ऑपरेशन डिलीवरी के बाद कैसे रखें माँ की सेहत का ख़याल (Cesarean delivery ke baad care in hindi)

ऑपरेशन डिलीवरी के बाद कैसे रखें माँ की सेहत का ख़याल (Cesarean delivery ke baad care in hindi)
वैसे तो प्रसव के बाद हर माँ को स्वस्थ रहने और जल्दी ठीक होने के लिये पर्याप्त आराम और पौष्टिक भोजन खाना चाहिए, लेकिन आम माँ की तुलना में ऑपरेशन डिलीवरी के ज़रिए माँ बनने वाली महिलाओं को आराम और भोजन का विशेष ख़याल रखने की ज़रुरत होती है। इसलिए उन्हें कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिये। माँ बनने के 40 दिन तक उन्हें विशेष सावधानी बरतने की ज़रूरत होती है। इस लेख में आप जानेंगे कि ऑपरेशन डिलीवरी यानी सिजेरियन डिलीवरी से माँ बनने के बाद आपको क्या सावधानियां रखनी चाहिए, क्या खाना चाहिए और ऐसी ही कुछ अन्य बेहद ज़रूरी बातें।
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1. ऑपरेशन डिलीवरी ठीक होने में कितना समय लगता है? (Recovery after Cesarean Delivery in hindi) 2. सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के बाद क्या सावधानियां रखनी चाहिये? (Precautions in Cesarean Delivery in hindi) 3. ऑपरेशन डिलीवरी के बाद क्या खायें? (What to eat after Cesarean Delivery in hindi) 4. सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के बाद कैसे सोना चाहिए? (Cesarean Delivery ke baad kaise soye in hindi) 5. सिजेरियन ऑपरेशन से बच्चा होने के बाद कैसे फिट रहें? (Weight loss after Cesarean Delivery in hindi) 6. सिजेरियन डिलीवरी के बाद सेक्स कब कर सकते हैं? (Cesarean Delivery ke baad sex kab kar sakte hain) 7. ऑपरेशन डिलीवरी के निशान कैसे कम करें? (How to remove scar after Cesarean Delivery in hindi) 1. ऑपरेशन डिलीवरी ठीक होने में कितना समय लगता है? (Recovery after Cesarean Delivery in hindi) ऑपरेशन डिलीवरी (सीजर डिलीवरी ऑपरेशन) से बच्चे को जन्म देने वाली प्रसूति को आम प्रसूति की तुलना में ठीक होने में ज्यादा समय लगता है। आमतौर पर ऑपरेशन डिलीवरी के बाद अच्छी देखभाल और सेहतमंद आहार से ज्यादातर महिलाओं के टाँके 2 माह में ठीक हो जाते हैं, हालांकि हर गर्भवती को सिजेरियन डिलीवरी के बाद ठीक होने में अलग समय लगता है. यह समय इस बात पर भी निर्भर करता है कि प्रसूति की देखभाल किस तरह की जा रही है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद सामान्य दिनचर्या अपनाने से पहले आपको कम से कम 6 माह पर्याप्त आराम करना चाहिये।
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2. सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के बाद क्या सावधानियां रखनी चाहिये? (Precautions in Cesarean Delivery in hindi) सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के बाद क्या सावधानियां रखनी चाहिये? (Precautions in Cesarean Delivery in hindi)
  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद जब तक डॉक्टर आपको छुट्टी ना दे, अस्पताल से घर ना जायें।
  • ऑपरेशन डिलीवरी से शिशु के जन्म के बाद खाने पीने में विशेष सावधानी बरतें, शुरुआती कुछ दिनों तक बेहद हल्का खाना (सादा दलिया, खिचड़ी, दूध) खायें।
  • शिशु को स्तनपान (breastfeeding in hindi) ज़रूर करवायें।
  • डिलीवरी के बाद नहीं झुकना चाहिए, क्योंकि झुकने से पेट के टांकों में दर्द हो सकता है और खून भी आ सकता है।
  • ऑपरेशन डिलीवरी के बाद किसी भी प्रकार के तनाव से बचें। अगर मन खराब हो रहा है, तो कोई मनपसन्द गाना सुनें, या अपने पति को मन की बात बताएं, इससे आपको अच्छा महसूस होगा।
  • सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के घाव को साफ रखें, सर्जरी के 10 से 15 दिन बाद आप घाव को हल्का पानी और साबुन लगाकर धो सकती हैं।
