गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए? (What to Eat during Pregnancy in Hindi)

गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए? (What to Eat during Pregnancy in Hindi)

एक पुरानी कहावत है “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है”, अगर गर्भवती महिला के लिए इस कहावत को कहें तो यह कुछ इस तरह होगी, “स्वस्थ माँ में ही स्वस्थ शिशु का वास होता है”, इसीलिए गर्भवती महिला का भोजन (pregnancy diet in hindi) उसे स्वस्थ बनाने वाला होना चाहिये, ताकि गर्भ में पलने वाला शिशु भी स्वस्थ रहे। गर्भवती की अच्छी सेहत के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि वो केवल अच्छा खाना ही खाये और हानिकारक चीजें जैसे कच्चा पपीता आदि ना खाये। आज के लेख में आप जानेंगे कि प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए (Pregnancy me kya khana chahiye) और साथ ही भोजन संबंधी अन्य सावधानियों के बारे में भी आपको जानकारी हासिल होगी।

गर्भवती महिला का भोजन पौष्टिक क्यों होना चाहिए? (Why you should eat healthy pregnancy diet in hindi)

फोलिक एसिड व आयरन की गोली है बहुत ज़रूरी (During pregnancy why it is important to have iron and folic acid in hindi)

प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए? (Pregnancy me kya khana chahiye)

क्या प्रेगनेंसी में गुड़ खाना सेफ है? (Kya pregnancy me gud khana safe hai)

क्या गर्भावस्था में शहद खा सकते हैं? (Kya pregnancy me shahad kha sakte hain)

क्या प्रेगनेंसी में करेला खाना सेफ है? (Kya pregnancy me karela khana safe hai)

क्या गर्भावस्था में खाने में केसर ले सकते हैं? (Kya pregnancy me kesar le sakte hai)

प्रेगनेंसी में कौनसा दूध पीना चाहिए - गाय का दूध या भैंस का दूध? (Pregnancy me cow milk aur buffalo milk me se kaunsa dudh pina chahiye)

क्या प्रेगनेंसी में दूध की जगह कुछ और खा सकते हैं? (Kya pregnancy me dudh ki jagah kuch aur kha sakte hai)

प्रेगनेंसी में पैकेट दूध और ताज़ा दूध में से कौन सा दूध सुरक्षित है? (Pregnancy me packet wala dudh aur taza dudh me se kya safe hai)

क्या गर्भावस्था में घी खाना सेफ है? (Kya pregnancy me ghee khana safe hai)

प्रेगनेंसी में गर्भवती घर से बाहर क्या खा सकती है? (Pregnancy me ghar se bahar garbhavati kya kha sakti hai)

अगर जी घबरा रहा है तो क्या खायें? (Jee ghabrane par pregnancy me kya khana chahiye)

सुबह और शाम के समय खाएं ये स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता (Subah ya shaam me pregnancy me kya khana chahiye)

 

गर्भवती महिला का भोजन पौष्टिक क्यों होना चाहिए? (Why you should eat healthy pregnancy diet in hindi)

एक गर्भवती महिला के शरीर को सामान्य से ज्यादा पोषक तत्वों, खनिज लवणों (minerals in hindi) और विटामिन्स (vitamin in hindi) की ज़रूरत होती है, क्योंकि गर्भ में पल रहा शिशु प्लेसेंटा (placenta in hindi) के ज़रिए माँ के ख़ून से पोषण प्राप्त करता है। इसलिये माँ और बच्चे को स्वस्थ रखने के लिये गर्भवती महिला का भोजन (pregnancy diet in hindi) ज्यादा पोषक तत्वों से भरपूर होना ज़रूरी है। 

फोलिक एसिड व आयरन की गोली है बहुत ज़रूरी (During pregnancy why it is important to have iron and folic acid in hindi)

