शिशु को स्तनपान करवाने के टिप्स, अवस्थाएं और सावधानियां (Stanpan karane ke tips, positions aur precautions kya hai)

शिशु को स्तनपान करवाने के टिप्स, अवस्थाएं और सावधानियां (Stanpan karane ke tips, positions aur precautions kya hai)
नई माँ के लिए शिशु को स्तनपान (stanpan) कराना थोड़ा मुश्किल होता है, यूँ तो हर माँ अपने बच्चे का खास खयाल रखती है, लेकिन अक्सर जाने-अनजाने माँ से कुछ ग़लतियाँ भी हो जाती है जो उनके शिशु के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। इसलिए यह बहुत ज़रूरी है कि स्तनपान (breastfeeding in hindi) के दौरान माँ को नीचे बताई गई ज़रूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए (breastfeeding tips in hindi)। स्तनपान के दौरान केवल शिशु की तरफ़ ध्यान दें (Concentrate on your baby during breastfeeding in hindi) जल्दबाज़ी में स्तनपान ना करायें (Be patient during breastfeeding in hindi) स्तनपान के दौरान कपड़ों का ध्यान रखना है ज़रूरी (Wear loose clothes during breastfeeding in hindi) स्तनपान के दौरान स्तनों की सफाई का ख्याल रखें (Keep your breast clean during breastfeeding in hindi) स्तनपान के दौरान साबुन का सावधानी से करें उपयोग (Safe soap usage during breastfeeding in hindi) क्या स्तनपान के दौरान शिशु को गाय का दूध पिलाना सही है? (Is cow milk not safe for child during breastfeeding in hindi) स्तनपान कराने की सही अवस्था (Tips for best breastfeeding positions in hindi) स्तनपान के लिए सही अवस्थाएं कौनसी हैं? (What are the right positions for breastfeeding in hindi) स्तनपान के लिए क्रॉस क्रैडल स्थिति (Cross Cradle breastfeeding positions in hindi) स्तनपान के लिए क्रैडल होल्ड पोजिशन (Cradle Hold breastfeeding positions in hindi) स्तनपान के लिए फुटबॉल होल्ड अवस्था (Football Hold breastfeeding positions in hindi) स्तनपान कराने की सही अवस्था एक तरफ लेटकर दूध पिलाना (Side Lying breastfeeding positions in hindi) 1. स्तनपान के दौरान केवल शिशु की तरफ़ ध्यान दें (Concentrate on your baby during breastfeeding in hindi) स्तनपान के दौरान केवल शिशु की तरफ़ ध्यान दें (Concentrate on your baby during breastfeeding in hindi) स्तनपान (stanpan) के ज़रिये ही माँ और शिशु का रिश्ता और गहरा होता है, इसलिए इस वक़्त माँ को अपने शिशु पर पूरा ध्यान देना चाहिए। हालाँकि आपका ज्यादातर वक़्त अपने शिशु की देखरेख में ही गुज़रता है, लेकिन कई बार माँ टीवी देखते वक़्त या फ़ोन पे बातें करते वक़्त शिशु को स्तनपान (breastfeeding in hindi) कराती है जो की सही नहीं है। शिशु को स्तनपान कराते समय अपना सारा ध्यान शिशु पर ही लगाएं, क्योंकि अगर आपका ध्यान कहीं और रहेगा तो आप समझ नहीं सकेंगी कि आपके शिशु का पेट भर गया है या उसे अभी और भूख लगी है। कई बार स्तनपान (breastfeeding tips in hindi) के दौरान शिशु सो जाता है, जिसकी वजह से माँ को उसका पेट भरने के बारे में ठीक से पता नहीं चल पाता है। इसके अलावा कुछ शिशु ज़्यादा दूध पी लेते हैं, जिससे उन्हें उल्टी भी होती है। इसलिए जहां तक संभव हो, शिशु को स्तनपान (stanpan) कराते वक़्त अपना ध्यान शिशु की तरफ ही रखें। 