डिलीवरी के बाद पहला मासिक धर्म कब आता है? (delivery ke baad pehla period kaisa hota hai)

डिलीवरी के बाद पहला मासिक धर्म कब आता है? (delivery ke baad pehla period kaisa hota hai)

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव की वजह से नौ महीनों तक उनका मासिक धर्म या पीरियड बंद होता है और डिलीवरी के बाद मासिक धर्म (delivery ke baad masik dharm) कब शुरू होगा यह पूरी तरह शिशु को स्तनपान कराने पर निर्भर करता है।

आमतौर पर प्रसव के छह से आठ हफ़्तों के बाद पहला मासिक धर्म (masik dharm) आ सकता है, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि स्तनपान करवाने वाली मांओं में पहला पीरियड (period in hindi) आने का कोई निश्चित समय नहीं होता है। इस ब्लॉग में प्रसव के बाद पहले पीरियड होने से जुड़ी कई जानकारियाँ दी जा रही है-

1. डिलीवरी के बाद पीरियड कब आता है?

(delivery ke baad period kab aata hai)

Delivery ke baad periods - kab aata hai

अगर आप स्तनपान नहीं करवा रहीं है तो डिलीवरी के बाद पीरियड (delivery ke baad masik dharm) आमतौर पर छह से आठ हफ्तों के बीच में आ जाता है। इसके विपरीत यदि आप स्तनपान कराती हैं, तो पीरियड शुरू होने में समय लग सकता है।

जो महिलाएं अपने शिशु को केवल स्तनपान ही कराती हैं, उन्हें इस दौरान पूरी अवधि तक मासिक धर्म न होने की संभावना होती है। (यहां केवल स्तनपान का अर्थ है कि आपका बच्चा सिर्फ आपके स्तनों का दूध ही पीता हो)।

विशेषज्ञ कहते हैं अगर आपका बच्चा नॉर्मल डिलीवरी से हुआ है और आपका मासिक धर्म शुरू हो गया है तो आपको शुरूआती महीनों में टैम्पोन (tampons in hindi) का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। वह इसीलिए क्योंकि प्रसव के बाद आपके योनि मार्ग में हुए घाव पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है, एेसी स्थिति में आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही टैम्पोन का इस्तेमाल शुरू करना चाहिए।

2. डिलीवरी के बाद पीरियड कब आना चाहिए?

(delivery ke baad period aana kab tak samanya hota hai)

Delivery ke baad periods - kab aana chahiye

विशेषज्ञ कहते हैं कि प्रसव के बाद कम से कम छह से आठ महीने के बाद पीरियड आना सामान्य होता है। डिलीवरी के बाद आपका पहला मासिक धर्म कब शुरू होगा, यह संपूर्ण रूप से शिशु को स्तनपान कराने पर निर्भर करता है।

यानी शिशु को नियमित रूप से स्तनपान कराने के मामले में आपका पहला मासिक धर्म शुरू होने में एक साल का समय भी लग सकता है, लेकिन यदि आप अपने शिशु को स्तनपान नहीं करवा रही हैं तो प्रसव के बाद कम से कम छह से आठ हफ्तों में पहला मासिक धर्म आ सकता है।

डॉक्टर्स का यह भी कहना है कि प्रत्येक महिला के लिए माहवारी चक्र शुरू होने का समय अलग-अलग हो सकता है। डिलीवरी के बाद मासिक धर्म (delivery ke baad masik dharm) के आने का समय महिलाओं की शारीरिक अवस्था पर भी निर्भर करता है।

3. प्रसव के बाद पीरियड में क्या परेशानी होती है?

(delivery ke baad period me kya pareshani hoti hai)

Delivery ke baad periods - kya pareshaani hoti hai

लगभग हर महिला को पहली बार डिलीवरी के बाद मासिक धर्म (delivery ke baad masik dharm) होने पर नीचे बताई गई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

  • पेट में दर्द और ऐंठन होना (cramping in hindi)
  • ब्लड क्लॉट या खून का थक्का निकलना
  • सिर में दर्द होना
  • चक्कर आना
  • अनियमित मासिक चक्र होना (मासिक धर्म की अवधि कम या ज्यादा होना)
  • अचानक बुखार आना
  • सात दिनों से ज्यादा समय तक रक्तस्राव (heavy bleeding in hindi) होना
  • योनि से होने वाले रक्तस्राव में दुर्गंध होना
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • पेशाब करते समय योनि में दर्द या उसका संवेदनशील होना

4. प्रसव के बाद पीरियड एक साल तक नहीं आने का क्या कारण हो सकता है?

