23 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: आज मेरा अल्ट्रा साउंड हुआ था उसमें डॉक्टर ने प्लैसेन्टा लेवल नीचे होने की बात कही है वो नॉर्मल हो जायें ताकि मेट डिलिवरी नॉर्मल हो इशके लाइए मुझे क्या karna होगा अभी मेरी प्रेग्नेन्सी वीक की hai

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सवाल
Answer: प्लेसेंटल उसे कहते हैं जो बच्चा से माँ को जोड़कर रखता हैं जिससे ही सरे पोषक तत्व बच्चे में जाता हैं जिससे गर्भनाल भी बोलते है अगर ये प्लेसेंटा गर्भसे कि निचले हिस्से में है तो उसे प्लासेंटा प्रिविआ बोलते हैं ये २८हप्ते तक पता चल जाता हैं यादि प्लेसेंटा अपनी जगह से अलग हो जाता हैं या तो ब्लीडिंग हज होने लगता हैं जो मिस्सकारगे का कारन भी बन सकता हैं इस टाइम पीरियड बेबी को कस से बहार निकला जाता है फैलोपियन ट्यूब से होते हुए निषेचित अंडा जब गर्भाशय में प्रत्यारोपित होती है तो वही प्लेसेंटा इन प्लांट होता है कभी-कभी यहां निषेचित अंडा अपने आप को गर्भाशय के निचले हिस्से में प्रत्यारोपित कर देती है जिसकी वजह सेplacenta वहीं विकसित होने लगती है इसे प्लेसेंटा का नीचे होना कहा जाता है या फिर प्लेसेंटा प्रिविआ कहा जाता है यदि डॉक्टर्स ने आपको बता दिया हैं को आपका गर्भनाल निचे है तोह आपो बहुत आराम कि जरुरत है भारी सामान उठाने कि कोशिश न करे आप इस दौरान सेक्स न करे ब्लीडिंग होने का चांस रहता है टरवेल भी न करे ओर डॉक्टर्स को फॉलो करे ये ज्यादा तर उनको होती हैं जिनका उम्र ३५से ज्यादा होती है जो बहुत स्मोक करते हैं या फिर जिनका कस हुआ हो पहले या आप पहले किसी इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट से गुजर चुके हो
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सवाल: में 6 वीक प्रेगनेट हु आज अल्ट्रा साउंड कराया तो डॉक्टर ने मुझे बोला की हार्टबीट नही है 2 वीक बाद वापस अल्ट्रा साउंड कराने बोला है क्या सब ठीक होगा
उत्तर: कभी-कभी बहुत ज्यादा प्रेगनेंसी की शुरुआत में बच्चों की हार्टबीट नहीं सुनाई देती है इसलिए आप घबराइए नहीं। डॉक्टर ने वैसे भी आपको 2 हफ्ते के बाद स्कैन कराने के लिए सलाह दिया है तो जरूर आपके बच्चे की हार्ट बीट आ जाएगी । इसके लिए आप घबराइए नहीं बिल्कुल भी चिंता नहीं कीजिए पॉजिटिव थिंकिंग रखें और अपनी सेहत का खास ध्यान रखें आप अपने खान-पान में विशेष ध्यान रखें। आप अपने खाने-पीने में खास ध्यान रखिए और संतुलित आहार लीजिए खाने में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट ज्यादा लीजिए आप हल्का फैट वाला खाना भी खा सकती हैं जो आसानी से पचने वाला हो आप अपने खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां दाल चावल रोटी ग्रीन वेजिटेबल्स दूध अंडा यह सब ऐड कीजिए। दिन में कम से कम दो से तीन फल खाने की कोशिश कीजिए फलों का जूस और तरल पदार्थ लेते रहिए यह सब पौष्टिक आहार आपके बेबी को ग्रोथ करने में बहुत मदद करेगा। शुरू के कुछ मंथ बेबी जस्ट गर्भाशय में रुका रहता है उसे गर्भाशय के दिवार में अच्छे से जुङने के लिए कुछ जरुरी हॉर्मोन्स हमारी बॉडी में बनते है।। एक बार हमारी बॉडी अच्छे से प्रेगनेंसी के हॉर्मोन निकलना शुरू करदे तब आप हलके फुल्के काम कर सकती है। कभी कभी पेट में हल्का दर्द हो सकता है. हल्की spoting भी हो सकती हैं जयादा एक्सेरशन ना करे। भारी सामान ना उठे। जयादा सीधी न चढ़े उतरे । आप चाय कॉफी का सेवन कम कीजिए और सॉफ्ट ड्रिंक अल्कोहल से दूर रहिए बॉडी को हिट करने वाले खाद्य पदार्थ थोड़ा अवॉइड कीजिए नहीं लीजिए जैसे पपीता अनानास तिल तिल के लड्डू गुड़ आप आम बैगन भी कम लीजिए. हप्पी रहे और पौष्टिक अहार ले। ज्यादा तकलीफ होने पर डॉ की सलाह ले.
