बच्चे को रात में टॉयलेट का उपयोग कैसे सिखाएं? (Bache ko raat me toilet use karna kaise sikhaye)

बच्चे को रात में टॉयलेट का उपयोग कैसे सिखाएं? (Bache ko raat me toilet use karna kaise sikhaye)

तीन से साढ़े तीन साल की उम्र तक ज्यादातर बच्चे दिन में टॉयलेट यानी शौचालय का उपयोग करना सीख जाते हैं। अब वो दिनभर अपने कपड़े सूखे रख सकते हैं और आपके बिना कहे पेशाब या मलत्याग करने के लिए शौचालय जा सकते हैं। लेकिन, क्या इसका मतलब ये है कि अब वो रात के समय की टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) के लिए तैयार हैं? इसका जवाब हर बच्चे के लिए अलग हो सकता है।

आमतौर पर दिन के समय शौचालय का उपयोग सीखने के बाद भी, बच्चों को रात के समय पेशाब करने के लिए शौचालय का उपयोग सीखने में, कुछ महीने या साल का समय और लग सकता है।

इस ब्लॉग में हम आपको बच्चे की रात की टॉयलेट ट्रेनिंग से जुड़ी सभी जरूरी बातें और इसके कुछ महत्वपूर्ण उपाय बता रहे हैं।

रात की टॉयलेट ट्रेनिंग दिन की टॉयलेट ट्रेनिंग से अलग कैसे है?

(Raat ki toilet training din ki toilet training se alag kaise hoti hai)

Night Time Potty training - difference

इनके नाम से भले ही आपको इन दोनों में ज्यादा अंतर नज़र ना आए, लेकिन असल में ये दोनों एक-दूसरे से बहुत अलग होती हैं। दिन की टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) के दौरान बच्चा जागता रहता है, इसलिए टॉयलेट जाने की ज़रूरत महसूस होने पर वह तुरंत वहां जा सकता है। मगर, रात के समय सोने के बाद वह होश में नहीं रहता है और उसका दिमाग ही उसके शरीर की सभी मांसपेशियों को नियंत्रित करता है। अगर अभी उसका दिमाग इस काम को ठीक से कर पाने लायक विकसित नहीं हुआ है, तो वह बिस्तर में पेशाब कर सकता है।

सोते हुए बच्चे को टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) देना संभव नहीं है, लेकिन सही उपाय अपनाकर आप उसे रात के समय शौचालय का उपयोग करना सिखा सकते हैं। इसके साथ ही रात की टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) मुख्य रूप से बच्चे के शारीरिक और दिमागी विकास पर निर्भर करती है।

कैसे पहचानें कि बच्चा रात की टॉयलेट ट्रेनिंग के लिए तैयार है?

(Kaise pehchane ki bacha raat ki toilet training ke liye taiyar hai)

Night Time Potty training - readiness

अगर आपका बच्चा करीब छह महीनों तक दिन के समय अपने कपड़ों में पेशाब नहीं करता है और नियमित रूप से टॉयलेट का उपयोग करता है, तो आप उसे रात की टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) देने की शुरुआत कर सकते हैं।

इसके अलावा आप निम्न लक्षणों से भी पता लगा सकते हैं कि आपका बच्चा रात की टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) के लिए तैयार है या नहीं -

बच्चा दिन के समय आपके बिना कहे, अपने आप शौचालय का उपयोग करता है। बच्चा रात के समय डायपर पहनना पसंद नहीं करता है। वो या तो आपको उसे डायपर पहनाने के लिए मना करता है, या फिर सोते समय खुद डायपर को उतारने की कोशिश करता है। आपका बच्चा रात को पेशाब करने के लिए जाग जाता है। यह उसके दिमाग के विकसित होने का संकेत है और अब उसका दिमाग पेशाब लगने पर उसे जगा देता है। जब बच्चा सुबह उठता है, तो उसका डायपर सूखा या बिल्कुल कम गीला होता है।

इसके साथ ही, अपने मन की आवाज़ पर भरोसा कीजिये। अगर आपको लगता है कि बच्चा रात के समय की टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) के लिए तैयार है, तो इसकी शुरुआत कर दीजिए। उसे कुछ दिन कोशिश करने दीजिए।

अगर बच्चा रात के समय एक हफ्ते में दो या इससे ज्यादा बार बिस्तर गीला करता है, तो शायद आपको उस पर थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। साथ ही अगर वो नियमित रूप से बिस्तर गीला कर रहा है, तो उसकी टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) रोक दें और उसे रात के समय शौचालय का उपयोग सीखने के लिए तैयार होने हेतु कुछ हफ़्तों का वक़्त दें।

बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने की तैयारी कैसे करें?

