एक वर्ष से छोटे शिशु का भोजन कैसा होना चाहिए? (Ek saal se chote shishu ka bhojan kaisa hona chahiye)

एक वर्ष से छोटे शिशु का भोजन कैसा होना चाहिए? (Ek saal se chote shishu ka bhojan kaisa hona chahiye)
नवजात शिशु को करीब छह माह की उम्र तक केवल स्तनपान से पोषण मिलता है, लेकिन छह महीने के बाद शिशु के बढ़ते शरीर को अतिरिक्त पोषण की ज़रूरत होती है। जिसके लिए उसे शिशु आहार (baby food in hindi) खिलाने की शुरुआत करना ज़रूरी होता है। कई माता पिता अक्सर इस उलझन में रहते हैं कि "बच्चों को क्या खिलाये?" इस ब्लॉग में हम आपको छह माह से एक वर्ष के शिशुओं के लिये आहार के बारे में जानकारी दे रहे हैं। शिशु को खाना खिलाने की शुरुआत कब से कर सकते हैं? (Baby ko khana kab se khila sakte hai) शिशु को शुरुआत में कैसा खाना खिलायें? (Bache ko shuruat me kaisa khana khilaye) शिशु को ठोस आहार कब से खिला सकते हैं? (Baby ko thos bhojan kab se khila sakte hai) शिशु को ठोस आहार खिलाने की शुरुआत कैसे करें? (Baby ko thos khana khilane ki shuruat kaise kare) शिशु को ठोस आहार खिलाते समय क्या सावधानियां रखें? (Shishu ko thos ahar khilate samay kya savdhaniya rakhni chahiye) एक वर्ष से कम उम्र के ठोस आहार खाने वाले शिशु को दिन में कितना दूध पीना चाहिए? (Thos khana khane vale shishu ko din me kitna dudh pina chahiye) क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को सूखे मेवे खिलाना सुरक्षित है? (Kya baby ko dry fruits khila sakte hai) क्या शिशु को घी खिलाना सुरक्षित है? (Kya bache ko khilana chahiye) क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को शहद खिला सकते हैं? (Kya ek sal se chote baby ko shahad khilana safe hai) क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को गाय का दूध पिला सकते हैं? (Kya bacho ko gay ka dudh pina chahiye) एक वर्ष से छोटे शिशु को क्या खिलाना चाहिए? (Ek saal se chote baby ko kya khilana chahiye) A. सात से नौ माह के शिशुओं के लिये आहार (7 se 9 mahine ke bacho ka baby food in hindi) B. 10 से 12 महीने के बच्चों को क्या खिलाये? (10 se 12 mahine ke baby ko kya khilaye) एक वर्ष से छोटे शिशु क्या नहीं खिलाना चाहिए? (Ek sal se chote bache ko kya nahi khilana chahiye) क्या शिशु को मसालेदार भोजन खिला सकते हैं? (Kya baby masaledar khana kha sakta hai) A. बच्चे को पहली बार मसाले किस तरह से खिलाएं? (Baby ko pahli bar masale kaise khilaye) शिशु आहार तैयार करते समय क्या सावधानियां रखें? (Baby food banate samay kin bato ka dhyan rakhe) एक वर्ष से छोटे शिशु को खाना खिलाते समय क्या सावधानियां रखें? (Ek sal se chote bache ko khana khilate samay kya savdhaniya rakhe) क्या शिशु के लिए फाइबर युक्त भोजन अच्छा होता है? (Kya baby ke liye fiber yukt khana acha hota hai) शिशु को खाना खिलाने की शुरुआत कब से कर सकते हैं? (Baby ko khana kab se khila sakte hai) शिशु को खाना खिलाने की शुरुआत कब से कर सकते हैं? (Baby ko khana kab se khila sakte hai) छह माह का हो जाने के बाद बच्चों के शरीर का विकास तेजी से होता है और उन्हें ज्यादा मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इसलिए विशेषज्ञों के अनुसार बच्चे को छह माह की उम्र से शिशु आहार (baby food in hindi) यानी बच्चों के लिए विशेष रूप से बना भोजन खिलाने की शुरुआत की जा सकती है। शिशु को शुरुआत में कैसा खाना खिलायें? (Bache ko shuruat me kaisa khana khilaye) शिशु को शुरुआत में कैसा खाना खिलायें? (Bache ko shuruat me kaisa khana khilaye)
