ऑपरेशन डिलीवरी से संबंधित अहम बातें (Things to know about cesarean delivery in hindi)

ऑपरेशन डिलीवरी से संबंधित अहम बातें (Things to know about cesarean delivery in hindi)

आजकल ऑपरेशन से डिलीवरी के ज़रिए बच्चे का जन्म बेहद आम हो गया है और आँकड़े साल दर साल बढ़ रहे हैं, बीते दस सालों के मुक़ाबले आज ऑपरेशन डिलीवरी यानी सिजेरियन डिलीवरी से बच्चों के जन्म की दर करीब तीन गुना बढ़ गयी है। कुछ विशेष मामलों में जब बच्चा गर्भाशय में सही अवस्था में यानी सिर के बल (उल्टा) ना हो, तो ऐसी परिस्थितियों में बच्चा नॉर्मल डिलीवरी से बाहर नहीं आ सकता, तब सिजेरियन डिलीवरी (cesarean delivery in hindi) से शिशु को गर्भाशय से बाहर निकाला जाता है। अगर आपको ऑपरेशन डिलीवरी का ख़याल डराता है तो यह जानकर आपको ख़ुशी होगी कि तकनीक के बढ़ते विकास की बदौलत आज ऑपरेशन डिलीवरी काफी सामान्य और सुरक्षित है।

आज के लेख में आप जानेंगे कि ऑपरेशन डिलीवरी से बच्चा कैसे और कब पैदा होता है, इसके साथ ही इस लेख में मिलेंगे आपको ऐसे तमाम सवालों के जवाब जो आपकी गर्भावस्था के दौरान आपके मन में उठते हैं।

ऑपरेशन डिलीवरी से बच्चा कैसे पैदा होता है?

(Cesarean Delivery se bacha kaise hota hai)

Cesarean Delivery se bacha kaise hota hai

सिजेरियन डिलीवरी (सीजर डिलीवरी ऑपरेशन) को डॉक्टर्स की भाषा में सी-सेक्शन (Cesarean delivery in hindi) और आम बोलचाल की भाषा में ऑपरेशन डिलीवरी (operation delivery) कहा जाता है। इसमें शिशु का जन्म सुरक्षित ढँग से करवाने के लिए गर्भवती महिला को ऑपरेशन कक्ष में ले जाकर डॉक्टर सबसे पहले उसके शरीर के निचले हिस्से को सुन्न करते हैं और फिर उसके गर्भाशय का ऑपरेशन करके सावधानीपूर्वक नवजात शिशु को बाहर निकाला जाता है। फिर गर्भाशय और पेट पर टाँके लगा दिये जाते हैं।

सिजेरियन डिलीवरी कब की जाती है?

(Kab hoti hai Cesarean Delivery in hindi)

Kab hoti hai Cesarean Delivery

वैसे तो डॉक्टर ऑपरेशन डिलीवरी (cesarean delivery in hindi) की सलाह केवल तब देते हैं, जब गर्भवती और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए सामान्य प्रसव से बच्चे को जन्म देना सुरक्षित नहीं होता, लेकिन आज कल प्रसव पीड़ा (labour contraction in hindi) से बचने के लिए भी कुछ गर्भवती महिलाएं सामान्य प्रसव के बजाय ऑपरेशन डिलीवरी का विकल्प चुनती हैं। सीजेरियन ऑपरेशन (cesarean operation in hindi) तब किया जाता है, जब गर्भाशय में शिशु आड़ा हो या फिर उसके हिप्स (कूल्हे) सर्विक्स (cervix in hindi) पर टिके हों। इसके अलावा अगर गर्भवती को योनि व गर्भाशय सम्बंधी कोई समस्या जैसे प्लेसेंटा प्रिविया (placenta previa in hindi) , जेनिटल हर्पीज़ (एक संक्रामक यौन रोग) आदि है तो सामान्य प्रसव के दौरान शिशु और माँ के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है, इसलिए ऐसी स्थिति में गर्भवती महिला को ऑपरेशन डिलीवरी (cesarean delivery in hindi) से बच्चे का जन्म देने की सलाह दी जाती है।

