नवजात शिशु को कैसे सुलाएं? (Bache ko kaise sulaye)

नवजात शिशु को कैसे सुलाएं? (Bache ko kaise sulaye)
नवजात शिशु की देखभाल के दौरान माता पिता को उसके सोने और स्तनपान की सबसे ज्यादा चिंता रहती है। नवजात शिशु के जन्म के पहले दो हफ़्तों में उसके स्तनपान (breastfeeding in hindi) करने के समय से माता पिता उसके सोने के समय का पता लगा सकते हैं, क्योंकि अधिकतर नवजात शिशु स्तनपान (stanpan) करते हुए या स्तनपान करने के बाद सो जाते हैं। स्तनपान करने वाले शिशु को हर दो से तीन घण्टे बाद भूख लगती है, जबकि फॉर्मूला मिल्क (शिशुओं के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया दूध पाउडर जो डॉक्टर की सलाह से ही शिशु को देना चाहिए) पीने वाले शिशु को हर तीन से चार घण्टे में भूख लगती है। इसलिए एक हफ़्ते से तीन हफ़्ते की उम्र के शिशु एक बार में तीन - चार घण्टे से ज्यादा देर तक नहीं सो सकते। इस ब्लॉग में हम आपको नवजात शिशु की नींद से जुडी कुछ ज़रूरी बातें, जैसे बच्चे को कैसे सुलाएं आदि बता रहे हैं। 1. नवजात शिशु की देखभाल - एक महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - ek mahine ka baby kaise sota hai) 2. नवजात शिशु की देखभाल - डेढ़ से तीन महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - tin mahine ka bacha kaise sota hai) 3. नवजात शिशु की देखभाल - तीन से चार महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - char mahine ka bacha kaise sota hai) 4. नवजात शिशु की देखभाल - चार से छह महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - six month ka bacha kaise sota hai) 5. नवजात शिशु की देखभाल - छह महीने से एक साल का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - ek sal ka bacha kaise sota hai) 6. नवजात शिशु की देखभाल - शिशु की नींद से सम्बंधित पांच आम समस्याएं (Newborn baby care in hindi - Bache ko sone me pareshani) 7. नवजात शिशु की देखभाल - थके हुए शिशु को सुलाने के छह तरीके (Newborn baby care in hindi - Thake hue baby ko sulane ke 6 tarike) 1. नवजात शिशु की देखभाल - एक महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - Ek mahine ka baby kaise sota hai) नवजात शिशु की देखभाल - एक महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - Ek mahine ka baby kaise sota hai) एक महीने की उम्र में शिशु दिन में ज्यादा एक्टिव यानी सक्रिय रहता है और रात को ज्यादा सोने लगता है। हालाँकि अभी भी वह दिन में तीन से चार घण्टे सोता है। सभी बच्चे दिन में अलग अलग समय के लिए सोते हैं, लेकिन अगर आपका बच्चा दिन में चार घण्टे से ज्यादा सोता है तो उसे प्यार से जगा दें, ताकि रात को वह अच्छी तरह सो पाये, वरना वह रात को सोते समय रोने लग सकता है। 2. नवजात शिशु की देखभाल - डेढ़ से तीन महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - Tin mahine ka baby kaise sota hai) नवजात शिशु की देखभाल - डेढ़ से तीन महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - Tin mahine ka baby kaise sota hai) डेढ़ से तीन माह की उम्र में आपका शिशु देर रात स्तनपान (stanpan) करना छोड़ सकता है, इसके बजाय वो रात को सोने से ठीक पहले ज्यादा देर तक स्तनपान (breastfeeding in hindi) करने लगता है ताकि उसे रात में दोबारा भूख ना लगे। मगर इस बात का ध्यान रखें कि इस उम्र में शिशु का रात को कई बार जागना या रोना सामान्य है। 3. नवजात शिशु की देखभाल - तीन से चार महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - Char mahine ka baby kaise sota hai) नवजात शिशु की देखभाल - तीन से चार महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - Char mahine ka baby kaise sota hai) तीन महीने की उम्र में शिशु रात में ज्यादा देर तक सो सकते हैं, इसलिए अब आप शिशु को सही समय सोना सिखा सकती हैं। शिशु को स्तनपान (breastfeeding in hindi) करने के बाद सोने की आदत डालें, उसे स्तनपान करने के दौरान ना सोने दें। शिशु को सोने की सही दिनचर्या या रूटीन (routine in hindi) में ढालना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन धीरे धीरे उसे इसकी आदत पड़ जाएगी। 4. नवजात शिशु की देखभाल - चार से छह महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - Six month ka baby kaise sota hai) नवजात शिशु की देखभाल - चार से छह महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - Six month ka baby kaise sota hai) चार से छह महीने की उम्र के शिशु रात में स्तनपान के लिए बार बार जागना बंद कर देता है, अब वो रातभर आराम से सो सकता है, यानी अब आप भी सारी रात चैन की नींद ले सकती हैं। शिशु रात को जल्दी सोने लगते हैं, ज्यादातर शिशु रात को करीब 7.30 - 8.30 बजे के बीच सो जाते हैं। इस उम्र में शिशु एक दिन में तीन से चार बार थोड़ी थोड़ी देर के लिए सोता है, बच्चे की नींद का समय आप तय कर सकती हैं, (जैसे सुबह 9.30 बजे , फिर दिन में 1 बजे आदि) या शिशु के जागने के दो से तीन घण्टे बाद उसे थोड़ी देर के लिए फिर से सुला सकती हैं। 5. नवजात शिशु की देखभाल - छह महीने से एक साल का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - ek sal ka baby kaise sota hai) नवजात शिशु की देखभाल - छह महीने से एक साल का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - ek sal ka baby kaise sota hai) छह माह से एक साल की उम्र में बच्चा बिना लोरी सुने या बिना पींठ थपथपाए सो सकता है।यदि बच्चा रात में खेलने के लिए जाग जाता है, उसे प्यार से वापस सुलाने की कोशिश करें, उससे नज़रें ना मिलायें। रात को सुलाते समय शिशु को स्नान करवा सकती हैं या कोई कहानी या गाना सुना सकती हैं, इससे उसे रात को अच्छी तरह सोने में मदद मिलेगी। 6. नवजात शिशु की देखभाल - शिशु की नींद से सम्बंधित पांच आम समस्याएं (Newborn baby care in hindi - Bache ko sone me pareshani) नवजात शिशु की देखभाल - शिशु की नींद से सम्बंधित पांच आम समस्याएं (Newborn baby care in hindi - Bache ko sone me pareshani) एक वर्ष से कम आयु के शिशुओं को सुलाना अक्सर माता पिता के लिए एक चुनौती भरा काम होता है। बच्चों को सुलाने के दौरान माता पिता को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इनमें से ये पाँच नींद सम्बंधी परेशानियां शिशुओं में आमतौर पर देखी जाती हैं -
  • नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा रात को सोने में बहुत देर लगाता है। (Newborn baby care in hindi - Bacha raat ko jagta rahta hai)
    • कारण : सोने की सही दिनचर्या या रूटीन ना होना या शिशु का शाम के समय सोना।
    • उपाय : रात के समय शिशु को सही तरह से सुलाने के लिए उसके सोने की एक दिनचर्या बनाना जरूरी है। इसके लिए शिशु को दिन में एक तय समय पर सुलाना शुरू करें। इससे शिशु धीरे धीरे अपने सोने की दिनचर्या में ढल जायेगा और उसे रात को सोने में आसानी होगी।

