समय से पहले डिलीवरी के कारण, लक्षण और इससे बचने के उपाय (premature delivery ke karan, lakshan aur bachne ke upay)

समय से पहले डिलीवरी के कारण, लक्षण और इससे बचने के उपाय (premature delivery ke karan, lakshan aur bachne ke upay)
गर्भावस्था एक ऐसा समय है जिसमें महिला को शारीरिक परेशानियां होती ही हैं। ये परेशानियां होती हैं हार्मोनल बदलाव (hormonal changes in pregnancy in hindi) के कारण, खानपान में लापरवाही के कारण, शारीरिक कमज़ोरी के कारण या फिर अन्य किसी बीमारी के कारण। यूं तो दवाइयों के ज़रिये और सही जीवनशैली से आप अपनी गर्भावस्था को सुखमय बना सकती हैं लेकिन फिर भी कभी-कभी किसी ना किसी तकलीफ का सामना करना पड़ ही जाता है। यही कारण है कि समय से पहले डिलीवरी (premature delivery in hindi) के कई मामले सामने आते रहते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, भारत में एक साल में तकरीबन 13 प्रतिशत बच्चे समय से पहले जन्म लेते हैं। आज हम इस ब्लॉग में आपको समय से पहले डिलीवरी (premature delivery in hindi) के बारे में कुछ ज़रूरी बातें बताएंगे, जिसमें आपको उसके (premature delivery in hindi) कारण, लक्षण और इससे बचने के उपाय मिलेंगे। तो जानिए आप भी समय से पहले डिलीवरी (premature delivery in hindi) से संबंधित कुछ ज़रूरी बातें - 1. समय से पहले डिलीवरी क्या है? (samay se pehle prasav kya hai?) 2. समय से पहले प्रसव के लक्षण क्या हैं? (samay se pehle prasav ke lakshan kya hai?) 3. समय से पहले डिलीवरी होने के कारण (samay se pehle prasav hone ke karan) 4. समय से पहले डिलीवरी से बचने के उपाय (samay se pehle prasav se bachne ke upay) 5. अगर समय से पहले डिलीवरी का दर्द शुरू हो जाए तो क्या करें? (agar samay se pehle prasav ka dard shuru ho jaye to kya kare?) 6. समय से पहले डिलीवरी के खतरे का पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट कराना चाहिए? (samay se pehle prasav ke khatre ka pata lagane ke liye kaun se test karane chahiye?) 7. डॉक्टर कब समय से पहले डिलीवरी कराने की सलाह खुद देते हैं? (doctor kab samay se pehle prasav ki salah dete hai?) 1. समय से पहले डिलीवरी क्या है? (samay se pehle prasav kya hai?) समय से पहले डिलीवरी क्या है? (samay se pehle prasav kya hai?) आमतौर पर 37 सप्ताह की गर्भावस्था को पूरी गर्भावस्था माना जाता है। अगर 37वें स्प्ताह से पहले गर्भवती को प्रसव पीड़ा (labour pain in hindi) शुरू हो जाए और दबाव के कारण गर्भाशय खुलने लग जाए तो उसे 'प्रीटर्म लेबर' (preterm labour in hindi) कहा जाता है। अगर गर्भवती की डिलीवरी 37वें सप्ताह से पहले हो जाए तो उसे समय से पहले डिलीवरी (premature delivery in hindi) कहा जाता है। वहीं समय से पहले जन्में बच्चे को प्रीमैच्योर बेबी (premature baby in hindi) कहा जाता है। 2. समय से पहले प्रसव के लक्षण क्या हैं? (samay se pehle prasav ke lakshan kya hai?) समय से पहले प्रसव के लक्षण क्या हैं? (samay se pehle prasav ke lakshan kya hai?) अगर गर्भावस्था का समय पूरा होने से पहले आपको कुछ ऐसे लक्षण नज़र आएं तो यह समय से पहले प्रसव (premature delivery in hindi) के लक्षण हो सकते हैं। जैसे -
  • नीचे से सामान्य से ज्यादा सफेद पानी आना (yoni se safed pani aana)।
  • अगर योनि से निकलने वाला सफेद पानी चिपचिपा हो, सामान्य से ज्यादा पतला हो या उसमें रक्त नज़र आए।
  • अगर गर्भावस्था में ब्लीडिंग ज्यादा हो या खून के थक्के निकलने लगें।