  • छह माह के बच्चे को शिशु आहार (baby food in hindi) के तौर पर केवल तरल चीजें खिलाने से शुरुआत करें, जैसे दाल का पानी, अच्छी तरह उबला और मसला हुआ आलू आदि।
  • छह माह के शिशुओं के लिये आहार तैयार करते समय मसालों का प्रयोग ना करें।
  • जब शिशु तरल आहार का सेवन करने लगे, तो उसके भोजन में धीरे धीरे मसला हुआ केला, उबली व मसली हुई सब्जियां शामिल की जा सकती हैं।
  • शुरुआत में शिशु आहार (baby food in hindi) में मुख्य रूप से सब्जियों का छना हुआ सूप, पिसी हुई सब्जियों की प्यूरी आदि शामिल कर सकते हैं।
शिशु को ठोस आहार कब से खिला सकते हैं? (Baby ko thos bhojan kab se khila sakte hai) शिशु को ठोस आहार कब से खिला सकते हैं? (Baby ko thos bhojan kab se khila sakte hai) ज्यादातर डॉक्टर्स के अनुसार शिशुओं के लिये आहार में ठोस भोजन शामिल करने से पहले आपको कम से कम उसके छह माह का होने का इंतज़ार करना चाहिए। आप बच्चे को ठोस शिशु आहार (baby food in hindi) खिलाने की शुरुआत कर सकती हैं यदि,
  • शिशु सहारा देने पर बैठ सकता है।
  • अच्छी तरह स्तनपान करने के बाद भी जल्दी ही दोबारा दूध पीने की मांग करता है।
  • वह अपने मुँह में खाना डालने की कोशिश करता है।
शिशु को ठोस आहार खिलाने की शुरुआत कैसे करें? (Baby ko thos khana khilane ki shuruat kaise kare) शिशु को ठोस आहार खिलाने की शुरुआत कैसे करें? (Baby ko thos khana khilane ki shuruat kaise kare) शुरुआत में शिशु को दिन में एक बार ठोस भोजन खिलायें। बच्चे को ठोस आहार खिलाते समय ध्यान रखने वाली बात यह है कि उसे एक बार में एक ही तरह का शिशु आहार (baby food in hindi) खिलायें। कम से कम चार-पांच दिनों तक एक तरह का शिशु आहार खिलाने के बाद ही बच्चे को नया ठोस आहार खिलायें। इससे बच्चा अलग अलग तरह के भोजन में रुचि दिखाना शुरू करने लगता है और धीरे धीरे नियमित रूप से ठोस आहार खा सकता है। छह महीने के होने के बाद यूँ तो शिशु आहार (baby food in hindi) में कई तरह की चीजें खा सकता है, लेकिन आप निम्न चीजों से शिशु को खिलाने की शुरुआत कर सकती हैं -
  • शिशुओं के लिये आहार (baby food in hindi) में उबालकर मसला हुआ बिना छिलके वाला सेब या नाशपाती शामिल करना सुरक्षित है।
  • शिशु आहार में मसला हुआ केला खा सकता है।
  • कद्दू, गाजर, शकरकंद, आलू आदि सब्जियाँ उबालकर और अच्छी तरह मसलकर शिशुओं के लिये आहार (baby food in hindi) में शामिल कर सकते हैं।
शिशु को ठोस आहार खिलाते समय क्या सावधानियां रखें? (Shishu ko thos ahar khilate samay kya savdhaniya rakhni chahiye) शिशु को ठोस आहार खिलाते समय क्या सावधानियां रखें? (Shishu ko thos ahar khilate samay kya savdhaniya rakhni chahiye)
  • बच्चे को हमेशा अपने सामने ही खिलाएं l
  • बच्चे को जमीन पर बैठाकर खिलाना सबसे सुरक्षित होता है, क्योंकि ऊंचाई वाली जगह जैसे कुर्सी पर बैठकर खाने से शिशु के गिरने का खतरा होता है।
  • खाना खिलाते समय कभी भी शिशु को अकेला ना छोड़ें, क्योंकि छोटे बच्चों के गले में खाना अटकने की संभावना होती है। खाना खिलाते समय काम आने वाली सभी चीजें जैसे पानी आदि पहले से अपने पास रख लें।
