बच्चे के लिए घर को सुरक्षित कैसे बनाएं? (Bache ke liye ghar ko safe kaise banaye)

बच्चे के लिए घर को सुरक्षित कैसे बनाएं? (Bache ke liye ghar ko safe kaise banaye)
अपने बच्चे को नन्हें कदमों से घर में घूमते हुए देखना भला किसे अच्छा नहीं लगता? बच्चे के चलना शुरू करने से पहले तक आपको अपना घर हर तरह से उसके लिए सुरक्षित लगता होगा, लेकिन अब इस बारे में दोबारा सोचना ज़रूरी है। शिशु के चलना सीखने के बाद आपके घर में मौजूद सामान्य-सी वस्तुएं भी उसे चोट पहुंचा सकती हैं, क्योंकि वह बहुत ज्यादा जिज्ञासु और अनसमझ होता है। इस ब्लॉग में हम आपको घर को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाने (child safety in hindi) के उपाय बता रहे हैं। बच्चों के लिए खतरनाक चीजों की पहचान कैसे करें? (Bache ke liye khatarnak chijo ki pehchan kaise kare) शिशु को घर में किन चीजों से चोट लग सकती है? (Baby ko ghar me kin chijo se chot lag sakti hai) घर को बच्चे के लिए सुरक्षित कैसे बनाएं? (Ghar ko baby ke liye surakshit kaise banaye) किचन को बच्चे के लिए सेफ कैसे बनाएं? (Kitchen ko bache ke liye safe kaise banaye) बाथरूम को बच्चे के लिए सुरक्षित कैसे बनाएं? (Bathroom ko baby ke liye safe kaise banaye) पालने में शिशु की सुरक्षा का ध्यान कैसे रखें? (Palne me baby ki suraksha ka dhyan kaise rakhe) बच्चों के लिए खतरनाक चीजों की पहचान कैसे करें? (Bache ke liye khatarnak chijo ki pehchan kaise kare) अक्सर माता पिता को समझ नहीं आता कि, उनके घर में मौजूद कौनसी चीजें शिशु को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसका पता लगाने का सबसे आसान तरीका यह है कि, आप बच्चा बनकर अपने घर को देखें। नहीं समझे? असल में, बच्चों की तरह घुटनों के बल (दोनों हाथों और पांव ज़मीन पर टिकाकर) चलकर अपने घर का जायज़ा लें। इस तरह आप बच्चे को चोट पहुंचा सकने वाली चीजें आसानी से पहचान सकते हैं। इसके अलावा इससे आपको यह भी पता चल सकेगा कि, बच्चे का हाथ किन-किन वस्तुओं तक पहुंच सकता है और आप घर को उसके लिए ज्यादा सुरक्षित बना पाएंगे। शिशु को घर में किन चीजों से चोट लग सकती है? (Baby ko ghar me kin chijo se chot lag sakti hai) शिशु को घर में किन चीजों से चोट लग सकती है? (Baby ko ghar me kin chijo se chot lag sakti hai) शिशु को मुख्य रूप से निम्न चीजों से चोट लगने का ख़तरा होता है -
  • ज़मीन पर या बच्चे की पहुंच में स्थित बिजली के तार, विद्युत उपकरण, प्लग आदि।
  • कम ऊँचाई पर रखा भारी फ़र्नीचर व अन्य चीजें, जो शिशु के खींचने पर नीचे गिर सकती हों।
  • ज़हरीले पदार्थ, जिन्हें बच्चा खा सकता है या जिनके सम्पर्क में आने से उसके शरीर को नुकसान पहुंच सकता है।
  • काँच की चीजें, जो गिरकर टूट सकती हैं और बिखरे हुए काँच के टुकड़ों से बच्चे को चोट लग सकती है।
  • छोटी और सामान्य दिखने वाली चीजें (जैसे बटन, कीलें, सिक्के, काजू-बादाम, आदि), जो बच्चे के गले में अटक सकती हैं।
  • इसके अलावा भी अन्य कई चीजें हो सकती हैं, उनकी लिस्ट तैयार कर लें।
घर को बच्चे के लिए सुरक्षित कैसे बनाएं? (Ghar ko baby ke liye surakshit kaise banaye) घर को बच्चे के लिए सुरक्षित कैसे बनाएं? (Ghar ko baby ke liye surakshit kaise banaye) घर को बच्चे के लिए इस तरह से सेफ (सुरक्षित) बनाया जा सकता है -