(Bache ko raat ki toilet training dene ki taiyari kaise kare)

Night Time Potty training - training how to

बच्चे को रात के समय टॉयलेट का उपयोग सिखाने की शुरुआत करने से पहले आपको इसकी तैयारी कर लेनी चाहिए, ताकि बाद में आपको व बच्चे को ज्यादा परेशानियों का सामना ना करना पड़े। टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) के दौरान गीला होने की वजह से बच्चे का बिस्तर खराब हो सकता है। इसलिए ट्रेनिंग शुरू करने से पहले आपको प्लास्टिक की शीट या मैट्रेस कवर खरीद लेने चाहिए, इन्हें बिस्तर पर बिछाकर आप इसे गीला होने से बचा सकते हैं।

रात के समय बच्चे को अंधेरे से डर लग सकता है और इस वजह से वह पेशाब लगने पर शौचालय जाने में हिचकिचा सकता है। इसलिए उसके कमरे के बाहर हल्की रौशनी रखें और बाथरूम की लाइट भी जलती हुई रहने दें, ताकि वो बिना डरे बाथरूम में जा पाए।

बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय क्या हैं?

(Bache ko raat ki toilet training dene ke upay kya hai)

Night Time Potty training - tips

इसमें कोई शक नहीं है कि बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) देना काफी मुश्किल है। मगर, नीचे बताए गए उपायों की मदद से ये आपके लिए बहुत आसान साबित हो सकती है -

1. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : डायपर की जगह अंडरवियर पहनाएं

(Tips for night time toilet training in hindi : diaper ke bajay underwear pehnaye)

बच्चे की रात की टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) शुरू करने से पहले उसे डायपर पहनाना बंद कर दें। इसके बजाय उसे सूती अंडरवियर (चड्डी) पहनाएं और कहें - ‘अब आप बड़े हो गए हो, इसलिए अब से डायपर को बाय-बाय कह दो। अब आप बड़े बच्चों की तरह अंडरवियर पहनोगे।’ अब अगर वो बिस्तर गीला करेगा, तो उसे गीलेपन से परेशानी होगी। इससे वो रात में पेशाब करने के लिए बाथरूम का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित होगा।

2. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : सोने से पहले ज्यादा तरल ना दें

(Tips for night time toilet training in hindi : sone se pehle taral na de)

बच्चा रात को सोने से पहले अपने शरीर में उपस्थित अतिरिक्त तरल पदार्थों को पूरी तरह से बाहर नहीं निकाल पाता है। इसलिए विशेषज्ञों के अनुसार आपको उसे सोने से पहले ज्यादा तरल पदार्थ (जैसे पानी, दूध, जूस आदि) नहीं देने चाहिए। हालांकि आप उसे खाना खिलाने के बाद कुछ घूँट पानी पिला सकते हैं। बच्चे को दिनभर खूब तरल पदार्थ दें, ताकि उसके शरीर में पानी की कमी ना हो और उसे रात को कम प्यास लगे।

3. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : स्पष्ट निर्देश दें

(Tips for night time toilet training in hindi : clear directions de)

टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) के दौरान बच्चे को स्पष्ट दिशानिर्देश दें, ताकि वह समझ पाए कि उसे क्या करना चाहिए। उसे सुलाने से पहले समझाएं कि ‘आपको रात में पेशाब करने के लिए टॉयलेट में ही जाना है, बिस्तर में पेशाब नहीं करना है।’ या ‘आपको जब भी पेशाब लगे तो टॉयलेट में जाकर पेशाब करना। वहां की लाइट जली रहेगी, इसलिए अंधेरा भी नहीं होगा। अगर फिर भी आपको टॉयलेट जाने में डर लगे, तो मुझे आवाज़ दे देना।’

4. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : सुलाने से पहले पेशाब करवाएं

(Tips for night time toilet training in hindi : sulane se pehle peshab karvaye)

