प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए (Pregnancy me kya padhna chahiye)

प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए (Pregnancy me kya padhna chahiye)

गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं को ऐसी दिनचर्या अपनानी चाहिए, जिससे वो और उनका शिशु स्वस्थ रह सकें। ज्यादातर महिलाएं प्रेगनेंसी में व्यायाम और खानपान का विशेष ध्यान रखती है, लेकिन इसके साथ ही इस दौरान पढ़ना भी उनके लिए बहुत अच्छा हो सकता है।

इस ब्लॉग में हम आपको प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए (pregnancy me kya padhna chahiye) और इससे जुड़ी सारी जानकारी दे रहे हैं।

1. प्रेगनेंसी में क्यों पढ़ना चाहिए?

(Pregnancy me kyun padhna kyun chahiye)

Pregnancy me padhna

एक स्वस्थ गर्भावस्था के लिए ज़रूरी है कि गर्भवती महिलाओं को अपनी एक संतुलित दिनचर्या बनानी चाहिए। इसके लिए इस दौरान उन्हें अपनी दिनचर्या में व्यायाम, खानपान और पढ़ना आदि को ज़रूर शामिल करना चाहिए। गर्भावस्था में गर्भवती महिलाओं को मन और दिमाग दोनों को शांत रखने के लिए अच्छी अच्छी चीज़ो को पढ़ना चाहिए।

दरअसल, प्रेगनेंसी में पढ़ने से शिशु के सुनने और समझने की शक्ति बढ़ती है और इसके अलावा वह अपनी मां की आवाज़ को भी पहचानने लगता है। इसलिए गर्भवती महिलाएं इस दौरान जो भी पढ़े उसे बोल बोल कर पढ़े ताकि शिशु उनसे जुड़ सके।

2. प्रेगनेंसी में पढ़ने के फायदे क्या है?

(Pregnancy me padhne ke fayde kya hai)

Pregnancy me padhne ke fayde

माना जाता है कि जन्म से पूर्व ही बच्चा मां की आवाज़ को सुनने लगता है, इसलिए इस दौरान गर्भवती महिलाएं जो भी करती हैं, उसका सीधा असर उनके शिशु पर पड़ता है। प्रेगनेंसी में पढ़ने से जहां एक तरफ मां के ज्ञान में वृद्धि होती है, तो वहीं दूसरी तरफ शिशु का मानसिक विकास भी होने लगता है। तो चलिए अब जानते हैं कि प्रेगनेंसी में पढ़ने के क्या क्या फायदे हो सकते हैं -

  • तनाव से राहत- प्रेगनेंसी में पढ़ने से गर्भवती महिलाओं का मन शांत रहता है, जिसकी वजह से वे तनाव मुक्त रहती हैं।

  • मनोरंजन- कई गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दिनों में ज्यादा से ज्यादा समय आराम ही करती रहती हैं, जिससे वे बोर होने लगती हैं। इसलिए अपनी बोरियत को दूर करने के लिए उन्हें इस दौरान ज़रूर पढ़ना चाहिए।

  • जानकारी बढ़ना- अगर गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था में पढ़ना पसंद करती हैं, तो इसका सबसे बड़ा फायदा यही होता है कि इससे उनकी जानकारी बढ़ती है।

  • शिशु का मानसिक विकास- गर्भावस्था में अगर गर्भवती महिलाएं अच्छी चीज़ें पढ़ती हैं, तो इससे उनके शिशु का मानसिक विकास होना शुरू हो जाता है। इसके अलावा शिशु के अंदर सोचने और समझने की शक्ति गर्भ से ही पैदा होने लगती है।

3. प्रेगनेंसी में कैसी किताबें पढ़नी चाहिए?

(Pregnancy me kaisi kitabe padhni chahiye)

pregnancy me books

जब भी गर्भवती महिलाओं को पढ़ने की सलाह दी जाती है, तब उनके मन में पहला सवाल यही आता है कि प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए (pregnancy me kya padhna chahiye)। दरअसल, इस दौरान उन्हें इस बात की चिंता होती है कि कहीं इससे उनके शिशु पर कोई दुष्प्रभाव तो नहीं पड़ेगा। गर्भवती महिलाओं की इसी दुविधा को दूर करने के लिए हम बता रहे हैं कि प्रेगनेंसी में वे कैसी कैसी किताबें पढ़ सकती हैं (books to read during pregnancy in hindi)।

  • प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए: धार्मिक किताबें (pregnancy me kya padhna chahiye: dharmik kitabe)-

pregnancy me dharmik kitab

गर्भवती महिलाओं को अपना मन शांत करने के लिए धार्मिक किताबें जैसे - भगवत गीता और रामायण आदि पढ़नी चाहिए।

जानकारों की माने तो अगर गर्भवती महिलाएं इस दौरान धार्मिक किताबें पढ़ती हैं तो उनका शिशु संस्कारी होता है। हालांकि यह सिर्फ मन का वहम होता है, क्योंकि शिशु को संस्कार जन्म के बाद ही दिये जा सकते हैं।

