शिशु को दस्त लगने के घरेलू उपचार (Navjat shishu ko dast lagne ke gharelu upchar)

शिशु को दस्त लगने के घरेलू उपचार (Navjat shishu ko dast lagne ke gharelu upchar)

नई माँओं के लिए स्तनपान करने वाले नवजात शिशुओं में दस्त का पता लगाना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि स्वस्थ होने पर भी वे एक दिन में कई बार मल त्याग कर सकते हैं। आमतौर पर वे स्तनपान के बाद मल त्याग करते हैं, जो कि काफी पतला होता है। दस्त की समस्या शिशु की सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होती है। इसलिए अपने शिशु को दस्त (navjat shishu ko dast) से बचाये रखने के लिए, उसके आस पास साफ सफाई का खास खयाल रखें। इस ब्लॉग में हम आपको बच्चों के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे बता रहे हैं।

ध्यान दें- अगर आपका बच्चा छह माह से कम आयु का है, तो उस पर कोई घरेलू नुस्खा ना आज़माएँ और उसे डॉक्टर के पास लेकर जाएं।

ब्लॉग में बताए गए घरेलू नुस्खों से छह महीने से अधिक उम्र के शिशुओं को दस्त से राहत मिल सकती है। मगर, इन घरेलू नुस्खों का उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह लेना सबसे बेहतर होगा।

शिशु के दस्त ठीक करने के 16 घरेलू नुस्खे

(Baby ke dast thik karne ke 16 gharelu nuskhe)

छोटे बच्चों को दस्त से राहत देने के 16 घरेलू नुस्खे निम्नलिखित हैं-

1. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को स्तनपान करवाएं-

baby loose motion solution breastfeeding

शिशु के लिए माँ के दूध से बढ़कर कोई दवा नहीं हो सकती है। माँ का दूध एंटीबायोटिक व एंटीइंफेक्टिव गुणों से भरपूर होता है और बच्चे को कई बीमारियों से सुरक्षित रखता है।

आमतौर पर छोटे बच्चों को दस्त लगने पर किसी विशेष उपचार की ज़रूरत नहीं होती है, उनके लिए माँ का दूध एक प्रभावी दवा के तौर पर काम करता है। इसलिए दस्त लगने पर शिशु को भरपूर मात्रा में स्तनपान करवाएं।

2. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को ओ.आर.एस. का घोल पिलाएं-

baby loose motion solution ors

दस्त लगने पर बच्चे के शरीर में पानी व ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। ऐसा होना उसकी सेहत के लिए ठीक नहीं होता है, इसलिए दस्त होने पर शिशु को ओ.आर.एस. का घोल पिलाया जाता है। यह उसके शरीर में पानी व अन्य ज़रूरी पोषक तत्वों (जैसे सोडियम, पोटैशियम आदि) की पूर्ति करता है।

अस्पतालों व दवाई की दुकानों पर पैकेट बंद ओ.आर.एस. मिलता है, जिसे पानी में घोल कर बच्चे को पिलाया जा सकता है। इसके अलावा आप घर पर भी ओ.आर.एस. का घोल तैयार कर सकते हैं।

तरीका- एक लीटर साफ पानी को अच्छी तरह उबाल लें, ताकि उसमें किसी प्रकार के बैक्टीरिया जीवित ना रहें। फिर इसे ठंडा होने दें। इसके बाद इसमें छह चम्मच चीनी और आधी चम्मच नमक डालकर तब तक मिलाएं, जब तक कि ये पानी में पूरी तरह से घुल ना जाएं। अब नियमित अंतराल पर बच्चे को दो से तीन चम्मच घोल पिलाएं।

इसे दो महीने से अधिक आयु के शिशुओं को पिलाया जा सकता है। इस दौरान यह ध्यान रखें, कि उसे सीमित मात्रा में ही घोल पिलाया जाए, वरना वह दूध पीना कम कर सकता है।

3. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को चावल का पानी पिलाएं-

baby loose motion solution rice water

चावल का पानी कई ज़रूरी पोषक तत्वों जैसे प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम और स्टार्च से भरपूर होता है और दस्त के समय शिशु को कमज़ोरी से बचाता है। इसलिए दस्त होने पर उसे चावल का पानी पिलाना फायदेमंद होता है।

तरीका- दो चम्मच चावलों को साफ पानी से धो लें और डेढ़ कप पानी में डालकर अच्छी तरह से उबालें। जब चावल ढंग से पक जाएं, तो उन्हें एक चम्मच से हल्का-हल्का मसल दें। इसके बाद इस मिश्रण को एक छलनी के ज़रिए एक कप या कटोरी में छान कर ठंडा कर लें।

