बच्चों का टीकाकरण कैसे करवाएं? टिप्स और सावधानियां (Bache ko tika kaise lagvaye, tikakaran ke tips)

बच्चों का टीकाकरण कैसे करवाएं? टिप्स और सावधानियां (Bache ko tika kaise lagvaye, tikakaran ke tips)

सभी माता पिता अपने नन्हे से बच्चे को दुनिया की हर बुराई से बचाकर रखना चाहते हैं, बच्चों की बीमारियां भी ऐसी ही एक बुराई है। बच्चों को इन बीमारियों से बचाकर रखने के लिए आप सभी को अपने बच्चों का टीकाकरण (baby tikakaran) ज़रूर करवाना चाहिए। नवजात शिशु का टीकाकरण (baby tikakaran) जन्म के समय से ही शुरू हो जाता है और ये टीके उसे पोलियो (polio in hindi), टीबी (TB in hindi) जैसी जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने में सहायता करते हैं। आज के ब्लॉग में हम आपको बच्चों का टीकाकरण करवाने के टिप्स, टीकाकरण चार्ट (tikakran chart), टीकाकरण संबंधी सावधानियां और कुछ अन्य जरूरी बातें बता रहे हैं।

एक वर्ष तक के नवजात शिशु का टीकाकरण चार्ट

(Ek sal ke baby ka tikakaran chart)

इस टीकाकरण चार्ट (tikakaran chart) में हम आपको बता रहे हैं कि एक वर्ष की आयु तक शिशु को कौनसा टीका पहली बार कब लगता है। टीकों की कीमतें अनुमानित हैं, सरकारी अस्पतालों में यह टीके बहुत कम कीमत में मिलते हैं। यह टीकाकरण चार्ट (tikakaran chart) केवल आपको टीकाकरण की जानकारी देने के लिए दिया गया है, इसलिए अपने शिशु के टीकाकरण के लिए डॉक्टर द्वारा दिये गए टीकाकरण कार्ड (tikakaran card) की ही सहायता लें।

उम्र टीका टीके का महत्व टीके की कीमत
जन्म के समय बीसीजी का टीका (BCG vaccine in शिशु को टीबी (TB in hindi) की बीमारी से 10₹ - 15₹
जन्म के समय ओपीवी का टीका (Oral poliovirus vaccine in hindi) जन्म के बाद शिशु को पोलियो (polio in hindi) की बीमारी से बचाता है। 72₹ - 115₹
जन्म के समय हैपेटाइटिस बी का टीका (Hepatitis B vaccine in hindi) शिशु के शरीर में लिवर को प्रभावित करने वाले विषाणु (virus in hindi) से लड़ने की क्षमता विकसित करने में सहायता करता है। 100₹ - 249₹
जन्म के समय आईपीवी का टीका (IPV vaccine in hindi) बच्चे के शरीर को पोलियो (polio in hindi) से बचाता है। 72₹ - 115₹
जन्म के समय डीटीपी का टीका (DPT vaccine in hindi) शिशु को डिप्थीरिया (diptheria in hindi), टिटनेस (tetanus in hindi) और काली खाँसी (pertussis in hindi) से बचाता है। 700₹ - 750₹
जन्म के समय इन्फ्लूएंजा टाइप बी टीका (Influenza type B/Hib 1 vaccine in hindi) शिशु को एच आई बी वायरस (Hib virus in hindi) से सुरक्षित रखता है। 11₹ - 750₹
छह हफ़्ते पीसीवी का टीका (PCV vaccine in hindi) शिशु को न्युमोकोकी वायरस (pneumococci virus in hindi) से होने वाली बीमारियों जैसे निमोनिया (pneumonia in hindi), कान में संक्रमण (ear in hindi), मेनिनजाइटिस (meningitis in hindi), साइनस (sinus in hindi) संक्रमण आदि से बचाता है। 3800₹ - 4800₹
छह हफ़्ते रोटावायरस का टीका (Rotavirus vaccine in hindi) बच्चे को रोटावायरस (rotavirus in hindi) की वजह से होने वाले दस्त (diarrhea in hindi), उल्टी (vomiting in hindi) और तेज़ बुखार (fever in hindi) से बचाता है। शिशु की दस्त से मौत का खतरा कम करता है। 900₹ - 1099₹
नौ माह एमएमआर का टीका (MMR vaccine in hindi शिशु को खसरा (measles in hindi), रूबेला (rubella in hindi) और गलसुआ (mumps in hindi) रोग से बचाता है। 70₹ - 499₹
9-12 माह टाइफाइड का टीका (Typhoid vaccine in hindi) बच्चे को टाइफाइड (typhoid in hindi) बुखार से सुरक्षित रखता है। यह बुखार शिशुओं के लिए जानलेवा भी हो सकता है। 270₹ - 300₹
एक साल हेपेटाइटिस ए का टीका (Hepatitis A vaccine in hindi) शिशु को हेपेटाइटिस ए (hepatitis A in hindi) नामक वायरस से बचाता है। 915₹ - 1210₹