  • प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए: बच्चों की किताबें (pregnancy me kya padhna chahiye: bacho ki kitabe)-

pregnancy me bacho ki kitab

प्रेगनेंसी के समय गर्भवती महिलाएं अपने आने वाले बच्चे को लेकर काफी उत्साहित रहती हैं और वे दिनभर उसके बारे में ही सोचती रहती हैं।

इसलिए गर्भवती महिलाओं को बच्चों से संबंधित किताबें जैसे- पंचतंत्र की कहानियां आदि खूब पढ़नी चाहिए, इससे जब उनका शिशु पैदा होगा, तो उसे सुनाने के लिए उनके पास कई सारी कहानियां होंगी। इसके साथ ही इससे उनका मनोरंजन भी होगा।

  • प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए: उपन्यास (pregnancy me kya padhna chahiye: upanyas)-

pregnancy me novel

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिलाएं अपना समय बिताने के लिए उपन्यास पढ़ सकती है, क्योंकि इसमें काफी ज्यादा रहस्य होते हैं। गर्भवती महिलाएं उन उपन्यासों को बिल्कुल न पढ़े, जोकि डरावने होते हैं, क्योंकि इस तरह के उपन्यास से उन्हें तनाव हो सकता है।

  • प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए: मनपसंद किताबें (pregnancy me kya padhna chahiye: manpasand kitabe)-

books during pregnancy

गर्भवती महिलाओं को अपनी रूचि के अनुसार ही किताबों का चयन करना चाहिए। अगर गर्भवती महिला को प्रेम संबंध, खानपान और चुटकुले आदि की किताबें पसंद हैं, तो वे वही पढ़े।

  • प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए: अन्य किताबें (pregnancy me kya padhna chahiye: anya kitabe)- प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाएं इतिहास, देश भक्ति और कविताएं आदि से जुड़ी किताबें पढ़ सकती हैं। यह सभी किताबें सामान्य जानकारी को बढ़ाने के साथ ही आनंद भी प्रदान करती हैं।

4. प्रेगनेंसी में किताबों के अलावा और क्या क्या पढ़ सकते हैं?

(Pregnancy me kitabo ke alva aur kya kya padh sakte hain)

कई बार गर्भवती महिलाओं का मन, किताब पढ़ने में नहीं लगता है, इसलिए वे नीचे बताए गये विकल्पों का चुनाव कर सकती हैं -

  • प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए: समाचार पत्र (pregnancy me kya padhna chahiye: newspaper)-

newspaper during pregnancy

देश दुनिया से जुड़े रहने के लिए समाचार पत्र एक अच्छा माध्यम माना जाता है। इसके अलावा समाचार पत्र में कई अन्य तरह की सामग्री भी होती है, जिसे गर्भवती महिलाएं पढ़ सकती है। दरअसल, समाचार पत्र कम पन्नों का होता है इसलिए ज्यादातर गर्भवती महिलाओं के लिए यह पढ़ने का एक अच्छा माध्यम है।

  • प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए: पत्रिका (pregnancy me kya padhna chahiye: magazine)-

pregnancy me patrika

पढ़ने का एक अच्छा और सस्ता माध्यम पत्रिका है। गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था से जुड़ी या फिर खानपान से संबंधित पत्रिकाओं को पढ़ सकती है। बाज़ार में कई तरह की पत्रिकाएं मौजूद है, जिसमें से गर्भवती महिलाएं अपनी पसंद की पत्रिका का चुनाव कर सकती हैं।

  • प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए: ब्लॉग या वेबसाइट (pregnancy me kya padhna chahiye: blog or website)- इंटरनेट के ज़माने में पढ़ने के लिए कहीं इधर उधर नहीं भागना पड़ता है, क्योंकि यहां सभी चीज़े आसानी से मिल जाती हैं । आजकल भारी संख्या में ब्लॉग और वेबसाइट मौजूद हैं, जिसे गर्भवती महिलाएं आराम से अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर आदि पर पढ़ सकती है।

इस ब्लॉग में आपने जाना कि प्रेगनेंसी में क्या पढ़ना चाहिए (pregnancy me kya padhna chahiye) और किस तरह यह गर्भवती महिलाओं और उनके शिशु के लिए फायदेमंद होता है। प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाएं सिर्फ किताबें ही नहीं बल्कि समाचार पत्र, मैगजीन और ब्लॉग या वेबसाइट आदि भी पढ़ सकती है, जोकि आसानी से बाज़ार या इंटरनेट पर उपलब्ध हैं।

इस ब्लॉग के विषय - 1. प्रेगनेंसी में क्यों पढ़ना चाहिए? (Pregnancy me kyun padhna chahiye),2. प्रेगनेंसी में पढ़ने के फायदे क्या है? (Pregnancy me padhne ke fayde kya hai),3. प्रेगनेंसी में कैसी किताबें पढ़नी चाहिए? (Pregnancy me kaisi kitabe padhni chahiye),4. प्रेगनेंसी में किताबों के अलावा और क्या क्या पढ़ सकते हैं? (Pregnancy me kitabo ke alva aur kya kya padh sakte hain)
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