  • बच्चे को फल और सब्जियाँ छोटे टुकड़ों में काटकर खिलायें, ताकि बच्चे के गले में अटके नहीं I
  • शिशु आहार (baby food in hindi) बनाने के लिए काम आने वाली सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोयें।
  • बच्चे को नॉनवेज खिला रही है तो बोनलेस (बिना हड्डी वाला माँस) का विकल्प चुने I
  • बच्चे की प्लेट में बचे खाने को फेंक देंI
  • अंडे की जर्दी और सफ़ेद भाग को अच्छे से पकाकर ही शिशु को खिलाएं।
  • सब्जियों और फलों के छिलके, बीज आदि हटाकर ही शिशु को खिलाएंI
  • भाप में पकाया गया शिशु आहार (baby food in hindi) ज्यादा सेहतमंद होता है, इसलिए शिशु को उबला हुआ खाना ही खिलायें।
एक वर्ष से कम उम्र के ठोस आहार खाने वाले शिशु को दिन में कितना दूध पीना चाहिए? (Thos khana khane vale shishu ko din me kitna dudh pina chahiye) एक वर्ष से कम उम्र के ठोस आहार खाने वाले शिशु को दिन में कितना दूध पीना चाहिए? (Thos khana khane vale shishu ko din me kitna dudh pina chahiye) शिशु की हड्डियों के उचित विकास के लिए शिशु आहार (baby food in hindi) में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए, जो कि बिना दूध के नहीं मिल सकती। इसलिए अगर आपका शिशु ठोस आहार खाने लगा है, तब भी उसे दिन में कम से कम चार बार स्तनपान करवाएं। अगर आपका बच्चा फॉर्मूला दूध पीता है, तो उसे दिनभर में कम से कम 600 मिलीलीटर (तीन गिलास) दूध पिलायें। क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को सूखे मेवे खिलाना सुरक्षित है? (Kya baby ko dry fruits khila sakte hai) क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को सूखे मेवे खिलाना सुरक्षित है? (Kya baby ko dry fruits khila sakte hai) नौ माह की उम्र में शिशु को काजु, किशमिश जैसे सूखे मेवे अच्छी तरह पीसकर खिला सकते हैं। पांच साल से छोटे शिशुओं के लिये आहार (baby food in hindi) में साबुत सूखे मेवे जैसे काजू, बादाम, किशमिश, मूंगफली आदि शामिल नहीं करने चाहिए। साबुत काजू या बादाम जैसी चीजों को शिशु बिना चबाये निगल सकते हैं, जिससे ये उनके गले में फँस सकते हैं। इसलिए अगर आपको अपने बच्चे के शिशु आहार (baby food in hindi) में सूखे मेवे शामिल करने हैं, तो उन्हें अच्छी तरह पीसकर शिशु आहार में मिला कर बच्चे को खिला सकती हैं। क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को घी खिलाना सुरक्षित है? (Kya ek sal se chote bache ko ghee khilana chahiye) क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को घी खिलाना सुरक्षित है? (Kya ek sal se chote bache ko ghee khilana chahiye) सात से आठ महीने की उम्र में शिशुओं के लिये आहार (baby food in hindi) में थोड़ी मात्रा में घी शामिल किया जा सकता है। घी में फैटी एसिड होता है, जिसे आसानी से पचाया जा सकता है। इससे बच्चों को अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है और वो ज्यादा सक्रिय रहते हैं। इसके अलावा घी में कई विटामिन भी होते हैं, जिनसे शिशु के मानसिक व शारीरिक विकास में सहायता मिलती है। शिशु की उम्र बढ़ने के अनुसार आप उसके खाने में घी की मात्रा बढ़ा सकती हैं, लेकिन एक वर्ष से कम आयु के बच्चों को एक दिन में एक - दो चम्मच से ज्यादा घी ना खिलायें। ज्यादा घी देने से शिशु को भूख कम लगना, अपच, मोटापा और हृदय संबंधी समस्या होने का खतरा रहता है। साथ ही घी में शिशु आहार (baby food in hindi) पकाने से खाने का पोषण कम हो सकता