स्तनों में पर्याप्त दूध ना बनने के 10 कारण (Breast milk production kam hone ke 10 karan)

स्तनों में पर्याप्त दूध ना बनने के 10 कारण (Breast milk production kam hone ke 10 karan)
हर स्तनपान कराने वाली माँ चाहती है कि, वो अपने शिशु को अच्छा पोषण दे पाए और इसके लिए वो अपनी ब्रेस्टफीडिंग डाइट का पूरा ध्यान रखती है। लेकिन कई बार माँ को स्तनों में कम दूध बनने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। स्तनपान (stanpan) के दौरान शिशु का चिड़चिड़ा होना या दूध पीने के एक घण्टे बाद ही उसे दोबारा भूख लगना, आपके स्तनों में कम दूध बनने के संकेत हो सकते हैं। इस ब्लॉग में हम आपको स्तनपान (breastfeeding in hindi) कराने के दौरान माँ के स्तनों में पर्याप्त दूध ना बनने के 10 कारण और उनके समाधान बता रहे हैं। 1. पर्याप्त संख्या में दुग्ध ग्रन्थियां ना होने से स्तनों में कम दूध बनता है (Breast milk kam banne ke karan : dudh granthiya kam hone se stano me kam dudh banta hai) 2. हॉर्मोन संबंधी समस्याओं की वज़ह से स्तनों में पर्याप्त दूध नहीं बन पाता है (Breast milk kam banne ke karan : hormones ki problems se stano me kam dudh banta hai) 3. स्तनों का ऑपरेशन होने की वजह से उनमें कम दूध बनता है (Breast milk kam banne ke karan : breast surgery ki vajah se unme kam dudh banta hai) 4. हॉर्मोनल गर्भ निरोधक के उपयोग से स्तनों में दूध की मात्रा घट सकती है (Breast milk kam banne ke karan : hormonal garbh nirodhak use karne se dudh banna kam ho sakta hai) 5. कुछ दवाएँ या जड़ी बूटियां खाने से स्तनों में दूध बनना कम हो सकता है (Breast milk kam banne ke karan : kuch davaye ya jadi butiya khane se breast me dudh banna ghat sakta hai) 6. अगर शिशु ठीक से स्तनपान नहीं कर पा रहा है, तो माँ के स्तनों में दूध बनना घट सकता है (Breast milk kam banne ke karan : agar baby sahi se dudh nahi pi pa raha hai, to breast milk banna kam ho sakta hai) 7. रात के समय शिशु को स्तनपान ना करवाने से माँ के स्तनों में दूध बनना कम हो सकता है (Breast milk kam banne ke karan : rat me baby ko dudh na pilane se stano me dudh banna kam ho sakta hai) 8. ज्यादा देर रुक कर शिशु को स्तनपान करवाने से माँ के स्तनों में दूध का उत्पादन कम हो सकता है (Breast milk kam banne ke karan : jyada der ruk kar baby ko dudh pilane se stan me dudh banna kam ho sakta hai) 9. प्रसव के समय दी गई दवाओं या शिशु को पीलिया होने की वजह से भी माँ के दूध का उत्पादन घट सकता है (Breast milk kam banne ke karan : delivery me di gayi dawa aur baby ko piliya hone ki vajah se ma ka dudh banna kam ho sakta hai) 10. शिशु को फॉर्मूला दूध पिलाने से माँ के स्तनों में दूध बनना कम हो जाता है (Breast milk kam banne ke karan : baby ko formula dudh pilane se ma ke stano me dudh banna ghat sakta hai) 1. पर्याप्त संख्या में दुग्ध ग्रन्थियां ना होने से स्तनों में कम दूध बनता है (Breast milk kam banne ke karan : dudh granthiya kam hone se stano me kam dudh banta hai) पर्याप्त संख्या में दुग्ध ग्रन्थियां ना होने से स्तनों में कम दूध बनता है (Breast milk kam banne ke karan : dudh granthiya kam hone se stano me kam dudh banta hai) विभिन्न कारणों से कुछ महिलाओं के स्तन सामान्य रूप से विकसित नहीं हो पाते हैं और उनमें दूध बनाने के लिए पर्याप्त दुग्ध ग्रन्थियां नहीं होती हैं। हर गर्भावस्था के दौरान स्तनों में दुग्ध नलिकाएं (milk duct) और दुग्ध ग्रन्थियां (milk glands) विकसित