प्लेसेंटा प्रिविआ के लक्षण, कारण और बचने के उपाय (placenta previa ke lakshan, karan aur bachne ke upay)

प्लेसेंटा प्रिविआ के लक्षण, कारण और बचने के उपाय (placenta previa ke lakshan, karan aur bachne ke upay)

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओँ को कई तरह की परेशानियां घेरे रहती हैं। प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) भी उन्हीं परेशानियों में से एक है। शोध बताते हैं कि प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) की समस्या 500 महिलाओं में से केवल एक को होती है, इसीलिए इसे आम नहीं माना जाता।

आमतौर पर प्लेसेंटा प्रिविआ (plecenta previa in hindi) गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के अंतिम दौर में विकसित होता है और गंभीर मामलों में इसकी वजह से गर्भवती महिला को अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर गर्भवती को सिजेरियन डिलीवरी (cesarean delivery in hindi) करवाने की सलाह देते हैं।

हम आपको इस ब्लॉग में गर्भावस्था में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) से जुडी सभी जानकारियां दे रहे हैं।

1. प्लेसेंटा प्रिविआ क्या होता है?

(placenta previa kya hota hai)

प्लेसेंटा (placenta in hindi) एक प्रकार की संरचना होती है, जो प्रेगनेंसी के दौरान गर्भाशय के अंदर ही विकसित होती है। आमतौर पर ज्यादातर महिलाओं में यह गर्भाशय के ऊपर की ओर विकसित होता है, लेकिन कुछ मामलों में प्लेसेंटा अपनी निर्धारित जगह पर विकसित नहीं होता और गर्भाशय के निचले भाग में यानी गर्भाशय ग्रीवा या सर्विक्स (cervix in hindi) के पास विकसित होने लगता है। एेसी स्थिति को प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) कहते हैं। इससे कई बार गर्भाशय ग्रीवा आंशिक या पूर्ण रूप से ढक जाती है।

प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा का काम गर्भ में पल रहे शिशु की गर्भनाल (umbilical cord in hindi) के ज़रिए उस तक जरूरी पोषक तत्व पहुंचाना और खून की आपूर्ति करना होता है। प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) तीन प्रकार के होते हैं।

  • कम्पलीट प्लेसेंटा प्रिविआ: कम्पलीट प्लेसेंटा प्रिविआ (complete placenta previa in hindi) की स्थिति में यह गर्भ से लेकर गर्भाशय ग्रीवा तक फैला होता है।
  • पार्शियल प्लेसेंटा प्रिविआ: पार्शियल प्लेसेंटा प्रिविआ (partial placenta previa in hindi) की स्थिति में यह गर्भाशय ग्रीवा को आंशिक रूप से ढक लेता है।
  • मार्जिनल प्लेसेंटा प्रिविआ: मार्जिनल प्लेसेंटा प्रिविआ (marginal placenta previa in hindi) की स्थिति में यह गर्भाशय ग्रीवा या सर्विक्स वॉल के पास स्थित होता है, लेकिन इसके द्वार को किसी प्रकार से ढकता नहीं है। मार्जिनल प्लेसेंटा प्रिविआ को लो-लाइंग प्लेसेंटा (low lying placenta in hindi) और लो-प्लेसेंटा (low placenta in hindi) भी कहा जाता है।

2. प्लेसेंटा प्रिविआ के लक्षण क्या होते हैं?

