गर्भावस्था में सूजन या इडिमा : कारण, नुक्सान और उपाय (pregnancy me sujan ya edema : karan, nuksan aur upay)

गर्भावस्था में सूजन या इडिमा : कारण, नुक्सान और उपाय (pregnancy me sujan ya edema : karan, nuksan aur upay)
प्रेग्नेंसी में महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी कई साधारण समस्याएं होती है जिससे पूरी प्रेग्नेंसी में उन्हें अलग-अलग परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्हीं आम समस्याओं में से प्रेगनेंसी में सूजन या इडिमा (swelling during pregnancy in hindi) की समस्या एक है। भारत में लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं को गर्भावस्था में सूजन की समस्या होती है। यह समस्या आम होने के साथ ही थोड़ी तकलीफदेह भी होती है। इस ब्लॉग में गर्भावस्था में सूजन (swelling during pregnancy in hindi) के लक्षण, कारण और उपायों के बारे बताया जा रहा है - 1. गर्भावस्था में सूजन या इडिमा क्या है? (pregnacy me sujan ya edema kya hai) 2. गर्भावस्था में सूजन कब होती है? (garbhavastha me sujan kab hoti hai) 3. गर्भावस्था में सूजन के कारण क्या होते हैं? (pregnancy me sujan ke karan kya hote hai) 4. क्या गर्भावस्था में सूजन होना सामान्य है? (kya garbhavastha me sujan hona samanya hai) 5. क्या प्रेगनेंसी में सूजन हानिकारक है? (kya pregnancy me sujan hanikarak hai) 6. गर्भावस्था में सूजन कम करने के घरेलू उपाय क्या हैं? (pregnancy me sujan kam karne ke gharelu upay kya hai) 7. गर्भावस्था में सूजन कम करने के लिए क्या एक्सरसाइज कर सकते हैं? (garbhavastha me sujan kam karne ke liye kya exercise kar sakte hai) 1. गर्भावस्था में सूजन या इडिमा होना (swelling during pregnancy in hindi) गर्भावस्था में सूजन या इडिमा होना (swelling during pregnancy in hindi) आमतौर पर प्रेगनेंट महिलाओं के शरीर में रक्त और तरल पदार्थों की मात्रा अतिरिक्त होने से उनमें सूजन (इडिमा) की समस्या होती है। गर्भावस्था के दौरान गर्भ में जैसे-जैसे शिशु का विकास होता है, उसे बढ़ने के लिए उतनी ही जगह की जरूरत होती है, और इसी वजह से गर्भाशय में पानी की मात्रा बढ़ने लगती है। प्रेग्नेंसी में गर्भाशय का बढ़ता आकार, पेल्विक क्षेत्र की नसों और शरीर के दाहिने तरफ की बड़ी नसों पर दबाव बनाता है। इसी के कारण शरीर के निचले हिस्सों में रक्त प्रवाह धीमा होकर किसी एक जगह खून जमा होने लगता है। एक जगह खून जमा होने के बाद वहां से द्रव (पानी) की छोटी नलिकाएं शरीर के निचले हिस्से की ओर बढ़ती है। यही द्रव (पानी) जाकर पैरों और टखनों में जमा होकर सूजन बनाती है। 2. गर्भावस्था में सूजन कब होती है? (pregnancy me sujan kab hoti hai) गर्भावस्था में सूजन कब होती है? (pregnancy me sujan kab hoti hai) गर्भावस्था में सूजन (swelling during pregnancy in hindi) की समस्या प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही से शुरु होती है, जो कि आमतौर पर तीसरी तिमाही तक रहती है। प्रेगनेंट महिलाओं में सूजन की समस्या रात में सोने के बाद सुबह नहीं रहती लेकिन दिन गुजरने के साथ यह फिर से वापस आ जाती है। क्योंकि गर्भावस्था में सूजन (swelling during pregnancy in hindi) ज्यादातर हाथों और पैरों में होती है, इसीलिए कई महिलाएं हाथों और पैरों में होने वाली सूजन से दर्द भी महसूस करती हैं। 3. गर्भावस्था में सूजन के कारण क्या होते हैं? (pregnancy me sujan ke karan) गर्भावस्था में सूजन के कारण क्या होते हैं? (pregnancy me sujan ke karan) गर्भावस्था में सूजन (swelling during pregnancy in hindi) के कारण आम सूजन से कुछ अलग होते हैं। प्रेगनेंसी में होने वाले सूजन के कारण नीचे बताए गए हैं -
