शिशु के कोलिक (पेट दर्द) के घरेलू उपचार (Baby ke colic ke gharelu upchar)

शिशु के कोलिक (पेट दर्द) के घरेलू उपचार (Baby ke colic ke gharelu upchar)

अक्सर आपने छोटे बच्चों को रोते हुए देखा होगा, वे कई कारणों (जैसे भूख लगना, थकना, डायपर गीला होना, ज्यादा ठंड या गर्मी लगना आदि) से रोते हैं। लेकिन अगर आपका बच्चा पेट भरा होने और कोई परेशानी ना होने पर भी बिना वजह बार-बार रोता है, तो इसे कोलिक (baby colic in hindi) कहते हैं। अभी तक इसकी कोई ठोस वजह सामने नहीं आ पाई है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यह शिशु के पेट में दर्द होने, गैस बनने आदि कारणों से हो सकता है।

पेट दर्द या कोलिक नवजात शिशुओं की आम परेशानियों में से एक है। पेट में गैस बनने की वजह से या किसी अन्य वजह से उसे कोलिक हो सकता है। कोलिक की समस्या चार से छह महीने की उम्र तक रहती है, लेकिन यह शिशु के लिए हानिकारक नहीं होती है। इस ब्लॉग में हम आपको बच्चे का कोलिक या पेट दर्द कम करने के घरेलू नुस्खे बता रहे हैं।

ध्यान दें- ब्लॉग में बताए गए घरेलू उपचारों से ज्यादातर शिशुओं के कोलिक या पेट दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इन घरेलू नुस्खों का उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह लेना सबसे बेहतर होगा। अगर डॉक्टर आपको शिशु पर ये उपचार ना आज़माने की सलाह दें, तो उसका पालन करें। इसके साथ ही शिशु को कुछ भी खिलाने या पिलाने से पहले डॉक्टर से पूछना ज़रूरी है।

बच्चे का कोलिक कम करने के 12 घरेलू नुस्खे

(Baby ka colic kam karne ke 12 gharelu nuskhe)

नीचे बच्चे के अचानक बिना किसी खास वजह के रोने यानी कोलिक को कम करने के 12 घरेलू नुस्खे दिए गए हैं-

1. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु की नाभि पर तुलसी का लेप लगाएं-

baby pet dard upay tulsi ka lep

तुलसी का लेप बच्चे को ठंडक पहुंचाने के साथ ही कोलिक से राहत भी दिलाता है। इसमें एंटीबायोटिक व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।

तरीका- तुलसी की कुछ पत्तियों को बारीक पीस कर एक पेस्ट बना लें। अब इसे उसकी नाभि के चारों तरफ लगाएँ और सूखने दें। इसके बाद गुनगुने पानी में भीगे एक तौलिए से इस पेस्ट को पौंछ दें। ऐसा दिन में दो बार कर सकते हैं।

2. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): बच्चे को तुलसी का पानी पिलाएं-

baby pet dard upay tulsi ka pani

तुलसी की पत्तियों में यूजीनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जो शरीर के दर्द को दूर करने में सहायक होता है। इस वजह से, तुलसी का पानी बच्चे के पेट दर्द की वजह से होने वाले कोलिक को कम करने में मददगार हो सकता है।

तरीका- एक कप पानी में पांच से छह तुलसी की पत्तियां डालकर उबालें और इसे ठंडा कर लें। जब भी शिशु को कोलिक या पेट दर्द हो तो उसे एक- दो चम्मच तुलसी का पानी पिलाएं।

3. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु को सौंफ का पानी पिलाएं-

baby pet dard upay saunp ka pani

सौंफ में कई पाचन संबंधी समस्याओं जैसे गैस आदि को ठीक करने का गुण होता है। इसलिए यह बच्चे के पेट दर्द की वजह से होने वाले कोलिक को कम करने में मददगार होती है।

तरीका- एक कप खौलते पानी में एक चम्मच सौंफ डालें। इसे करीब दस मिनट तक ऐसे ही रहने दें और फिर छान लें। जब भी बच्चे को कोलिक की समस्या हो, तो उसे दो से तीन चम्मच सौंफ का पानी पिलाएं।

4. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): बच्चे के पेट पर पुदीने का तेल लगाएं- baby pet dard upay pudine ka tel

पुदीने (पेपरमिंट) का तेल बच्चे को शांत करने के साथ ही उसे पेट दर्द की वजह से होने वाले कोलिक से भी राहत देता है।

तरीका- एक चम्मच नारियल के तेल में पुदीने के तेल की कुछ बूंदें डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद इसे हाथों में लेकर हल्के हाथों से बच्चे के पेट पर लगाएं।

5. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु को ग्राइप वाटर पिलाएं-

baby pet dard ke upay grip water

सौ प्रतिशत शुद्ध ग्राइप वाटर शिशु के कोलिक को दूर करने में प्रभावी होता है। यह पानी सौंफ, कैमोमाइल, अदरक, और नीम्बू की बाम से बनाया जाता है। ग्राइप वाटर खरीदते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें, कि यह बिल्कुल प्राकृतिक हो और इसमें किसी प्रकार के कोई कैमिकल्स ना हों।

तरीका- इसका उपयोग डॉक्टर से पूछकर, उनके द्वारा बताई गई मात्रा में ही करें।

6. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): बच्चे को सेब के सिरके का घोल पिलाएं- baby pet dard seb ka sirka

सेब का सिरका (एपल साइडर विनेगर) बच्चे के सीने में जलन को कम करने के साथ ही, उसके पेट से फंगस के संक्रमण को भी दूर रखता है। मगर, इसे चार महीने से छोटे शिशुओं को ना पिलाएं।

तरीका- एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाएं। अगर बच्चे को कोलिक की समस्या है, तो उसे दिन में एक बार दो चम्मच घोल पिलाएं।

7. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु को पियोनिया की चाय पिलाएं-

baby pet dard upay chai

पियोनिया की चाय में बच्चे के पेट दर्द की वजह से होने वाले कोलिक को कम करने का गुण पाया जाता है। इसलिए लम्बे समय से इसका उपयोग बच्चे को कोलिक की समस्या से राहत दिलाने के लिए किया जाता है।

तरीका- एक कप में पियोनिया की आधा चम्मच सूखी पत्तियाँ डालें। अब इस कप को उबलते हुए पानी से भर दें और करीब दो-तीन मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद इसे छानकर ठंडा कर लें। पेट दर्द से राहत देने के लिए बच्चे को दिन में दो से तीन बार एक चम्मच पियोनिया की चाय पिलाएं।

8. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु के पेट की सिकाई करें-

baby pet dard pet ki sikai

कोलिक की वजह शिशु के पेट की गैस या कोई अन्य समस्या हो सकती है, इसलिए उसके नाज़ुक पेट का ख़ास ख़याल रखना ज़रूरी होता है।

तरीका- एक बड़ी कटोरी में गुनगुना पानी लें। इसमें एक साफ मुलायम तौलिए को भिगोकर निचोड़ें और उससे शिशु के पेट की सिकाई करें। ऐसा करने से उसके पेट का दर्द कम होगा। इस दौरान यह ध्यान रखें कि पानी ज्यादा गर्म ना हो।

9. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): बच्चे के पेट पर हींग का घोल लगाएं-

baby pet dard upay hing ka lep

हींग शिशु के पेट की गैस दूर करने व उसकी पाचन क्षमता को बढ़ाने में सहायक होती है। भारत में प्राचीन काल से इसका उपयोग बच्चों के कोलिक को कम करने के घरेलू उपचार में किया जाता है।

तरीका- एक चम्मच गुनगुने पानी में एक चुटकी हींग घोलें। अब इस मिश्रण को हल्के हाथों से शिशु की नाभि के चारों तरफ लगाएं। अगर आपका बच्चा ठोस आहार खाने लगा है, तो उसके खाने में भी आप थोड़ी हींग मिला सकते हैं।

10. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु के शरीर पर नारियल का गुनगुना तेल लगाएँ-

baby pet dard nariyal tel

कोलिक की वजह से रोते हुए बच्चे को चुप करवाने के लिए नारियल के गुनगुने तेल से उसकी मालिश करना मददगार साबित हो सकता है। इस से उसे आराम महसूस होता है और वह रोना बंद कर सकता है।

तरीका- एक कटोरी में थोड़ा नारियल का तेल गर्म करें। इस दौरान इस बात का ध्यान रखें कि तेल केवल हल्का गर्म यानी गुनगुना हो। इसके बाद अपने हाथों में थोड़ा-थोड़ा तेल लेकर शिशु की मालिश करें।

11. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): बच्चे के पेट की मालिश करें- कई माता- पिता मानते हैं कि अगर बच्चा कोलिक की वजह से रो रहा है, तो उसके पेट की मालिश करने से उसे राहत मिलती है और वह शांत हो जाता है।

तरीका- बच्चों की मालिश के लिए कई प्रकार के तेलों का उपयोग किया जाता है। आप बच्चे की मालिश के लिए जिस तेल (आमतौर पर सरसों, नारियल या तिल का तेल) का उपयोग करती हैं, उसी तेल से उसके पेट की हल्के हाथों से मालिश करें।

12. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु को फॉर्मूला दूध में इंफेंट राइस सीरियल मिलाकर दें-

baby pet dard upay formula dudh

आंतों को सेहतमंद रहने के लिए फाइबर की ज़रूरत होती है, लेकिन फॉर्मूला दूध में इसकी मात्रा बेहद अल्प (ना के बराबर) होती है। अगर बच्चा छह माह या उससे अधिक आयु का है, तो उसे फॉर्मूला दूध में फाइबर युक्त इंफेंट राइस सीरियल (चावल से बना एक विशेष बेबीफूड) मिलाकर पिला सकते हैं।

मगर, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि एक साल से कम आयु के बच्चों के दूध में इसे डॉक्टर की सलाह के बिना ना मिलाएं।

तरीका- एक चम्मच इंफेंट राइस सीरियल को एक बोतल फॉर्मूला दूध में मिलाएं और बोतल का छेद थोड़ा बड़ा कर दें। इसके बाद शिशु को यह दूध पिला सकते हैं।

बच्चे का कोलिक कम करने के 19 घरेलू उपाय

(Baby ka colic kam karne ke 19 gharelu upay)

1. बच्चे को गुनगुने पानी से नहलाएं-

baby pet dard upay gunguna apni

हम सभी को गुनगुने पानी से नहाना बेहद पसंद होता है और इस मामले में बच्चे भी किसी से पीछे नहीं होते हैं। कोलिक से रोते हुए बच्चे को चुप करवाने और उसका ध्यान भटकाने के लिए उसे गुनगुने पानी से नहलाएं।

इस दौरान ध्यान रखें कि पानी का तापमान ज्यादा ना हो। अपने हाथ को पानी में डुबोकर आप तापमान की जांच कर सकते हैं। अगर आपको पानी हल्का गुनगुना लगे तो यह शिशु के लिए एकदम सही है।

2. शिशु को व्यायाम करवाएं-

baby pet dard exercise

अधिकांश विशेषज्ञों के अनुसार कोलिक की समस्या शिशु की अल्पविकसित आंतों में गैस फंसने की वजह से पैदा होती है। ऐसे में उसके पेट की गैस बाहर निकालने के लिए उसे निम्न व्यायाम करवाना फायदेमंद हो सकता है।

तरीका- बच्चे को पीठ के बल लिटाएं। उसके दोनों पैरों के घुटने पकड़कर, धीरे धीरे उसके पेट की तरफ ले जाएं। कुछ सैकेंड्स के लिए शिशु को इसी अवस्था में रहने दें। फिर उसे सामान्य अवस्था में ले आएं। इस एक्सरसाइज को आप बच्चे की मालिश करते हुए भी कर सकते हैं।

अगर बच्चा एक्सरसाइज करना नहीं चाह रहा है, तो उसके साथ जबरदस्ती ना करें। इससे वह चुप होने के बजाय और अधिक रोने लगेगा।