है। क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को शहद खिला सकते हैं? (Kya ek sal se chote baby ko shahad khilana safe hai) क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को शहद खिला सकते हैं? (Kya ek sal se chote baby ko shahad khilana safe hai) बच्चों को एक साल की उम्र से पहले शिशु आहार (baby food in hindi) में शहद नहीं देना चाहिए, क्योंकि शहद में एक तरह का विषैला पदार्थ (botulism toxin in hindi) पाया जाता है, जिससे बच्चे को एक दुर्लभ गम्भीर बीमारी बोटुलिज़्म (botulism in hindi) हो सकती है। इस रोग से पीड़ित शिशु की आँतों में हानिकारक जीवाणु पैदा होकर विशेष प्रकार का ज़हर बनाने लगते हैं, जिससे उसका शरीर कमज़ोर होने लगता है। शिशु को कब्ज़, सुस्ती और भूख की कमी बोटुलिज़्म के लक्षण हैं। शहद भी की प्रकार की चीनी है, इसलिए इससे बच्चे के दांत खराब हो सकते हैं। इसके अलावा शिशु आहार (baby food in hindi) में शहद मिलाने से बच्चे को मीठा खाने की लत पड़ सकती है। क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को गाय का दूध पिला सकते हैं? (Kya bacho ko gay ka dudh pina chahiye) क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को गाय का दूध पिला सकते हैं? (Kya bacho ko gay ka dudh pina chahiye) जन्म के छह माह तक शिशु को माँ के दूध के अलावा कुछ भी खिलाना या पिलाना नहीं चाहिए। गाय का दूध बच्चों के लिए अच्छा होता है, लेकिन एक वर्ष से कम आयु के बच्चों को गाय का दूध नहीं देना चाहिए क्योंकि उनके गुर्दे (kidney in hindi) नाज़ुक और अविकसित होते हैं। गाय के दूध में प्रोटीन (protein in hindi) की मात्रा माँ के दूध से ज्यादा होती है, इसलिए एक वर्ष से कम आयु का बच्चा इसे पचा नहीं पाता और उसके पेट में दर्द हो सकता है। इसलिए एक वर्ष से कम उम्र के शिशुओं के लिये आहार (baby food in hindi) में गाय का दूध शामिल नहीं करना चाहिए। एक वर्ष से छोटे शिशु को क्या खिलाना चाहिए? (Ek saal se chote baby ko kya khilana chahiye) एक वर्ष से छोटे शिशु को क्या खिलाना चाहिए? (Ek saal se chote baby ko kya khilana chahiye) सात माह की उम्र का होने के बाद शिशु की ठोस आहार खाने की क्षमता तेजी से बढ़ती है। बच्चे की पोषक तत्वों सम्बंधी सभी ज़रूरतें पूरी करने के लिए आप उसे अलग अलग तरह के शिशु आहार (baby food in hindi) जैसे सब्जियाँ, फल, दलिया और खिचड़ी जैसी चीजें खिला सकती हैं। A. सात से नौ माह के शिशुओं के लिये आहार (7 se 9 mahine ke bacho ka baby food in hindi) सात से नौ माह के शिशुओं के लिये आहार (7 se 9 mahine ke bacho ka baby food in hindi)
महीना बच्चों को क्या खिलाये
7 महीने की उम्र में बच्चों को क्या खिलाये? (7 month baby food in hindi)
  • उबालकर मसली हुई सब्जियां
  • अनाज की खिचड़ी - सादी या सब्जी के साथ मिक्स खिचड़ी
  • फलों और सब्जियों की प्यूरी
  • सूप - मिक्स सब्ज़ियाँ, गाजर-पालक
  • पतली दाल
  • सूजी का हलवा और उपमा
  • उबले और पके हुए चावल, अनाज
  • उबालकर मसला हुआ सेब
8 महीने के बच्चों को क्या खिलाये? (8 month baby food in hindi)
  • इडली, भाप में पका डोसा
  • अनाज - जई, चावल, दलिया, रागी, ओट्स
  • खिचड़ी - सादा, मिक्स वेज खिचड़ी
  • सूप
  • उबले और पके फल और सब्जियां
  • दही, दही चावल
  • हलवा और खीर
  • चिकन-सूप, अंडे की जर्दी
  • चीज़ स्टिक और पनीर क्यूब्स
  • चावल और मूंग दाल