  • अगर आपका वज़न सामान्य से ज्यादा है तो पैरों में दर्द और सूजन की शिकायत हो सकती है।
  • अगर आप पानी कम पीती हैं तो भी पैरों में सूजन और दर्द की समस्या हो सकती है।
  • कुछ महिलाओं में खून की कमी (anemia in hindi) होने से भी पैरों में सूजन की शिकायत होती है।
  • प्रेगनेंसी में जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा कम होने से भी पैरों में दर्द और सूजन हो सकती है।
  • प्रेग्नेंसी में गर्भाशय (uterus in hindi) के बढ़ते आकार से शरीर के दाहिने ओर की सबसे बड़ी वेनाकावा नस (venacava in hindi) पर दबाव बनाता है। ये नसें खून को हृदय से पैरों के नीचे ले जाकर वापिस उसे हृदय तक पहुंचाने का काम करती है। लेकिन प्रेगनेंसी में वेनाकावा नसों से रक्त पैरों तक जाता है और वापिस हृदय तक नहीं आती। इस वजह से पैरों में खून जमा होता है और उससे निकलने वाले द्रव से पैरों एवं टखनों में सूजन होती है।
  • प्रेग्नेंसी में अक्सर अवसाद (depression in hindi) और बीपी (high bp in hindi) की गोलियां लेने की वजह से हाथों, पैरों और चेहरे पर सूजन हो सकती है।
  • कई बार प्रेग्नेंसी में थायराइड, ट्यूमर, हृदय संबंधी समस्या और लिवर, किडनी व फेफड़े के संक्रमण की वजह से शरीर के विभिन्न अंगों में सूजन होती है।
  • प्रेग्नेंसी में हार्मोनल बदलाव के कारण भी सूजन हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान शरीर में कभी-कभी एस्ट्रोजेन (estrogen in hindi), प्रेजेस्टेरोन (progesterone in hindi), एचसीजी (hcg in hindi) एवं प्रोल्टेक्टिन हार्मोन (prolactine hormone in hindi) बढ़ने से रक्त संचार में बाधा आती है। इसे इडिमा (swelling during pregnancy in hindi) होने का कारण माना जाता है।
4. क्या गर्भावस्था में सूजन होना सामान्य है? (kya garbhavastha me sujan hona samanya hai) क्या गर्भावस्था में सूजन होना सामान्य है? (kya garbhavastha me sujan hona samanya hai) हां, गर्भावस्था में सूजन (swelling during pregnancy in hindi) की समस्या सामान्य है। प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाओं को पैरों में हल्की सूजन की समस्या होती है, वहीं कुछ महिलाओं को हाथों, टखनों एड़िय़ों में भी सूजन की शिकायत होती है। सूजन अगर कम है तो चिंता की कोई बात नहीं है लेकिन अगर सूजन ज्यादा है और दर्द भी है तो अापको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा सूजन होना किसी अन्य बीमारी का संकेत हो सकता है। 5. क्या प्रेगनेंसी में सूजन हानिकारक है? (kya pregnancy me sujan hanikarak hai) क्या प्रेगनेंसी में सूजन हानिकारक है? (kya pregnancy me sujan hanikarak hai) विशेषज्ञ, प्रेगनेंसी में सूजन या इडिमा (swelling during pregnancy in hindi) को हानिकारक नहीं मानते हैं, क्योंकि यह समस्या प्रेगनेंसी में सभी महिलाओं को होती है, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि गर्मी के मौसम में सूजन (swelling during pregnancy in hindi) की समस्या बढ़ने की संभावना होती है और कभी कभी यह हानिकारक साबित हो सकती है। इसके अलावा ज्यादा सूजन से प्री-एक्लेमप्सिया होने का खतरा होता है, जो कि आपके स्वास्थ्य और भ्रूण के विकास के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसीलिए सूजन होने पर एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें, ताकि आपकी प्रेगनेंसी में अन्य कोई परेशानी न आए। 6. गर्भावस्था में सूजन कम करने के घरेलू उपाय क्या है? (pregnancy me sujan kam karne ke gharelu upay kya hai) गर्भावस्था में सूजन कम करने के घरेलू उपाय क्या है? (pregnancy me sujan kam karne ke gharelu upay kya hai) कुछ साधारण घरेलू उपायों से आप गर्भावस्था में सूजन (swelling during pregnancy in hindi) की परेशानी को नियंत्रण में रख सकती हैं, जिनको विस्तृत रूप से नीचे बताया जा रहा है -