(placenta previa ke lakshan kya hote hai)

Placenta previa - lakshan

प्लेसेंटा प्रिविआ के कुछ प्रमुख लक्षण निम्न हैं-

  • रक्तस्राव होना- गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) होने का सबसे पहला और महत्वपूर्ण लक्षण रक्तस्राव (bleeding during pregnancy in hindi) होता है। यह प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही के अंतिम दौर में यानी 20वें हफ्ते में शुरू हो सकता है।

    विशेषज्ञ कहते हैं कि कई मामलों में यह गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए जानलेवा हो सकता है।

  • गर्भाशय का आकार बड़ा होना- प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही के दौरान गर्भाशय का आकार सामान्य से ज्यादा बड़ा होना प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) का लक्षण हो सकता है।

  • गर्भ में शिशु का उचित अवस्था में न होना- आमतौर पर प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही के दौरान शिशु का सिर नीचे की ओर होता है, जो कि उसकी सामान्य स्थिति होती है। लेकिन प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) होने की स्थिति में शिशु की स्थिति आड़ी (transverse position in hindi) हो सकती है।

  • समय से पहले संकुचन- गर्भावस्था में समय से पहले संकुचन (premature contractions in hindi) होना भी प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) होने का संकेत हो सकता है। इससे गर्भवती को प्रसव पीड़ा (labor pain in hindi) शुरू हो सकती है।

ध्यान रखें- ऊपर बताए गए सभी लक्षण प्रेगनेंसी के दौरान किसी अन्य समस्या के संकेत भी हो सकते हैं, इसीलिए संदेह होने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

3. प्लेसेंटा प्रिविआ के कारण क्या होते हैं?

(placenta previa ke karan kya hote hai)

Placenta previa - karan

प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) होने के सटीक कारणों का पता अब तक नहीं लगाया जा सका है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार निम्न कारणों से गर्भवती को प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा प्रिविआ हो सकता है-

  • प्लेसेंटा प्रिविआ होने का कारण: गर्भाशय में पहले चीरा लगा होना- अगर किसी महिला को किसी प्रकार के अॉपरेशन जैसे डी एंड सी (डाइलेशन एंड क्यूरेटेज / D & C in hindi) के दौरान गर्भाशय में चीरा लगा है तो एेसे में उसे प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) हो सकता है।

  • प्लेसेंटा प्रिविआ होने का कारण: सिजेरियन डिलीवरी होना- अगर किसी महिला को पिछली प्रेगनेंसी में सिजेरियन डिलीवरी हो चुकी है, तो उसे वर्तमान प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) होने की आशंका होती है।

  • प्लेसेंटा प्रिविआ होने का कारण: पिछली प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा प्रिविआ होना- यदि किसी महिला को उसकी पिछली प्रेगनेंसी के दौरान प्लेसेंटा प्रिविआ हुआ हो, तो उसे उसकी वर्तमान प्रेगनेंसी मेें प्लेसेंटा प्रिविआ होने की ज्यादा संभावना होती है।

  • प्लेसेंटा प्रिविआ होने का कारण: गर्भ में एक से ज्यादा बच्चे होना- अगर गर्भवती के पेट में एक से ज्यादा बच्चे हैं, तो उसे गर्भावस्था में प्लेसेंटा प्रिविआ हो सकता है।

  • प्लेसेंटा प्रिविआ होने का कारण: धूम्रपान करना- गर्भावस्था के पहले या गर्भावस्था में धूम्रपान करना कई मायनों में सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। धूम्रपान से गर्भवती के शरीर में पहुंचने वाले हानिकारक रसायनों (जैसे निकोटिन आदि) की वजह से गर्भवती को प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) होने का खतरा हो सकता है।

  • प्लेसेंटा प्रिविआ होने का कारण: महिला की उम्र 35 वर्ष से ज्यादा होना- यदि कोई महिला 35 वर्ष या उससे ज्यादा की उम्र में गर्भधारण करती है तो उसे प्लेसेंटा प्रिविआ हो सकता है।

4. प्लेसेंटा प्रिविआ की जांच कैसे की जाती है?