जब बच्चा रात का खाना खा ले, तो इसके तुरंत बाद उसे पेशाब करवाएं। जब उसके सोने का वक़्त हो जाए, तब उसे सुलाने से पहले एक बार फिर पेशाब करवाएं और समझाएं कि अब वो बड़ा बच्चा बन गया है और बड़े बच्चे बिस्तर में पेशाब नहीं करते। वो हमेशा टॉयलेट में ही पेशाब करते हैं। इससे उसे रात में टॉयलेट का उपयोग करना सीखने की प्रेरणा मिलेगी।

5. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : रात में जगाकर पेशाब करवाएं

(Tips for night time toilet training in hindi : use raat me jagakar peshab karvaye)

बच्चे के सोने के तीन-चार घण्टों बाद उसे जगाकर पेशाब करवाने के लिए टॉयलेट में लेकर जाएं। इस दौरान उसे ये पता होना चाहिए कि आप उसे पेशाब करवाने लेकर जा रहे हैं। इससे वो नींद में डरेगा नहीं और इसके साथ ही वो रात में पेशाब करने के लिए जागना भी सीख पाएगा। अगर आपके बच्चे को नींद से जुड़ी कोई परेशानी है, तो उसे डॉक्टर की सलाह के बिना रात में ना जगाएं।

6. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : अतिरिक्त कपड़े तैयार रखें

(Tips for night time toilet training in hindi : extra kapde taiyar rakhe)

बच्चे को दिन की टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) देने के दौरान आप अतिरिक्त कपड़ों की अहमियत तो समझ ही गए होंगे। इसलिए उसे रात के समय शौचालय का उपयोग सिखाने के दौरान बिस्तर पर बिछाने के लिए कुछ अतिरिक्त चादरें, कंबल और बच्चे के लिए कुछ साफ-सूखे कपड़े तैयार रखें। इससे जब भी आपका बच्चा बिस्तर में पेशाब करेगा, तो आप बिना किसी परेशानी के उसका बिस्तर और कपड़े बदल पाएंगे। ऐसा करने से उसे गीलेपन की वजह से ठंड लगने का खतरा कम हो जाएगा।

7. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : उसे सुबह जल्दी पेशाब करवाएं

(Tips for night time toilet training in hindi : use subah jaldi peshab karvaye)

कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, कई बच्चे रातभर बिस्तर में पेशाब नहीं करते हैं और अलसुबह तक उसे रोककर रख लेते हैं। मगर, सुबह होने के बाद वो इसे रोककर नहीं रख पाते हैं और बिस्तर गीला कर देते हैं। इसलिए आप अपने बच्चे को सुबह जल्दी जगाकर पेशाब करवाएं।

8. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : तनाव ना लें

(Tips for night time toilet training in hindi : tanav na le)

बच्चे की टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) एक दिन में पूरी होना संभव नहीं है। उसे रात के समय पेशाब करने के लिए टॉयलेट का उपयोग करना सीखने में थोड़ा समय लगना जायज है। इसलिए टॉयलेट ट्रेनिंग के दौरान उससे गलतियां होना सामान्य है। इसलिए इसे लेकर परेशान ना हों और ना ही बच्चे को डांटें। इसके बजाय उसे प्यार से समझाएं कि उसे पेशाब करने के लिए शौचालय का उपयोग करने की कोशिश करनी चाहिए।

बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) देने के दौरान जल्दीबाज़ी ना करें। इससे वह तनावग्रस्त हो सकता है और उसे सीखने में सामान्य से ज्यादा समय लगता है। इसलिए उसे उसके ढंग से सीखने दें।

9. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : उसकी कोशिशों की तारीफ करें

(Tips for night time toilet training in hindi : uski koshisho ki tareef kare)

रात को बार-बार जागकर शौचालय में पेशाब करने जाना, बच्चे के लिये आसान नहीं होता है। इसलिये उसकी कोशिशों के लिये उसकी तारीफ करें और उसका उत्साह बढ़ाएं। जब भी वो सुबह बिस्तर गीला किये बिना उठे, तो उसकी ढेर सारी तारीफ करें और उसे प्यार करें। आप चाहें तो उसे छोटा-मोटा तोहफा (जैसे कोई स्टिकर, टॉफी, चॉकलेट, किताब आदि) भी दे सकते हैं। इससे वो रात के समय टॉयलेट में पेशाब करने के लिए प्रेरित होगा और जल्दी सीख पायेगा।

बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने में कितना समय लगता है?