  • अगर पेट के निचले हिस्से में ज़ोर से दर्द हो।
  • अगर पीठ में लगातार हल्का-हल्का दर्द बने रहे।
3. समय से पहले डिलीवरी होने के कारण (samay se pehle prasav hone ke karan) समय से पहले डिलीवरी होने के कारण (samay se pehle prasav hone ke karan)अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि किसी-किसी गर्भावस्था में समय से पहले डिलीवरी (premature delivery in hindi) क्यों होती है? आइए जानते हैं किन कारणों से समय से पहले डिलीवरी (premature delivery in hindi) हो सकती है -
    • योनि में किसी तरह का संक्रमण होना (vaginal infection in hindi)।
    • गर्भ में जुड़वा बच्चे (twins in hindi) या उससे ज्यादा बच्चे होना।
    • प्रेगनेंसी में ज्यादा ब्लीडिंग (bleeding in hindi) होना।
    • ग्रीवा (cervix in hindi) कमज़ोर होना।
  • अगर पहले कभी गर्भपात (miscarriage in hindi) हुआ हो।
  • अगर पहले भी समय से पहले डिलीवरी (premature delivery in hindi) हुई हो।
  • धूम्रपान या शराब का सेवन।
  • ज़रूरत से ज्यादा तनाव भी समय से पहले बच्चा होने का कारण बनता है।
4. समय से पहले डिलीवरी से बचने के उपाय (samay se pehle prasav se bachne ke upay) समय से पहले डिलीवरी से बचने के उपाय (samay se pehle prasav se bachne ke upay) हालांकि कई मामलों में डॉक्टर तुरंत समय से पहले बच्चा (premature delivery in hindi) पैदा करने की सलाह देते हैं लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर आप समय से पहले प्रसव (samay se pehle prasav) से बच सकती हैं। जैसे -
  • अगर आपको गर्भावस्था में शुगर (gestational diabetes in hindi) है तो इसका सही समय पर इलाज कराएं।
  • इसके अलावा आपको हाई बीपी (pre-eclampsia in hindi) की परेशानी है तो इसे नज़रअंदाज़ ना करें और अपने डॉक्टर से सही इलाज कराएं।
  • खुद को तनाव से दूर रखें।
  • धूम्रपान और शराब का सेवन ना करें।
  • गर्भधारण करने के बाद समय-समय पर अपनी जांच कराती रहें।
  • अगर दूसरी प्रेगनेंसी की योजना कर रही हैं तो डिलीवरी के बाद और दोबारा प्रेगनेंट होने के बीच कम से कम 18 महीने का अंतर ज़रूर रखें।
तो कुछ इस तरह की सावधानियां अपनाकर आप समय से पहले प्रसव (premature delivery in hindi) के खतरे से खुद को बचा सकती हैं। आप स्वस्थ रहें, स्वस्थ खानपान लें, तनाव से दूर रहें और एक स्वस्थ गर्भावस्था का लुत्फ उठाएं। 5. अगर समय से पहले डिलीवरी का दर्द शुरू हो जाए तो क्या करें? (agar samay se pehle prasav ka dard shuru ho jaye to kya kare?) अगर समय से पहले डिलीवरी का दर्द शुरू हो जाए तो क्या करें? (agar samay se pehle prasav ka dard shuru ho jaye to kya kare?) अगर आपको समय से पहले डिलीवरी का दर्द (premature delivery in hindi) शुरू हो जाए तो तुरंत अस्पताल जाएं। अगर कोई घर में आपके साथ नहीं है तो तुरंत एंबुलेंस के लिए फोन करें (एंबुलेंस के लिए फोन से 102 नंबर मिलाएं)। 6. समय से पहले डिलीवरी के खतरे का पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट कराना चाहिए? (samay se pehle prasav ke khatre ka pata lagane ke liye kaun se test karane chahiye?) समय से पहले डिलीवरी के खतरे का पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट कराना चाहिए? (samay se pehle prasav ke khatre ka pata lagane ke liye kaun se test karane chahiye?) समय से पहले डिलीवरी (premature delivery in hindi) का पता लगाने के लिए दो तरह के टेस्ट किए जाते हैं।