होती रहती हैं, इसलिए अधिकतर महिलाओं के स्तनों में पर्याप्त दूध ना बनने की समस्या पहली डिलीवरी के बाद दिखाई देती है। इसके अलावा बच्चे को स्तनपान (stanpan) करवाने से स्तनों में दुग्ध ग्रन्थियां बढ़ती हैं और इससे दूध का उत्पादन बढ़ सकता है। स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए आप ब्रेस्ट पम्पिंग (हाथों से या एक विशेष उपकरण से स्तनों से दूध निकलना) की मदद ले सकती हैं। ऐसा माना जाता है कि ब्रेस्ट पम्पिंग से स्तन ज्यादा दूध बनाने के लिए प्रेरित होते हैं और इससे शिशु के स्तनपान (stanpan) के लिए पर्याप्त दूध बनने लगता है। इसके अलावा आप डॉक्टर की सलाह लेकर स्तनों में दूध बढ़ाने की दवाएं भी ले सकती हैं। 2. हॉर्मोन संबंधी समस्याओं की वज़ह से स्तनों में पर्याप्त दूध नहीं बन पाता है (Breast milk kam banne ke karan : hormones ki problems se stano me kam dudh banta hai) हॉर्मोन संबंधी समस्याओं की वज़ह से स्तनों में पर्याप्त दूध नहीं बन पाता है (Breast milk kam banne ke karan : hormones ki problems se stano me kam dudh banta hai) अगर माँ को पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS), थायरॉइड कम या ज्यादा होना, शुगर, हाई ब्लड प्रेशर या प्रेगनेंसी हॉर्मोन एस्ट्रोजेन व प्रोजेस्ट्रॉन संबंधी समस्याएं हैं, तो उसके स्तनों में शिशु के स्तनपान (breastfeeding in hindi) के लिए पर्याप्त दूध नहीं बन पाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि स्तनों में दूध बनने की प्रक्रिया इन हॉर्मोन्स के स्तर पर निर्भर करती है। कुछ मामलों में अपनी हॉर्मोन संबंधी परेशानी का इलाज करवाने से आपके स्तनों में दूध का उत्पादन सामान्य हो सकता है, हालाँकि इस दौरान आपको शिशु को फॉर्मूला दूध (डॉक्टरों द्वारा माँ के दूध की कमी पूरी करने के लिए सुझाया गया विशेष दूध) पिलाना पड़ सकता है। इसके अलावा इस बारे में डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें। 3. स्तनों का ऑपरेशन होने की वजह से उनमें कम दूध बनता है (Breast milk kam banne ke karan : breast surgery ki vajah se unme kam dudh banta hai) स्तनों का ऑपरेशन होने की वजह से उनमें कम दूध बनता है (Breast milk kam banne ke karan : breast surgery ki vajah se unme kam dudh banta hai) महिला की ब्रेस्ट सर्जरी के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कॉस्मेटिक कारण (स्तनों का आकार कम/ज्यादा करवाना), स्तन की गाँठ आदि। इन ऑपरेशन की वजह से स्तनपान (breastfeeding in hindi) में आने वाली समस्याएं अलग अलग हो सकती हैं। ये इन बातों पर निर्भर करता है कि, ऑपरेशन को कितना वक्त बीत चुका है, ऑपरेशन से स्तन को कितना नुकसान हुआ है। अधिकांश मामलों में डॉक्टर की सलाह से ली गयी थैरेपी और दवाएँ स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ा सकती हैं, लेकिन अगर आपका दूध नहीं बढ़ रहा है तो डॉक्टर की सलाह से शिशु को फॉर्मूला दूध पिलाएं। 4. हॉर्मोनल गर्भ निरोधक के उपयोग से स्तनों में दूध की मात्रा घट सकती है (Breast milk kam banne ke karan : hormonal garbh nirodhak use karne se dudh banna kam ho sakta hai) हॉर्मोनल गर्भ निरोधक के उपयोग से स्तनों में दूध की मात्रा घट सकती है (Breast milk kam banne ke karan : hormonal garbh nirodhak use karne se dudh banna kam ho sakta hai) स्तनपान करवाने वाली कई माँएं सेक्स के दौरान हॉर्मोनल गर्भ निरोधक दवाइयां लेती हैं, लेकिन इसका उनके स्तनों में दूध की मात्रा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकिन कुछ माँओं में हॉर्मोनल गर्भ निरोधक दवाओं की वजह से दूध का उत्पादन कम हो सकता है। अगर आप शिशु के चार माह का होने से पहले इन गर्भ निरोधक दवाओं का उपयोग करने लगती हैं, तो आपके स्तनों में दूध की मात्रा घटने की ज्यादा संभावना होती है। स्तनों में दूध की मात्रा फिर से सामान्य करने के लिए सबसे पहले हॉर्मोनल गर्भ निरोधक दवाएँ लेना बंद करें। अगर आपको किसी रोग के इलाज के तौर पर ये दवाइयां दी जा रही हैं, तो एक बार डॉक्टर को अपनी समस्या बताएं। कुछ माँओं को दूध बढ़ाने की दवाई, आयुर्वेदिक उपचार या ब्रेस्ट पम्पिंग की ज़रूरत भी पड़ सकती है। 