  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 सप्ताह तक गर्भवती को केवल लेटकर आराम करना चाहिए, उसे घरेलू काम ना करने की सलाह दी जाती है। छह सप्ताह बाद आप डॉक्टर से जाँच करवायें और अगर घाव पूरी तरह ठीक हो चुका है, तो डॉक्टर की सलाह से घर का काम कर सकती हैं। मगर फिर भी शरीर को ज्यादा से ज्यादा आराम दें और भारी काम ना करें, क्योंकि अगर आप जल्दी ही भारी काम करने लगेगी तो भविष्य में आपको ऑपरेशन वाली जगह दर्द हो सकता है।
  • धीरे धीरे चलना फिरना शुरू करें, इससे पाचन संबंधी समस्याएं दूर होंगी और आपका शरीर जल्दी ठीक होगा।
  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी प्रकार के दर्द की दवा ना लें।
  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद ये समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें :
    • साँस लेने में कठिनाई
    • छाती या पसलियों में दर्द
    • स्तन में सूजन या दर्द (sore breast in hindi/breast pain in hindi)
    • योनि से दुर्गंध युक्त तरल बाहर आना
    • टांकों के स्थान पर सूजन या लाल होना
    • पैरों का लाल होना या सूजना
    • सर्जरी के चीरे वाले स्थान पर दर्द होना और 100 डिग्री से ज्यादा बुखार
    • योनि से ज्यादा मात्रा में खून बहना
3. ऑपरेशन डिलीवरी के बाद क्या खायें? (What to eat after Cesarean Delivery in hindi) ऑपरेशन डिलीवरी के बाद क्या खायें? (What to eat after Cesarean Delivery in hindi) ऑपरेशन डिलीवरी एक बड़ी सर्जरी है, साथ ही माँ शिशु को स्तनपान (stanpan) भी करवाती है, इसलिए प्रसूति के शरीर को बड़ी मात्रा में पोषक तत्वों, खनिज और विटामिन्स (minerals and vitamins in hindi) की ज़रूरत होती है। ऑपरेशन डिलीवरी के बाद आपको अपनी डाईट में इन चीजों को ज़रूर शामिल करना चाहिए :
  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद कब्ज़ की समस्या से बचने के लिए भरपूर पोषण और फाइबर युक्त आहार जैसे दलिया ,साफ धुले और कटे फल सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज से बने उत्पाद, चोकर युक्त आटा, फ़ल, हरी सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां, आदि खायें।
  • स्तनों में दूध (माँ का दूध) की सही मात्रा बनाए रखने के लिये माँ को दिन में ख़ूब तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिये। इसके लिए आप छाछ, दूध, नारियल पानी, सूप, लस्सी आदि पीयें।
  • दही आपके पेट के स्वस्थ बनाता है और पाचन तंत्र को सही रखता है। साथ ही इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और कई विटामिन्स होते हैं, इसलिए दही को आहार में ज़रूर शामिल करें। अगर आप दही घर पर ही जमायें तो बहुत अच्छा होगा।
  • फैटी एसिड (fatty acids in hindi) से भरपूर आहार लें जैसे बादाम, सोयामिल्क, दूध, मछली आदि। यह आपके और आपके शिशु दोनों की सेहत के लिए अच्छा है।
  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद शरीर की प्रोटीन सम्बंधी ज़रूरतें पूरी करने साथ ही घाव के सही होने के लिए माँ को प्रोटीन से भरपूर खाने के चीजें आहार में शामिल करनी चाहिये। प्रोटीन के लिए आप दाल, अंडा, चिकन, मछली और सूखे मेवे (dry fruits in hindi) खा सकती हैं।
  • सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान माँ का काफी रक्त बह जाता है, इसलिए उसके शरीर में खून बढ़ाने के लिए फॉलिक एसिड (folic acid in hindi) और आयरन (iron in hindi) से भरपूर आहार शामिल करें। आयरन के लिए माँ को अंजीर, पालक, मांस, और अंडे की जर्दी वगैरह खिलायें। लेकिन ज्यादा आयरन लेने से बचें क्योंकि इससे आपको कब्ज़ हो सकती है।