गर्भावस्था के दौरान शिशु माँ के खून से पोषण प्राप्त करता है, इसलिए गर्भवती महिला का भोजन आयरन (iron in hindi) और फोलिक एसिड से भरपूर होना चाहिए। आयरन और फोलिक एसिड (Folic acid in hindi) हमारे शरीर में खून व हीमोग्लोबिन (HB in hindi) की मात्रा बढ़ाते हैं, लेकिन अक्सर गर्भवती महिला का भोजन (Pregnancy diet in hindi) उसे आयरन और फोलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा नहीं दे पाता। गर्भवती के शरीर में आयरन (Iron in hindi) और फोलिक एसिड की कमी होने पर उसके शिशु का दिमागी व शारीरिक विकास धीमा हो सकता है। साथ ही आयरन औऱ फोलिक एसिड (Folic acid in hindi) की कमी से माँ के शरीर में खून व हीमोग्लोबिन (HB in hindi) की कमी और कमज़ोरी की समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति से माँ व शिशु को बचाने के लिये डॉक्टर गर्भवती को आयरन (Iron in hindi) और फोलिक एसिड की गोलियाँ (Folic acid in hindi) खाने के लिए देते हैं। (1) 

प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए? (Pregnancy me kya khana chahiye)

अधिकांश लोग इस सवाल को लेकर उलझे रहते हैं कि गर्भवती महिला का भोजन कैसा होना चाहिये या प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिये (Pregnancy me kya khana chahiye)। गर्भवती के शरीर की पोषण सम्बंधी ज़रूरतों के अनुसार गर्भवती महिला का भोजन (pregnancy diet in hindi) इन खाने की चीजों से भरपूर होना चाहिये :

1.प्रेगनेंसी में दूध और दूध से बने उत्पाद (Pregnancy me dudh aur dudh se bani cheeje)

अच्छी सेहत के लिये गर्भवती महिला का भोजन (Pregnancy diet in hindi) दूध से बने उत्पादों से भरपूर होना चाहिये। दूध व इससे बने उत्पाद प्रोटीन (protein in hindi) , कैल्शियम (calcium in hindi) और विटामिन (vitamin in hindi) से भरपूर होते हैं, जो कि बच्चे के विकास के लिये बहुत ज़रूरी हैं। दही माँ के पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ ही अपच से भी राहत देता है। चीज (cheese in hindi) में विटामिन D (vitamin D in hindi) होता है, जो बच्चे के दिमागी विकास में सहायक है। गर्भवती महिला के लिए भोजन (pregnancy me kya khana chahiye) में रोजाना कम से कम डेढ़ से दो गिलास दूध पीना चाहिए, इससे माँ के शरीर को अच्छी मात्रा में कैल्शियम (calcium in hindi) मिलता है, जिससे बच्चे की हड्डियों का विकास सही से हो पाता है और गर्भ में शिशु का वज़न सही तरह से बढ़ता है। (2)

2.प्रेगनेंसी में हरी पत्तेदार सब्जियां (Pregnancy me hari sabjiya)

गर्भवती महिला का भोजन (Pregnancy diet in hindi) पालक व मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियों से भरपूर होना चाहिये। हरी पत्तेदार सब्जियों में फोलिक एसिड (folic acid in hindi) और आयरन (iron in hindi) की मात्रा ज्यादा होती है (Pregnancy me kya khana chahiye)। गर्भवती के शरीर में आयरन की कमी होने से उसे एनीमिया (anemia in hindi) हो सकता है, जिससे शरीर में खून व हीमोग्लोबिन (HB in hindi) की कमी हो जाती है। इन्हें खाने से गर्भवती के शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है और इसमें उपस्थित पोषक तत्व शिशु के दिमाग के उत्तकों को मज़बूत बनाते हैं। साथ ही इन्हें खाने से गर्भावस्था में कमज़ोरी और पैरों में दर्द से राहत मिलती है। इनसे शिशुओं में दिल संबंधी रोगों की आशंका कम हो जाती है और गर्भ में शिशु का वज़न सही तरह से बढ़ता है। (3)

3.प्रेगनेंसी में दाल व हरी फलियाँ (Pregnancy me dal or hari faliya) 

ज्यादातर दालें प्रोटीन व विटामिन्स (vitamins in hindi) से भरपूर होती हैं। गर्भवती महिला का भोजन ऐसा होना चाहिये जिसमें पर्याप्त मात्रा में दाल भी शामिल हो (pregnancy me kya khana chahiye)। बीन्स व फलियाँ (राजमा, लोबिया, सोयाबीन आदि) प्रोटीन के साथ ही आयरन (iron in hindi) और फोलिक एसिड (folic acid in hindi) से भी भरपूर होते हैं, इनसे माँ के शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है और साथ ही उसे पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन (protein in hindi) एवं विटामिन्स भी मिलते हैं और गर्भ में शिशु का वज़न सही तरह से बढ़ता है। इसलिए गर्भवती महिला के लिए भोजन (pregnancy diet in hindi) में बीन्स व दालें ज़रूर शामिल करें। (4)