5. कुछ दवाएँ या जड़ी बूटियां खाने से स्तनों में दूध बनना कम हो सकता है (Breast milk kam banne ke karan : kuch davaye ya jadi butiya khane se breast me dudh banna ghat sakta hai) सर्दी ज़ुकाम के लिए दी जाने वाली दवाएं खाने से या भोजन में ज्यादा मात्रा में पुदीना, तेज पत्ता या अजमोद (पार्सले) लेने से आपके स्तनों में दूध के उत्पादन पर गलत असर पड़ सकता है। अगर इनमें से कोई भी चीज खाने के बाद आपका दूध कम हो जाए, तो इन्हें खाना तुरंत बंद कर दें और डॉक्टर से दवा के विकल्प के बारे में सलाह लें। 6. अगर शिशु ठीक से स्तनपान नहीं कर पा रहा है, तो माँ के स्तनों में दूध बनना घट सकता है (Breast milk kam banne ke karan : agar baby sahi se dudh nahi pi pa raha hai, to breast milk banna kam ho sakta hai) अगर शिशु ठीक से स्तनपान नहीं कर पा रहा है, तो माँ के स्तनों में दूध बनना घट सकता है (Breast milk kam banne ke karan : agar baby sahi se dudh nahi pi pa raha hai, to breast milk banna kam ho sakta hai) आपके शिशु को किसी प्रकार की शारीरिक समस्या या विकार होने की वजह से स्तनपान (breastfeeding in hindi) करने में परेशानी हो सकती है, जिसकी वजह से आपके स्तनों में दूध बनना कम हो सकता है। उदाहरण के लिए, अगर शिशु को टँग टाई की परेशानी है, यानी उसकी जीभ के नीचे का एक उत्तक उसे मुँह के अंदर ही जोड़कर रखता है। इसकी वजह से शिशु स्तनपान (stanpan) करने के लिए जीभ बाहर नहीं निकाल पाता और वह कम दूध पी पाता है। इसके अलावा चपटे या छोटे निप्पल होने की वजह से भी शिशु को दूध पीने में परेशानी हो सकती है। शिशु को दूध पिलाने से पहले एक या दो मिनट तक उंगलियों से निप्पल को दबाकर दूध बाहर निकालें, इससे निप्पल नर्म हो जाएंगे और शिशु को दूध पीने में आसानी होगी। टँग टाई होने पर शिशु को डॉक्टर के पास ले जाएं, आमतौर पर वे शिशु की चिपकी हुई जीभ को एक छोटी ब्लेड की मदद से मुक्त कर देते हैं और आपका शिशु सामान्य रूप से दूध पी सकता है। इसके अलावा शिशु को अन्य समस्याएं, जैसे कटे होंठ, डाउन सिंड्रोम आदि हैं, तो डॉक्टर की सलाह लें। 7. रात के समय शिशु को स्तनपान ना करवाने से माँ के स्तनों में दूध बनना कम हो सकता है (Breast milk kam banne ke karan : rat me baby ko dudh na pilane se stano me dudh banna kam ho sakta hai) रात के समय शिशु को स्तनपान ना करवाने से माँ के स्तनों में दूध बनना कम हो सकता है (Breast milk kam banne ke karan : rat me baby ko dudh na pilane se stano me dudh banna kam ho sakta hai) कई लोग माँ को शिशु को ज्यादा देर तक सुलाने के ऐसे तरीके बताते हैं, जिनसे वह रात को स्तनपान करने के लिए भी नहीं जागता है। कुछ माँओं को यह तरीका बेहतर लग सकता है, लेकिन शिशु को रात में स्तनपान (stanpan) ना करवाने से उनके स्तनों में दूध का उत्पादन घट सकता है और इससे शिशु के विकास में रुकावट भी आ सकती है। हर माँ के स्तनों की दूध स्टोर करने की क्षमता अलग अलग होती है, रात में शिशु को स्तनपान (breastfeeding in hindi) नहीं कराने से उसके स्तनों में दूध भरा रह सकता है, जिससे दूध बनाने वाले हॉर्मोन का स्राव कम हो जाता है और दूध का उत्पादन घटने लगता है। अपने स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ाने या नियमित रखने के लिए, शिशु को रात के समय स्तनपान करवाना बेहद ज़रूरी है। अगर आपने हाल ही में शिशु को रात में स्तनपान (breastfeeding in hindi) कराना बंद किया है और इससे आपके स्तनों में दूध बनना कम हो गया है, तो उसे रात में स्तनपान कराना फिर से शुरू करने से दूध का उत्पादन बढ़ सकता है। 