  • शरीर के ज़ख्म जल्दी भरने में विटामिन सी बहुत मददगार है, साथ ही यह ऑपरेशन डिलीवरी के घाव को संक्रमण के खतरे से भी बचाता है। पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी लेने के लिये संतरा, अंगूर, टमाटर, ब्रोकली, तरबूज़ आदि खायें।
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4. सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के बाद कैसे सोना चाहिए? (Cesarean Delivery ke baad kaise soye in hindi) सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के बाद कैसे सोना चाहिए? (Cesarean Delivery ke baad kaise soye in hindi) ऑपरेशन डिलीवरी से बच्चा पैदा होने के बाद कुछ हफ़्तों तक माँ को सोने में परेशानी हो सकती है, क्योंकि इस दौरान पेट में लगे टांकों में दर्द होने की आशंका रहती है। मगर अगर माँ अच्छी तरह नहीं सोएगी, तो उसे ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है, क्योंकि सोते समय हमारे घावों की मरम्मत तेजी से होती है। डिलीवरी के बाद अच्छी नींद के लिए आपको पींठ के बल या करवट लेकर सोना चाहिए, इससे आपके पेट पर दबाव डाले बिना आप आराम से सो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बायीं करवट से सोना सबसे अच्छा होता है।
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5. सिजेरियन ऑपरेशन से बच्चा होने के बाद कैसे फिट रहें? (Weight loss after Cesarean Delivery in hindi) सिजेरियन ऑपरेशन से बच्चा होने के बाद कैसे फिट रहें? (Weight loss after Cesarean Delivery in hindi) सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के बाद आपके शरीर को पूरी तरह ठीक होने में 6-10 माह लग सकते हैं। लेकिन ऑपरेशन के छह सप्ताह बाद आप हल्के व्यायाम से शरीर को स्वस्थ बनाने की शुरुआत कर सकती हैं। ऑपरेशन डिलीवरी के छह हफ़्ते बाद आप निम्न एक्सरसाइज कर सकती हैं :
  • पैदल चलना (Evening walk/morning walk in hindi) : यह ऑपरेशन डिलीवरी से उबरने के लिए सबसे अच्छा और सुरक्षित व्यायाम है, इसे आप सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के 7 से 10 दिन बाद शुरू कर सकती हैं। अपने कमरे में खड़ी होकर पांच से दस कदम चलने से शुरुआत करें, धीरे धीरे ज्यादा दूरी तक चलना शुरू करें। मॉर्निंग वॉक से आपके पैरों की सूजन दूर होगी और पेल्विक मांसपेशियाँ मजबूत होंगी। इसे दिन में जितनी बार कर सकती हैं, उतनी बार करें। शुरुआत में 7 से 10 दिन किसी परिजन या दोस्त को अपने पास रखें।
  • योगासन/प्राणायाम (अनुलोम-विलोम) : इसे ऑपरेशन डिलीवरी के 6 हफ़्ते बाद कर सकते हैं। इसे करने के लिए जमीन पर एक कपड़ा या मैट बिछाकर उस पर पद्मासन में बैठें। अपने हाथ घुटनों पर रखें। दायें हाथ के अंगूठे से दाईं नाक को बंद करके बायीं नाक से धीरे धीरे सांस अंदर लें। साँस छोड़ते समय दाईं नाक से अँगूठा हटा कर मध्यम उंगली (बीच की उंगली) बायीं नाक पर रखें और दायीं नाक से धीरे धीरे साँस छोड़ें। इसी तरह दूसरी नाक के साथ भी करें और पांच मिनट तक इसे दोहरायें। यह प्राणायाम सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपका पेट कम करने (Weight loss after cesarean delivery in hindi) और आपको स्वस्थ रखने में सहायक है। इसे रोज़ाना सुबह या दिन के समय एक बार करें।
  • कीगल एक्सरसाइज (kegel exercise in hindi): यह एक्सरसाइज आपके पेल्विक क्षेत्र के अंगों जैसे मलाशय, मूत्राशय, गर्भाशय और छोटी आंत के लिए फायदेमंद है। इसे आप बैठकर, लेटकर या खड़े होकर कर सकती हैं। 10 सैकण्ड के लिये अपने पेल्विक की पेशियों को ऐसे संकुचित करें, जैसे आप पेशाब रोके रखने के लिए करती हैं, फिर 10 सैकण्ड के लिए इसे ढीला छोड़ें और दोबारा 10 सेकण्ड के लिए संकुचित करें। ऐसा 10 बार करें। यह एक्सरसाइज सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के बाद योनि को कसाव देने के साथ ही मूत्राशय की मांसपेशियों पर आपका नियंत्रण बढ़ाने में सहायक है। इसे दिन में दो से तीन बार कर सकती हैं।
