4 सप्ताह की गर्भवती माँ

Question: आई एम हैविंग लॉट ऑफ इचिंग

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सवाल
Answer: coconut oil ya bio oil ka use kre isse kujli kam hogi or marks bhi ni hoge tummy pr.. nhi to dr ko bta kr koi medicine ya lgane ki दवा लेलो .
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सवाल: आई एम सिक ऑफ vomiting & acidity
उत्तर: हेलों आपको उलटी हो रही है और ऍसिडिटी की प्रॉब्लम है .ऍसिडिटी होने पर आप बेड में तकिये वाला हिस्सा ऊपर रखें स्पाइसी ऑयली मसाले वाला फ़ूड ना खाएं चाय कॉफ़ी का सेवन ना करे खाने के तुरंत बाद पानी ना पीये खाने में हरी सब्जियां और फल शामिल करे खाना खाने के तुरंत बाद लेटे नही ऍक्टिव रहें .दूध गर्म या गुनगुना ना पिये उसे ठंडा पिए और थोड़ी शक्कर डालकर पिएंl आप पूरे दिन में तीनों समय थोड़ी थोड़ी मात्रा में भोजन करें।हो सके तो सोने या झपकी लेने से कुछ घंटे पहले कुछ भी न खाएं ।खाना खाने के बाद कुछ समय तक सीधे बैठें, जब आप सोएं, कुछ तकियों से सिर को सहारा दें ऐसा करने से पाचन क्रिया में मदद मिलती है।पूरे दिन में, पानी और तरल पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करें।खाने के बाद चूइंगम चबाने की कोशिश करें। टाइट कपड़े बिलकुल न पहनें। खाने के बीच में तरल पदार्थ न पिएं।धनिया और चीनी का शरबत मिलाकर पिएं इससे पेट में ठंडक पहुंचेगी .एक कटोरी दही का सेवन एसिडिटी में राहत देता है .एसिडिटी होने पर चॉकलेट,चीनी,चाय, कॉफी, सोडा आदि, कैफीन ,प्याज,टमाटर,खट्टे फल ka सेवन नहीं करना चाहिएl को मिडल प्रेग्नेसी तक वॉमिट हो सकते है . आप परेशान ना हो आप खाना थोड़ा थोड़ा कर के बार बार खायें कुछ दिन लाइट खाना खायें आपको वॉमिट होते है तो आप मॉर्निंग में लेमन वाटर ट्राइ कर सकती है आवले का मुरब्बा खा सकती है आपको राहत मिलेगी उलटी होने से बॉडी का पानी निकल jata है आप थोड़ा थोड़ा कर के दिन में 10 से 12 ग्लास पानी पीजीये लिक्विड फ़ूड जैसे ज्यूस नारियल पानी लें आप नीबु का रस काले नमक के साथ लें मुह का टेस्ट बदलेगा और वॉमिट से राहत मिलेगी आप परेशान ना हो आराम करे बाहर का खाना ना खायें ..गर्भावस्था में लगातार उल्टी या जी मिचला रहा है तो सूखा या हरा धनिया पीसकर मिक्सचर बना लें। फिर इसका सेवन करें। इससे उल्टी बांद हो जाएगी। 
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सवाल: आई हैव अई लॉट ऑफ ऍसिडिटी
उत्तर: hello dear यह काफी आम है और कोई नुकसान नहीं पहुंचाती,एसिडिटी की वजह से हार्टबर्न भी हो सकता है आप शायद एसिडिटी और जलन से पूरी तरह छुटकारा न पा सकें, मगर आप कुछ उपाय आजमाकर इसे कम करने का प्रयास अवश्य कर सकती हैं, जैसे कि तैलीय या मसालेदार भोजन, चॉकलेट, खट्टे फल, शराब और कॉफी, ये सभी खाद्य पदार्थ एसिडिटी को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। अगर, आपको असहजता महसूस हो, तो कुछ समय के लिए इन पदार्थों से परहेज रखें सोडायुक्त पेयों की बजाय पानी पीएं, रेडीमेड भोजन और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें, जैसे कि टॉमेटो कैचअप, अचार और चटनी आदि। इनमें बहुत ज्यादा मात्रा में नमक, प्रिजर्वेटिव्स और एडिटिव्स होते हैं। एक गिलास ठंडा दूध या एक कटोरी दही का सेवन एसिडिटी और हार्टबर्न का सदियों पुराना इलाज माना जाता है। एक कप अदरक की चाय भी आपको राहत पहुंचा सकती है। केला खाने से भी इसमें फायदा होता है। थोड़ी मात्रा में, लेकिन बार-बार भोजन खाती रहें। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं। एक भोजन से दूसरे भोजन के बीच लंबा अंतराल होने से भी एसिडिटी बनने लगती है। भोजन के दौरान बहुत ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ न पीएं। गर्भावस्था के दौरान रोजाना आठ से 12 गिलास पानी पीना जरुरी है, मगर ये एक भोजन से दूसरे भोजन के बीच की अवधि में ही पीएं। कोशिश करें कि रात को आप सोने से करीब तीन घंटे पहले अपना भोजन कर लें। कई बार लेटने से भी छाती में जलन होने लगती है, क्योंकि गुरुत्व बल के कारण पेट से अम्ल बाहर निकलने लगते हैं। रात को देर से भोजन करने पर, कोशिश करें कि खाने के कम से कम एक घंटे बाद ही लेटें तकिये लगाकर सोएं, ताकि आपके कंधे आपके पेट से ऊंचे रहें.
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सवाल: आई एम हैविंग लेग pain
उत्तर: शरीर में कैल्‍श्यिम, मैगनीश्यिम और पोटैश्यिम की कमी हो जाना भी एक कारण है। खाने की चीज़ो में फॉस्फोरस का अधिक होना भी पैरों में दर्द का कारण बनता है। दर्द को कम करने के लिए सबसे बेहतरीन व्‍यायाम है स्‍ट्रेचिंग करना। सुबह के समय और सोने से पहले अपने पैरों और पंजों को स्‍ट्रेच करना ना भूलें। सोने से पहले गरम पानी में अपने पैरों को 20-30 मिनटों के लिए अच्‍छी तरह से डुबाएं। ऐसा करने से आपके पैरों को बहुत आराम मिलेगा और दर्द भी कम होगा। कोशिश करें कि अपने पैरों को ज्‍यादा देर तक कभी भी मोड़ कर ना बैठें। अगर दर्द महसूस होने लगे तो थोडी थोडी देर पर अपने बैठने का तरीका बदल लें। .जब भी आप बैठी हों तो उस समय धीरे धीरे अपने टखनों को घुमाएं। गर्भावस्‍था के दौरान हल्‍का चलना फिरना आपके और आपके होने वाले बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहतरीन होगा। चलने से पैरों की मासपेशियां मजबूत होती हैं और साथ ही दर्द भी कम होता है।
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