  • खिड़कियों पर सुरक्षा गार्ड लगवाएं - बच्चों की सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए घर की सभी खिड़कियों पर सुरक्षा गार्ड लगवाएं। खिड़कियों पर लगा सुरक्षा गार्ड (सुरक्षा लॉक) उन्हें चार इंच से ज्यादा खुलने से रोकता है। इसके साथ ही खिड़की के पर्दों के नीचे रस्सी या तार नहीं लटकना चाहिए, क्योंकि इसमें उलझने से बच्चे का दम घुट सकता है।
  • भारी सामान दीवार में फिट करवा दें - बच्चों की सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए भारी फ़र्नीचर, ऊँचाई पर रखे भारी सामान (जैसे टीवी, तस्वीरें आदि) को पेचों व बोल्ट्स की सहायता से दीवार में फिट करवा दें। इससे बच्चे पर उनके गिरने का ख़तरा नहीं रहेगा।
  • टूटने वाले समान बच्चों की नज़रों से दूर रखें - बच्चों की सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए टूटने वाले समान (जैसे चीनी मिट्टी का फूलदान, कांच का सामान आदि) को उनकी पहुंच से दूर, यानी अपने कंधों जितनी ऊँचाई पर रखें। इससे बच्चा उन तक पहुंच नहीं पाएगा और उनके गिरकर टूटने से बच्चे को चोट लगने का खतरा नहीं रहेगा।
  • सीढ़ियों पर बेबी गेट लगवाएं - घर में मौजूद सभी सीढ़ियों पर बेबी गेट (बच्चों की सुरक्षा के लिए बने छोटे दरवाज़े) लगवाएं। ये दरवाज़े लगाने से बच्चा आपके बिना सीढ़ियों के ऊपर या नीचे नहीं जा पाएगा, जिससे उसके सीढ़ियों से गिरने का ख़तरा नहीं रहता है।
  • निगलने योग्य चीजें बच्चे की पहुंच में ना रखें - बच्चों की सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए ऐसी सभी चीजों को उनकी पहुंच से दूर रखें, जिन्हें वो निगल सकते हैं, क्योंकि ये चीजें उनके गले में अटक सकती हैं। अगर आपके घर के अंदर पौधे हैं, तो उन्हें भी ऐसी जगह रखें, जहां बच्चा ना पहुंच सके, क्योंकि बच्चा इनकी पत्तियों को तोड़कर निगल सकता है, जो उसकी सेहत के लिए नुक़सानदेह हो सकती हैं। इसके अलावा पौधे की पत्तियां उसके गले में फँस भी सकती हैं।
  • नुकीले किनारों व कोनों वाली चीजों को रबड़ या कपड़े से ढकें - बच्चों की सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए ऐसी सभी चीजें जिनके किनारे पैने और कोने नुकीले हैं, उन्हें नर्म कपड़े या रबड़ के गार्ड से ढँक कर रखें। उदाहरण के तौर पर आप खाना खाने की टेबल पर मेज़पोश बिछाकर बच्चे को उसके नुकीले कोनों से बचा सकते हैं। ऐसा ही घर की बाकी चीजों के साथ भी करें।
  • बिजली के सॉकेट ढककर रखें - अपने बच्चे के चलना शुरू करने के बाद उसकी सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए घर में मौजूद बिजली के उन सभी सॉकेट्स (प्लग लगाने की जगह) को ढककर रखें, जिन तक बच्चे का हाथ पहुंच सकता है। बच्चे की छोटी उंगलियां सॉकेट में जाने की वजह से उसे करंट लग सकता है, जो उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में बच्चे को सॉकेट्स से दूर रखना ही उसके लिए बेहतर होगा।
  • मुख्य दरवाज़े पर सेफ्टी डोर लगवाएं - बच्चों की सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए घर के मुख्य दरवाज़े पर सेफ्टी डोर (जालीदार दरवाज़ा) लगवाएं, ताकि अंदर की तरफ से मुख्य दरवाज़ा खुला रहने पर घर में हवा भी आती रहे और साथ ही बच्चा घर से बाहर भी ना जा पाए। इसके अलावा मुख्य द्वार पर जालीदार दरवाज़ा लगवाना आपकी सुरक्षा की दृष्टि से भी अच्छा होता है, क्योंकि इससे आप बिना दरवाज़ा खोले बाहर देख सकती हैं, कि "कौन आया है?"