  • पिलो पोज़ एक्सरसाइज (pillow pose exercise in hindi): यह व्यायाम ऑपरेशन डिलीवरी के छह हफ़्ते बाद ही करें। इसे करने के लिए फर्श पर एक कपड़ा या मैट बिछाकर लेटें। अपने हाथ और पैर उठाकर सिर के ऊपर लायें। 1-2 सैकण्ड इसी अवस्था में रहें और फिर धीरे धीरे पहले वाली अवस्था में वापिस आ जायें। ऐसा पांच बार करें और धीरे धीरे समय बढ़ाएं। इसे दिन में एक बार करें। इस एक्सरसाइज से पेट की मांसपेशियां मजबूत होंगी।
  • स्फिंक्स पोज़ एक्सरसाइज (sphinx exercise in hindi) : पेट के बल लेटकर अपने सिर और छाती को ज़मीन से कुछ इंच ऊपर उठायें। 1 से 2 सैकण्ड इसी अवस्था में रहें और वापिस पहले वाली अवस्था में आ जायें। ऐसा पाँच से छह बार करें, धीरे धीरे एक्सरसाइज का समय बढ़ाएं। इसे दिन में दो बार करें। यह एक्सरसाइज सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपकी पैल्विक मांसपेशियों और पेट को सेहतमंद बनाती है।
  • ब्रिज पोज़ एक्सरसाइज (bridge pose exercise in hindi) : इस व्यायाम को भी सिजेरियन डिलीवरी के छह हफ़्ते बाद ही करें। इसे करने के लिये पींठ के बल लेट जायें और घुटने मोड़ते हुए अपने पैरों के पँजे हिप्स (कूल्हों) के पास ले आयें। हाथों को कमर के पास जमीन पर रख लें। अब एड़ियों से दम लगाते हुए शरीर के निचले हिस्से को ऊपर उठायें, केवल सिर ज़मीन पर रहने दें। 2 सैकण्ड इस अवस्था में रुकें और फिर वापिस नीचे आ जायें। ऐसा पाँच बार करें और धीरे धीरे ऊपर रुकने का समय बढ़ाएं। इसे दिन में एक बार करें। इससे सिजेरियन डिलीवरी के बाद होने वाला पींठ दर्द ठीक होता है और पेट व गर्भाशय की मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं।
  • एक्सरसाइज के दौरान रखें इन बातों का ध्यान :
    • अगर पेट में खिंचाव और दर्द महसूस हो, तो एक्सरसाइज ना करें।
    • एक्सरसाइज के दौरान ज्यादा नहीं झुकना चाहिए।
    • अगर संभव हो, तो एक्सरसाइज के समय किसी को अपनी सहायता के लिए पास रहने को कहें।
    • भारी वज़न उठाने वाले व्यायाम ना करें।
    • ऐसे व्यायाम ना करें, जिनसे पेट पर ज्यादा खिंचाव या दबाव पड़े।
    • कोई भी ऐसी एक्सरसाइज जिसमे आपके पेट पर वज़न पड़ेगा, उसे करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
    • व्यायाम के दौरान और बाद में पानी पीती रहें और शरीर में पानी की कमी ना होने दें।
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6. सिजेरियन डिलीवरी के बाद सेक्स कब कर सकते हैं? (Cesarean Delivery ke baad sex kab kar sakte hai) सिजेरियन डिलीवरी के बाद सेक्स कब कर सकते हैं? (Cesarean Delivery ke baad sex kab kar sakte hai) कुछ लोगों को यह ग़लतफ़हमी होती है कि अगर उनका बच्चा सीजर डिलीवरी ऑपरेशन से हुआ है, तो माँ की योनि को कोई नुकसान नहीं हुआ है और वो जल्दी ही सेक्स भी कर सकते हैं जो कि सच नहीं है। ऑपरेशन डिलीवरी से बच्चा होने के बाद माँ को, आम माँ की तरह ही ब्लीडिंग होती है। यह रक्त गर्भाशय में प्लेसेंटा के हटने से आता है। इसलिए माँ बनने के बाद सभी महिलाओं को कम से कम 6 सप्ताह तक सैक्स ना करने की सलाह दी जाती है , क्योंकि सिजेरियन डिलीवरी के बाद गर्भाशय को पूरी तरह ठीक होने और सर्विक्स को बंद होने में लगभग 6 हफ़्तों का समय लगता है। इसलिए सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के 6 हफ़्ते बाद ही सेक्स कर सकते हैं। अगर संभव है तो एक बार इस बारे में डॉक्टर से सलाह लें। आपको सेक्स के दौरान योनि में चिकनाई की कमी महसूस हो सकती है, ऐसे में चिकनाई का इस्तेमाल करें। चिकनाई के लिए कैनोला ऑयल का इस्तेमाल सुरक्षित है।
