स्तनपान से जुड़े 13 मिथक (stanpan se jude 13 mithak)

स्तनपान से जुड़े 13 मिथक (stanpan se jude 13 mithak)

कहते हैं माँ का दूध नवजात शिशु के लिए अमृत के समान होता है। माँ के दूध में नवजात शिशु के विकास के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व होते हैं। इसीलिए शिशु के जन्म के बाद डॉक्टर कम से कम छह महीनों तक शिशु को केवल माँ का दूध देने की सलाह देते हैं।

हालांकि स्तनपान (stanpan) से जुड़े कुछ मिथकों की वजह से नई मांओं के मन में अपने शिशु को स्तनपान (breastfeeding in hindi) कराने को लेकर कई सवाल होते हैं। इस ब्लॉग में हम आपको स्तनपान (stanpan) से जुड़ी सच्चाई के बारे बताएंगे।

मिथक 1. स्तनपान से जुड़े मिथक: मां छोटे स्तनों से स्तनपान नहीं करा सकती

( maa chote stano se stanpan nahi kara sakti)

stanpan myths chote stan hona

सच्चाई- इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। विशेषज्ञ कहते हैं, माँ के स्तनों के आकार का शिशु को स्तनपान (stanpan) कराने से कोई संबंध नहीं होता है। दरअसल, एक तरह की मांसपेशियों (फैटी टिशु) की वजह से महिलाओं के स्तनों का आकार बड़ा या छोटा होता है, इससे शिशु को स्तनपान (stanpan) कराने पर कोई असर नहीं पड़ता।

मिथक 2: स्तनपान से जुड़े मिथक: स्तनपान कराने वाली मां को मसालेदार खाना नहीं खाना चाहिए

(stanpan karane wali maa ko masaledar khana nahi khana chahiye)

stanpan myths masaledar khana

सच्चाई- यह मिथक पूरी तरह सच नहीं है, क्योंकि शिशु के जन्म के 40 दिनों (40 days confinement in hindi) के बाद मां हल्का मसालेदार खाना खा सकती है। हालांकि शुरुआती 40 दिनों तक नवजात शिशु का पाचन तंत्र पूरी तरह से विकसित नहीं होता है, इसलिए इस दौरान मां को ज्यादा मसालेदार खाना नहीं खाना चाहिए।

मिथक 3. स्तनपान से जुड़े मिथक: सिजेरियन डिलीवरी के तुरंत बाद स्तनपान नहीं कराना चाहिए

(caesarean delivery ke turant nahi karana chahiye)

caesarean delivery ke turant bad stanpan nahi karana chahiye

सच्चाई- यह सच्चाई नहीं है। सिजेरियन डिलीवरी के तुरंत बाद शिशु को स्तनपान (stanpan) न कराया जाना अच्छा नहीं होता है। सिजेरियन डिलीवरी के मामले में जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशु को माँ के पास रखा जाता है ताकि माँ और बच्चे में सबसे पहले स्पर्श से भावनात्मक रिश्ता बने और सहज होने पर उसे सबसे पहले माँ का दूध ही पिलाया जा सके। माँ के दूध में एेसे विटामिन होते हैं जो शिशु के शरीर से बिलिरूबिन की अतिरिक्त मात्रा को निकालने में सहायक होते हैं। माँ का दूध शिशु को बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी प्रदान करता है।

मिथक 4. स्तनपान से जुड़े मिथक: दवाईयां लेते हुए स्तनपान नहीं कराना चाहिए

(dawaiya lete huye stanpan nahi karana chahiye)

dawa lete hue stanpan

सच्चाई- अगर मां किसी प्रकार की दवाईयां ले रही हैं तो नवजात शिशु को स्तनपान (stanpan) नहीं करा सकती, इस कथन में कोई सच्चाई नहीं है। डॉक्टर कहते हैं कि यदि मां सामान्य बीमारी की दवाईयां लेती है और शिशु को स्तनपान (stanpan) कराती हैं तो इससे उनके नवजात पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर मां किसी अनुवांशिक गंभीर बीमारी की शिकार है और दवाईयां ले रही हैं तो अपने डॉक्टर की सलाह पर ही शिशु को स्तनपान कराना चाहिए।

मिथक 5. स्तनपान से जुड़े मिथक: सर्दी-खांसी होने पर शिशु को स्तनपान नहीं कराना चाहिए

(sardi khansi hone par shishu ki stanpan nahi karana chahiye)

sardi khansi me stanpan

सच्चाई- यह सच नहीं है। कहते है कि अगर कोई मां स्तनपान (stanpan) कराने के दौरान किसी प्रकार की ठंडी चीजें खाती हैं या उसे सर्दी-खांसी है तो इससे उसके बच्चे के स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ेगा, लेकिन सच्चाई इससे विपरीत है। जब स्तनपान (stanpan) करवाने वाली माँ को सर्दी-खांसी होती हैं तो उसके स्तनों में एक प्रकार की एंटीबॉडी तैयार होती है और वो माँ के दूध के माध्यम से शिशु के शरीर में जाती है। इससे नवजात के शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