बच्चे को दिन में एक या दो बार चावल का पानी पिलाएं। इसे छह महीने से अधिक उम्र के बच्चों को पिलाया जा सकता है।

4. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को मसूर की दाल का पानी पिलाएं-

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मसूर की दाल प्रोटीन व ऊर्जा से भरपूर होती है और शिशु को चुस्त बनाए रखने में सहायता करती है। इसके साथ ही यह बहुत आसानी से पच जाती है, इसलिए बच्चे को दस्त लगने पर उसे मसूर की दाल का पानी पिलाना बेहद फायदेमंद होता है।

तरीका- दो चम्मच मसूर की दाल को साफ पानी से अच्छी तरह से धोएं। डेढ़ कप पानी में धुली हुई मसूर की दाल, एक-एक चुटकी नमक व हल्दी डालकर उबालें। ढंग से पक जाने के बाद इसके पानी को एक कप में छान लें।

ठंडा होने के बाद शिशु को दिन में दो बार यह पानी पिलाएं। इसे छह महीने से अधिक उम्र के बच्चों को पिलाया जा सकता है।

5. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को गाजर का जूस पिलाएं-

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दस्त के दौरान बच्चे के शरीर में ऊर्जा का स्तर काफी कम हो जाता है और वह सुस्त रहने लगता है। गाजर कई ज़रूरी पोषक तत्वों के साथ ही ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत होती है। ऐसे में गाजर का जूस बच्चे के शरीर में पानी की कमी दूर करने के साथ ही ऊर्जा का स्तर भी बढ़ाता है।

तरीका- एक मध्यम आकार की गाजर को अच्छी तरह से धोकर छील लें। अब इसके छोटे टुकड़े करके मिक्सर में बारीक पीसें और छलनी से एक कप में छान लें।

दिन में एक से दो बार शिशु को यह जूस पिलाएं। इसे छह महीने से अधिक उम्र के बच्चों को पिलाना सुरक्षित है। इसके अलावा अगर आपका बच्चा ठोस भोजन खाता है, तो आप उसे उबालकर मसली हुई गाजर भी खिला सकते हैं।

6. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को साबूदाने का पानी पिलाएं-

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साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत होता है और इसका पाचन बेहद आसान होता है। इसलिए बच्चे को दस्त होने पर साबूदाने का पानी पिलाना फायदेमंद होता है।

तरीका- दो चम्मच साबूदानों को साफ पानी से धोकर एक कप पानी में एक घण्टे के लिए भिगोएं। इसके बाद भीगे हुए साबूदानों को एक-दो कप पानी में तब तक उबालें, जब तक कि वो लगभग घुल न जाएं। फिर एक कप या कटोरी में इसे छान लें।

दिन में एक बार शिशु को यह पानी पिला सकते हैं। यह छह महीने से अधिक उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित है।

7. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को नारियल पानी पिलाएं-

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कई सेहतमंद गुणों से भरपूर नारियल पानी आपके बच्चे को दस्त से राहत देने की रामबाण दवा है। यह उसके शरीर में पानी की कमी को दूर करके उसकी खोई ऊर्जा को वापिस लौटाता है। इसके साथ ही स्वादिष्ट होने की वजह से ज्यादातर बच्चे बिना किसी ना-नुकुर के नारियल पानी पी लेते हैं।

अगर बच्चे को दस्त हो गए हैं, तो उसे दिन में दो से तीन बार नारियल का पानी पिलाएं। सात महीने या इससे अधिक उम्र के शिशुओं को नारियल पानी पिलाना सुरक्षित होता है।

8. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को अनार का जूस पिलाएं-

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विभिन्न प्रकार के विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर अनार हम सभी के लिए फायदेमंद होता है। अगर आपके बच्चे को दस्त हो रहे हैं, तो अनार का जूस ठीक होने में उसकी मदद कर सकता है। यह पचने में आसान होता है और बच्चे को आंतों की ऐंठन से भी राहत दिलाता है।

तरीका- एक अनार को छीलकर एक कटोरी में उसके दाने निकाल लें। अब इन दानों को मिक्सर में डालकर अच्छी तरह से पीस लें और इन्हें एक छलनी की सहायता से छानकर एक कप में इनका जूस निकाल लें।