बच्चों का टीकाकरण करवाते समय क्या सावधानियां रखनी चाहिए?

(Baby ko tike lagvate samay kya savdhaniya rakhe)

precaution during baby vaccination

  • नवजात शिशु का टीकाकरण (baby tikakaran) किसी सरकारी अस्पताल या अच्छे निजी अस्पताल में ही करवाना चाहिए, क्योंकि टीकों को सुरक्षित रूप से रखने के लिए आवश्यक सुविधाएं वहाँ मौजूद होती हैं।

  • बच्चों का टीकाकरण (baby tikakaran) करवाने से पहले टीके की एक्सपायरी डेट ज़रूर देख लें, एक निश्चित समय के बाद टीके ख़राब हो जाते हैं, एक्सपायर्ड टीके से उनकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।

  • बीमार बच्चों का टीकाकरण (baby tikakaran) हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही करवाएं। आमतौर पर हल्के बुखार या सर्दी-जुकाम में शिशु को टीके लगाए जा सकते हैं।

  • अगर बच्चे को मांसपेशियों में ऐंठन, मिर्गी या दौरे की समस्या है तो नवजात शिशु का टीकाकरण (baby tikakaran) करवाने से पहले इस बारे में डॉक्टर से बात करें। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही शिशु को टीका लगवाएं।

  • अगर शिशु को किसी प्रकार की एलर्जी है, तो उसे टीका लगवाने से पहले डॉक्टर की सलाह लें, क्योंकि ऐसे बच्चों को कुछ टीके नुकसान पहुंचा सकते हैं।

  • अगर बच्चे को पहले किसी टीके से कुछ विपरीत असर हुआ है, तो दोबारा उस टीके को लगवाने से पहले एक बार बच्चों के विशेषज्ञ की सलाह लें।

टीकाकरण के बाद बच्चे को कैसे चुप कराएं?

(Tika lagne ke baad bache ko kaise chup karaye)

crying baby after vaccination

  • नवजात शिशु का टीकाकरण (baby tikakaran) करवाने के दौरान उसे गोद में सीने से चिपकाकर पकड़ने से वह टीका लगवाते समय कम रोता है।

  • विशेषज्ञ कहते हैं कि छोटे बच्चे का ध्यान बहुत जल्दी भटक जाता है, ऐसे में टीका लगने के बाद अगर शिशु को स्तनपान (stanpan) करवाया जाए तो वह कुछ ही देर में दर्द को भूलकर दूध पीने में मस्त हो सकता है।

  • बच्चों का टीकाकरण (baby tikakaran) होने के बाद वो सुस्त और चिड़चिड़े हो सकते हैं, और टीका लगने के कुछ घण्टे बाद तक स्तनपान (stanpan) करने से भी इंकार कर सकते हैं। अगर आपके बच्चे में आपको ये परेशानी नज़र आये तो उसे आरामदायक महसूस करवाने की कोशिश करें। इसके लिए शिशु के कमरे का तापमान आरामदायक बनाएं (सर्दियों में गर्म या गर्मियों में ठंडा), और शिशु को ढीले कपड़े पहनायें।

  • बच्चों का टीकाकरण (baby tikakaran) होने के बाद उनके दर्द को कम करने के लिए एक मुलायम तौलिया को ठंडे पानी में भिगोकर टीके वाली जगह पर लगाने से उन्हें दर्द से राहत मिलती है।

  • बच्चों को मीठा बहुत पसंद होता है, इसीलिए उनकी ज्यादातर दवाईयाँ मीठी होती हैं। छह माह से एक वर्ष की उम्र के बच्चों का टीकाकरण (baby tikakaran) होने के बाद पानी में थोड़ी चीनी मिलाकर पिलाने से वो रोना बंद कर सकते हैं।