इसके अलावा अगर गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में शुगर (gestational diabetes in hindi) हो जाती है, तो गर्भ में पल रहे शिशु का वज़न ज्यादा बढ़ सकता है। इस स्थिति में बच्चे का सामान्य डिलीवरी के ज़रिये बाहर निकलना संभव नहीं होता, इसलिए माँ व शिशु की सुरक्षा के लिए सिजेरियन डिलीवरी की जा सकती है।

ऑपरेशन डिलीवरी से पहले दूर करें अपनी फ़िक्र

(Don’t worry about cesarean delivery in hindi)

Don’t worry about cesarean delivery

ऑपरेशन डिलीवरी के बारे में जिस तरह लोग बातें करते हैं, उससे कई बार गर्भवती तनाव में आ जाती है। वैसे गर्भवती के तनाव की कई वजहें हो सकती हैं, लेकिन इनमें सबसे ज्यादा अहम वज़ह होता है, ऑपरेशन डिलीवरी को लेकर गर्भवती के मन में बैठा डर। सिजेरियन डिलीवरी (cesarean delivery in hindi) से पहले गर्भवती के मन में निम्न प्रकार के डर हो सकते हैं -

  • क्या वाक़ई मुझे ऑपरेशन की ज़रूरत है? - यूँ तो ऑपरेशन डिलीवरी बेहद आम हैं और आज लगभग हर पाँच में से एक महिला सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के ज़रिए बच्चे को जन्म देती है। लेकिन फिर भी कई बार गर्भवती को लगता है, कि बेवज़ह सिजेरियन डिलीवरी की जा रही है। अगर आपको ऐसा लगता है, तो एक बार किसी दूसरे डॉक्टर से सलाह लेकर देखें।

  • ऑपरेशन के बारे में सोचकर डर लगता है - गर्भवती को सिजेरियन डिलीवरी के बारे में सोचकर डर लग सकता है और वो इसके कारण तनाव में आ सकती है। अगर आप भी इस वजह से डर रही हैं, तो यह जान लें कि ज्यादातर मामलों मे ऑपरेशन डिलीवरी की पूरी प्रक्रिया में एक से दो घंटे का ही समय लगता है, इसलिए चिंतित ना हों।

  • मुझे बच्चे को जन्म देने का अनुभव नहीं होगा - गर्भावस्था के समय से ही माँ का बच्चे से बहुत ज्यादा लगाव होता है। ऐसे में ऑपरेशन डिलीवरी से बच्चा होने से पहले माँ को चिंता सताती है कि वो बच्चे के जन्म के एहसास से वंचित रह जायेगी। चिंता ना करें, सिजेरियन डिलीवरी बच्चे के जन्म के बाद उसे दुलारने के अलावा आपको और कोई ख़याल नहीं आयेगा।

  • मुझे ठीक होने के दौरान बहुत दर्द होगा - सिजेरियन डिलीवरी के बाद पहले सप्ताह में टांकों के पास दर्द होना सामान्य है और उसके लिए आपको अस्पताल में दर्द की दवा (pain killers in hindi) दी जाएंगी। आपके शरीर के ठीक होने के साथ ही दर्द धीरे धीरे चला जायेगा।

  • मेरी सर्जरी का घाव भद्दा और बड़ा दिखेगा - ऑपरेशन डिलीवरी के बाद थोड़े दिनों तक घाव लाल और बड़ा दिखता है, लेकिन बेफ़िक्र रहें, क्योंकि जैसे जैसे घाव ठीक होने लगेगा, निशान हल्का होता जायेगा और अंत में केवल एक लकीर ही रह जायेगी। सिजेरियन डिलीवरी का निशान इतना नीचे होता है कि आपके अंडरगारमेंट्स (पेंटी) में छिप जायेगा और किसी को नहीं दिखेगा।

