28 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: इंटरनेट के यूज़ करने से बेबी को कोई प्रॉब्लम तो नि होगी plz जवाब दे

1 Answers
सवाल
Answer: km use kr baby per bad effect padta hai
समान प्रश्न, उत्तर के साथ
सवाल: बार बार अल्ट्रा साउंड करने से बेबी को कोई प्रॉब्लम तो नही होगी ????
उत्तर: हेलो नही कोई प्रॉब्लम नही होती . अल्ट्रासाउन्ड डॉक्टर के द्वारा किया जता है जो की बच्चे की सभी ज़रूरी जानकारी देता है . सभी प्रेग्नेंट लेडीज का काम से काम 2 बार अल्ट्रासाउंड होता है। 1st ट्राइमेस्टर में और 2nd ट्राइमेस्टर में होता है।आप आपने डॉक्टर से पूछे । सेकंड स्कैन 11 हफ्ते से 13 हफ्ते के बीच में होता है. यह N T स्कैन या फिर फर्स्ट ट्राइमेस्टर स्कैनिंग भी इसे कहते हैं. सामान्यतः12 वीक तक बेबी की बॉडी लगभग बन चुकी होती है. उसके बाद उनके बॉडी पार्ट्स में धीमे धीमे ग्रोथ चालू हो जाती है .इसे स्कैन में हम यह देख सकते हैं कि वह growth ठीक से हो रही है कि नहीं . scan में बच्चे की किडनी लीवर ब्रेन और हार्ट की ग्रोथ को टेस्ट करते हैं. साथी गर्दन aur स्किन की मोटाई कितनी होती है. साथ ही साथ नाक की हड्डी की ग्रोथ कैसे हुई है. ऐसी बहुत सारी जानकारियां ऐसे स्कैन से हमको मिलती है. इस टेस्ट में पेट में जो पानी होता है उसकी मात्रा का भी हमें पता लग जाता है .कम है या ज्यादा है. साथ ही साथ बच्चों में डाउन सिंड्रोम की प्रॉब्लम होती है वह भी स्टेट से हमें पता चल जाती है और डॉक्टर उसके हिसाब से फिर हमें सलाह देते हैं. 3rd scan टारगेट स्कैन (Anomoly Scan) है .यह एक बहुत ही जरूरी स्कैम होता है प्रेग्नेंसी के समय का जो कि आप के सेकंड ट्राइमेस्टर यानी कि 18 से 20 weeks के बीच में होता है और आपको डॉक्टर के द्वारा सजेस्ट किया गया है तो आप इसे जरूर कराएं. इस टेस्ट में आपको बच्चे की बनावट के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी. उसके सिर का डायमीटर आकार कैसा है और साथ ही साथ आपको बच्चे की शरीर की अंदर की भी जानकारियां सारी मिल जाएंगी .पेट में पानी कितना है .यूटेराइन आर्टरी एक जो होती है गर्भाशय की मुख्य रक्त धमनी उसमें ब्लड flow ठीक है कि नहीं है. ऐसे बहुत सी जानकारियां बच्चे किसे जो जुड़ी हुई होती हैं. वह आपको से स्कैन से मिल जाएंगे. प्रेगनेंसी के 4th और 5th स्केन 28 से 32 weeks और 38 से 40 वर्ष के बीच में होते हैं इसे ग्रोथ स्कैन भी कहते हैं इसे स्कैन में बच्चे के खोपड़ी का डायमीटर लिया जाता है. सिर की परिधि. peit की परिधि और लंबाई को मेजरमेंट किया जाता है. जिसके आधार पर डॉक्टर बच्चे की ग्रोथ रिपोर्टिंग बना कर देता है .जिससे हम पता कर सकते हैं कि बच्चे की ग्रोथ इस समय के हिसाब से सही हो रही है कि नहीं हो रही है और हमारी आने वाली कोई परेशानी को हम इस समय से ही देख कर समझ कर उसे सॉल्व कर सकते हैं. पेट में अगर पानी की मात्रा का पता करना हो तो इस स्थान से हम पता कर सकते हैं .अगर डिलीवरी जल्दी होने के चांसेस हैं तो उसके लिए भी डॉक्टर अभी से हमें बता सकते हैं कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए .प्लेसेंटा अगर बच्चे के गले में लपेट गया है तो उसके लिए भी हमें डॉक्टर पहले से बता देते हैं. Doppler Scan hota hai. यह एक प्रकार की स्कैन है .जिससे आपके बच्चे के शरीर के अलग-अलग अंगों के बारे में जानकारी मिलेगी. जैसे प्लेसेंटा ,ब्रेन ,हॉट. बच्चों के शरीर में हो रहा ब्लड फ्लो भी इससे पता चलेगा. इससे यह भी पता चलेगा कि बच्चे को ऑक्सीजन और सभी पोषक तत्व बराबर से मिल रहे हैं कि नहीं. यह स्कैन नार्मल अल्ट्रासाउंड के साथ ही हो जाता है .जो ध्वनि तरंगे अल्ट्रासाउंड से निकलती है वह प्रजेंटर के जरिए बेबी के शरीर में हो रहे ब्लड फ्लो और साथ ही उसकी रक्त संचरण प्रणाली को छू कर वापस आ जाती है .isse स्क्रीन पर तस्वीर बन कर देखती है जिससे डॉक्टर को पता चलता है कि खून किस तरह flow हो रहा है .इससे आपके baby की सेहत का बेहतर अंदाज लगाया जा सकता है.