4.प्रेगनेंसी में साबुत अनाज (Pregnancy me sabut anaj)

साबुत अनाज फाइबर (fibre in hindi), आयरन (iron in hindi) और विटामिन बी (vitamin B in hindi) का प्रमुख स्रोत होते हैं (pregnancy me kya khana chahiye)। साबुत अनाज हर दिन गर्भवती महिला के शरीर की कार्बोहाइड्रेट (carbohydrate in hindi) संबंधी आधी से ज्यादा ज़रुरत को पूरा कर सकते हैं। गर्भवती महिला का भोजन (Pregnancy diet in hindi) ब्राउन ब्रेड (brown bread), ओटमील (oats in hindi), चोकर युक्त आटे की रोटी, दलिया आदि शामिल करें। (5)

5.प्रेगनेंसी में सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स) (Pregnancy me sukhe meve)

गर्भवती महिला का भोजन (Pregnancy me kya khana chahiye) बादाम, अखरोट, काजू, व किशमिश जैसे सूखे मेवों से युक्त होना चाहिए। सूखे मेवों में बहुत ज्यादा मात्रा में पोषक तत्व होते हैं, जैसे बादाम विटामिन ई (vitamin E in hindi), प्रोटीन (protein in hindi),  मैग्नीशियम (magnesium in hindi), फैटी एसिड (fatty acid in hindi) से भरपूर होता है। गर्भवती महिला के लिए भोजन (Pregnancy diet in hindi) में किशमिश शामिल करें। इसे खाने से शरीर में शुगर (sugar in hindi) की मात्रा नियंत्रित रहती है और इसमें मौजूद आयरन (iron in hindi) आपके शरीर में खून की मात्रा बढ़ाता है और गर्भ में शिशु का वज़न सही तरह से बढ़ता है। (6)

6. प्रेगनेंसी में अंडा (Pregnancy me anda)

गर्भवती महिला का भोजन प्रोटीन से भरपूर होना चाहिए। उबले अंडे प्रोटीन से भरपूर होते हैं और इनमें कॉलिन (choline in hindi) नाम का एक प्रोटीन (protein in hindi) भी होता है, जो कि बच्चे के दिमागी विकास में सहयोग करता है। अंडे में मौजूद प्रोटीन बच्चे के शारीरिक विकास में मदद करता है और गर्भ में शिशु का वज़न सही तरह से बढ़ता है। (7)

Note : कच्चे अंडे से माँ व शिशु को संक्रमण हो सकता है, इसलिए कच्चा अंडा (kacha anda in hindi) ना खायें।

7.प्रेगनेंसी में तैलीय मछली (Pregnancy me machli)

शिशु के दिमाग के विकास के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड बहुत ज़रूरी हैं। इसलिए गर्भवती महिला का भोजन  (Pregnancy me kya khana chahiye) तैलीय मछली जैसे हिल्सा आदि से युक्त होना चाहिए। (8) इनमें बहुत ज्यादा मात्रा में फैटी एसिड (fatty acids in hindi) व प्रोटीन (protein in hindi) होता है और यह माँ व शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिये बहुत अच्छी होती है। ओमेगा 3 फैटी एसिड के लिए आप बादाम, सोयाबीन और अंडे की जर्दी खा सकती हैं।

8.प्रेगनेंसी में कम वसा वाला माँस (लीन मीट) (Lean meat during pregnancy in hindi) 

गर्भवती महिला का भोजन (Pregnancy diet in hindi) प्रोटीन से भरपूर होना चाहिए, इसलिए गर्भवती महिला को कम फैट (fat in hindi) युक्त माँस खाने की सलाह दी जाती है। लीन मीट में चिकन, भेड़, सुअर आदि का माँस आता है । इनमें मौजूद प्रोटीन (protein in hindi), विटामिन (vitamin in hindi) और खनिज तत्व (minerals in hindi) माँ को सेहतमंद बनाते हैं और साथ ही गर्भ में शिशु का विकास भी उचित ढँग से होता है। (9)

क्या प्रेगनेंसी में गुड़ खाना सेफ है? (Kya pregnancy me gud khana safe hai)