(delivery ke baad period ek saal tak nahi aane ka kya karan ho sakta hai)

Delivery ke baad periods - ek saal tak na aane ka karan

करीब 40 प्रतिशत महिलाओं को एक साल तक प्रसव के बाद मासिक धर्म (delivery ke baad masik dharm) न आने की शिकायत होती है, लेकिन अगर किसी महिला को डिलीवरी के बाद कम से कम छह महीने तक पीरियड न आए तो उन्हें डॉक्टर से इसकी जांच करानी चाहिए।

डॉक्टर्स मानते हैं कि डिलीवरी के बाद पीरियड (delivery ke baad period) न आने के कई कारण हो सकते हैं, और कभी कभी यह किसी गंभीर शारीरिक समस्या का संकेत हो सकता है। नीचे डिलीवरी के बाद पीरियड (delivery ke baad period) नहीं आने के कुछ सामान्य कारणों के बारे बताया जा रहा है-

  • स्तनपान के कारण: डॉक्टर कहते हैं कि जो महिलाएं प्रसव के बाद अपने शिशु को स्तनपान (breastfeeding in hindi) करवाती हैं, कभी कभी उनका मासिक धर्म आने में एक साल तक का समय लग जाता है।
  • तनाव के कारण: प्रसव के बाद महिलाओं में तनाव का बढ़ना आम होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि तनाव की वजह से पीरियड आने में देरी हो सकती है।
  • वजन का बढ़ने या घटने के कारण: डिलीवरी के बाद महिलाओं का वजन बढ़ना या घटना भी मासिक धर्म में देरी का कारण हो सकता है।
  • सही पोषण न लेने के कारण: पोषक तत्वों की कमी की वजह से महिलाओं के शरीर में कमज़ोरी आ जाती है और इनकी उचित मात्रा न लिए जाने पर मासिक धर्म में देरी हो सकती है। इसीलिए प्रसव के बाद मां को सही पोषण लेना भी बहुत जरूरी होता है।
  • हाइपो थायराइड की समस्या बढ़ने के कारण: कभी कभी महिलाओं को गर्भावस्था में होने वाली हाइपो थायराइड (hypothyroidism in hindi) की समस्या प्रसव के बाद बढ़ जाती है और इसी वजह से डिलीवरी के बाद मासिक धर्म (delivery ke baad masik dharm) आने में देरी हो सकती है।
  • ओव्युलेशन न होने के कारण: यह समस्या कई महिलाओं में सामान्य है। प्रसव के बाद महिलाओं के शरीर में होने वाले बदलाव की वजह से उनके ओव्युलेशन (ovulation in hindi) पर भी इसका असर पड़ता है। मासिक धर्म के लिए ओव्युलेशन की प्रक्रिया काफी अहम होती है और इसीलिए ओव्युलेशन न होने से पीरियड आने में देरी हो सकती है।

5. प्रसव के बाद स्तनपान कराने से पीरियड में देरी क्यों होती है?

(delivery ke baad stanpan karane se period me deri kyu hoti hai)

Delivery ke baad periods - stanpan karane se deri

प्रसव के बाद स्तनपान कराने वाली महिलाओं की तुलना में स्तनपान न कराने वाली महिलाओं का मासिक धर्म जल्द शुरू हो जाता है।

दरअसल, जब प्रसव के बाद महिलाएं अपने शिशु को स्तनपान कराती है तो उनके शरीर में दूध के उत्पादन के लिए प्रोलैक्टिन हार्मोन का स्राव होता है, जिससे महिलाओँ के ओव्युलेशन में बाधा आती है। ओव्युलेशन की प्रक्रिया में अंडे ना बनने की वजह से स्तनपान कराने वाली महिलाओं का मासिक धर्म अपेक्षाकृत रूप से देरी से आता है।

6. क्या प्रसव के बाद पीरियड होने से स्तनपान पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है?

(kya delivery ke baad period hone se stanpan par bura prabhav pad sakta hai)

Delivery ke baad periods - stanpan par bura prabhav

डिलीवरी के बाद पीरियड (delivery ke baad period) के कारण हार्मोनल बदलाव होते है, जिससे शिशु को पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं मिल पाता। इन बदलाव की वजह से महिलाओं के स्तनों में बनने वाले दूध की गुणवत्ता में कमी आ सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि हार्मोनल बदलाव के कारण दूध बनने की प्रक्रिया और दूध के स्वाद पर इसका बुरा असर पड़ता है, फलस्वरूप कई बार शिशु दूध पीने से इंकार तक कर सकता है।

7. क्या प्रसव के बाद पीरियड शुरू न होने पर गर्भ ठहर सकता है?