  • अल्ट्रासाउंड/सोनोग्राफी - इस टेस्ट में डॉक्टर गर्भाशय ग्रीवा (cervix in hindi) की लंबाई की जांच करते हैं। इसमें गर्भाशय ग्रीवा पतली और खुली हुई नज़र आए तो ऐसे में प्रीटर्म लेबर (preterm labour in hindi) का खतरा बन जाता है। यह टेस्ट प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में होता है। अगर गर्भाशय ग्रीवा (cervix in hindi) में किसी तरह का बदलाव नज़र आता है तो डॉक्टर ज्यादा से ज्यादा आराम करने और शारीरिक काम ना करने की सलाह देते हैं। अगर आप 24 सप्ताह से कम की गर्भवती हैं और आपको बिना संकुचन (sankuchan) के ग्रीवा में बदलाव हो रहे हैं तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर सर्कलेज (cerclage in hindi) करवाने की सलाह दे सकते हैं। सर्कलेज गर्भाशय ग्रीवा (cervix in hindi) को बंद कराने की एक विधि होती है जिसमें धागे की मदद से टांका लगाकर ग्रीवा को बंद किया जाता है।
    • भ्रूण फ्राइब्रोनेक्टिन जांच (fetal fibronectin screening in hindi) - यह भ्रूण की झिल्ली द्वारा बना हुआ एक प्रोटीन होता है। यह जांच उन महिलाओं की जाती है जिनकी समय से पहले डिलीवरी (premature delivery in hindi) के लक्षण ज्यादा नज़र आ रहे हों। अगर 24 से 34 सप्ताह के बीच गर्भाशय ग्रीवा और योनि से निकलने वाले रिसाव में भ्रूण फ्राइब्रोनेक्टिन की मात्रा ज्यादा पाई गई तो समय से पहले प्रसव (premature delivery in hindi) की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
7. डॉक्टर कब समय से पहले डिलीवरी कराने की सलाह खुद देते हैं? (doctor kab samay se pehle prasav ki salah dete hai?) डॉक्टर कब समय से पहले डिलीवरी कराने की सलाह खुद देते हैं? (doctor kab samay se pehle prasav ki salah dete hai?) हर बार समय से पहले डिलीवरी (premature delivery in hindi) कराना नुकसानदायक नहीं होता। कभी-कभी गर्भवती या गर्भ में पल रहे शिशु की ऐसी स्थिति बन जाती है जिसे देखते हुए डॉक्टर खुद समय से पहले डिलीवरी (premature delivery in hindi) कराने के लिए बोलते हैं। नीचे दी गई स्थितियों में डॉक्टर समय से पहले डिलीवरी कराने के लिए कह सकते हैं -
    • अगर गर्भवती के पेट के निचले हिस्से पर चोट लग जाए तो।
    • अगर गर्भ में शिशु का ठीक से विकास (fetal development in hindi) ना हो पा रहा हो तो।
    • अगर गर्भवती को शुगर (sugar in hindi) या खून की कमी (anemia in hindi) की समस्या ज्यादा हो तो।
    • गर्भावस्था में हाई बीपी (high bp in pregnancy in hindi) की समस्या ज्यादा बढ़ जाए तो।
इस ब्लॉग के विषय - समय से पहले डिलीवरी क्या है? (samay se pehle prasav kya hai?),समय से पहले प्रसव के लक्षण क्या हैं? (samay se pehle prasav ke lakshan kya hai?), समय से पहले डिलीवरी होने के कारण (samay se pehle prasav hone ke karan), समय से पहले डिलीवरी से बचने के उपाय (samay se pehle prasav se bachne ke upay), अगर समय से पहले डिलीवरी का दर्द शुरू हो जाए तो क्या करें? (agar samay se pehle prasav ka dard shuru ho jaye to kya kare?), समय से पहले डिलीवरी के खतरे का पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट कराना चाहिए? (samay se pehle prasav ke khatre ka pata lagane ke liye kaun se test karane chahiye?), डॉक्टर कब समय से पहले डिलीवरी कराने की सलाह खुद देते हैं? (doctor kab samay se pehle prasav ki salah dete hai?)
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