जी हाँ, गर्भावस्था के दौरान गुड़ खाना सुरक्षित है। गुड़ आयरन (iron in hindi) और फोलिक एसिड (folic acid in hindi) से भरपूर होता है, इसलिए इसे खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन (HB in hindi) बढ़ता है और खून की कमी (anemia in hindi) दूर होती है। लेकिन गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान गुड़ का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें, क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है और ज्यादा मात्रा में गुड़ खाना आपके गर्भ के लिए नुकसानदायक हो सकता है। (10)

गुड़ खाने से आपको ये फायदे होते हैं -

  • गुड़ खाने से खून शुद्ध होता है।
  • गुड़ खाने से शरीर में खून बढ़ता है।
  • गुड़ पाचन तंत्र को स्वस्थ रहता है।
  • गुड़ जोड़ों का दर्द कम करता है।
  • गुड़ त्वचा को पोषण देता है।
  • गुड़ गर्भ में शिशु के सही विकास में सहायता करता है।
  • गुड़ बीपी (BP in hindi) को नियंत्रित या कन्ट्रोल करता है।
  • गुड़ शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता।

क्या गर्भावस्था में शहद खा सकते हैं? (Kya pregnancy me shahad kha sakte hain)

गर्भावस्था के दौरान शहद खाना सुरक्षित है (pregnancy me kya khana chahiye), इसे चीनी के विकल्प के रूप में भी अपनाया जा सकता है। शहद के सेवन से आपकी बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और साथ ही रात को सोते समय एक गिलास दूध में दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से गर्भवती को अच्छी नींद आती है। शहद के सेवन से गले का दर्द, मुँह के छाले, सर्दी ज़ुकाम, संक्रमण जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। 

लेकिन ज्यादा मात्रा में शहद खाने से आपको दस्त, कब्ज़, पेट दर्द, पेट फूलना, वज़न बढ़ना, शुगर (gestational diabetes in hindi) व दाँतो की खराबी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए शहद का सेवन सीमित मात्रा (एक दिन में छह छोटी चम्मच या 25 ग्राम) में ही करें। (11)

क्या प्रेगनेंसी में करेला खाना सेफ है? (Kya pregnancy me karela khana safe hai)

कई अनुभवी लोग कहते हैं कि गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों में करेला नहीं खाना चाहिए (pregnancy me kya nahi khana chahiye), क्योंकि इसमें कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं जिसने गर्भपात (miscarriage in hindi) हो सकता है। गर्भावस्था के तीन महीनों बाद आप सीमित मात्रा में करेला खा सकती हैं, करेला फोलिक एसिड (folic acid in hindi) से भरपूर होता है, और यह माँ को गर्भावस्था के दौरान खून की कमी (anemia in hindi) और शुगर (gestational diabetes in hindi) से बचाने में सहायक है। मगर फिर भी सावधानी के तौर पर गर्भावस्था में करेला खाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें। (12)

क्या गर्भावस्था में खाने में केसर ले सकते हैं? (Kya pregnancy me kesar le sakte hai)

प्रेगनेंसी के दौरान केसर (saffron in hindi) लेना गर्भवती की सेहत के लिए अच्छा होता है, इसमें तनाव, गैस, संक्रमण जैसी समस्याओं को दूर करने का गुण होता है। इसके साथ गर्भावस्था में केसर वाला दूध (saffron milk in hindi) पीने से बच्चे का नार्मल डिलीवरी से जन्म होने में आसानी होती है, क्योंकि केसर पेशियों को लचीला बनाता है। 

मगर ज्यादा मात्रा में केसर खाने से आपके गर्भाशय में संकुचन या प्रसवपीड़ा  (uterine contractions in hindi) शुरू हो सकते हैं, जिससे बच्चे का समयपूर्व प्रसव (premature delivery in hindi) के ज़रिए जन्म होने की आशंका होती है। इसलिए पूरी गर्भावस्था के दौरान कुल 10 ग्राम से ज्यादा केसर ना खायें। (13) 

प्रेगनेंसी में कौनसा दूध पीना चाहिए - गाय का दूध या भैंस का दूध? (Pregnancy me cow milk aur buffalo milk me se kaunsa dudh pina chahiye)