  • जब भी बिस्तर पर लेटें तो बायीं ओर करवट लेकर लेटें ताकि आपके शरीर की वेनाकावा (venacava in hinidi) नस पर दबाव न पड़े और रक्त संचारण अच्छे से हो सके।
  • प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में ज्यादा समय तक खड़े रहना हानिकारक हो सकता है, क्योंकि ज्यादा देर तक खड़े रहने पर पैरों की नसों में पानी जमा होने लगता है और सूजन की समस्या बढ़ती है।
  • यदि संभव हो तो अपने पैरों को जमीन पर झुलाकर न रखें और ज्यादा से ज्यादा समय पैरों को किसी तकिये के सहारे बिस्तर या सोफे के ऊपर रखें।
  • ज्यादा देर तक एक जगह बैठी न रहें, समय-समय पर अपनी पोजिशन बदलती रहें।
  • रोजाना भोजन के बाद थोड़ी देर सुबह और शाम सैर करें।
  • योग और प्राणायाम करने से आप सूजन को नियंत्रण में रख सकती हैं।
  • शरीर के जिन अंगों में सूजन और दर्द हो, वहां मालिश कराएं।
  • गर्म पानी से सिकाई करने पर भी आराम मिलेगा।
  • रोज़ाना करीब 10 से 11 गिलास पानी पिएं।
  • खून की कमी से बचने के लिए आयरन (iron in hindi) युक्त भोजन खाएं जैसे पालक, सेब आदि।
  • कैल्शियम के लिए आप दूध पी सकती हैं और इसके अलावा डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम की गोलियां भी ले सकती हैं।
7. गर्भावस्था में सूजन कम करने के लिए क्या एक्सरसाइज कर सकते हैं? (pregnancy me sujan kam karne ke liye kya exercises kar sakte hai) गर्भावस्था में सूजन कम करने के लिए क्या एक्सरसाइज कर सकते हैं? (pregnancy me sujan kam karne ke liye kya exercises kar sakte hai)   प्रेग्नेंसी के दौरान पैरों और टखनों में सूजन (swelling during pregnancy in hindi) एवं दर्द की परेशानी है तो उसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए आप रोज़ाना व्यायाम (exercise in hindi) कर सकती हैं। व्यायाम की विधि - सबसे पहले एक समतल स्थान पर बैठ जाएं। अपने पैरों को सामने की ओर सीधा करें और पैरों के पंजों को धीरे-धीरे आगे पीछे करें। हालांकि शुरुआत में ऐसा करने से दर्द होगा लेकिन इससे धीरे-धीरे पैरों के दर्द से आराम मिलेगा। सूजन, प्रेगनेंसी में महिलाओं को होने वाली एक आम शारीरिक समस्या है। प्रेगनेंट महिलाओं को दूसरी तिमाही के बाद चेहरे, हाथों, पैरों, एड़ियों और टखनों में सूजन (swelling during pregnancy in hindi) आती है, और यह लगभग पूरी प्रेगनेंसी में बनी रह सकती है। कुछ गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी की तारीख नजदीक आते ही सूजन और दर्द की परेशानी बढ़ जाती है। एेसे में तनाव न लें और इस ब्लॉग में बताएं गए घरेलू उपायों से आप प्रेगनेंसी में सूजन (swelling during pregnancy in hindi) से निजात पा सकती है।
इस ब्लॉग के विषय - 1. गर्भावस्था में सूजन या इडिमा क्या है? (pregnacy me sujan ya edema kya hai), 2. गर्भावस्था में सूजन कब होती है? (garbhavastha me sujan kab hoti hai), 3. गर्भावस्था में सूजन के कारण क्या होते हैं? (pregnancy me sujan ke karan kya hote hai), 4. क्या गर्भावस्था में सूजन होना सामान्य है? (kya garbhavastha me sujan hona samanya hai), 5. क्या प्रेगनेंसी में सूजन हानिकारक है? (kya pregnancy me sujan hanikarak hai), 6. गर्भावस्था में सूजन कम करने के घरेलू उपाय क्या हैं? (pregnancy me sujan kam karne ke gharelu upay kya hai), 7. गर्भावस्था में सूजन कम करने के लिए क्या एक्सरसाइज कर सकते हैं? (garbhavastha me sujan kam karne ke liye kya exercise kar sakte hai),
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