(placenta previa ki jaanch kaise ki jati hai)

Placenta previa - jaanch

आमतौर पर गर्भावस्था में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) की जांच दो प्रकार के अल्ट्रासाउंड (ultrasound in pregnancy in hindi) के ज़रिए की जाती है।

  • पेट के निचले हिस्से की सामान्य अल्ट्रासाउंड जांच।
  • योनि के अंदरूनी हिस्से का ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड जांच (transvaginal ultrasound in pregnancy in hindi)। ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड के दौरान, एक यंत्र के माध्यम से योनि और सर्विक्स आदि अंदरूनी अंगों की जांच की जाती है। इससे गर्भवती महिला के गर्भाशय में प्लेसेंटा की सटीक स्थिति का पता लगाया जाता है।

5. प्लेसेंटा प्रिविआ का इलाज क्या है?

(placenta previa ka ilaj kya hai)

गर्भावस्था में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) का कोई निश्चित इलाज नहीं है। आमतौर पर ज्यादातर गर्भवतियों को प्लेसेंटा प्रिविआ के इलाज की ज़रूरत नहीं होती है, क्योंकि उनके प्रसव की अनुमानित तिथि तक उनका प्लेसेंटा सर्विक्स के मुंह से हटकर एक तरफ पहुंच जाता है।

6. प्लेसेंटा प्रिविआ ठीक न होने पर क्या होता है?

(pregnancy me placenta previa thik na hone par kya hota hai)

Placenta previa - theek na ho toh kya kare

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही तक प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) ठीक न होने पर गर्भवती को योनि से रक्तस्राव हो सकता है, इसीलिए डॉक्टर नियमित अंतराल पर इसकी जांच करते हैं।

प्लेसेंटा प्रिविआ की स्थिति में सामान्य प्रसव के दौरान गर्भवती का बहुत ज्यादा खून बह सकता है। इस स्थिति में मां व शिशु की जान को खतरा हो सकता है। इसीलिए अगर प्रसव की अनुमानित तिथि से कुछ दिन या हफ्ते पहले तक प्लेसेंटा सर्विक्स के मुंह से न हटे तो, डॉक्टर गर्भवती को पूर्वनियोजित सिजेरियन डिलीवरी (pre planned cesarean delivery in hindi) करवाने की सलाह देते हैं।

7. प्लेसेंटा प्रिविआ से बचने के उपाय क्या हैं?

(placenta previa se bachne ke upay kya hai)

Placenta previa - bachne ke upay

विशेषज्ञों का कहना है कि यूं तो गर्भावस्था में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) को रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ बातों का ख्याल रख कर इसके होने की संभावना को कम किया जा सकता है। प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा प्रिविआ से बचने के उपाय नीचे बताए गए है।

  • ध्रूम्रपान न करें
  • जितना हो सके आराम करें
  • सेक्स से परहेज करें
  • बहुत ज्यादा थकाने वाली शारीरिक गतिविधियां न करें
  • मेडिकल जरूरत हो तभी सिजेरियन डिलीवरी करवाएं

8. प्लेसेंटा प्रिविआ होने पर क्या सावधानी बरतें?

(placenta previa hone par kya savdhani barte)

Placenta previa - savdhaani barte

  • ज्यादा से ज्यादा आराम करें
  • अत्यधिक रक्तस्राव होने पर डॉक्टर को दिखाएं
  • रक्तस्राव होने के दौरान स्वच्छता का ख्याल रखें
  • घर के कामों में किसी की मदद लें
  • रोज़ाना निर्धारित समय पर सोएं
  • इन उपायों के साथ ही अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें

प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा प्रिविया होने पर क्या न करें (pregnancy me placenta previa hone par kya na kare):

  • बहुत ज्यादा थकाने वाले व्यायाम या कसरत न करें
  • भारी वस्तुएं न उठाएं
  • चिंता न करें एवं तनाव से दूर रहें
  • लंबी यात्रा न करें
  • ज्यादा सीढ़ियां न चढ़ें
  • एक ही जगह ज्यादा देर तक खड़े न रहें

याद रखें: अगर गर्भावस्था में किसी भी समय आपको लगे कि योनि से असामान्य मात्रा में रक्तस्राव हो रहा है, तो तुरंत अस्पताल जाएं। इसके साथ ही अगर आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कोई अन्य समस्या है, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।

9. प्रेगनेंसी मेें प्लेसेंटा प्रिविआ होने के क्या खतरे हैं?