गर्भावस्था के दौरान माँ के शरीर को उचित पोषण के लिए दूध की ज़रूरत होती है। कई माँओं के मन में इस बात को लेकर थोड़ी उलझन रहती है, की उन्हें गाय और भैंस के दूध में से कौन सा दूध पीना चाहिए। अगर आपका वजन कम है, तो अतिरिक्त कैलोरी और पोषण के लिए आपको उबला हुआ भैंस का दूध पीना चाहिए। अगर आपका वजन सामान्य है, तो आपको गाय का दूध पीना चाहिए, क्योंकि इसमें फैट (fat in hindi) की मात्रा कम होती है और यह आपको भैंस के दूध की तरह ही पोषण देता है। अगर आपका वज़न ज्यादा है, तो आपको लो फैट वाला दूध (low fat milk in hindi) पीना चाहिए, जो बाजार में मिलता है। (14)

क्या प्रेगनेंसी में दूध की जगह कुछ और खा सकते हैं? (Kya pregnancy me dudh ki jagah kuch aur kha sakte hai)

कई महिलाओं को दूध पीना पसन्द नहीं होता है या फिर उन्हें दूध पीने से किसी तरह की शारीरिक समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्हें ऐसे भोजन की ज़रूरत होती है, जिसे खाने से गर्भवती के शरीर को दूध पीये बिना दूध का पोषण मिल सके। अगर आप भी दूध नहीं पी सकतीं तो अपने खाने में इन चीजों को शामिल करके आप दूध से मिलने वाले कैल्शियम (calcium in hindi) की पूर्ति कर सकती हैं - 

  • पालक
  • कैल्शियम की गोलियाँ
  • सोयाबीन का पनीर (टोफू)
  • चना

प्रेगनेंसी में पैकेट दूध और ताज़ा दूध में से कौन सा दूध सुरक्षित है? (Pregnancy me packet wala dudh aur taza dudh me se kya safe hai)

प्रेगनेंसी के दौरान दूध पीना गर्भवती महिला के लिए बहुत ज़रूरी होता है, क्योंकि इससे मिलने वाला कैल्शियम (calcium in hindi) व प्रोटीन (protein in hindi) शिशु के विकास में अहम भूमिका निभाता है। गर्भवती महिला को ताज़ा यानी बिना उबला दूध नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इसमें हानिकारक कीटाणु हो सकते हैं। ताज़ा दूध की तुलना में पैकेट वाले दूध का सेवन ज्यादा सुरक्षित होता है, क्योंकि इसे पाश्चुरीकृत (pasteurized in hindi) करके दूध के कीटाणुओं को नष्ट कर दिया जाता है। इसलिए आप गर्भावस्था में दोनों ही तरह के दूध पी सकती हैं, लेकिन दूध को पीने से पहले एक बार उबालना ज़रूरी है। 

क्या गर्भावस्था में घी खाना सेफ है? (Kya pregnancy me ghee khana safe hai)

गर्भावस्था में सीमित मात्रा में घी खाने से गर्भवती को अच्छा फैट (fat in hindi) व अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है। इसके साथ ही घी आसानी से पच जाता है और आपकी पाचन शक्ति को बढ़ाता है। अपने भोजन में गर्भवती को रोज़ दो से तीन चम्मच घी खाना चाहिये (pregnancy me kya khana chahiye), इससे आपका वजन भी ज्यादा नहीं बढ़ेगा और आपको पर्याप्त पोषण भी मिल जाएगा।

लेकिन ज्यादा मात्रा में घी का सेवन करने से आपका वजन बढ़ सकता है, और अगर आप शारीरिक रूप से सक्रिय (active) नहीं हैं तो डिलीवरी के समय परेशानी हो सकती है। इसलिए घी सीमित मात्रा में यानी एक दिन में दो से तीन चम्मच ही खायें, ज्यादा ना खायें। (15)

प्रेगनेंसी में गर्भवती घर से बाहर क्या खा सकती है? (Pregnancy me ghar se bahar garbhavati kya kha sakti hai)

अक्सर भोजन को लेकर गर्भवती महिलाएं उलझन में रहती हैं, और बाहर जाते वक्त भी उनके मन में यही उलझन रहती है, कि क्या बाहर खाना उनकी सेहत के लिए सुरक्षित होगा?