2. जल्दबाज़ी में स्तनपान ना करायें (Be patient during breastfeeding in hindi) जल्दबाज़ी में स्तनपान ना करायें (Be patient during breastfeeding in hindi) शिशु को जल्दबाजी में स्तनपान (stanpan ke tarike) ना करायें। आराम से शिशु को दूध पिलायें और बाकी काम बाद में करें। जब आपका शिशु स्तनपान (breastfeeding tips in hindi) के बाद सोये तो ध्यान रखें कि उसका पेट ठीक से भरा हो, क्योंकि अगर शिशु का पेट पूरी तरह से भरा नहीं होगा तो वो भूख की वजह से उसकी नींद टूट सकती है जिससे वो चिड़चिड़ा हो सकता है। 3. स्तनपान के दौरान कपड़ों का ध्यान रखना है ज़रूरी (Wear loose clothes during breastfeeding in hindi) स्तनपान के दौरान कपड़ों का ध्यान रखना है ज़रूरी (Wear loose clothes during breastfeeding in hindi) स्तनपान कराने वाली माँओं को अपने कपड़ों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि उन्हें बच्चे को भूख लगने पर बार बार स्तन बाहर निकालने पड़ते हैं। ब्रेस्ट फीडिंग (breastfeeding in hindi) कराने वाली माँओं के स्तन काफी संवेदनशील होते हैं और उनमें दर्द भी रहता है, ज़्यादा कसे हुए कपड़े पहनने से संक्रमण हो सकता है और स्तनों में दर्द (breast pain in hindi) बढ़ सकता है। इसलिए स्तनपान (stanpan ke tarike) करवाने वाली माँओं को ज्यादा कसे हुए कपड़े नहीं पहनने चाहिए, आरामदायक व ढीले कपड़े पहनें, सही ब्रा का चुनाव करें, और ऐसे कपड़ों का चुनाव करें हुत कोमल और नाज़ुक होताजिन्हें आप स्तनपान (breastfeeding tips in hindi) करवाने के दौरान आसानी से खोल सके। आजकल बाजार में स्तनपान (stanpan) कराने वाली माँओं के लिए खास चैन वाली ब्रा भी आ चुकी हैं, चाहें तो उन्हें पहनकर देखें। 4. स्तनपान के दौरान स्तनों की सफाई का ख्याल रखें (Keep your breast clean during breastfeeding in hindi) स्तनपान के दौरान स्तनों की सफाई का ख्याल रखें (Keep your breast clean during breastfeeding in hindi) नवजात शिशु बहुत कोमल और नाज़ुक होता है और उन्हें ज़्यादा देखभाल की ज़रूरत होती है, ऐसे में स्तनपान (stanpan) कराने वाली माँओं के लिए सफाई का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है (breastfeeding tips in hindi)।
  • शिशु को दूध पिलाने से पहले अपने हाथों को अच्छे से धो लें।
  • स्तनों व निप्पल को साफ करना भी ज़रूरी है, क्योंकि कपड़ों के वजह से स्तनों और निप्पल्स पर पसीना जमने से उन पर हानिकारक कीटाणु पनप सकते हैं, ये शिशु को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • शिशु को स्तनपान (stanpan ke tarike) करवाने से पहले गुनगुने पानी में रुई या साफ़ कपड़ा भिगोकर अपने स्तन और निप्पल को पौंछें। आप टिशू पेपर का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
5. स्तनपान के दौरान साबुन का सावधानी से करें उपयोग (Safe soap usage during breastfeeding in hindi) स्तनपान के दौरान साबुन का सावधानी से करें उपयोग (Safe soap usage during breastfeeding in hindi)
  • स्तनपान (stanpan) कराने वाली माँओं को नहाते वक़्त सावधानी बरतनी चाहिए। साबुन लगाने की वजह से आपके निप्पल कड़े हो सकते हैं ।