3. शिशु को एक स्तन का दूध पूरी तरह पिलाने के बाद ही दूसरे स्तन से दूध पिलाएं- बच्चे को स्तनपान कराते समय बार बार स्तन ना बदलें। पहले उसे एक स्तन का दूध ख़त्म करने दें, फिर दूसरे स्तन से स्तनपान करवाएं। इससे बच्चे के पेट में कम गैस बनती है और उसे इस वजह से होने वाले कोलिक से राहत मिलती है।

स्तनपान की शुरुआत में आने वाला दूध कम पोषण व कम वसायुक्त होता है, जबकि बाद में आने वाला दूध ज्यादा पोषण व ज्यादा वसायुक्त होता है। वसा शिशु के शरीर में दूध के पाचन को आसान बनाती है और उसके पेट को स्वस्थ रखती है।

4. बच्चे को कम अंतराल में स्तनपान करवाएं-

baby pet dard stanpan

अगर आपको लगता है कि बच्चा भूख की वजह से रो रहा है, तो उसे स्तनपान करवाएं। अक्सर कुछ बच्चों को जल्दी जल्दी भूख लगती है। ऐसे में उन्हें कम अंतराल पर नियमित मात्रा में स्तनपान करवाएं।

5. शिशु को स्तनपान कराने के बाद डकार दिलवाएं-

baby pet dard dudh pilane ke bad dakar dilana

अक्सर स्तनपान करते समय बच्चे काफी मात्रा में हवा निगल लेते हैं। इसलिए स्तनपान कराने के बाद शिशु को डकार दिलाना बेहद ज़रूरी है। इससे उसके पेट की गैस बाहर जाती है।

तरीका- दूध पिलाने के बाद बच्चे को अपनी गोद में उठाएं और उसका सिर अपने कंधे पर रखें। उसके सिर और कंधों को सावधानीपूर्वक सहारा देते हुए, धीरे धीरे उसकी पीठ थपथपाएं। ऐसा तब तक करें, जब तक शिशु के मुंह से आपको डकार की आवाज़ ना सुनाई दे।

6. बच्चे का फॉर्मूला दूध बदल कर देखें-

baby ka formula dudh badalna

फॉर्मूला दूध पीने वाले शिशुओं में कोलिक की एक वजह उनका फॉर्मूला दूध भी हो सकता है। इस दूध में मौजूद किसी पदार्थ की वजह से उन्हें पेट में दर्द व गैस की समस्या हो सकती है। अगर आपको लगता है कि आपका बच्चा इस वजह से रो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर उसका फॉर्मूला दूध बदल कर देखें।

करीब दो दिन में बच्चे की हालत में सुधार दिखाई देने लगेगा। अगर वह अभी भी पहले की तरह रो रहा है और उसकी हालत में कोई सुधार नहीं है, तो शायद उसे फॉर्मूला दूध से कोई दिक्कत नहीं है।

7. बच्चे को लोरी या मीठा संगीत सुनाएँ-

baby pet dard lori sunana

हालांकि इसे घरेलू नुस्खा नहीं कहा जा सकता है, लेकिन यह रोते हुए बच्चे को चुप करवाने का रामबाण तरीका है। अगर बच्चा कोलिक की वजह से रो रहा है, तो उसके पास बैठें और धीमी आवाज़ में लोरी गाएं। इसके अलावा उसे फोन या रेडियो में धीमा-मीठा संगीत भी सुना सकते हैं।

8. शिशु को घुमाएं- अगर बच्चा कोलिक की वजह से रो रहा है, तो उसे गोद में लेकर घर में घुमाएं। इससे उसका ध्यान दूसरी चीजों में बंट जाता है और वह रोना बंद कर सकता है। इस दौरान हल्के हाथों से उसकी पीठ थपथपाने से उसे ज्यादा आराम महसूस होता है।

9. बच्चे को ताज़ा हवा में ले जाएं- शिशु के कोलिक की वजह से रोने पर उसे खुली हवा में ले जाना भी अच्छा होता है। इससे उसे ताज़गी का एहसास होता है और उसका मन नई नई चीजों में लग जाता है। इस दौरान उसे धूप, धूल-मिटटी और ठंडी-गर्म हवा से बचाकर रखें।