(Bache ko raat ki toilet training dene me kitna vaqt lagta hai)

Night Time Potty training - time

इस बारे में स्पष्ट रूप पर कुछ कहना थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि कुछ बच्चे एक से दो हफ़्तों में ही रात में टॉयलेट का उपयोग करना सीख लेते हैं, जबकि कुछ को यह सीखने में काफी ज्यादा समय लग सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पांच साल का होने तक बच्चे का बिस्तर गीला करना सामान्य है। माना जाता है कि लड़कियां लड़कों की तुलना में रात के समय टॉयलेट का इस्तेमाल करना जल्दी सीखती हैं, लेकिन यह अंतर बहुत ज्यादा नहीं होता है।

बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के दौरान डॉक्टर की सलाह कब लें?

(Bache ko raat ki toilet training dene ke dauran doctor ki salah kab le)

Night Time Potty training - doctor ki salah

हालांकि पांच साल की उम्र तक बच्चों का बिस्तर में पेशाब करना सामान्य है, लेकिन कई बार यह किसी बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। इसलिये अगर निम्न स्थितियों में डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें -

  • अगर आपका बच्चा पांच साल से बड़ा होने के बाद भी रात में बिस्तर गीला करता है।
  • काफी दिनों तक सूखा रहने के बाद, आपका बच्चा अचानक फिर से रात में बिस्तर गीला करने लगा है।
  • बच्चा दिन में सामान्य से अधिक बार पेशाब करने लगा है।
  • आप बच्चे की सेहत के बारे में चिंतित हैं।

बच्चे की टॉयलेट ट्रेनिंग (toilet training in hindi) आपके लिए थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन इस दौरान वो नई चीजें सीखता है, जिनसे उसका शारीरिक व मानसिक विकास होता है। उसे सिखाने के लिए ब्लॉग में बताए गए उपायों को आज़माकर देखें। टॉयलेट ट्रेनिंग (potty training in hindi) के दौरान जल्दीबाज़ी ना करें और सब्र से काम लें, कुछ ही समय बाद आपको सकारात्मक नतीजे नज़र आने लगेंगे।

इस ब्लॉग के विषय - रात की टॉयलेट ट्रेनिंग दिन की टॉयलेट ट्रेनिंग से अलग कैसे है? (Raat ki toilet training din ki toilet training se alag kaise hoti hai)कैसे पहचानें कि बच्चा रात की टॉयलेट ट्रेनिंग के लिए तैयार है? (Kaise pehchane ki bacha raat ki toilet training ke liye taiyar hai)बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने की तैयारी कैसे करें? (Bache ko raat ki toilet training dene ki taiyari kaise kare)बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय क्या हैं? (Bache ko raat ki toilet training dene ke upay kya hai)1. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : डायपर की जगह अंडरवियर पहनाएं (Tips for night time toilet training in hindi : diaper ke bajay underwear pehnaye)2. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : सोने से पहले ज्यादा तरल ना दें (Tips for night time toilet training in hindi : sone se pehle taral na de)3. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : स्पष्ट निर्देश दें (Tips for night time toilet training in hindi : clear directions de)4. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : सुलाने से पहले पेशाब करवाएं (Tips for night time toilet training in hindi : sulane se pehle peshab karvaye)5. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : रात में जगाकर पेशाब करवाएं (Tips for night time toilet training in hindi : use raat me jagakar peshab karvaye)6. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : अतिरिक्त कपड़े तैयार रखें (Tips for night time toilet training in hindi : extra kapde taiyar rakhe)7. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : उसे सुबह जल्दी पेशाब करवाएं (Tips for night time toilet training in hindi : use subah jaldi peshab karvaye)8. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : तनाव ना लें (Tips for night time toilet training in hindi : tanav na le)9. बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के उपाय : उसकी कोशिशों की तारीफ करें (Tips for night time toilet training in hindi : uski koshisho ki tareef kare)बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने में कितना समय लगता है? (Bache ko raat ki toilet training dene me kitna vaqt lagta hai)बच्चे को रात की टॉयलेट ट्रेनिंग देने के दौरान डॉक्टर की सलाह कब लें? (Bache ko raat ki toilet training dene ke dauran doctor ki salah kab le)
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