(pregnancy me placenta previa hone ke kya khatre hai)

Placenta previa - khatre

आमतौर पर प्लेसेंटा प्रिविआ कुछ समय के बाद अपने आप ठीक हो जाता है, परंतु कुछ गंभीर मामलों में इससे मां और शिशु के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। प्लेसेंटा प्रिविआ होने की स्थिति में गर्भवती महिला को निम्न खतरे हो सकते हैं-

  • समय पूर्व प्रसव- अक्सर गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में प्लेसेंटा प्रिविआ होने के कारण महिलाओँ को समय पूर्व प्रसव (premature delivery in hindi) होने का ख़तरा हो सकता है।

  • ज्यादा रक्तस्राव या ब्लीडिंग- गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) होने की वजह से गर्भवती को ज्यादा रक्तस्राव हो सकता है।

  • आपातकालीन सिजेरियन डिलीवरी- डिलीवरी के दौरान प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) होने की वजह से गर्भवती महिला का ज्यादा खून बह सकता है। इसकी वजह से उसकी आपातकालीन सिजेरियन डिलीवरी (emergency cesarean delivery in hindi) करनी पड़ सकती है। यह स्थिति मां और बच्चे के लिए जानलेवा हो सकती है।

  • प्लेसेंटा एक्रीटा- गर्भावस्था में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) होने पर प्रेग्नेंट महिला को प्लेसेंटा एक्रीटा (placenta accreta in hindi) होने का खतरा हो सकता है। प्लेसेंटा एक्रीटा एक एेसी स्थिति होती है, जहां प्लेसेंटा गर्भाशय की दीवार में सामान्य से ज्यादा अंदर स्थित होता है। इस स्थिति में अक्सर डिलीवरी के बाद प्लेसेंटा का एक भाग या पूरा प्लेसेंटा गर्भाशय की दीवार में ही रह जाता है। इससे डिलीवरी के दौरान व इसके बाद मां को अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है।

सामान्य मामलों में प्रसव की तय तिथि तक प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) की समस्या अपने आप ठीक हो जाती है और प्लेसेंटा सर्विक्स के मुंह से एक तरफ हट जाता है। मगर, यह ठीक न होने की स्थिति में गर्भवती को डिलीवरी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है। यह मां और बच्चे के लिए जानलेवा हो सकता है।

इसीलिए गर्भावस्था में प्लेसेंटा प्रिविआ (placenta previa in hindi) होने की आशंका या होने का पता चलते ही डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह के अनुसार ही दिनचर्या अपनाएं।

इस ब्लॉग के विषय- 1. प्लेसेंटा प्रिविआ क्या होता है? (placenta previa kya hota hai)2. प्लेसेंटा प्रिविआ के लक्षण क्या होते हैं? (placenta previa ke lakshan kya hote hai)3. प्लेसेंटा प्रिविआ के कारण क्या होते हैं? (placenta previa ke karan kya hote hai)4. प्लेसेंटा प्रिविआ की जांच कैसे की जाती है? (placenta previa ki janch kaise ki jati hai)5. प्लेसेंटा प्रिविआ का इलाज क्या है? (placenta previa ka ilaj kya hai)6. प्लेसेंटा प्रिविआ ठीक न होने पर क्या होता है? (pregnancy me placenta previa thik na hone par kya hota hai)7. प्लेसेंटा प्रिविआ से बचने के उपाय क्या हैं? (placenta previa se bachne ke upay kya hai)8. प्लेसेंटा प्रिविआ होने पर क्या सावधानी बरतें? (placenta previa hone par kya savdhani barte)9. प्रेगनेंसी मेें प्लेसेंटा प्रिविआ होने के क्या खतरे हैं? (pregnancy me placenta previa hone ke kya khatre hai)
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