9 महीने की उम्र में बच्चों को क्या खिलाये? (9 month baby food in hindi)
  • दलिया -अनाज, गेहूं-बादाम
  • खिचड़ी- सादी, मसाला, मिक्स वेज
  • खीर
  • फलों का गूदा, स्मूदी, सूप
  • इडली, भाप में पका डोसा
  • चावल और मिक्स वेज सब्जी / मछली की सब्जी
  • चीज़ और पनीर
  • दही, दही चावल
  • चिकन, अंडा जर्दी, सूप
  • भुने आलू की कतलिया
  • रोटी
  • उँगलियों से उठा के खाने वाले फल
B. 10 से 12 महीने के बच्चों को क्या खिलाये? (10 se 12 mahine ke baby ko kya khilaye) 10 से 12 महीने के बच्चों को क्या खिलाये? (10 se 12 mahine ke baby ko kya khilaye) 10 से 12 महीने के बच्चे के आहार (baby food in hindi) में आप ठोस खाने की मात्रा बढ़ा सकती हैं। उसे बारीक कटी सब्जियाँ व फल खिलाना भी सुरक्षित है। अब आप शिशु की दिनचर्या में दो से तीन बार खाना शामिल कर सकती हैं। शाम के समय शिशु को कोई फल काटकर खिला सकती हैं। 10 से 12 महीने के बच्चे के आहार में आप निम्न चीजें शामिल कर सकती हैं -
  • बच्चे को शिशु आहार (baby food in hindi) के रूप में एक दिन में दो से तीन बार स्टार्च युक्त भोजन जैसे चावल, आलू, खिचड़ी, दलिया, दाल आदि अच्छी तरह पकाकर खिला सकते हैं।
  • अगर शिशु चीजें पकड़ने लगा है, तो उसे फिंगर फ़ूड (finger food in hindi) यानी ऐसी खाने की चीजें जिन्हें शिशु हाथ मे पकड़ कर खा सकता है, जैसे कटे हुए फल खाने को दे सकती हैं। इस दौरान बच्चे के पास ही रहें, क्योंकि बच्चे अक्सर ऐसी चीजें गले में फंसा लेते हैं।
  • शिशु आहार में उबली हुई शकरकन्द भी खा सकता है।
  • बच्चे को इडली खिला सकती हैं।
  • शिशु के आहार में रोटी भी शामिल कर सकती हैं, उसे दाल या उबले आलू के साथ हल्की घी लगी रोटी खिला सकती हैं।
  • बच्चे के शिशु आहार (baby food in hindi) में थोड़ा दही भी शामिल किया जा सकता है, इससे शिशु की पाचन शक्ति बढ़ती है।
  • शिशु को बेसन का कम मसाले का चीला भी खाने के लिए दिया जा सकता है।
एक वर्ष से छोटे शिशु क्या नहीं खिलाना चाहिए? (Ek sal se chote bache ko kya nahi khilana chahiye) एक वर्ष से छोटे शिशु क्या नहीं खिलाना चाहिए? (Ek sal se chote bache ko kya nahi khilana chahiye) छह माह से एक वर्ष की आयु के बच्चों को काफी चीजें खिलाई जा सकती हैं, लेकिन इसके साथ ही कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जो शिशु आहार (baby food in hindi) में शामिल नहीं करनी चाहिए। आपको एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों के खाने में निम्न चीजें शामिल नहीं करनी चाहिए -
  • शिशु को नमक ना खिलायें - शिशु के गुर्दे (baby kidney in hindi) अभी बहुत नाज़ुक हैं और नमक से उन्हें नुकसान हो सकता है। इसलिए शिशु आहार (baby food in hindi) में नमक ना मिलायें, ना ही बच्चे को बड़ों के लिए बना हुआ खाना खिलायें। अपने बच्चे को खास उसके लिए बनाया हुआ शिशु आहार ही खिलायें। डेढ़ से दो वर्ष के शिशु के भोजन में हल्का (सामान्य व्यक्ति के भोजन से दस गुना कम) नमक मिला सकती हैं और जैसे जैसे बच्चा बड़ा होगा आप धीरे धीरे उसके खाने में नमक की मात्रा बढ़ा सकती हैं।
  • एक साल से छोटे बच्चे को चीनी ना खिलायें - चीनी शिशु के स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होती, इसलिए शिशु के खाने में चीनी ना मिलायें। अगर आप चाहे तो शिशु आहार (baby food in hindi) में मिठास के लिए मसला हुआ केला या अपना दूध निकालकर मिला सकती हैं, इससे बच्चे को खाना स्वादिष्ट भी लगेगा और उसे सही पोषक तत्व भी मिलेंगे। एक साल से बड़े बच्चों के शिशु आहार में थोड़ी सी (एक चौथाई चम्मच) चीनी मिलाई जा सकती है।