  • नवजात शिशु का टीकाकरण (baby tikakaran) होने के बाद उसका ध्यान भटकाने से भी उसे दर्द से राहत मिल सकती है। शिशु को कोई प्यारा खिलौना पकड़ा सकते हैं, जिससे खेलते हुए वो अपना दर्द भूल सकता है। इसके अलावा थोड़ी देर के लिए शिशु के लिए टीवी भी चला सकते हैं।

बच्चों का टीकाकरण करवाने से जुडी कुछ ज़रूरी बातें

(Baby ko tike lagvane se judi zaruri bate)

about baby vaccination

  • बच्चों का टीकाकरण चार्ट (baby tikakaran chart) या कार्ड संभाल कर रखें और तय समय पर उन्हें नियमित रूप से सभी जरूरी टीके लगवाएं।

  • अगर शिशु के साथ ज्यादा दिनों के लिए कहीं जा रही हैं, तो नवजात शिशु का टीकाकरण कार्ड (baby tikakaran card) साथ रख लें। ताकि तय समय पर उसे टीका लगवाया जा सके।

  • नवजात शिशु का टीकाकरण (baby tikakaran) करवाने से पहले डॉक्टर से टीके व उसके दुष्प्रभावों के बारे में जान लें, ताकि अगर शिशु को ज्यादा परेशानी हो तो आप लक्षण पहचान कर बच्चे को डॉक्टर को दिखा सकें।

  • शिशु को टीका लगवाते समय उसे अपनी गोद में पकड़कर रखें, इससे शिशु को टीका लगने का अहसास कम होगा।

  • नवजात शिशु का टीकाकरण (baby tikakaran) करवाते समय उसे रोता हुआ देखकर परेशान ना हों, आपके शिशु की अच्छी सेहत के लिए टीकाकरण बहुत ज़रूरी है।

  • शिशु को जिस जगह टीका लगा है, उस जगह को कुछ दिन तक रगड़ें नहीं।

अगर नवजात शिशु का टीकाकरण छूट जाये तो क्या करें?

(Agar bache ka tikakaran chhut jaye to kya kare)

baby vaccination tips

बच्चों का टीकाकरण (baby tikakaran) करवाने के मामले में माता पिता को बहुत सावधान रहना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि शिशु का कोई भी टीका छूट ना जाये। मगर कभी कभी माता पिता तय समय पर शिशु को टीका नहीं लगवा पाते, अगर आपके साथ ऐसा हो तो चिंता ना करें।

ज्यादातर टीके शिशु को कुछ समय बाद भी लगाए जा सकते हैं। जिन बच्चों को दो माह की उम्र में लगने वाला टीका नहीं लग पाया है, उन्हें बाद में टीका लगवा सकते हैं। जिन शिशुओं को कुछ टीके लग चुके हैं और फिर तय समय पर दोबारा टीके नहीं लग पाये, उन्हें कुछ समय बाद टीके लगाए जा सकते हैं।

अगर नवजात शिशु का टीकाकरण (baby tikakaran) शुरू नहीं हो पाया है या उसका शिड्यूल (कार्यक्रम) थोड़ा पीछे हो गया है, तो इस बारे में डॉक्टर से बात करें।

ध्यान दें - इस लेख का उद्देश्य आपको केवल यह जानकारी देना है, कि अगर तय समय पर शिशु को टीके नहीं लग पाये हैं, तो आप बाद में टीके लगवा सकते हैं। मगर जानबूझकर अपने नवजात शिशु को टीके लगवाने में देरी ना करें, यह उसकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

नवजात शिशु का टीकाकरण (baby tikakaran) करवाना उतना ही ज़रूरी है, जितना उसे स्तनपान करवाना, क्योंकि इसके बिना शिशु को कई बीमारियां होने का खतरा होता है। अगर आपको बच्चों के टीकों के जानकारी नहीं है, तो आप डॉक्टर से टीकाकरण चार्ट (tikakaran chart) माँग सकती हैं।

इसके अलावा शिशु का टीकाकरण कार्ड (tikakaran card) संभाल कर रखें, आपके शिशु के सही टीकाकरण के लिए यह बहुत ज़रूरी है। बच्चों का टीकाकरण (baby tikakaran) होने के बाद उनका रोना और असहज होना सामान्य है, इसलिए आप परेशान ना हों और ब्लॉग में बताए गए उपायों से उन्हें को शांत करवाने की कोशिश करें।

टीका लगने के बाद उनके लक्षणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, किसी भी तरह की आशंका हो, तो शिशु को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।

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