तीन माह से अधिक उम्र के शिशु को शाम तीन या चार बजे बाद ना सोने दें। शिशु के सोने के समय कमरे की रौशनी कम कर दें, इस बात का विशेष ख़याल रखें कि इस दौरान बच्चे के आसपास ज्यादा शोर ना हो, इससे बच्चे को जल्दी सोने में मदद मिलती है और वह आराम से सो सकता है।

  • नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा सोते समय डर जाता है। (Newborn baby care in hindi - Bacha sote time dar jata hai) नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा सोते समय डर जाता है। (Newborn baby care in hindi - Bacha sote time dar jata hai)
    • कारण : अकेला छोड़े जाने का डर और इस समय शिशु की सोचने की क्षमता का विकास हो रहा है, जिसकी वजह से उसे अंधेरे में अजीब चेहरे आदि दिखाई देना।
    • उपाय : छोटा शिशु जल्दी डर जाता है, ऐसे में अगर आप अपने शिशु को पालने में या बिस्तर पर सुलाकर कमरे से बाहर चली जाती हैं, तो अकेला छोड़े जाने की आशंका व असुरक्षा की भावना की वजह से बच्चा डर सकता है। बच्चे के डरने पर परेशान ना हों, दिन में शिशु के सोने के बाद उसके पास आती जाती रहे, इससे उसे पता चलेगा कि आप उसे छोड़कर जाने के बाद वापिस आ जाती हैं और वह सोते समय नहीं डरेगा। इसके अलावा रात को शिशु को सुलाने से पहले उसे डरावनी कहानियां ना सुनायें।
  • नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा रात को सोता नहीं है। (Newborn baby care in hindi - Bacha raat ko sota nahi hai) नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा रात को सोता नहीं है। (Newborn baby care in hindi - Bacha raat ko sota nahi hai)
    • कारण : शिशु का ज्यादा थका हुआ होना या फिर वह सोना नहीं चाहता।
    • उपाय : अगर आपका शिशु रात को सोता नहीं है, तो इससे उसके शारीरिक और मानसिक विकास में रुकावट आती है। अगर बच्चा ज्यादा थकने की वजह से नहीं सो पा रहा है तो उसे गुनगुने पानी से नहलाएं और बच्चों की मालिश के तेल से उसके शरीर की मालिश करें, इससे उसकी थकान दूर होगी और आराम महसूस होने की वजह से बच्चा जल्दी ही सो जायेगा।