किचन को बच्चे के लिए सेफ कैसे बनाएं? (Kitchen ko bache ke liye safe kaise banaye) किचन को बच्चे के लिए सेफ कैसे बनाएं? (Kitchen ko bache ke liye safe kaise banaye) आप अपने घर के किचन यानी रसोईघर को बच्चे के लिए निम्न उपायों के ज़रिए सुरक्षित बना सकती हैं -
  • किचन के उपकरणों को ऊंचाई पर या अलमारी में रखें - अब तक आप किचन के उपकरणों जैसे मिक्सर आदि को शैल्फ (खाना बनाने वाली अलमारी) पर रखती आई हैं, लेकिन अब बच्चे का हाथ इन उपकरणों तक पहुंच सकता है और वो इन्हें खींच कर अपने ऊपर गिरा सकते हैं। इसलिए बच्चे के चलना शुरू करने के बाद उसकी सुरक्षा के लिए इन्हें ऊंचाई पर या किचन की अलमारी में रखें, जहां बच्चे का हाथ ना पहुंच पाए।
  • विद्युत उपकरणों के दरवाज़ों पर सुरक्षा कुंडी लगवाएं - किचन में स्थित रेफ्रिजरेटर, ओवन जैसे विद्युत उपकरण जहां एक तरह हमारे खाने को विभिन्न तरह से स्वादिष्ट बनाते हैं, वहीं दूसरी तरह इनसे बच्चों को चोट लगने का विशेष ख़तरा होता है। इसलिए बच्चों की सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए ऐसे उपकरणों के दरवाज़ों पर सुरक्षा कुंडी लगवाएं, ताकि बच्चा दुर्घटनावश कभी इनमें बंद ना हो सके।
  • गैस, स्टोव व ओवन को ऑन करने का बटन ढककर रखें - बच्चे हर चीज को जानने के लिए बहुत उत्सुक रहते हैं, इसलिए जो भी चीज हाथ में आती है वो उसे उलट-पुलट कर देखने लगते हैं। ऐसे में बच्चे किचन में गैस, स्टोव या ओवन का बटन घुमाकर उसे चालू भी कर सकते हैं, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। इसलिए अपने बच्चे को सुरक्षित (child safety in hindi) रखने के लिए गैस व ओवन आदि को ऑन करने का बटन ढककर रखें। अगर हो सके, तो उन पर सुरक्षा लॉक लगवा लें।
  • नीचे स्थित अलमारियों में कुंडी व ताले लगवाएं - बच्चों की सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए किचन में नीचे स्थित ऐसी अलमारियां, जिन तक उनका हाथ पहुंच सकता है, उनमें कुंडी व ताले लगवाएं, ताकि बच्चों को उनसे चोट लगने की आशंका ना रहे। इसके साथ ही इससे बच्चा, उनमें रखे समान से भी दूर रहेगा।
  • बच्चे को नुकसान पहुंचा सकने वाली सभी चीजें अलमारी में बंद करके रखें - किचन में ऐसी कई चीजें (जैसे चाकू, सफाई करने वाले कैमिकल, पॉलिथीन की थैली आदि) होती हैं, जिनसे बच्चे को चोट लग सकती है। इसलिए बच्चों की सुरक्षा (child safety in hindi) के लिए इन्हें उनकी पहुंच और नज़रों से दूर रखें। इस काम के लिए किचन में ऊंचाई पर स्थित कोई ऐसी अलमारी सबसे बेहतर होगी जिसमें सुरक्षा कुंडी भी लगी हो।
बाथरूम को बच्चे के लिए सुरक्षित कैसे बनाएं? (Bathroom ko baby ke liye safe kaise banaye) बाथरूम को बच्चे के लिए सुरक्षित कैसे बनाएं? (Bathroom ko baby ke liye safe kaise banaye) अपने बाथरूम यानी स्नानघर को इन उपायों से बच्चे के लिए सुरक्षित बनाया जा सकता है -
  • तार वाले विद्युत उपकरण छिपाकर रखें - बाथरूम में कई तरह के विद्युत उपकरण होते हैं, जैसे बाल सुखाने की मशीन (हेयर ड्रायर), पानी गर्म करने की छड़ आदि। इन सभी उपकरणों से बच्चे को चोट लगने का ख़तरा होता है, क्योंकि इनके तारों में उलझकर बच्चे का दम घुट सकता है। इसके अलावा बच्चे को इन उपकरणों से करंट लगने की आशंका भी रहती है। इसलिए बच्चों की सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए बाथरूम में जितने भी तार वाले बिजली के उपकरण हैं, उन्हें उनकी पहुंच से दूर, किसी अलमारी में बंद करके या ऊंचाई पर रखें।