  • नहाते समय शरीर पर साबुन लगाने के बाद इसे पानी से अच्छी तरह साफ करें, ध्यान रहे कि स्तनों या निप्पल पर साबुन लगा हुआ ना रह जाये।
  • अगर साबुन ठीक से साफ नहीं हुआ तो शिशु को स्तनपान (stanpan ke tarike) कराते समय साबुन निप्पल से उसके मुँह में जा सकता ह और उसे नुकसान पहुंचा सकता है।
  • इसलिए शिशु को स्तनपान (breastfeeding tips in hindi) कराने से पहले अपने निप्पल्स और स्तन को गुनगुने पानी से अच्छी तरह साफ़ कर लें।
  • अगर हर बार गुनगुने पानी से स्तन साफ करना संभव नहीं है, तो एक साफ गीले कपड़े का उपयोग करके भी आप स्तनों को साफ कर सकती हैं।
6. क्या स्तनपान के दौरान शिशु को गाय का दूध पिलाना सही है? (Is cow milk not safe for child during breastfeeding in hindi) क्या स्तनपान के दौरान शिशु को गाय का दूध पिलाना सही है? (Is cow milk not safe for child during breastfeeding in hindi) जन्म के छह माह तक शिशु को माँ के दूध के अलावा कुछ भी खिलाना या पिलाना नहीं चाहिए। गाय का दूध बच्चों के लिए अच्छा होता है, लेकिन एक वर्ष से कम आयु के बच्चों को गाय का दूध नहीं देना चाहिए क्योंकि उनके गुर्दे (kidney in hindi) नाज़ुक और अविकसित होते हैं। गाय के दूध में प्रोटीन (protein in hindi) की मात्रा माँ के दूध से ज्यादा होती है, इसलिए एक वर्ष से कम आयु का बच्चा इसे पचा नहीं पाता और उसके पेट में दर्द हो सकता है। 7. स्तनपान कराने की सही अवस्था (Tips for best breastfeeding positions in hindi) स्तनपान (stanpan) के दौरान माँ और शिशु का सही अवस्था में होना ज़रूरी है। ज्यादातर अनुभवी माँओं को शिशु को स्तनपान कराने की सही पोजिशन यानी अवस्थाओं के बारे में पता होता है, लेकिन अगर महिला पहली बार माँ बन रही है तो उनके लिए स्तनपान (breastfeeding in hindi) के दौरान सही पोज़िशन के बारे में जानना थोड़ा मुश्किल होता है। इसलिए सबसे पहले शिशु को सही तरह से उठाने के तरीके का ध्यान रखें, ताकि शिशु को किसी तरह की चोट लगने का खतरा ना रहे। शिशु की गर्दन बहुत नाजुक होती है, इसलिए उसेगोद में लेते वक़्त एक हाथ से उसकी गर्दन को सहारा दें। जब आप उसे गोद में लेकर दूध पिलाएं तो ध्यान रहे कि आपके शिशु का मुँह या नाक स्तन में ना दबे ताकि वो ठीक से सांस ले सके। स्तनपान के लिए सही अवस्थाएं कौनसी हैं? (What are the right positions for breastfeeding in hindi) पहली बार माँ बनी महिलाओं को स्तनपान (stanpan) कराते वक़्त शिशु की पोजिशन यानी अवस्था का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी होता है। सही अवस्था में दूध पिलाने से शिशु बिना किसी परेशानी के स्तनपान (stanpan ke tarike) कर सकता है। नीचे दी गयी अवस्थाओं में आपका शिशु बेफिक्र होकर स्तनपान (breastfeeding tips in hindi) कर सकता है। 1. स्तनपान के लिए क्रॉस क्रैडल स्थिति (Cross Cradle breastfeeding positions in Hindi) स्तनपान के लिए क्रॉस क्रैडल स्थिति (Cross Cradle breastfeeding positions in Hindi) शुरुआत में शिशु को स्तनपान (stanpan) करने में थोड़ी परेशानी होती है, ऐसे में यह सबसे अच्छी पोजीशन होती है। इसमें अगर आपका शिशु दायीं तरफ स्तनपान (breastfeeding tips in hindi) कर रहा है तो आप उसे अपने बाएं हाथ से अच्छे से पकड़े और उसे अपने स्तन की तरफ हल्का ज़ोर देकर धकेले, लेकिन ध्यान रहे कि आप अपने हाथ से शिशु की गर्दन या सिर को सहारा दें। इस पोजीशन में आपका शिशु पेट भरकर दूध पी सकता है क्योंकि इसमें शिशु आसानी से मुँह से निप्पल निकाल नहीं सकता, लेकिन इस बात का विशेष ख़याल रखें कि शिशु को स्तनपान (stanpan ke tarike) के दौरान सांस लेने में कोई तकलीफ ना हो रही हो। 