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सीजेरियन डिलीवरी के बाद सेक्स किन अवस्थाओं में कर सकते हैं? (Cesarean Delivery ke baad sex kis position me kar sakte hai) https://storage.googleapis.com/healofy-blogs/images/Inside%20images/Care%20post%20cesarean/image6.jpg ऐसा नहीं है कि ऑपरेशन डिलीवरी के 6 सप्ताह पूरे होने के बाद भी आप पहले की तरह रिलेशन बना पायेंगे। कुछ सेक्स अवस्थाएं माँ के पेट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं, जो कि ठीक नहीं है। जैसे मिशनरी अवस्था में माँ के पेट पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है, या फिर ऐसी कोई अवस्था जिसमे महिला पुरुष के ऊपर हो, सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के बाद सैक्स के लिए ठीक नहीं है। दाईं या बायीं करवट से लेटकर महिला के पीछे से रिलेशन बनाना माँ के लिए सुरक्षित है।
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7. ऑपरेशन डिलीवरी के निशान कैसे कम करें? (How to remove scar after Cesarean Delivery in hindi) ऑपरेशन डिलीवरी के निशान कैसे कम करें? (How to remove scar after Cesarean Delivery in hindi) सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के बाद कई महिलाओं को घाव के निशान की चिंता सताती है और वो उससे छुटकारा पाने के उपाय सोचती रहती हैं। कई बार तो ऑपरेशन डिलीवरी के निशान हटाने के चक्कर में महिलाएं घाव के ठीक होने का भी इंतज़ार नहीं करतीं और घाव को संक्रमित कर बैठती हैं। आप ऐसी गलती ना करें और घाव ठीक होने के बाद उसके निशान को मिटाने के लिए ये घरेलू नुस्खे (gharelu nuskhe in hindi) आजमाएं -
  • नारियल तेल की मालिश : नारियल तेल से ऑपरेशन डिलीवरी के निशान की मालिश करें, इससे त्वचा की निचली परत में रक्त का प्रवाह बढ़ता है और निशान हल्का हो जाता है।
  • विटामिन ई तेल : विटामिन ई किसी भी तरह के घाव के निशान हल्के कर देता है, इसलिए विटामिन ई का कैप्सूल खोलकर ऑपरेशन डिलीवरी के निशान की जगह पर विटामिन ई के तेल की मालिश करें। कुछ दिनों में निशान हल्का होने लगेगा।
  • ऐलोवेरा जैल : सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के निशान पर और उसके आसपास दिन में दो तीन बार एलोवेरा जैल लगाने से स्ट्रैच मार्क्स (stretch marks in hindi) और घाव का निशान हल्का हो जाता है। वैसे तो आपको ताज़ा ऐलोवेरा जैल का उपयोग करना चाहिये, लेकिन अगर वो संभव नहीं है तो ऑर्गेनिक ऐलोवेरा जैल (जो रंगहीन है) का ही उपयोग करें।
  • नींबू : आधा नीम्बू काटकर ऑपरेशन डिलीवरी के निशान पर लगायें, कुछ ही दिनों में निशान हल्का पड़ने लगेगा। अगर घाव अभी भर रहा है, तो नीम्बू ना लगायें क्योंकि ये घाव के ठीक होने में समस्या पैदा कर सकता है।
  • शहद : शहद का उपयोग फेसपैक्स में बड़े पैमाने पर क्लींजर के रूप में किया जाता है। सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के निशान पर शहद लगाने से निशान हल्का हो सकता है।
  • बायो ऑइल (bio oil in hindi) : स्ट्रैच मार्क्स हटाने में बायो ऑयल काफी कारगर है। ऑपरेशन डिलीवरी का निशान हटाने के लिए बायो आयल को सुबह और रात को सोते समय प्रभावित जगह पर लगाएं। तीन महीने तक इसे लगाने से निशान हल्का हो सकता है।
  • वैसलीन : वैसलीन भी सीजर डिलीवरी ऑपरेशन के निशान को हल्का कर देता है। इसे निशान वाली जगह पर हल्के हाथों से लगायें।
ऑपरेशन डिलीवरी के बाद माँ को पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए दी गयी सलाहों का पालन करना चाहिए और भरपूर मात्रा में सेहतमंद आहार खाना चाहिए। एक संतुलित जीवनशैली अपनाकर आप जल्दी ही स्वस्थ हो जायेंगी और अपने बच्चे के साथ खुशियों भरी सामान्य ज़िन्दगी जी सकेंगी।
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