10. शिशु को ज्यादा थकने ना दें- बच्चे के कोलिक की एक वजह उसका ज्यादा थकना हो सकती है। उसे ऐसी स्थिति से बचाने के लिए ज्यादा थकने ना दें। बच्चे के सोने की दिनचर्या पर नज़र रखें और तय समय पर उसे सुला दें। अगर बच्चा ज्यादा थकने की वजह से सो नहीं रहा है, तो आप उसे सुलाने के विशेष उपाय अपना सकते हैं।

11. बच्चे को पेट के बल लिटाएं- कोलिक की वजह से रो रहे बच्चे को चुप करवाने में उसे पेट के बल लिटाना मददगार साबित हो सकता है। बच्चे को अपने पेट पर या अपनी गोद में पेट के बल लिटाएं। इस दौरान आप हल्के हाथों से उसकी पीठ को मसल सकते हैं। इससे उसके पेट की गैस बाहर निकलने में मदद मिलेगी और वह शांत हो जाएगा।

12. शिशु को सुला दें- अक्सर माता पिता बच्चे के रोने पर उसे तुरंत गोद में उठा लेते हैं, विशेषज्ञों के अनुसार हर बार ऐसा करना सही नहीं है। कई बार बच्चे समय पर सो ना पाने की वजह से भी रोने लगते हैं। ऐसे में उन्हें सुलाना ही उन्हें चुप करवाने का सबसे बेहतर तरीका है।

तरीका- अगर रोते हुए बच्चे को स्तनपान करवाने, घुमाने, डकार दिलाने जैसे सभी उपाय अपनाने के बावजूद भी वह चुप ना हो, तो हो सकता है कि वह सोना चाहता है। ऐसे में, उसे बिस्तर पर लिटा दें, थोड़ी देर रोने के बाद वह अपने आप सो जाएगा।

13. बच्चे को अँगूठा चूंसने दें-

bache ka angutha chusna

कोलिक की वजह से रोते समय कुछ बच्चे अपने अंगूठे को चूसने लगते हैं। वो ऐसा करना गर्भ से सीख कर आते हैं और इसका उपयोग बच्चे खुद को शांत करने के लिए करते हैं। अगर आपका बच्चा रोते समय अँगूठा चूसता है, तो उसे ऐसा करने दें, इससे वह थोड़ी देर में अपने आप चुप हो सकता है।

14. शिशु को झुलाएँ-

shishu ko jhulana

छोटे बच्चों को लयबद्ध (या तालमेल वाली) चीजें बहुत पसंद आती हैं, इसलिए वो उनकी तरफ आकर्षित होते हैं। अगर बच्चा बिना किसी वजह के रो रहा है, तो उसे गोद में लेकर या पालने में लिटाकर धीरे धीरे झुलाएँ। इससे बच्चा रोना बंद कर सकता है।

15. बच्चे को बाहों में भर लें- कोलिक की वजह से रोते हुए बच्चे को शांत करने का सबसे प्रभावी तरीका उसे बाहों में लेना है। जब आप बच्चे को अपनी बाहों में लेती हैं, तो वह खुद को सुरक्षित महसूस करता है। ऐसा करने से ज्यादातर मामलों में बच्चा रोना बंद कर देता है।

16. शिशु को शांत माहौल दें- छोटे बच्चों के सभी अंग (जैसे आँख, नाक, कान आदि) बड़ों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होते हैं। इस वजह से उन्हें तेज आवाज़, ज्यादा रौशनी और खुशबू से असहज महसूस होता है। इसलिए रोते हुए बच्चे को चुप करवाने के लिए, उसे शांत माहौल देना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।

17. बच्चे को प्रोबायोटिक्स सकते हैं-

bache ka probiotics

शिशु के कोलिक की वजह उसके पेट में बनने वाली गैस हो सकती है। इस गैस का मुख्य कारण उसके पेट में उपस्थित हानिकारक जीवाणु (मुख्य रूप से ई. कोली) होते हैं। प्रोबायोटिक एक प्रकार के अच्छे जीवाणु होते हैं, जो हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करते हैं और खाना पचाने में मददगार होते हैं।

