है तो उसको 50 ग्राम प्रोटीन सामान्य अवस्था में चाहिए ,गर्भावस्था के दौरान 15 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से और जोड़ लीजिये तो एक 50 किलो वजनी गर्भवती स्त्री को 65 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन लेना चाहिए |मकई, गेंहू और दूसरे साबुत अनाज से बना हुआ दलिया फाइबर से भरपूर होता है उसे अपने Pregnancy diet chart में अवश्य शामिल करें | चाहे तो पोपकोर्न और भुना हुआ मकई भी लें सकती है !Oat में फाइबर, आयरन ,विटामिन बी होता है इसलिए सुबह के नाश्ते में एक बाउल ओट्स लें।दूध, दही और पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस और विटामिन का अच्छा स्रोत होते है | इन्हें लेने से बच्चे की ग्रोथ में मदद मिलती है, उसकी हड्डियां व दांत मजबूत होते है। इनसे उसके दिल की मसल्स व नसों के विकास में अच्छी मदद मिलती है डेयरी उत्पाद लेने से उसकी मांसपेशिया बनने के अलावा किडनी के फंक्शन व दिल की धड़कन सामान्य बनी रहती है। इन्हें लेने से बच्चे का ब्रेन, नर्वस सिस्टम व आँखे बनने में सहायता मिलती है
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सवाल: muje डायट के बारे में बताये
उत्तर: hello प्रेगनेंसी में बच्चे का ज्यादातर डेवलपमेंट रात में होता है जिससे मां के शरीर की कैलरी सोते हुए ज्यादा खर्च होती है जिसके कारण सुबह भूख बहुत ज्यादा लगती है आप सुबह के नाश्ते में एक ग्लास दूध के साथ थोड़े ड्राई फ्रूट्स मिक्स वेज का पोहा उपमा चपाती या पराठा ओट्स या कॉर्न फ्लेक्स एक अंडे का आमलेट 1 कटोरी दही इनमें से आपको जो भी खाने का मन हो आप खा सकते हैं नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच में फल खाएं दोपहर के खाने में आप दाल चावल रोटी सब्जी रायता सलाद और दही खाएं दोपहर के खाने के बाद आप शाम का नाश्ता जरूर करें इसमें आप भुना चना बेसन का चीला स्प्राउट्स उबला अंडा और कोई भी दो फल ले सकती हैं रात के खाने में आप पराठा रोटी सलाद सब्जी दाल ताजा बना चावल और कोई भी डेजर्ट ले सकती हैं या फिर दूध ले सकती हैं यह आपका बैलेंस डाइट है इसे लेते हुए आप अपने प्रेगनेंसी आगे बढ़ाएं
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सवाल: मेरी सेकंड प्रेगनेंसी के बारे में बताये
उत्तर: हेलो डियर,आप अपनी सेकंड प्रेगनेंसी से रिलेटेड क्या जानना चाहती है आपको पूछिए आपको उसकी जानकारी दी जाएगीl
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