मिथक 6. स्तनपान से जुड़े मिथक: नवजात शिशु को मां का पहला दूध नहीं पिलाना चाहिए

(bacche ko maa ka pehla doodh nahi pilana chahiye)

maa ka pahla dudh stanpan

सच्चाई: यह एक मिथक है। डिलीवरी के बाद माँ का दूध ही एकमात्र एेेसी चीज है जो शिशु को दिया जाना बेहद फायदेमंद होता है। डिलीवरी के बाद माँ की स्तनों से निकलने वाले पहले दूध को कोलोस्ट्रम (colostrum in hindi) कहते हैं। कोलोस्ट्रम में एेसे तत्व पाए जाते हैं जिससे शिशु को बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और यह जन्म के बाद शिशु को होने वाले संक्रमण से बचाने का काम करता है। डॉक्टर कहते हैं माँ के पहले दूध का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता, इसीलिए नवजात को मां का पहला दूध पिलाया जाना चाहिए।

मिथक 7. स्तनपान से जुड़े मिथक: मां को डायरिया होने पर स्तनपान नहीं कराना चाहिए

(maa ko diarrhoea hone par stanpan nahi karana chahiye)

maa ko diarrhoea hone par stanpan

सच्चाई- इस मिथक के अनुसार अगर मां को स्तनपान (stanpan) के दौरान डायरिया की समस्या होती है तो उसे अपने नवजात शिशु को स्तनपान (breastfeeding in hindi) नहीं करवाना चाहिए। यह बात बिल्कुल भी सच नहीं है, लेकिन यदि स्तनपान (stanpan) कराने वाली मां अन्य संक्रमण जैसे एचआईवी (HIV in hindi), टीबी (TB in hindi) से ग्रसित हैं तो स्तनपान (breastfeeding in hindi) कराने से पहले अपने विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

मिथक 8. स्तनपान से जुड़े मिथक: नवजात शिशु को स्तनपान के साथ सादा पानी पिलाना चाहिए

(shishu ko stanpan ke sath sada pani pilana chahiye)

shishu ko stanpan ke sath sada pani pilana

सच्चाई- नवजात शिशु को स्तनपान (breastfeeding in hindi) के साथ सादा पानी पिलाना चाहिए, यह सच नहीं है। डॉक्टर कहते हैं माँ के दूध में पानी की मात्रा होती है, इसीलिए शिशु को शुरुआती छह महीनों तक केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इसका एक और कारण है कि मां के दूध में जो पोषक तत्व होते हैं वह शिशु के शुरुआती विकास के लिए बेहद जरूरी होता है। एेसे में अगर स्तनपान (stanpan) के साथ शिशु को सादा पानी पिलाया जाता है तो उसके पेट में मां की दूध की जगह नहीं बचती और इससे विकास में बाधा पड़ सकती है।

मिथक 9. स्तनपान से जुड़े मिथक: स्तनपान कराते समय गर्भधारण संभव नहीं होता

(stanpan karate samay garbhdharan sambhav nahi hota)

stanpan karate samay garbhdharan

सच्चाई- यह कहना बिल्कुल गलत है कि स्तनपान (breastfeeding in hindi) कराने से महिला को गर्भधारण नहीं होता है। विशेषज्ञ कहते हैं स्तनपान (stanpan) कराने से महिला के ओवुलेशन पर गहरा असर नहीं पड़ता इसीलिए अगर वे नियमित रूप से सेक्स करती हैं तो गर्भधारण संभव हो सकता है।

मिथक 10. स्तनपान से जुड़े मिथक: दोबारा गर्भधारण करने पर स्तनपान नहीं कराना चाहिए

(dobara garbhdharan karne se stanpan nahi karana chahiye)

dobara garbhdharan karne se stanpan

सच्चाई नहीं, यह सच्चाई नहीं है, यानी अगर आपने दोबारा गर्भधारण किया है तो भी आप अपने पहले शिशु को स्तनपान (breastfeeding in hindi) करा सकती हैं। दोबारा गर्भधारण करने से आपके स्तनों में दूध का निर्माण और तेजी से होता है जिससे आपके पहले शिशु को पर्याप्त मात्रा में दूध मिल पाता है। हालांकि यदि दोबारा गर्भधारण करने के बाद कुछ अन्य मामलों में शिशु को दूध पिलाने संबंधी परेशानी हो तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

मिथक 11. स्तनपान से जुड़े मिथक: पहली बार स्तनपान कराने से पहले शिशु को शहद खिलाना चाहिए

(pehli baar stanpan karane se pehle bacche ki honey khilana chahiye)

pehli baar stanpan karane se pehle bacche ko honey chatana

सच्चाई- यह एक मिथक है कि पहली बार स्तनपान (breastfeeding in hindi) कराने से पहले शिशु को शहद खिलाया जाना चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार जिन शिशुओं को जन्म के तुरंत बाद माँ का दूध दिया जाता है उन्हें भविष्य में सांस तंत्र की समस्या, मोटापा एवं अन्य संक्रमण का खतरा नहीं होता है। इसीलिए डॉक्टर कहते हैं कि शिशु के जन्म के बाद उसे केवल माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए।