8. ज्यादा देर रुक कर शिशु को स्तनपान करवाने से माँ के स्तनों में दूध का उत्पादन कम हो सकता है (Breast milk kam banne ke karan : jyada der ruk kar baby ko dudh pilane se stan me dudh banna kam ho sakta hai) ज्यादा देर रुक कर शिशु को स्तनपान करवाने से माँ के स्तनों में दूध का उत्पादन कम हो सकता है (Breast milk kam banne ke karan : jyada der ruk kar baby ko dudh pilane se stan me dudh banna kam ho sakta hai) माँ के स्तनों में शिशु को स्तनपान (breastfeeding in hindi) कराने के लिए लगातार दूध बनता रहता है, लेकिन दूध बनने की दर इस बात पर निर्भर करती है , कि स्तन कितने खाली रहते हैं। दूसरे शब्दों में, आपके स्तन खाली होने पर उनमें ज्यादा दूध बनता है और उनके भरे रहने पर दूध का उत्पादन घट जाता है। ऐसे में अगर आप शिशु को अनियमित रूप से स्तनपान (stanpan) करवाती हैं, तो आपके स्तन ज्यादा समय तक भरे रहने के कारण उनमें दूध बनना कम हो जाता है। अगर आप बच्चे को नियमित रूप से स्तनपान (breastfeeding in hindi) करवाती हैं, तो आपके स्तनों में दूध की मात्रा भी नियमित रहती है। इसके अलावा ब्रेस्ट पम्पिंग के ज़रिए भी स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। 9. प्रसव के समय दी गई दवाओं या शिशु को पीलिया होने की वजह से भी माँ के दूध का उत्पादन घट सकता है (Breast milk kam banne ke karan : delivery me di gayi dawa aur baby ko piliya hone ki vajah se ma ka dudh banna kam ho sakta hai) प्रसव के समय दी गई दवाओं या शिशु को पीलिया होने की वजह से भी माँ के दूध का उत्पादन घट सकता है (Breast milk kam banne ke karan : delivery me di gayi dawa aur baby ko piliya hone ki vajah se ma ka dudh banna kam ho sakta hai) ज्यादातर माँएं यह बात नहीं जानतीं कि प्रसव के दौरान उन्हें दी गयी दवाएँ, जैसे एपीड्यूरल एनेस्थीसिया या डेमेरोल आदि शिशु के सही तरह से लैच करके स्तनपान (breastfeeding in hindi) करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। शिशु पर इनका असर कितने दिनों तक रहेगा, यह दवा की मात्रा और समयावधि पर निर्भर करता है, एक शोध के अनुसार शिशु पर इन दवाओं का असर एक माह तक रह सकता है। इसके अलावा अगर शिशु को पीलिया है, तो इस वजह से भी शिशु को ज्यादा नींद आ सकती है और हो सकता है कि वह बार बार स्तनपान (stanpan) करने के लिए ना जाग पाए। इन दोनों ही स्थितियों में, स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए, आपको स्तनों से दूध निकालना (ब्रेस्ट पम्पिंग) चाहिए। जैसे ही आपका बच्चा स्वस्थ हो जाए और सही तरह से स्तनपान (breastfeeding in hindi) करने लगे, आप ब्रेस्ट पम्पिंग कम कर सकती हैं। 