  • अगर एक बार ऑपरेशन डिलीवरी हुआ तो क्या हमेशा ऑपरेशन डिलीवरी से ही बच्चा होगा? - सिजेरियन के बाद नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है। आंकड़ों के अनुसार करीब 70 प्रतिशत महिलाएं सीजर डिलीवरी ऑपरेशन से बच्चा होने के बाद भी सामान्य प्रसव से दूसरे बच्चे को जन्म देने में सफ़ल होती हैं।

सिजेरियन ऑपरेशन से जुड़ी समस्याएं क्या हैं?

(Side effects of Cesarean Delivery in hindi)

Side effects of Cesarean Delivery

  • सिजेरियन डिलीवरी सामान्य डिलीवरी की तुलना में ज्यादा कठिन होती है।
  • ऑपरेशन डिलीवरी के बाद माँ को टांकों में संक्रमण, अधिक रक्तस्राव, गर्भाशय में थक्का जमना आदि समस्याएं हो सकती हैं।
  • गर्भवती को सीजर ऑपरेशन डिलीवरी के बाद ज्यादा समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है। प्रसव के बाद ठीक होने में अधिक समय लगता है।
  • गर्भवती को सिजेरियन डिलीवरी के बाद दी जाने वाली दवाओं से रिएक्शन भी हो सकता है।
  • मूत्राशय या आँतो में चोट लग सकती है।
  • 38 हफ़्ते से पहले ऑपरेशन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में सांस सम्बंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  • अगर आपको भविष्य में और बच्चे पैदा करने हैं, तो हर सिजेरियन ऑपरेशन आपकी अगली गर्भावस्था के लिये मुश्किलें बढ़ा सकता है।
  • सभी सिजेरियन डिलीवरी टाली नहीं जा सकती, क्योंकि कुछ मामलों में गर्भवती माँ और नवजात शिशु की भलाई के लिये सिजेरियन ज़रूरी है। लेकिन जहाँ तक सम्भव हो, सामान्य प्रसव सिजेरियन प्रसव की तुलना में ज्यादा सही है।
  • अगर आप सिजेरियन डिलीवरी की योजना बना रहे हैं, तो एक बार अपने डॉक्टर से इसके खतरे व ऑपरेशन डिलीवरी से जुड़ी समस्याएं जान लें।

क्या ऑपरेशन डिलीवरी के दौरान दर्द होता है?

(Kya painful hoti hai Cesarean Delivery in hindi)

pain in Cesarean Delivery

सिजेरियन डिलीवरी के दौरान होने वाला ऑपरेशन एक बड़ा ऑपरेशन होता है, इसलिए इसके बाद आपको थोड़ी परेशानी और दर्द होना सामान्य है।

ऑपरेशन डिलीवरी से पहले रीढ़ की हड्डी में लगने वाला लोकल एनेस्थीसिया (एपीड्यूरल) लेने से पहले तक आपको दर्द महसूस होगा। एपीड्यूरल आपकी टाँगों सहित शरीर के निचले अंगों को सुन्न कर देता है और आपको सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान कुछ महसूस नहीं होता है।

सीजर डिलीवरी ऑपरेशन खत्म होने के बाद जैसे ही एनेस्थीसिया का असर खत्म होने लगेगा, आपको टांकों वाली जगह पर दर्द महसूस होने लगेगा, जिसके लिए डॉक्टर्स आपको दर्द की दवा देते हैं।

सीजर डिलीवरी ऑपरेशन से बच्चा होने के बाद शिशु को दूध पिलाने के दौरान भी आपको दर्द हो सकता है (breastfeeding problems in hindi) , लेकिन दूध पिलाने की सही पोजिशन/अवस्थाएं अपनाकर आप बच्चे को आसानी से दूध पिला सकती हैं।

वैसे तो डॉक्टर ऑपरेशन डिलीवरी के बाद होने वाले दर्द के लिये आपको दवाएँ देते हैं, लेकिन कुछ विशेष काम (जैसे पेशाब, शौच) करते समय आपको थोड़ा दर्द महसूस हो सकता है।

आप सिजेरियन डिलीवरी से कैसे बच सकते हैं?