बच्चे के नहीं सोने का दूसरा कारण उसका दिन में ज्यादा देर तक सोना भी हो सकता है, इसलिए दिन में शिशु को एक बार में दो या तीन घंटे से ज्यादा ना सोने दें। अगर बच्चा दिन में ज्यादा सोता है, तो उसे प्यार से जगा दें और उससे बातें करें, इससे उसे रात में सोने में आसानी होगी।

  • नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा रात में रोता रहता है। (Newborn baby care in hindi - Baby raat me rota hai) नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा रात में रोता रहता है। (Newborn baby care in hindi - Baby raat me rota hai)
    • कारण : शिशु का भूखा होना या फिर वह अकेला नहीं रहना चाहता।
    • उपाय : शिशु अक्सर रात में भूख लगने की वजह से जागकर रोने लगता है, ऐसे में उसको स्तनपान (stanpan) करवाकर आप उसे दोबारा सुला सकती हैं। मगर कई बार जब माँ शिशु को स्तनपान करवाने के बाद पालने में सुलाकर जैसे ही जाने लगती है, शिशु फिर से रोने लगता है।

इस स्थिति में शिशु आपके साथ रहना चाहता है, इसलिए आपका ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए वो बार बार रोता है। अगर ऐसा है तो शिशु को प्यार से थपथपा कर सुला दें। शिशु के हर बार रोने पर उसके पास ना जाये, थोड़ा इंतज़ार करें, इससे धीरे धीरे वह रात को जागने पर अपने आप दोबारा सोना सीख जायेगा।

अगर आपको लगता है कि शिशु को किसी तरह की परेशानी है, तो डॉक्टर की सलाह लें।

  • नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा देर रात जाग जाता है। (Newborn baby care in hindi - Baby raat me jag jata hai)नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा देर रात जाग जाता है। (Newborn baby care in hindi - Baby raat me jag jata hai)
    • कारण : शिशु को भूख लगना, नींद ना आना, खेलने का मन करना, वापिस ना सो पाना।
    • उपाय : नवजात शिशु अक्सर रात में भूख लगने की वज़ह से जाग जाता है, उसे स्तनपान (stanpan) करवाने से वो जल्दी ही वापिस सो जाता है, सलिए शिशु के भूख की वजह से जागने पर उसे दूध पिलाकर दोबारा सुला सकती हैं। कई बार शिशु नींद ना आने की वज़ह से जाग जाता है, ऐसे में उसकी सोने की दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें और शिशु को दिन के समय तीन से चार घण्टे से ज्यादा ना सोने दें।

कई बार शिशु देर रात खेलने के लिए जाग जाता है, ऐसे में उससे नज़रें ना मिलायें और ना ही उसके साथ खेलें। इससे शिशु थोड़ी देर खेलकर अपने आप फिर से सो जाएगा। रात के समय शिशु को सुलाते समय शिशु के पास कुछ नर्म खिलौने जैसे टैडी आदि रख दें, जिससे अगर शिशु रात को जाग भी जाये तो आपकी मदद के बिना वो सो पाये।

अगर शिशु पालने में सोता है, तो उसके पालने के ऊपर कुछ प्यारे रँगबिरंगी खिलौने लटका दें, जागने पर वो उन खिलौनों से खेलकर फिर से सो जायेगा।