  • दरवाज़ा बंद रखें और टॉयलेट सीट ढककर रखें - एक बार चलना शुरू करने के बाद बच्चा पूरे घर में घूमता रहता है, ऐसे में बाथरूम को भी उसके लिए सुरक्षित बनाना ज़रूरी है। बच्चे की सुरक्षा (child safety in hindi) के लिए बाथरूम का दरवाज़ा बंद करके रखें और टॉयलेट सीट को ढककर रखें, क्योंकि बच्चा थोड़े से पानी में भी डूब सकता है।
  • नहाने का सामान बच्चे की पहुंच से दूर रखें - आपकी नज़र से बच कर बच्चा बाथरूम में घुस सकता है। ऐसे में उसकी सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए बाथरूम में उपस्थित नहाने का सामान (जैसे साबुन, शैम्पू, फेसवॉश आदि) उसकी पहुंच से दूर, किसी ऊँची जगह या अलमारी में बंद करके रखें। ये चीज़ें बच्चे के हाथ में आने पर वह उन्हें खा सकता है, जिससे उसकी सेहत को गंभीर ख़तरा हो सकता है, इसलिए इन्हें बच्चे से दूर रखना ज़रूरी है।
  • बाथरूम का फ़र्श सूखा रखें - आपसे बाथरूम का दरवाज़ा खुला रह जाने पर बच्चा वहां पहुंच सकता है। बाथरूम की सभी चीजें बच्चे की पहुंच से दूर रखने के साथ ही वहां का फर्श भी सुखाकर रखें। गीले फर्श पर बच्चा फिसलकर गिर सकता है और उसे चोट लग सकती है।
पालने में शिशु की सुरक्षा का ध्यान कैसे रखें? (Palne me baby ki suraksha ka dhyan kaise rakhe) पालने में शिशु की सुरक्षा का ध्यान कैसे रखें? (Palne me baby ki suraksha ka dhyan kaise rakhe) ज्यादातर लोग मानते हैं कि, बच्चे के लिए उसके पालने से ज्यादा सुरक्षित कोई और जगह नहीं होती। मगर जनाब ऐसा नहीं है, यहाँ भी शिशु को कई प्रकार के ख़तरे हो सकते हैं, इसलिए पालने में शिशु की सुरक्षा (child safety in hindi) के लिए निम्न उपायों को अपनाएं -
  • पालने में बहुत ज्यादा कपड़े ना रखें - माना कि छोटे बच्चों को बड़ों से ज्यादा ठंड लगती है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि उन्हें ढेर सारे कपड़ों में सुलाया जाए। पालने में ज़रूरत से ज्यादा कपड़ों में लपेट कर सुलाने से छोटे शिशु की नींद में अचानक मृत्यु (SIDS in hindi) हो सकती है। इसलिए बच्चों की सुरक्षा (bacho ki suraksha) के लिए उन्हें सुलाते वक़्त पालने में से अतिरिक्त कपड़े और खिलौने हटा लें।
  • पालने को खिड़की से दूर रखें - बच्चों की सुरक्षा (child safety in hindi) के लिए उनके चलना व खड़ा होना सीखने के बाद उनका पालना खिड़की के पास ना रखें। वह खड़ा होकर खिड़की को खोल सकता है और उसे चोट लग सकती है।
अपने घर को बच्चे के लिए सुरक्षित बनाकर आप उसके चलना सीखने की प्रक्रिया को मज़ेदार बना सकते हैं। तमाम सावधानियों के बावजूद छोटे बच्चों को चलना सीखने के दौरान चोट लग सकती है, इसलिए घर में उनके प्राथमिक उपचार का सामान तैयार रखें। अपने घर को बेबीप्रूफ़ यानी शिशु के लिए सुरक्षित बनाने (child safety in hindi) के लिए ब्लॉग में बताए गए उपायों को अपनाएं। साथ ही इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञों की सलाह भी ले सकते हैं।
इस ब्लॉग के विषय - बच्चों के लिए खतरनाक चीजों की पहचान कैसे करें? (Bache ke liye khatarnak chijo ki pehchan kaise kare), शिशु को घर में किन चीजों से चोट लग सकती है? (Baby ko ghar me kin chijo se chot lag sakti hai), घर को बच्चे के लिए सुरक्षित कैसे बनाएं? (Ghar ko baby ke liye surakshit kaise banaye),किचन को बच्चे के लिए सेफ कैसे बनाएं? (Kitchen ko bache ke liye safe kaise banaye), बाथरूम को बच्चे के लिए सुरक्षित कैसे बनाएं? (Bathroom ko baby ke liye safe kaise banaye), पालने में शिशु की सुरक्षा का ध्यान कैसे रखें? (Palne me baby ki suraksha ka dhyan kaise rakhe)
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