मिथक 12. स्तनपान से जुड़े मिथक: स्तनपान के समय शिशु का ज्यादा रोना मतलब माँ का दूध अपर्याप्त है

(stanpan ke samay bacche ka jyada rona matlab maa ka doodh aparyapt hota hai)

stanpan ke samay bacche ka jyada rona

सच्चाई- ऊपर बताए गए विभिन्न मिथकों में यह भी एक मिथक है। क्योंकि स्तनपान (stanpan) के समय अगर शिशु बहुत ज्यादा रो रहा है तो इसके अन्य कई कारण हो सकते हैं। जैसै, बुखार, सीने में जलन, कान दर्द, पेट में दर्द आदि। इसके अलावा अगर स्तनपान (breastfeeding in hindi) के समय शिशु हद से ज्यादा रोए तो उसे नींद भी आ सकती है।

मिथक 13. स्तनपान से जुड़े मिथक: अगर शिशु को एक बार बोतल का दूध दिया जाए तो वो कभी स्तनपान नहीं करेगा

(agar bacche ko ek bar bottle ka doodh diya jaye to vo kabhi stanpan nahi karega)

bacche ko bottle ka doodh dena

सच्चाई- इस बात में सच्चाई नहीं है। विशेषज्ञ कहते हैं शुरुआती छह महीने काफी नाज़ुक होते हैं और इस बीच शिशु को बोतल से दूध न पिलाने की सलाह दी जाती है।

यूं तो माँ का दूध शिशु को कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता देता है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि स्तनपान (stanpan) को लेकर लोगों ने गलत धारनाएं बना रखीं हैं। स्तनपान से जुड़ी कई बातें एेसी है जो केवल मिथक भर है। इस ब्लॉग में आपको इन मिथकों की सच्चाई के बारे में बताया गया है। इन्हें जानकर आप अपने नवजात शिशु को उसके स्तनपान काल यानी जन्म के बाद करीब छह महीने तक बिना किसी झिझक के स्तनपान (stanpan) करा सकती है। स्तनपान से जुड़ी किसी भी प्रकार की अन्य जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकती हैं।

इस ब्लॉग के विषय - मिथक 1. स्तनपान से जुड़े मिथक: छोटे स्तनों से नहीं करा सकेंगी स्तनपान (chote stano se nahi kara sakengi stanpan),मिथक 2: स्तनपान से जुड़े मिथक: मसालेदार खाना खाने के बाद स्तनपान नहीं कराना चाहिए (masaledar khana khane ke baad nahi karana chahiye),मिथक 3. स्तनपान से जुड़े मिथक: सिजेरियन डिलीवरी के तुरंत बाद स्तनपान नहीं कराना चाहिए (caesarean delivery ke turant nahi karana chahiye),मिथक 4. स्तनपान से जुड़े मिथक: दवाईयां लेते हुए स्तनपान नहीं कराना चाहिए (dawaiya lete huye stanpan nahi karana chahiye),मिथक 5. स्तनपान से जुड़े मिथक: सर्दी-खांसी होने पर शिशु को स्तनपान नहीं कराना चाहिए (sardi khansi hone par shishu ko stanpan nahi karana chahiye),मिथक 6. स्तनपान से जुड़े मिथक: नवजात शिशु को मां का पहला दूध नहीं पिलाना चाहिए (bacche ko maa ka pehla doodh nahi pilana chahiye),मिथक 7. स्तनपान से जुड़े मिथक: मां को डायरिया होने पर स्तनपान नहीं कराना चाहिए (maa ko diarrhoea hone par stanpan nahi karana chahiye),मिथक 8. स्तनपान से जुड़े मिथक: नवजात शिशु को स्तनपान के साथ सादा पानी पिलाना चाहिए (bacche ko stanpan ke sath sada pani pilana chahiye),मिथक 9. स्तनपान से जुड़े मिथक: स्तनपान कराते समय गर्भधारण संभव नहीं होता (stanpan karate samay garbhdharan sambhav nahi hota),मिथक 10. स्तनपान से जुड़े मिथक: दोबारा गर्भधारण करने से स्तनपान नहीं कराना चाहिए (dobara garbhdharan karne se stanpan nahi karana chahiye),मिथक 11. स्तनपान से जुड़े मिथक: पहली बार स्तनपान कराने से पहले शिशु को शहद खिलाना चाहिए (pehli bar stanpan karane se pehle bacche ki honey khilana chahiye),मिथक 12. स्तनपान से जुड़े मिथक: स्तनपान के समय शिशु का ज्यादा रोना मतलब माँ का दूध अपर्याप्त होता है (stanpan ke samay bacche ka jyada rona matlab maa ka doodh aparyapt hota hai),मिथक 13. स्तनपान से जुड़े मिथक: अगर शिशु को एक बार बोतल का दूध दिया जाता है तो वो कभी स्तनपान नहीं करेगा (agar bacche ko ek bar bottle ka doodh diya jata hai to vo kabhi stanpan nahi karega)
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