बाहर जाने पर आप इस तरह की चीजें खा सकती हैं -

  • अगर संभव है, तो घर से खाना बनाकर ले जायें।
  • बाहर साफ जगह पर खाएं और खाने में दाल, बिना क्रीम वाला सूप, रोटी आदि सादा भोजन खा सकती हैं (Pregnancy me kya khana chahiye)।
  • फल हमेशा घर से अपने साथ लेकर जाएं, अगर बाहर फल खाने हैं तो केला, संतरा, सेब आदि फल छीलकर खाएं।
  • गलियों में मिलने वाली चाट पकौड़ी ना खाएं (Pregnancy me kya nahi khana chahiye), इनमें कीटाणु हो सकते हैं, जिनसे आप बीमार हो सकती हैं।
  • घर का पानी या फिर बोतलबंद पानी ही पीयें, शरीर में पानी की पूर्ति के लिए छाछ, बिना चीनी वाला फलों का जूस, नारियल पानी पीना भी सुरक्षित है।
  • ज्यादा तला-भुना भोजन ना खायें (Pregnancy me kya nahi khana chahiye)
  • जब भी भूख लगे, खाना खा लें क्योंकि गर्भावस्था में भूखा रहना आपके शिशु व आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है।

अगर जी घबरा रहा है तो क्या खायें? (Jee ghabrane par pregnancy me kya khana chahiye)

अक्सर गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान जी मिचलाने और उल्टी की शिकायत होती है। ऐसे में वो ठीक से खाना नहीं खा पाती हैं, जिससे उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। यह माँ व शिशु दोनों के लिए हानिकारक है। इसलिये मॉर्निंग सिकनैस (morning sickness in hindi) दौरान भी गर्भवती महिला का भोजन (pregnancy me kya khana chahiye) पोषक तत्वों से भरपूर होने के साथ ही हल्का (दलिया, खिचड़ी आदि) होना चाहिए, ताकि समय समय पर थोड़ा थोड़ा खाने से उसके शरीर को पर्याप्त पोषण मिल सके।

साथ ही पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए डॉक्टर गर्भवती को विटामिन (vitamin in hindi) और खनिज तत्वों (mineals in hindi) जैसे आयरन (iron in hindi) फोलिक एसिड (folic acid in hindi) आदि की गोलियाँ खाने के लिए देते हैं। कई बार डॉक्टर गर्भवती को मल्टीविटामिन (multivitamin in hindi) की गोलियाँ भी खाने के लिए देते हैं।

सुबह और शाम के समय खाएं ये स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता (Subah ya shaam me pregnancy me kya khana chahiye) :

  • ताज़ा कटे मौसमी फल
  • सब्ज़ियों वाला दलिया
  • अँकुरित मूँग
  • घर पर फलों का शेक 
  • भीगे हुए चने की चाट
  • उबली मक्का की चाट
  • कम तेल/घी में बना उपमा
  • ताज़ा सब्जियों और आटे की ब्रेड (ब्राउन ब्रेड) से बना सैंडविच
  • सूखे मेवे (थोड़ी थोड़ी मात्रा में बादाम, काजु, किशमिश, अखरोट)
  • भुना चना
  • चिवड़ा या मुरमुरा
  • कम तेल में बना पोहा

लेख को पढ़कर आप जान ही गए होंगे कि, प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए ।जब एक शरीर में दो जान (माँ व शिशु) हो तो माँ व शिशु दोनों की अच्छी सेहत के लिए गर्भवती महिला का भोजन भी पोषक तत्वों से भरपूर होना ज़रूरी है। इसलिए गर्भावस्था में भोजन से जुड़ी सावधानियां याद रखें। विटामिन , प्रोटीन , कैल्शियम ,आयरन , फोलिक एसिड ( आदि से भरपूर भोजन खाएं और गर्भावस्था में भोजन  का विशेष ख़याल रखें।

 References

  1.  Folic acid and pregnancy by who.int
  2.  Dairy products during pregnancy by ncbi
  3.  Green leafy vegetables in pregnancy by aptaclub.co.uk
  4.  Beans and lentils in pregnancy by parents
  5.  Whole grains in pregnancy by americanpregnancy
  6.  Dry fruits in pregnancy by nutspick.co.uk
  7.  Egg during pregnancy by dailymail.co.uk
  8.  Oily fish during pregnancy by telegraph.co.uk
  9.  Lean meat during pregnancy by healthline
  10.  Jaggery during pregnancy by zeenews
  11.  Honey in pregnancy by romper
  12.  Bitter gourd during pregnancy by stylecraze
  13.  Saffron during pregnancy by ncbi.nlm.nih
  14.  Milk during pregnancy by timesofindia
  15.  Ghee during pregnancy by indianexpress
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