7. नवजात शिशु की देखभाल - थके हुए शिशु को सुलाने के छह तरीके (Newborn baby care in hindi - Thake hue baby ko sulane ke 6 tarike) नवजात शिशु की देखभाल - थके हुए शिशु को सुलाने के छह तरीके (Newborn baby care in hindi - Thake hue baby ko sulane ke 6 tarike) कई लोगों को लगता है कि अगर बच्चा दिन में नहीं सोयेगा तो उसे रात में अच्छी नींद आएगी, लेकिन असल में इसका नतीज़ा बिल्कुल उल्टा होता है, यानी अगर बच्चा दिनभर ठीक से नहीं सो पाता है तो उसे रात को सोने में परेशानी होती है। ज्यादा थके हुए बच्चे को सुलाना माता पिता के लिए एक मुश्किल काम होता है, इसलिए अपने थके हुए बच्चे (restless baby in hindi) को सुलाने के लिए 6 आसान उपायों को आज़माएँ। 1. शिशु के हावभाव को समझें
  • अगर शिशु आँखे मसल रहा है, कान खींच रहा है या लोगों में रुचि नहीं ले रहा तो आपका बच्चा सोना चाहता है।
  • शिशु को सुलाने में देर ना करें, नहीं तो वो और भी ज्यादा थक जाएगा।
2. शिशु को कपड़ों में लपेटना 12 हफ़्तों की उम्र तक शिशु को कपड़ों में लपेटकर सुलायें। इससे बेबी को असुरक्षित महसूस नहीं होगा और वह सुकून से सोयेगा। 3. नवजात शिशु को सोने से पहले स्तनपान करवाएं शिशु को सुलाने से पहले दूध पिलायें। पेट भरने के बाद वो लम्बी नींद लेगा और इससे आपको भी चैन से सोने के लिए थोड़ा समय मिल जाएगा। 4. शिशु की दिन की झपकी रखें छोटी शायद आप अपने प्यारे शिशु की नींद खराब करना ना चाहें, लेकिन दिन में ज्यादा सोने से उसे रात को सोने में परेशानी हो सकती है। अगर शिशु दिन में लगातार दो घण्टे से ज्यादा सोता है, तो उसे प्यार से गोद में लेकर जगायें। 5. शिशु के सोने, जागने, खाने और खेलने की एक दिनचर्या बनाएं एक अच्छी नींद से जागने के बाद बच्चे ज्यादा ऊर्जा से भरे होते हैं। जागने के तुरंत बाद शिशु को दूध पिलायें, इससे वो ज्यादा देर तक खेलेगा और रात के समय चैन की नींद सोएगा। 6. शिशु की दिनचर्या में अचानक बदलाव ना करें शिशुओं को जाने पहचाने माहौल में रहना पसंद होता है। शुरुआती दो से तीन महीनों तक शिशु को एक ही कमरे में, एक ही बिस्तर पर ,एक जैसे लोगों के बीच ही सुलायें। नई माँ प्रसव के बाद बहुत थक जाती है, ऐसे में अक्सर शिशु रात में बार बार जागकर माँ को सोने नहीं देते हैं। इससे माँ को मानसिक व शारीरिक परेशानियां जैसे तनाव, थकान आदि हो सकती हैं। नवजात शिशु की देखभाल करना नए माता पिता के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन अपने शिशु की दिनचर्या पर थोड़ा गौर करने पर आप बड़ी ही आसानी से उसके सोने और स्तनपान की दिनचर्या के बारे में जान सकते हैं। साथ ही शिशु के बड़ा होने के साथ ही उसे सही समय पर सोना भी सिखा सकते हैं।
इस ब्लॉग के विषय - 1. नवजात शिशु की देखभाल - एक महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - ek mahine ka baby kaise sota hai), 2. नवजात शिशु की देखभाल - डेढ़ से तीन महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - tin mahine ka bacha kaise sota hai),3. नवजात शिशु की देखभाल - तीन से चार महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - char mahine ka bacha kaise sota hai),4. नवजात शिशु की देखभाल - चार से छह महीने का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - six month ka bacha kaise sota hai),5. नवजात शिशु की देखभाल - छह महीने से एक साल का शिशु कैसे सोता है? (Newborn baby care in hindi - ek sal ka bacha kaise sota hai),6. नवजात शिशु की देखभाल - शिशु की नींद से सम्बंधित पांच आम समस्याएं (Newborn baby care in hindi - Bache ko sone me pareshani),7. नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा सोने में बहुत देर लगाता है। (Newborn baby care in hindi - Bacha raat ko jagta rahta hai), 8. नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा सोते समय डर जाता है। (Newborn baby care in hindi - Bacha sote vaqt dar jata hai), 9. नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा रात को सोता नहीं है। (Newborn baby care in hindi - Bacha raat ko sota nahi hai), 10. नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा रात में रोता रहता है। (Newborn baby care in hindi - Baby raat me rota hai), 11. नवजात शिशु की देखभाल : बच्चा देर रात जाग जाता है। (Newborn baby care in hindi - Baby raat me jag jata gai), 12. नवजात शिशु की देखभाल - थके हुए शिशु को सुलाने के छह तरीके (Newborn baby care in hindi - Thake hue baby ko sulane ke 6 tarike)
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