(kya delivery ke baad period shuru na hone par dobara pregnant ho sakte hai)

Delivery ke baad periods - na hone par pregnant ho sakte hai

कई महिलाओं का मानना है कि डिलीवरी के बाद पीरियड (delivery ke baad period) न होने पर गर्भ ठहर सकता है, लेकिन डॉक्टर कहते हैं कि यह पूरी तरह सच नहीं है। दरअसल, डिलीवरी के बाद शिशु को स्तनपान करवाने से मासिक धर्म आने में देरी हो सकती है, क्योंकि इससे ओव्युलेशन होने में रुकावट आती है और इसीलिए प्रसव के बाद मासिक धर्म (delivery ke baad masik dharm) शुरू होने से पहले गर्भ ठहरने की संभावना बेहद कम होती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल डिलीवरी के बाद पीरियड (delivery ke baad period) शुरू होने से पहले केवल एक प्रतिशत महिलाएं गर्भधारण करती हैं। इसीलिए मासिक धर्म न आने के बावजूद महिला के फिर से गर्भधारण न करने की बात पूरी तरह से सच साबित नहीं हो पाई है।

8. प्रसव के बाद पीरियड होने पर क्या सावधानियां बरतें?

(pregnancy ke baad period hone par kya savdhaniyan barte)

Delivery ke baad periods - savdhaaniya

डिलीवरी के बाद पीरियड (delivery ke baad period) होने पर कई छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखा जाना चाहिए, इससे आपको मासिक धर्म की परेशानियों से राहत मिल सकेगी।

  • अगर प्रसव के बाद पीरियड (delivery ke baad period) में पेट में दर्द और ऐंठन हो तो गुनगुना पानी पीएं। पेट में दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द की दवा न खाएं।
  • प्रसव के बाद होने वाले पहले मासिक धर्म के दौरान टैम्पोन का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले लें।
  • समय-समय पर सैनिटरी पैड बदलें।
  • स्वच्छता का ख्याल रखें।
  • पीरियड में कुल दिनों और खून के प्रवाह का भी ध्यान रखें।
  • आयरन के लिए बींस, दालें, हरी सब्जियां व काजू खाएं।
  • कैल्शियम के लिए दूध, पनीर, चीज़, सोयाबीन को भोजन में शामिल करें।
  • तली और भूनी चीजें न खाएं।

आमतौर पर डिलीवरी के बाद मासिक धर्म (delivery ke baad masik dharm) होने में छह माह से एक साल तक का समय लग सकता है, इसलिए ऐसी मांएं जो अपने बच्चे को अच्छी तरह से स्तनपान कराती हैं, उनमें स्तनपान के पूरे समय मासिक धर्म ना आने की संभावना होती है। अगर आपको डिलीवरी के बाद छह महीने तक मासिक धर्म नहीं आता है या मासिक धर्म अनियमित है, तो आपको अपने डॉक्टर से इसकी जांच अवश्य करवानी चाहिए।

इस ब्लॉग के विषय- 1. डिलीवरी के बाद पीरियड कब आता है? (delivery ke baad period kab aata hai)2. डिलीवरी के बाद पीरियड का आना कब तक सामान्य होता है? (delivery ke baad period aana kab tak samanya hota hai)3. प्रसव के बाद पीरियड में क्या परेशानी होती है? (delivery ke baad period me kya pareshani hoti hai)4. प्रसव के बाद पीरियड एक साल तक नहीं आने का क्या कारण हो सकता है? (delivery ke baad period ek saal tak nahi aane ka kya karan ho sakta hai)5. प्रसव के बाद स्तनपान कराने से पीरियड में देरी क्यों होती है? (delivery ke baad stanpan karane se period me deri kyu hoti hai)6. क्या प्रसव के बाद पीरियड होने से स्तनपान पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है? (kya delivery ke baad period hone se stanpan par bura prabhav pad sakta hai)7. क्या प्रसव के बाद पीरियड शुरू न होने पर गर्भ ठहर सकता है? (kya delivery ke baad period shuru na hone par dobara pregnant ho sakte hai)8. प्रसव के बाद पीरियड होने पर क्या सावधानी बरतें? (pregnancy ke baad period hone par kya savdhani barte)
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