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सवाल: हेलो माम क्या ओरल करने से हाॅन वाले बेबी को कोई प्रॉब्लम ओ नि होगी
उत्तर: प्रेगनेंसी में हार्मोन्‍स के बदलाव की वजह से महिलाएं सेक्‍स लाइफ में इंटरेस्‍ट नहीं दिखाती है? अगर आपकी प्रेगनेंसी सुरक्षित है और आप प्रेगनेंसी में बिना किसी कठिनाई के किसी सेक्‍स लाइफ को एंजॉय कर सकती हैं। प्रेगनेंसी के दौरान, ओरल सेक्‍स में भी कोई समस्‍या नहीं है यदि आपके पति क्लिोटोरियस और लेबिया को जीभ से स्पर्श करें या फिर सिर्फ चुंबन तक ही सीमित रहें तो बेहतर है। ऐसा इसलिए क्योंकि, योनि के अंदर जीभ डालना प्रेगनेंसी के दौरान सुरक्षित होता है। ब्‍लो जॉब करते समय बहुत सारे चीजों का ध्‍यान रखना होता है। थोड़ी सी लापरवाही मां और बच्‍चें दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।आपके पति आपकी योनि में हवा न फूंकें। क्योंकि, कई बार ऐसा करने से वेजाइना में हवा के बुलबुले बन जाते हैं, और इससे आपकी रक्त वाहिकाओं में रुकावट पैदा हो सकती है। वाहिका में रुकावट पैदा हो सकती है। इसे ‘एयर एम्बोलिस्म' कहते हैं, जो आप और आपके शिशु के लिए घातक हो सकता है।
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सवाल: ज़्यादा खासंने से पेट के अंडर के बेबी को कोई प्रॉब्लम तो नही होगी
उत्तर: Wese तो बेबी को कोई दीक्कत नही होनी चाहिए Aap गले में दर्द के लिए हल्के गर्म पानी में चुटकी भर नमक डालकर उसे अच्छे से गरारा कीजिए इससे आपको गले के दर्द में आराम मिलेगा। आप पीने में गर्म पानी का इस्तेमाल कीजिए गर्म पानी बहुत ज्यादा खोलता हुआ तेज गर्म नहीं होना चाहिए हल्का गर्म होना चाहिए जिससे आप को गले को आराम मिलेगा खांसी में भी आराम मिलेगा। आप खांसी के लिए bhap ले सकती हैं इससे आपके छाती में कफ नहीं जमेगा और आपको खांसी में आराम मिलेगा। आप एक छोटा टुकड़ा अदरक का चबा सकती हैं जिससे आपको खांसी में आराम मिलेगा इसे ज्यादा नहीं लीजिए एक दम छोटा टुकड़ा चबाना है। अगर आपको ज्यादा खांसी आ रही है तो आप डॉक्टर के पास जाकर अपना गला भी चेक करवा सकती हैं जिससे वह आपको देखकर symptoms के अनुसार ज्यादा सही सलाह देंगे।
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