दस्त लगने पर बच्चे को दिन में नियमित अंतराल पर, दो से तीन बार अनार का जूस पिलाएं। अगर आपके शिशु की उम्र सात महीने या उससे ज्यादा है, तो उसे अनार का जूस पिलाना सुरक्षित है।

9. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को छाछ पिलाएं-

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घर पर तैयार की गई छाछ शिशु के शरीर में उपस्थित हानिकारक बैक्टीरिया व कीटाणुओं को ख़त्म करने में प्रभावी होती है। यह उसके पाचन तंत्र को आराम पहुँचाकर दस्त कम करती है। इसके साथ ही यह स्वादिष्ट भी होती है, जिसकी वजह से बच्चे इसे आराम से पी लेते हैं।

अगर आप चाहें, तो छाछ में एक चुटकी नमक व भुना-बारीक पिसा जीरा मिलाकर बच्चे को पीने के लिए दे सकते हैं। यह आठ महीने या उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित है।

10. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को दही खिलाएं-

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दही कई तरह के विटामिन व पोषक तत्वों से भरपूर होता है। साथ ही इसमें अच्छे बैक्टीरिया भी होते हैं, जो आंतों में जाकर भोजन के पाचन में मदद करते हैं। इसलिए शिशु को दस्त होने पर उसे दही खिलाना फायदेमंद होता है।

आप शिशु को हल्का ठंडा-सादा दही खिला सकते हैं। अगर आप चाहें तो उसे दही में थोड़ा नमक व भुना-बारीक पिसा जीरा मिलाकर भी दे सकती हैं। छह महीने या इससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए दही खाना सुरक्षित है।

11. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को मसला हुआ केला खिलाएं-

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दस्त होने पर बच्चे के शरीर में पोटैशियम व अन्य पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जोकि उसके शरीर के लिए बेहद ज़रूरी होते हैं। केला पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, और विटामिन ए व बी6 से भरपूर होता है।

इसलिए दस्त लगने पर बच्चे को केला खिलाना उसकी सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। सबसे अच्छी बात यह है कि शिशु केले का स्वाद बहुत पसंद करते हैं और वो बिना किसी खास मनुहार के इसे खा लेते हैं।

तरीका- एक साफ ताज़े केले को छीलकर एक कटोरी या बाउल में काटें। अब एक चम्मच की मदद से इसे मसलें और इसका एक पेस्ट बना दें।

अगर बच्चा ठोस आहार खाता है, तो उसे दिन में दो से तीन बार मसला हुआ केला खिलाएं। छह महीने व उससे ज्यादा उम्र के शिशुओं के लिए यह सुरक्षित है।

12. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को उबला हुआ आलू खिलाएं-

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आलू स्टार्च (मांड जैसा एक पदार्थ) से भरपूर होता है, जो दस्त ठीक करने में बेहद मददगार है। इसके साथ ही यह आसानी से पच जाता है। इसलिए अगर शिशु ठोस भोजन खाना खाता है, तो उसे दस्त होने पर उबले आलू खिलाना फायदेमंद होता है।

तरीका- एक बर्तन में पर्याप्त पानी, थोड़ा नमक और एक आलू डालकर अच्छी तरह से उबालें। इसके बाद आलू को छीलकर ठंडा कर लें। अब इसे मसल कर इसमें थोड़ा सा, भुना व बारीक पिसा जीरा मिलाएं।

बच्चे को दस्त होने पर दिन में एक बार उबला हुआ आलू खिला सकते हैं। छह महीने व इससे अधिक उम्र के बच्चे को उबला हुआ आलू खिलाया जा सकता है।

13. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को उबला हुआ सेब खिलाएं-

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सेब पैक्टीन नामक पदार्थ से भरपूर होता है, जो आंतों को स्वस्थ रखता है और मल बाँधने में सहायता करता है। इसलिए बच्चे को उबला सेब खिलाने से उसे दस्त से राहत मिलती है।

तरीका- एक सेब को साफ पानी से धोकर छीलें और एक बाउल या कटोरी में बारीक काट लें। अब इन टुकड़ों को एक कप पानी के साथ अच्छी तरह उबाल लें। इसके बाद सेब के टुकड़ों को एक चम्मच की सहायता से मसलकर पानी में घोल लें। अब इसे ठंडा होने दें।

इसे शिशु को दिन में एक बार खिलाएं। यह छह महीने व उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित है।

14. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को जायफल का पेस्ट चटाएं-

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जायफ़ल नन्हें बच्चों की विभिन्न शारीरिक समस्याओं की एक प्राचीन आयुर्वेदिक दवा है। अगर बच्चे को बार बार दस्त लग जाते हैं, तो उसे जायफ़ल का पेस्ट चटाने से इस समस्या से राहत मिल सकती है।

तरीका- छोटे छेदों वाले कद्दूकस में थोड़ा सा जायफ़ल घिसें और इसमें कुछ बूंद पानी मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें।

बच्चे को दिन में एक से दो बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में यह पेस्ट चटाएं। दस महीने व इससे बड़े शिशुओं को जायफ़ल खिलाया जा सकता है।

15. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे के नाभि पर अखरोट का पेस्ट लगाएं-

कई घरों में अखरोट का उपयोग बच्चे के दस्त रोकने के घरेलू उपचार के रूप में किया जाता है।

तरीका- एक अखरोट को कुछ बूंद पानी के साथ बारीक पीस लें। इस पेस्ट को दिन में एक से दो बार शिशु की नाभि में लगाएं। चार महीने व उससे बड़े बच्चों के लिए यह घरेलू नुस्खा अपनाया जा सकता है।

ध्यान दें- नाभि शिशु के शरीर का बेहद नाज़ुक और संवेदनशील अंग होता है, इसलिए इस घरेलू नुस्खे को आज़माने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होगा।

16. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को दही या पानी में अरारोट पकाकर दें-

अरारोट एक प्रकार का स्टार्च पाउडर होता है और इसका उपयोग लम्बे समय से बच्चों के दस्त ठीक करने के लिए किया जाता है। इसमें एलर्जी ठीक करने का गुण पाया जाता है, जिसकी वजह से यह नन्हे शिशुओं के पेट को हानिकारक कीटाणुओं से मुक्त करता है।

तरीका- एक कप पानी में दो चम्मच अरारोट और एक चुटकी नमक मिलाकर अच्छी तरह पकाएँ। जब मिश्रण दलिये जैसा गाढ़ा हो जाए तो इसे ठंडा कर लें।

इसे दिन में एक बार बच्चे को खिला सकते हैं। यह एक साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों को खिलाया जा सकता है।

ध्यान दें- अगर बच्चे के दस्त 24 घण्टे में ठीक ना हों, तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं। इसके साथ ही अगर वह ठोस आहार नहीं खाता है, तो ब्लॉग में बताए गए ऐसे नुस्खे उस पर ना आज़माएँ, जिनमें उसे कुछ ठोस खिलाने की सलाह दी गयी है।

बच्चे को दस्त (navjat shishu ko dast) लगने पर ब्लॉग में बताए गए घरेलू नुस्खे आपकी मदद कर सकते हैं। अगर वह दस्त के दौरान कुछ खाने-पीने से इनकार कर रहा है, तो उसे जबरदस्ती ना खिलाएं। शिशु के भोजन में तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ा दें, ताकि उसके शरीर में पानी की कमी ना हो। इसके साथ ही दस्त लगने के दौरान उसे मीठा ना खिलाएं।

अगर दस्त के उपचार के घरेलू नुस्खों से शिशु को कोई राहत नहीं मिल रही है या उसमें दस्त के साथ अन्य लक्षण जैसे बुखार आदि भी दिखाई दें, तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं।

इस ब्लॉग के विषय - शिशु के दस्त ठीक करने के 16 घरेलू नुस्खे (Baby ke dast thik karne ke 16 gharelu nuskhe),1. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को स्तनपान करवाएं,2. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को ओ.आर.एस. का घोल पिलाएं,3. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को चावल का पानी पिलाएं,4. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को मसूर की दाल का पानी पिलाएं,5. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को गाजर का जूस पिलाएं,6. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को साबूदाने का पानी पिलाएं,7. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को नारियल पानी पिलाएं,8. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को अनार का जूस पिलाएं,9. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को छाछ पिलाएं,10. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को दही खिलाएं,11. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को मसला हुआ केला खिलाएं,12. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को उबला हुआ आलू खिलाएं,13. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे को उबला हुआ सेब खिलाएं,14. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को जायफल का पेस्ट चटाएं,15. बच्चे के दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय (Baby loose motion solution in hindi) : बच्चे के नाभि पर अखरोट का पेस्ट लगाएँ,16. शिशु के दस्त ठीक करने के घरेलू नुस्खे (Baby loose motion solution in hindi) : शिशु को दही या पानी में अरारोट पकाकर दें
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