  • एक साल से छोटे बच्चे को मछली ना खिलायें - कुछ बड़ी मछलियों के माँस में पारे (मर्करी) की ज्यादा मात्रा होती है, ऐसे में शिशु आहार (baby food in hindi) में मछली नहीं होनी चाहिए। पारा शिशु के तंत्रिका तंत्र और दिमाग के लिए ज़हरीला होता है, इससे शिशु दिमागी व शारीरिक रूप से कमज़ोर हो सकता है। इसके अलावा शिशु के गले में मछली के काँटे भी उलझ सकते हैं। एक साल का होने के बाद बच्चे को छोटी मछलियां खिला सकते हैं।
  • शिशु को चाय या कॉफी ना पिलायें - शिशु को चाय या कॉफी बिल्कुल भी ना दें, क्योंकि चाय में उपस्थित टैनिन (tannin in hindi) नामक एक पदार्थ की वजह से बच्चे के खाने में मौजूद आयरन (iron in hindi) उसके रक्त में अवशोषित नहीं हो पाता है। इससे शिशु को एनीमिया (anemia in baby in hindi) यानी शरीर में खून की कमी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा चाय व कॉफी में उपस्थित कैफीन भी शिशु की सेहत के लिए हानिकारक होता है। वैसे तो बच्चों को चाय या कॉफी बिलकुल नहीं पीनी चाहिए, लेकिन अगर आप चाहें तो बच्चे को पांच साल का होने के बाद थोड़ी चाय या कॉफी दे सकती हैं।
  • नवजात शिशु को कम वसा वाला भोजन ना खिलायें - शिशु के शरीर को ऊर्जा के लिए वसा यानी फैट (fat in hindi) की ज़रूरत होती है, ऐसे में शिशु आहार (baby food in hindi) में कम वसा वाली चीजें शामिल ना करें। आमतौर पर करीब दस वर्ष की उम्र तक शिशु को भरपूर वसायुक्त भोजन दिया जाना चाहिए। अगर बच्चे को मोटापे की समस्या है, तो उसे कम वसा वाला भोजन खिला सकते हैं।
  • नवजात शिशु को तला हुआ भोजन ना खिलायें - शिशु का पाचन तंत्र काफी नाज़ुक होता है, इसलिए उसे तला हुआ भोजन देने से पेट की समस्याएं जैसे अपच आदि हो सकती हैं। इसके अलावा शिशु आहार (baby food in hindi) में तली हुई चीजें शामिल करने से शिशु को सही मात्रा में पोषण भी नहीं मिल पाता, क्योंकि तलने से भोजन के पोषक तत्व कम हो जाते हैं। दो वर्ष के शिशु को थोड़ी मात्रा में अच्छे तेल (सरसों, नारियल) में तला हुआ भोजन खिला सकते हैं।
क्या शिशु को मसालेदार भोजन खिला सकते हैं? (Kya baby masaledar khana kha sakta hai) क्या शिशु को मसालेदार भोजन खिला सकते हैं? (Kya baby masaledar khana kha sakta hai) बच्चों को शिशु आहार (baby food in hindi) में 8 महीने की उम्र के बाद हल्के मसाले देने की शुरुआत की जा सकती है। उसे जल्दी या जबरदस्ती मसाले नहीं खिलाएं, इससे उसकी तबियत खराब हो सकती है। बच्चे के खाने में एक बार में एक मसाला मिलायें और कोई भी नया मसाला देने के बाद 4 से 6 दिन तक उसकी सेहत पर नज़र रखें। अगर बच्चे को किसी तरह की कोई परेशानी हो तो कुछ महीने उसे शिशु आहार (baby food in hindi) में मसाले ना दें। A. बच्चे को पहली बार मसाले किस तरह से खिलाएं? (Baby ko pahli bar masale kaise khilaye) बच्चे को पहली बार मसाले किस तरह से खिलाएं? (Baby ko pahli bar masale kaise khilaye)
  • लहसुन या अदरक - बारीक़ काट कर दाल में डाल कर पकाएं।
  • पाउडर मसाले (हल्दी, जीरा, धनिया) - एक चुटकी खिचड़ी या सब्जियों में डाल कर पकाएं।
  • बीज (सौंफ, सरसो, जीरा) - घी में तड़का कर सब्जियों और दालों में डालें।
  • दालचीनी और इलायची पाउडर - मीठे खाने पर थोड़ा सा छिड़क दे।