(How to avoid Cesarean Delivery in hindi)

How to avoid Cesarean Delivery

कई बार गर्भवती माँ और बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी होती है, इसलिए ऐसे सिजेरियन प्रसव टालना ठीक नहीं है। लेकिन कुछ उपाय अपनाकर आप ऑपरेशन से डिलीवरी की सम्भावनाएं कम कर सकती हैं :

  • गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर से सलाह लेकर उचित व्यायाम करें, इससे बच्चे का सामान्य प्रसव होने की ज्यादा सम्भावनाएं होती हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार खायें और पर्याप्त आराम करें।
  • सुबह शाम कम से कम 5-10 मिनट के लिए चलें (evening/morning walk in hindi), अगर चलने में परेशानी हो तो कुछ देर सीधे खड़े रहने की कोशिश करें। इससे आपके संकुचन (contractions in hindi) लम्बे और तेज होंगे।
  • गर्भावस्था के दौरान अपने परिजनों और दोस्तों से अच्छे डॉक्टरों की जानकारी लें, और अच्छे डॉक्टर से इस बारे में समय समय पर सलाह लेती रहें।

क्या सिजेरियन के बाद नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है?

(Kya operation ke baad normal delivery ho sakti hai)

operation ke baad normal delivery

कई महिलाएं इस बात को लेकर उलझन में रहती हैं कि अगर एक बार उन्हें ऑपरेशन डिलीवरी से बच्चा हो जाये, तो क्या उनका दूसरा प्रसव सामान्य हो सकता है? अगर आपने एक बार ऑपरेशन डिलीवरी से बच्चे को जन्म दिया है, तो ज़रूरी नहीं कि आपका हर बच्चे का जन्म सीजर डिलीवरी ऑपरेशन से ही होगा। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर दूसरी गर्भावस्था के दौरान उचित खानपान और व्यायाम (exercise for normal pregnancy in hindi) का ध्यान रखा जाये तो सिजेरियन डिलीवरी के बाद सामान्य प्रसव संभव है।

ऑपरेशन डिलीवरी के दौरान आड़ा चीरा (बिकिनी कट) लगाने से भविष्य में सामान्य प्रसव के दौरान गर्भाशय फ़टने की आशंका बेहद कम होती है। इसलिए अगर आपको ऑपरेशन के दौरान आड़ा चीरा लगा है, तो आप अपने दूसरे बच्चे को सामान्य प्रसव से जन्म दे सकती हैं।

एक बार डॉक्टर से सलाह लें, और उनकी बताई गई सभी जाँचें करवायें। अगर बच्चा ज्यादा बड़ा है, वो गर्भ में आड़ा लेटा है, या आपको योनि सम्बंधी कोई समस्या है तो आपका डॉक्टर आपको ऑपरेशन डिलीवरी की सलाह देगा। अगर सब कुछ सामान्य है, तो फिर आप सामान्य प्रसव से बच्चे को जन्म दे सकती हैं।

प्रसव चाहे किसी भी तरह का हो, लेकिन उसके बाद माँ की गोद में शिशु के आने की खुशी को एक माँ से बेहतर कोई नहीं महसूस कर सकता। अगर आपको डॉक्टर ने ऑपरेशन डिलीवरी करवाने की सलाह दी है, तो तनाव ना लें क्योंकि यह सुरक्षित है। अपने शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए खुश रहें, अच्छा खायें और शिशु के जन्म का इंतज़ार करें।

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