2. स्तनपान के लिए क्रैडल होल्ड पोजिशन (Cradle Hold breastfeeding positions in hindi) स्तनपान के लिए क्रैडल होल्ड पोजिशन (Cradle Hold breastfeeding positions in hindi) यह शिशु को स्तनपान (breastfeeding in hindi) कराने की एक बहुत साधारण पोजीशन है, इसमें माँ कुर्सी या पलंग पर बैठती है और अच्छा होगा अगर आप इस दौरान अपने पीठ के पीछे सहारा ले लें। फिर शिशु को गोद में लें और उसको जिस तरफ के स्तन से आप दूध पिलायेंगी उसी तरफ के हाथ से आप शिशु के रीढ़, गर्दन और निचले हिस्से को सहारा दें। आप ज़्यादा सुविधा के लिए अपने हाथ के नीचे तकिया भी रख सकती हैं, यह अवस्था एक महीने या उससे ज़्यादा के उम्र के शिशु को स्तनपान (stanpan ke tarike) कराने के लिए बहुत ही आरामदायक होती है। 3. स्तनपान के लिए फुटबॉल होल्ड अवस्था (Football Hold breastfeeding positions in hindi) स्तनपान के लिए फुटबॉल होल्ड अवस्था (Football Hold breastfeeding positions in hindi) शिशु को स्तनपान (stanpan ke tarike) करवाने की यह अवस्था थोड़ी बहुत क्रैडल होल्ड पोजीशन (cradle breastfeeding positions in hindi) से मिलती जुलती है। इसमें आप शिशु की गर्दन, रीढ़ और निचले हिस्से को सहारा देंगी, लेकिन ध्यान रहे कि इस दौरान आपका शिशु अच्छे से सांस ले सके। आपके शिशु की नाक आपके निप्पल के बराबर हो, लेकिन ध्यान रहे की उसकी नाक दबे नहीं। आप अपने सहारे के लिए पीठ के पीछे तकिया रख सकती हैं। 4. स्तनपान कराने की सही अवस्था एक तरफ लेटकर दूध पिलाना (Side Lying breastfeeding positions in hindi) स्तनपान कराने की सही अवस्था एक तरफ लेटकर दूध पिलाना (Side Lying breastfeeding positions in hindi) यह अवस्था शिशु को सुलाते वक़्त स्तनपान (stanpan ke tarike) कराने के लिए सबसे अच्छी है। जब आपको शिशु को सुलाते वक़्त दूध पिलाना हो तो आप एक तरफ होकर लेट जाएं और जिस करवट से आप लेटी हैं, उधर के स्तन से ही स्तनपान (breastfeeding in hindi) कराएं। शिशु अगर बहुत छोटा है तो जिस तरफ के स्तन से वो दूध पी रहा है आप अपने उसी तरफ के हाथ से उसके रीढ़, निचले हिस्से और गर्दन को सहारा दे सकती हैं। अगर शिशु बड़ा हो गया है तो आप अपने हाथ को मोड़कर अपने सर के नीचे रख सकती हैं, इससे आपको आराम मिलेगा। शिशु बहुत ही नाज़ुक और कोमल होते हैं, साथ ही उनका शरीर हमारी तरह बीमारियों के कीटाणुओं से लड़ नहीं सकता है, इसलिए शिशु को दूध पिलाते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।दूध पिलाने के बाद अगर आपका शिशु लगातार रोता रहता है तो आप एक बार डॉक्टर से सलाह-मशवरा ज़रूर करें, क्योंकि हो सकता है आपके शिशु को कोई शारीरिक परेशानी हो रही हो। इसके साथ ही शिशु को दूध पिलाने से पहले हाथों और स्तनों की साफ सफाई का भी ध्यान रखें। आपके शिशु की अच्छी सेहत के लिए ब्लॉग में बताई बातों का ध्यान रखें।
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