  • पुदीना, हरा धनिया - दाल और सब्जी के गार्निश के लिए प्रयोग करे ।
  • मिर्च (काली, हरी, लाल) - अगर बच्चा बर्दाश्त नहीं कर पाता तो दही में बहुत हल्की सी मिला कर खिलाएं।
  • गरम मसाले (18 महीने के बाद) - तभी मिलाएं जब बच्चा बाकी मसाले खाने लगे।
शिशु आहार तैयार करते समय क्या सावधानियां रखें? (Baby food banate samay kin bato ka dhyan rakhe) शिशु आहार तैयार करते समय क्या सावधानियां रखें? (Baby food banate samay kin bato ka dhyan rakhe) शिशु के लिए घर पर खाना बनाते हुए इन बातों का ध्यान रखें -
  • शिशु आहार (baby food in hindi) बनाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह साफ करें।
  • इस दौरान आपके नाखून छोटे और साफ होने चाहिए।
  • बर्तन साफ करने और शिशु आहार (baby food in hindi) बनाने के लिए साफ़ पानी का इस्तेमाल करें।
  • बर्तनों के स्क्रब, स्पॉन्ज आदि को साबुन के पानी में भिगोकर इस्तेमाल करें।
  • सब्जी काटने का बोर्ड और चाकू को हमेशा गर्म पानी और साबुन से धोएं।
  • भोजन को एक बार से ज्यादा गर्म ना करें। इससे खाने के पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं।
  • फ्रीज़ में रखे हुए खाने को गर्म करने से पहले उसे सामान्य होने दें।
  • अंडे को तब तक उबालें जब तक उसका सफेद और पीला भाग ठोस ना हो जाए।
  • मीट को तब तक पकाएं जब तक उसके अंदर का गुलाबी रंग खत्म ना हो जाए।
  • अगर आपने शिशु आहार (baby food in hindi) पहले से तैयार कर रखा है तो उसे ठंडा करके साफ प्लेट से ढंक कर रखें।
  • पैकेट वाले शिशु आहार (baby food in hindi) को लेने से पहले उसकी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट देख लें।
एक वर्ष से छोटे शिशु को खाना खिलाते समय क्या सावधानियां रखें? (Ek sal se chote bache ko khana khilate samay kya savdhaniya rakhe) एक वर्ष से छोटे शिशु को खाना खिलाते समय क्या सावधानियां रखें? (Ek sal se chote bache ko khana khilate samay kya savdhaniya rakhe) चेतावनी - बच्चे को जबरदस्ती खिलाने की कोशिश ना करें, इससे उसे चोट लग सकती है।
  • शिशु को छह माह की उम्र तक केवल स्तनपान करवाएं। छह माह की उम्र से पहले शिशु को कुछ भी ना खिलायें।
  • अगर किसी विशेष शिशु आहार (baby food in hindi) से शिशु को किसी प्रकार की शारीरिक समस्या जैसे उल्टी, पेटदर्द या दस्त आदि हो रही है, तो उसे बच्चे को खिलाना बंद कर दें और डॉक्टर की सलाह लें।
  • शिशु को ठोस आहार खिलाने की शुरुआत धीरे धीरे करें, क्योंकि शिशु की आँतें बहुत कोमल होती हैं और भारी भोजन पचाने में उसे परेशानी हो सकती है।
  • बच्चे को बाहर का कुछ भी ना खिलायें, उसके लिए घर पर ही सेहतमंद शिशु आहार (baby food in hindi) तैयार करें।
  • शिशु को गिलास से पानी या दूध पिलाएं, क्योंकि बोतल के उपयोग से शिशु के दाँतों को नुकसान पहुंच सकता है।
  • बच्चे को सब्जियाँ अच्छी तरह उबालकर और मसलकर खिलायें, क्योंकि कठोर भोजन से उसके नाज़ुक मुँह में चोट लग सकती है। शिशु आहार (baby food in hindi) में सब्जियाँ और फल बारीक काटकर ही डालें, क्योंकि बड़े टुकड़े शिशु के गले में अटक सकते हैं।