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सवाल: डिलिवरी का टाइम नजदीक आगया कैसे मालूम होगा कुछ खास बात जिस से मालूम हो जायें की आज dilivary
उत्तर: में आपको लेबर पेन के लक्षण बताती हु वो ध्यान से पढ़े और जरुरत पड़ने पर अस्पताल जाये. लेबर पेन की शुरुआत पिरियड में होने दर्द जैसे हो सकती है ।ये दर्द के साथ आपको पेट में दर्द कमर दर्द सर दर्द , उलटी पोटी जाने की इच्छा हो सकती है ।जब दर्द समय के साथ लगातार बढ़े और असनीय होने लगे, जब लगातार और थोड़ी-थोड़ी देर पर गर्भ की पेशियों में खिंचाव महसूस हो, इसके अलावा जब यह अधिक समय तक और तीव्रता से हो, आपके कमर के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत हो, तो यह प्रसव का ही एक लक्षण है।अगर रक्त स्त्राव की समस्या हो रही हो बुखार सिरदर्द या पेट में दर्द हो। तो आप तुरन्त डॉक्टर से सलाह ले. गर्भावस्था के दौरान आपका शिशु एक तरल पदार्थ से भरी थैली से घिरा रहता है जिसे एमनीओटिक सैक कहते हैं। आपके प्रसव के शुरुवात में संकुचन के साथ-साथ आपके एमनीओटिक सैक की झिल्ली टूट जाएगी। इसके द्वारा आपके शरीर से एक रंगहीन स्त्राव निकलेगा जिसे वाटर ब्रेक कहते हैं. वाटर ब्रेक होने पर लेडी को बॉडी से कुछ गिरने जैसा फील होता है जहाँ किसी तरल पदार्थ की धारा के गिरने जैसा महसूस होता है।गर्भवती महिला को कहा जाता है की अगर उनका वाटर ब्रेक हो गया है तो उन्हें शिशु का जन्म २४ घंटे के अंदर ही कर देना चाहिए। वाटर ब्रेक के साथ आप को दर्द हो भी सकता है या कई बार नहीं भी होता. पर वाटर ब्रेक हो जाये तो डॉ क पास तुरंत जाये.
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सवाल: मैने अभी अल्ट्रा साउंड करवाया था उसमें बेबी ब्रीज़ की अवस्था में है और अभी उसने नॉर्मल डिलिवरी वाली पोजिशन नहीं ली. वह कब तक नॉर्मल पोजिशन में आएगा प्लीज़ बताये
उत्तर: गर्भ में बच्चा अपनी पोजीशन बदलता रहता है बच्चे समय पूरा होने पर बच्चा अपनी पोजीशन ले लेता है ऐसे बहुत ही कम होता है कि बच्चे का सिर ऊपर हो और पैर नीचे हो इस पोजीशन को ब्रीच पोजीशन कहते हैं यह पोजीशन डिलीवरी के लिए safe नहीं होती है इस पोजीशन में से सर अटकने का खतरा बना रहता है इसमें बच्चे को ऑक्सीजन की कमी का भी खतरा होता है बच्चे की गर्भनाल पर भी दबाव पड़ता है जिससे ऑक्सीजन बंद हो जाती है ऐसी पोजीशन में ही सिजेरियन की एडवाइज दी जाती है ऐसा नहीं है कि इसमें नॉर्मल डिलीवरी नहीं हो सकती है पर बच्चे का सर शुरुआत में बड़ा होता है और धड़ छोटा होता है इसलिए डिलीवरी के दौरान अनहोनी से बचने के लिए सर्जरी की सलाह दी जाती है आप जितना हो सकता है उतना वह करें क्योंकि वह एकमात्र ऐसी चीज है जिससे बच्चे की पोजीशन में बदलाव आ सकता है
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