अगर आपका शिशु छह महीने से अधिक उम्र का है, तो उसे थोड़ा दही खिला सकते हैं। इसमें मौजूद अच्छे जीवाणु बच्चे को गैस से राहत दिला सकते हैं। इसके अलावा आप डॉक्टर से सलाह लेकर उसे प्रोबायोटिक दवाएँ भी दे सकते हैं।

18. माँ के खानपान में बदलाव करें- जैसा कि आप जानते हैं, माँ जो भी खाती है, उसका पोषण स्तनपान के ज़रिए शिशु के शरीर में भी पहुंचता है। इसलिए अगर आपको लगता है कि बच्चा पाचनतंत्र संबंधी समस्या (जैसे अपच, गैस आदि) की वजह से रोता है, तो अपने भोजन में थोड़े बदलाव करें।

ऐसे में आप खट्टे फल, तला-भुना भोजन, कैफीन-युक्त पदार्थ व ज्यादा मसालेदार चीजें ना खाएं। इससे आपको अपने बच्चे के कोलिक को कम करने में मदद मिल सकती है।

19. परिजनों या मित्रों की मदद लें- कई बार सभी तरह के उपाय अपनाने के बावजूद भी बच्चा रोता रहता है और ऐसे में माता-पिता खुद को असहाय महसूस करते हैं। अक्सर माँओं को इससे तनाव व नींद ना आने की समस्या का सामना भी करना पड़ता है।

अगर आप भी खुद को ऐसी ही परिस्थिति में फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं, तो तनाव ना लें। इसके बजाय अपने परिवार के अन्य सदस्यों व करीबी दोस्तों की सहायता लें। अपने परिजनों या दोस्तों को कहें कि वे दिन में कुछ समय के लिए शिशु को संभालें या उसे संभालने में उनकी मदद करें।

कोई भी माता-पिता अपने बच्चे को रोता हुआ नहीं देख सकते, ऐसे में उसका बिना किसी खास वजह के अचानक रोना यानी कोलिक (baby colic in hindi) उन्हें चिंता में डाल सकता है। मगर आप परेशान ना हों, क्योंकि नवजात शिशुओं में कोलिक की समस्या आम है और यह उनकी उम्र छह से आठ महीने होने पर खुदबखुद गायब हो जाती है।

बच्चे को कोलिक से राहत दिलाने में ब्लॉग में बताए गए घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi) मददगार साबित हो सकते हैं। अगर आपको लगता है कि बच्चा बहुत ज्यादा रो रहा है या आपको उसके स्वास्थ्य से जुड़ी कोई अन्य आशंका है, तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं।

इस ब्लॉग के विषय - बच्चे का कोलिक कम करने के 12 घरेलू नुस्खे (Baby ka colic kam karne ke 12 gharelu nuskhe), 1. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु की नाभि पर तुलसी का लेप लगाएं,2. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): बच्चे को तुलसी का पानी पिलाएं, 3. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु को सौंफ का पानी पिलाएं,4. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): बच्चे के पेट पर पुदीने का तेल लगाएं, 5. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु को ग्राइप वाटर पिलाएं,6. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): बच्चे को सेब के सिरके का घोल पिलाएं, 7. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु को पियोनिया की चाय पिलाएं,8. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु के पेट की सिकाई करें, 9. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): बच्चे के पेट पर हींग का घोल लगाएं,10. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु के शरीर पर नारियल का गुनगुना तेल लगाएँ,11. बच्चे का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): बच्चे के पेट की मालिश करें,12. शिशु का कोलिक कम करने के घरेलू नुस्खे (Baby stomach pain home remedy in hindi): शिशु को फॉर्मूला दूध में इंफेंट राइस सीरियल मिलाकर दें,बच्चे का कोलिक कम करने के 19 घरेलू उपाय (Baby ka colic kam karne ke 19 gharelu upay)
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