10. शिशु को फॉर्मूला दूध पिलाने से माँ के स्तनों में दूध बनना कम हो जाता है (Breast milk kam banne ke karan : baby ko formula dudh pilane se ma ke stano me dudh banna ghat sakta hai) शिशु को फॉर्मूला दूध पिलाने से माँ के स्तनों में दूध बनना कम हो जाता है (Breast milk kam banne ke karan : baby ko formula dudh pilane se ma ke stano me dudh banna ghat sakta hai) डिलीवरी के बाद शुरुआती कुछ हफ़्तों में अगर आप शिशु को स्तनपान (stanpan) कराने की जगह फॉर्मूला दूध पिलाती हैं, तो इससे आपके स्तनों में दूध का उत्पादन कम हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रसव के बाद के शुरुआती समय में स्तनों में बनने वाले दूध की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है, कि उनसे बाहर कितना दूध निकल रहा है। अगर आप शिशु को कम स्तनपान (breastfeeding in hindi) करवाएंगी और फॉर्मूला दूध पिलाएँगी, तो स्तनों में दूध भरा रहने की वजह से दूध बनना कम हो जाएगा। अगर संभव है, तो शिशु को केवल स्तनपान ही करवाएं, उसे फॉर्मूला दूध ना पिलाएं। लेकिन अगर किसी कारण से शिशु को फॉर्मूला दूध पिलाना बेहद ज़रूरी है, तो उसे साथ ही साथ स्तनपान (breastfeeding in hindi) करवाना जारी रखें। इसके अलावा ब्रेस्ट पम्पिंग से भी आपको स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। स्तनपान करवाने वाली माँओं को पौष्टिक भोजन खाना चाहिए, ताकि उनके स्तनों में पर्याप्त दूध बन सके। अगर आपके स्तनों में शिशु के स्तनपान (stanpan) के लिए पर्याप्त दूध नहीं बन पा रहा है, तो परेशान ना हों और इसके सही कारण का पता लगाने की कोशिश करें। इसके अलावा स्तनों में कम दूध बनने की समस्या के बारे में एक बार डॉक्टर से सलाह लेना आपके लिए बेहतर होगा। साथ ही स्तनों में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्ख़े भी आज़मा सकती हैं।
इस ब्लॉग के विषय - 1. पर्याप्त संख्या में दुग्ध ग्रन्थियां ना होने से स्तनों में कम दूध बनता है (Breast milk kam banne ke karan : dudh granthiya kam hone se stano me kam dudh banta hai), 2. हॉर्मोन संबंधी समस्याओं की वज़ह से स्तनों में पर्याप्त दूध नहीं बन पाता है (Breast milk kam banne ke karan : hormones ki problems se stano me kam dudh banta hai),3. स्तनों का ऑपरेशन होने की वजह से उनमें कम दूध बनता है (Breast milk kam banne ke karan : breast surgery ki vajah se unme kam dudh banta hai), 4. हॉर्मोनल गर्भ निरोधक के उपयोग से स्तनों में दूध की मात्रा घट सकती है (Breast milk kam banne ke karan : hormonal garbh nirodhak use karne se dudh banna kam ho sakta hai), 5. कुछ दवाएँ या जड़ी बूटियां खाने से स्तनों में दूध बनना कम हो सकता है (Breast milk kam banne ke karan : kuch davaye ya jadi butiya khane se breast me dudh banna ghat sakta hai), 6. अगर शिशु ठीक से स्तनपान नहीं कर पा रहा है, तो माँ के स्तनों में दूध बनना घट सकता है (Breast milk kam banne ke karan : agar baby sahi se dudh nahi pi pa raha hai, to breast milk banna kam ho sakta hai), 7. रात के समय शिशु को स्तनपान ना करवाने से माँ के स्तनों में दूध बनना कम हो सकता है (Breast milk kam banne ke karan : rat me baby ko dudh na pilane se stano me dudh banna kam ho sakta hai), 8. ज्यादा देर रुक कर शिशु को स्तनपान करवाने से माँ के स्तनों में दूध का उत्पादन कम हो सकता है (Breast milk kam banne ke karan : jyada der ruk kar baby ko dudh pilane se stan me dudh banna kam ho sakta hai), 9. प्रसव के समय दी गई दवाओं या शिशु को पीलिया होने की वजह से भी माँ के दूध का उत्पादन घट सकता है (Breast milk kam banne ke karan : delivery me di gayi dawa aur baby ko piliya hone ki vajah se ma ka dudh banna kam ho sakta hai), 10. शिशु को फॉर्मूला दूध पिलाने से माँ के स्तनों में दूध बनना कम हो जाता है (Breast milk kam banne ke karan : baby ko formula dudh pilane se ma ke stano me dudh banna ghat sakta hai)
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