क्या शिशु के लिए फाइबर युक्त भोजन अच्छा होता है? (Kya baby ke liye fiber yukt khana acha hota hai) क्या शिशु के लिए फाइबर युक्त भोजन अच्छा होता है? (Kya baby ke liye fiber yukt khana acha hota hai) बच्चे के खाने में विभिन्न प्रकार की दालें, अनाज आदि शामिल करने से पहले आपको सावधान रहना चाहिए। इन सभी खाद्य पदार्थों में फाइबर (रेशे) की मात्रा ज्यादा होती है और ये बच्चे का पेट जल्दी भर सकते हैं। ज्यादा फाइबर युक्त आहार खाने से शिशु अन्य जरूरी पोषक तत्वों वाली चीजें नहीं खा पाता, इससे उसके विकास में बाधा आ सकती है। इसलिए शिशु आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ सीमित मात्रा में शामिल करें। अगर आपका बच्चा दाल खाता है, तो उसे दाल के साथ थोड़ी नर्म चपाती या चावल खिला सकते हैं। अब आपका नन्हा सा बच्चा बड़ा होने लगा है और अच्छी तरह से बढ़ने के लिए उसे माँ के दूध के साथ ही शिशु आहार (baby food in hindi) की भी ज़रूरत है। बच्चे को शुरुआत में हल्का शिशु आहार ही खिलायें, क्योंकि उसका नाज़ुक पाचनतंत्र ज्यादा भारी खाना नहीं पचा सकता। ब्लॉग में बताई गई भोजन संबंधी सावधानियां बरत कर आप शिशु की अच्छी देखभाल कर सकती हैं। हर शिशु अलग होता है, इसलिए अपने शिशु को स्तनपान के अलावा कुछ और खिलाने या पिलाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें। अपने परिवार को सेहतमंद खाना खिलायें और अपना परिवार स्वस्थ बनायें।
इस ब्लॉग के विषय - शिशु को खाना खिलाने की शुरुआत कब से कर सकते हैं? (Baby ko khana kab se khila sakte hai), शिशु को शुरुआत में कैसा खाना खिलायें? (Bache ko shuruat me kaisa khana khilaye), शिशु को ठोस आहार कब से खिला सकते हैं? (Baby ko thos bhojan kab se khila sakte hai), शिशु को ठोस आहार खिलाने की शुरुआत कैसे करें? (Baby ko thos khana khilane ki shuruat kaise kare), शिशु को ठोस आहार खिलाते समय क्या सावधानियां रखें? (Shishu ko thos ahar khilate samay kya savdhaniya rakhni chahiye), एक वर्ष से कम उम्र के ठोस आहार खाने वाले शिशु को दिन में कितना दूध पीना चाहिए? (Thos khana khane vale shishu ko din me kitna dudh pina chahiye), क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को सूखे मेवे खिलाना सुरक्षित है? (Kya baby ko dry fruits khila sakte hai), क्या शिशु को घी खिलाना सुरक्षित है? (Kya bache ko khilana chahiye), क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को शहद खिला सकते हैं? (Kya ek sal se chote baby ko shahad khilana safe hai), क्या एक वर्ष से छोटे शिशु को गाय का दूध पिला सकते हैं? (Kya bacho ko gay ka dudh pina chahiye), एक वर्ष से छोटे शिशु को क्या खिलाना चाहिए? (Ek saal se chote baby ko kya khilana chahiye), A. सात से नौ माह के शिशुओं के लिये आहार (7 se 9 mahine ke bacho ka baby food in hindi), B. 10 से 12 महीने के बच्चों को क्या खिलाये? (10 se 12 mahine ke baby ko kya khilaye), एक वर्ष से छोटे शिशु क्या नहीं खिलाना चाहिए? (Ek sal se chote bache ko kya nahi khilana chahiye), क्या शिशु को मसालेदार भोजन खिला सकते हैं? (Kya baby masaledar khana kha sakta hai), A. बच्चे को पहली बार मसाले किस तरह से खिलाएं? (Baby ko pahli bar masale kaise khilaye), शिशु आहार तैयार करते समय क्या सावधानियां रखें? (Baby food banate samay kin bato ka dhyan rakhe), एक वर्ष से छोटे शिशु को खाना खिलाते समय क्या सावधानियां रखें? (Ek sal se chote bache ko khana khilate samay kya savdhaniya rakhe), क्या शिशु के लिए फाइबर युक्त भोजन अच्छा होता है? (Kya baby ke liye fiber yukt khana acha hota hai)
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